मुंह और जीभ के छाले का घरेलू उपचार- Mouth Ulcer

मुंह और जीभ के छाले बहुत तकलीफदेह तथा परेशान करने वाले होते है। कुछ भी खाने-पीने से छालों में बहुत पीड़ा और जलन होती है। छालों के ज्यादा होने से पीड़ित व्यक्ति रात भर सो भी नहीं पाता है। चिकित्सा में विलंब करने से छालों में शोथ होने से रक्तस्राव होने लगता है। इन छालों से अंत में गंभीर माऊथ अल्सर भी हो सकते हैं। इस पोस्ट में मुंह और जीभ के छालों के उपचार के लिए घरेलू, आयुर्वेदिक , आधुनिक तथा होमियोपेथिक उपाय बताये गए है | इनमे से जो भी सामग्री आपके आसपास आसानी से उपलब्ध हो उसका इस्तमाल करें |

सबसे पहले जानते है की मुंह में छाले क्यों होते हैं?

  • चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार चटपटे, खट्टे व गर्म मसालों के खाद्य-पदार्थों का सेवन करने से एसिड तेजी से बढ़ती है। एसिड से उत्पन्न गर्मी जब मुंह में पहुंचती है तो यह एसिड जीभ और मुंह में छालों की उत्पत्ति कर देती है।
  • शरीर में विटामिन ‘बी’ और आयरन की मात्रा सामान्य न होने से भी जीभ के छाले हो सकते है ।
  • किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी होने के बावजूद उस खाद्य पदार्थ का बार-बार खाने से भी छाले हो सकते है ।
  • साधारण छालों का आकार बड़ा नहीं होता और तकरीबन 8 से 10 दिन में ठीक भी हो जाते हैं। गंभीर छाले 10 में से 9 व्यक्तियों के होते हैं। इनका आकार बड़ा होता है। हेरपेटीफार्म छाले अधिकतर 10 से 40 वर्ष तक की उम्र के लोगों में होते हैं।
  • कब्ज के कारण मुंह में छाले होना सामान्य बात है। घर में अगर किसी को छाले हो तो उसके साथ खाना खाने या उसके बर्तनों में खाने से भी छाले हो सकते हैं।
  • वाइरल, बेकटेरीयल ,फंगल इन्फेक्शन के कारण |
  • मानसिक तनाव और दवाइयों से होने वाले साइड इफेक्ट्स के कारण |
  • ज्यादा गर्म खाने या पीने से मुहं जल जाने के कारण भी छाले हो जाते है |
  • गलत तरीके से लगे नकली दांत भी जीभ व मुंह में छाले बनाते है |
  • दांतों से जीभ या होंठ कट जाने से |
  • बदहजमी से भी मुंह में छालों की अधिक उत्पति होती है। पेट की खराबी के कारण मुंह में छाले लक्षणों के रूप में होते हैं। पेट ठीक होते ही मुंह के छाले भी ठीक हो जाते हैं।

मुंह और जीभ के छाले का घरेलू उपचार

muh ke chaale ka ilaj in hindi मुंह के छाले - छाले मिटाने के उपाय

मुंह के छाले

  • एक गिलास पानी में प्याज का रस चार चम्मच तथा गुलाबजल की दो चार बूंदे मिलाकर इस पानी से सुबह-सुबह गरारे करें |
  • आधा लिटर पानी में लगभग चालीस ग्राम सौफं उबालिए जब पानी जलकर आधा रह जाये तो इसमें भुनी हुई फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा मिला दें, अब इस पानी से दिन में दो तीन बार गरारे करने से जल्द ही जीभ पर छाले ठीक हो जायेंगे |
  • एक चम्मच शहतूत का शर्बत एक कप पानी में मिलाकर पीने से भी छाले से मुक्ति मिलती है |
  • फिटकरी को पानी में घोलकर उस पानी से कुल्ले करने से भी मुंह के छाले नष्ट होते हैं। दिन में दो-तीन बार कुल्ला करना चाहिए |
  • एक चम्मच धनिया पाऊडर को एक कप पानी में उबालें। ठंडा होने पर दिन में दो तीन बार गरारे करें।
  • छाले पर थोड़ी मात्रा में सिरका लगाना एक सदियों पुराना उपाय है, जो कुछ देर के लिये दर्द से भी राहत देता है।
  • धनिया पाउडर में बोरेक्स या खाने वाला मीठा सोडा मिलाकर छालों पर लगायें |
  • ग्लिसरीन में हल्दी का पाऊडर मिलाकर अल्सर वाले स्थान पर लगाएं और 15-20 मिनट बाद साफ कर लें।
  • छालों पर बर्फ का टुकड़ा लगाने से जलन कुछ कम हो जाती है |
  • Mouth Ulcer में कच्चे नारियल की गिरी में थोड़ी मिस्री मिलाकर खाना चाहिए |
  • हरड घिस कर इसका लेप छालों पर लगायें |
  • पुदीना और मिश्री के साथ चबाने से भी छालों की जलन कम होती है |
  • छोटी पीपली घिस कर शहद में मिलाकर लगायें जीभ पर छाले से जल्दी आराम मिलेगा |
  • मुलहठी को मुंह में रखकर चूसने से मुंह के छालों का इलाज होता है।
  • एक ग्राम वंशलोचन में शहद मिलाकर सेवन करने से मुंह के छाले नष्ट होते हैं।
  • ईसबगोल की भूसी 3 ग्राम मात्रा में मिस्री मिलाकर हल्के गर्म पानी से सेवन करने पर कब्ज ठीक होने पर मुंह के छाले भी ठीक हो जाते हैं।
  • मेहंदी के 20 ग्राम पत्तों को पानी में धोकर, रात में पानी में भिगोकर रखें। प्रात: उठकर उस पानी से गरारे करने पर मुंह के छाले नष्ट होते हैं।
  • अडूसे के पत्तो को पानी से धोकर 20 ग्राम पत्ते चबाने से भी Ulcer ठीक होते हैं।
  • शहद में भुना हुआ सुहागा (ठंडा करके ) मिलाकर रुई की सहायता से लगाकर नीचे की ओर लार टपकाने से गंदगी निकलने से Ulcer ठीक होते हैं।
  • कत्थे को पानी के साथ घिसकर रुई की सहायता से छालों पर लगाने और लार टपकाने से मुंह के Ulcer नष्ट होते हैं।
  • दारु-हल्दी 20 ग्राम लेकर 300 ग्राम पानी में काढ़ा बनाकर, छानकर कुल्ला करने से छालों से मुक्ति मिलती है।
  • नीम की छाल को पीसकर, कत्थे के साथ मिलाकर छालों पर लगाने और लार टपकाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं।
  • वंशलोचन, छोटी इलायची के बीज और कत्थे का चूर्ण तीनों बराबर मात्रा में लेकर छालों पर लगाने से बहुत लाभ होता है।
  • जामुन के 50 ग्राम पत्तों को पानी के साथ पीसकर 300 ग्राम पानी में मिलाकर, पानी को छानकर कुल्ले करने से Ulcer ठीक होते हैं।
  • बेर के पत्तो का काढ़ा बनाकर कुल्ले करने से छाले ठीक होते हैं। 50 ग्राम बेर के पत्ते 300 ग्राम पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं।
  • अगर कब्ज के कारण मुंह के छाले हुए है तो त्रिफला का चूर्ण रात में दूध या गर्म पानी से तीन-चार दिन सेवन करने से कब्ज ठीक हो जाती हैं।

