दस्त के घरेलू उपचार -Diarrhea Treatment 30 Tips

दस्त के घरेलू उपचार – अतिसार अर्थात दस्त होने का मुख्य कारण दूषित पानी और भोजन खाने से , बेक्टीरिया इन्फेक्शन, संक्रमण और ज्यादा गर्मी या लू लगना होता है | कई बार भोजन में तेल, लाल मिर्च, घी, और गरिष्ठ खाद्य-पदार्थ खाने से भी पेट खराब हो जाता है। छोटे बच्चे हर समय कुछ-न-कुछ खाते रहते हैं। उन्हें जो अधिक स्वादिष्ट लगता है, उसे अधिक मात्रा में खाते हैं। और फिर अतिसार या दस्तो के शिकार हो जाते हैं।

दस्त की चिकित्सा में ज्यादा देर कि जाए तो बार-बार दस्त होने से रोगी बहुत कमजोर हो जाता है या शरीर में पानी की कमी होने से डी Dehydration का शिकार हो सकता है । दस्त में पेट में दर्द आंव-मरोड़ और पेट में गड़गड़ाहट होती है। रोगी को प्यास बहुत लगती है और पानी पीते ही दस्त होता है। दस्त के घरेलू उपचार जानकार आप कम से कम आपातकालीन सिथ्ती में रोगी को फौरी तौर पर राहत दे सकते है, ताकि उसे डाक्टर तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके | दस्त होने पर शरीर से खनिज लवण (Minerals + Salt) की मात्रा कम हो जाती है | इसलिए इसकी भरपाई के लिए उसे ORS Powder (Oral rehydration solution) बार-बार पानी में मिलाकर पिलाये | अगर ORS उपलब्ध ना हो तो नमक और चीनी का घोल बनाकर पिलाते रहें | इसे बनाने की विधि :-

  1. सादा नमक – एक चम्मच
  2. पानी उबाल कर ठंडा किया हुआ – 6 गिलास
  3. नीबू का रस – 1/2 नीबू
  4. चीनी – 1/4चम्मच इन सब को शिकंजी की तरह मिलाकर बना लें |