मुंह और जीभ के छालों से बचने के उपाय

  • आहार में विटामिन ‘सी’ का खास ख्याल करना चाहिए। संतरों का रस प्रतिदिन पीएं।
  • पानी खूब पीएं और फलों का सेवन भी अधिक करें |
  • अगर अल्सर मुंह में एक ही स्थान पर बार-बार होता है तो इसका कारण नुकीला दांत हो सकता है। ऐसी हालत में दंत चिकित्सक उसे समतल बनवा लें ।
  • खाने में हरी सब्जियों को विशेष स्थान दें। कच्चे प्याज का प्रयोग भी करें। सलाद में टमाटर की मात्रा अधिक लें।
  • गर्मियों में चॉकलेट , फ़ास्ट फ़ूड, चाय, काफ़ी , शराब का सेवन न करें।
  • दांतों में गंदगी बनी रहने से भी छालों की उत्पत्ति हो सकती है। दांतों की दिन में दो-तीन बार सफाई करने से मुंह के छाले ठीक होते हैं।

मुंह और जीभ के छाले के लिए अन्य उपचार

  • कोसोंडिल नामक माउथवॉश से भी काफी आराम होता है। इसे आप किसी भी कैमिस्ट की दुकान से खरीद सकते हैं या दांत के किसी डॉक्टर के पास जा कर ऐन्टीबायोटिक वाश करा सकते हैं।
  • विटामिन ‘बी’ कॉम्पलेकस तथा विटामिन ‘सी’ की एक-एक गोली का एक सप्ताह तक सेवन करें।

मुंह और जीभ के छाले के लिए होम्योपैथिक दवाए |

  • MERC- SOL –-जीभ ,गले ,गालो के अंदर और मसूडों में छाले ,बहुत ज्यादा लार ,छूने और चबाने पर दर्द ,गले में जलन
  • BAPTICEA–पूरे मुहँ में Ulcer ,लार बहुत ज्यादा ,मुहँ से बदबू , तालू में लालपन |
  • AURUM-TRIF– तालू में कच्चापन, मुहं में बहुत ज्यादा sore feel होना ,मुहं के कोने फटे हुए ,होंठ से खून आने पर |
  • NAT-MUR —बुखार के बाद छाले ,होंठ और मुहं के कोनो पर रूखापन, नीचे के होंठ पर सूजन व छाले जो जलन करते है |
  • कालीम्यूर-6x , नेट्रम म्यूर 6x – इन दोनों औषधियों के शक्ति के लोशन से कुल्ला करना चाहिए। यदि छालों का रंग सफेद हो और थूक आता हो तो यह चिकित्सा अत्यन्त लाभकर सिद्ध होती हैं।
  • ARG -NIT — गले में ,मुहं में ,और जीभ की नोक पर छाले ,गले में लालपन ,पेट में Ulcer ,जलन ,मसूडों से खून व सूजन |
  • ACID-SULPH— इसे तीन शक्ति में लें | एसिडिटी के कारण होने वाले Ulcer ,मुहं से खून ,बदबूदार सांस आदि |
  • NUX-VOMICA— कब्ज के कारण छाले , छोटे छोटे छाले ,मानसिक कार्य करने वालो को होने वाला कब्ज |
  • BORAX 30— बच्चो के मुहं के Ulcer ,छूने पर दर्द व जलन ,सफ़ेद रंग के Ulcer ,खाना खाते समय छालो से खून आता हो |
  • इनमे से कुछ होमियोपेथी की दवाइयों की जानकारी “नवभारत टाइम्स” से ली गयी है- Reference.

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