डायरिया और दस्त के घरेलू उपचार 

दस्त के घरेलू उपचार atisar diarrhea dast ke gharelu upchar

दस्त के घरेलू उपचार

  • दस्त के घरेलू उपचार के लिए पिपली, सोंठ, धनिया, अजवायन और हरड़ को 5-5 ग्राम मात्रा में 500 मि.ली पानी में उबालकर पीना चाहिए |
  • अतिसार उपचार के लिए ईसबगोल की भूसी 5 से 10 ग्राम (1 से 2 चम्मच) तक 125 ग्राम दही में घोलकर सुबह-शाम दिन में 2 बार सेवन कराएं। दस्त ठीक हो जायेंगे।
  • दस्त के घरेलू उपचार के लिए सौंफ और जीरा समान मात्रा में लेकर गर्म तवे पर भून लें और फिर बारीक पीसकर 3-3 ग्राम 3-3 घंटे के अंतराल से ताजा पानी के साथ लेने से दस्त बंद हो जायेंगे यह लूज मोशन की दवा की तरह काम करता है।
  • दस्त के घरेलू उपचार के लिए सूखा आंवला 10 ग्राम और काली हरड 5 ग्राम इन दोनों को लेकर खूब बारीक पीसकर रख लें। इस पाउडर को 1-1 ग्राम दिन में 2 बार (सुबह-शाम) ताजा पानी के साथ सेवन करने से सभी प्रकार के दस्तों में (मात्र 3-4 मात्राओं के सेवन से) बिल्कुल आराम आ जाता है और पाचन को भी शक्ति मिलती है।
  • केला खाने से भी दस्त में राहत मिलती है |
  • 1 छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर और आधा चम्मच ताज़ा पिसा हुआ अदरक एक कप उबलते पानी में डाल कर काढ़ा तैयार करें। फिर इसे ढक कर 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इस काढ़े को दिन में 2 या 3 बार पिएं। दस्त के घरेलू उपचार के लिए यह भी काफी कारगर नुस्खा है |
  • बिना चीनी और दूध की एक कप काली कडक चाय भी लूज मोशन को रोकती है |
  • दस्त के घरेलू उपचार के लिए 3 ग्राम आंवले के पाउडर में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में कई बार पानी के साथ सेवन से लाभ मिलता है |
  • अतिसार उपचार के लिए पहले चावल उबाल लें फिर उसके मांड में सेंधा नमक मिलाकर दही या मट्ठे के साथ सेवन करने से दस्त में बहुत लाभ होता है।
  • खाना खाने के बाद दिन में 2 बार 200 ग्राम छाछ में भुना हुआ जीरा 1 ग्राम और काला नमक आधा ग्राम मिलाकर सेवन करने से दस्तों में लाभ होता है।
  • पेट में ऐंठन के साथ दस्त होने पर अनार के छिलके को 20 ग्राम की मात्रा में 300 मि.ली पानी में उबालें। उबालते समय दो लौंग भी डाल दें। इस काढ़े के सेवन से दस्त से छुटकारा मिलता है |
  • जीरे को तवे पर सेंककर खूब बारीक पीसकर 1 चौथाई चम्मच शहद के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से दस्त बंद हो जाते हैं।
  • बगैर कुछ (नमक, मिर्च आदि) मिलाए कच्चा पपीता उबालकर खाने से अतिसार मिट जाता है।
  • एक गोले (नारियल) के कच्चे फल की गिरी और तिल को समान मात्रा में लेकर उसकी चटनी बना लें। इसे दही और घी में मिलाकर खाने से दस्त ठीक हो जाता है। यह भी अवश्य पढ़ें – डायरिया रोग के लक्षण ,कारण और बचने के उपाय |
  • दस्त के घरेलू उपचार के लिए सौंफ, सौंठ, लौंग, भुना जीरा और अनारदाना समान मात्रा में लेकर पाउडर बना लें। इसमें थोड़ा-सा नमक मिलाकर आधा-आधा चम्मच मट्ठे के साथ सेवन करें | यह भी दस्त के घरेलू उपचार के लिए उत्तम औषधि है |
  • पेचिस की दवा – 10 ग्राम तुलसी के पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर शाम को पीने से खूनी पेचिश ठीक हो जाते है |
  • सौंफ, सौंठ और छोटी हरड समान मात्रा में लेकर घी में भूनकर पीस लें और बराबर वजन में मिश्री मिलाकर रख लें। शुरू में इसे 5 ग्राम की मात्रा में दिन में 4 बार और लाभ होने पर 2 बार प्रयोग करें। देखें यह भी – बदहजमी : कारण और इलाज के 13 घरेलू उपाय
  • रात के समय 10 ग्राम अदरक अथवा सोंठ पानी में भिगो दें और सुबह के समय पीसकर साफ पानी में घोल लें। दिन में 3-4 बार यह पानी पीने से अतिसार रोग दूर हो जाता है। दस्त के घरेलू उपचार के लिए यह भी आसान और कारगर उपाय है |
  • ताजा लौकी के रस को छानकर दिन में दो-तीन बार पिएं। दस्त की समस्या खत्म हो जाएगी।
  • सरसों के एक-चौथाई चम्मच बीजों को एक कप पानी में भिगो दें। एक घंटे बाद इस पानी को छानकर पी लें। यह भी दस्त के घरेलू उपचार के लिए अच्छा नुस्खा है |
  • आम की गुठली के भीतर का भाग, जामुन की गुठली और भुनी हुई हरड़ तीनों को 25-25 ग्राम मात्रा में पीसकर पाउडर बनाकर रखें। 3 ग्राम पाउडर पानी के साथ दिन में दो-तीन बार लें।
  • दस्त के घरेलू उपचार के लिए आधा कप उबले हुए पानी में 1 चम्मच अदरक रस का मिलाकर (जितना भी गर्म पी सकें) पी लें। यह प्रयोग 1-1 घंटे के अंतर से जारी रखें। इस प्रयोग से पानी की तरह आने वाले पतले दस्त ठीक हो जाएगा।
  • जायफल पानी में पीसकर दिन में 3 बार पिलाने से दस्तों में लाभ होता है।
  • असली केसर के 1-2 रेशे घी में घिसकर चटाने से बच्चों के पतले दस्त बंद हो जाते हैं।
  • बेल का गूदा 20 ग्राम और 10 ग्राम गुड़ मिलाकर थोड़े-से पानी के साथ सेवन करने से दस्त ठीक होता है।
  • 5 ग्राम बबूल के कोमल पत्ते मात्रा में पानी के साथ पीसकर 150 मि.ली पानी में मिलाकर दिन में दो-तीन बार सेवन करें। यह दस्त के घरेलू उपचार के लिए काफी सरल उपाय है |
  • आम और जामुन के पत्तों का रस 5-5 ग्राम मात्रा में थोड़ा-सा शहद मिलाकर दो-तीन बार सेवन करने से अतिसार ,दस्त , लूज मोशन , डायरिया, पेचिस आदि बिमारियों से मुक्ति मिलती है।

दस्त और पेचिश के लिए आयुर्वेदिक दवा 

  • इंद्रजी की जड़ की छाल और अतीस समान मात्रा में लेकर पाउडर बनाकर रख लें। इस पाउडर को डेढ़ ग्राम की मात्रा में शहद में मिलाकर दिन में 4-6 बार लेने से हर प्रकार के दस्त बंद हो जाते हैं।
  • सोंठ 5 ग्राम और कदम्ब वृक्ष की छाल 10 ग्राम को 300 ग्राम पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से दस्त में रक्त आना बंद होता है। यह पेचिश के लिए आयुर्वेदिक दवा है |

इन घरेलू इलाजों से आपात स्थिति को सँभालने के बाद डॉक्टर के पास अवश्य जायें।

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