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जानिये पीलिया रोगी का डाइट चार्ट

पीलिया रोगी का डाइट चार्ट बहुत अहम् होता है क्योंकि इस रोग में खानपान की काफी अहमियत होती है, सही खानपान के जरिये इस रोग से जल्द ही निजात मिल जाती है, जैसा की हमने पिछले पोस्ट में बताया था इसलिए इस पोस्ट में हम आपको बता रहे है पीलिया रोगी का डाइट चार्ट जो

पीलिया में क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए, परहेज

पीलिया (Jaundice) में खान-पान का बहुत महत्त्व होता है क्योंकि किसी भी रोग को जल्द ही ठीक करने में सही उपचार और एक सही आहार दोनों की भूमिका बहुत अहम् होती है इसलिए इस पोस्ट में हम पीलिया में कौन से आहार खाने और कौन से नहीं खाने चाहिए इस जानकारी को विस्तार से बतायेंगे

ऑयली स्किन फेस पैक-[तैलीय त्वचा के लिए फेस पैक]

ऑयली स्किन फेस पैक – सभी लोगो की त्वचा अलग-अलग प्रकार की होती है। किसी की सामान्य, तो किसी की सूखी, ऑयली या सेंसेटिव स्किन। त्वचा तैलीय होने का मतलब यह नहीं है की आपकी त्वचा में वसा ज्यादा है। त्वचा का प्रकार पानी, वसा, त्वचा की संवेदनशीलता और हार्मोन पर निर्भर करता हैं |

12 हल्दी फेस पैक : चमकता चेहरा और बेदाग त्वचा के लिए

हल्दी फेस पैक (Turmeric Face Pack ) – सुंदरता शब्द के आते ही सबसे पहले हमारा ध्यान निखरी चमकती त्वचा पर जाता है क्योंकि एक स्वस्थ दमकती त्वचा को ही सुंदरता का आधार माना जाता हैं | सुंदर त्वचा पाने के लिए यह जरूरी नहीं है कि बाजार से मंहगे केमिकल से बने प्रोडक्ट ही

हृदय रोग में भोजन : कौन-कौन से फल और सब्जियां खाएं

हृदय रोग में भोजन का सही चुनाव इस रोग को रोकने में काफी महत्त्वपूर्ण होता है | हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना और हृदय रोग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए यहां हम इन तीनों समस्याओं को कम करने वाले भोज्य पदार्थों की चर्चा करेंगे। मोटापा और डायबिटीज की समस्या भी इन्हीं रोगों से

प्रेगनेंसी में क्या खाएं क्या ना खाएं

प्रेगनेंसी में सेहतमंद रहने के लिए उचित आहार लेना बेहद जरूरी होता है। एक गर्भवती महिला को एक दिन में 200 से 300 तक एडिशनल कैलोरी लेनी चाहिए | माँ के आहार का संतुलित और पौष्टिक होना पल रहे बच्चे के लिए बहुत जरूरी है | गर्भावस्था में क्या खाए जाए से जरूरी यह जानना

बवासीर में क्या खाएं क्या ना खाएं 35 टिप्स-Diet In Piles

बवासीर में व्यक्ति को काफी पीड़ा पहुंचती है। मल द्वार की शिराओं के फूलने से यह बीमारी होती हैं |आयुर्वेद में अर्श और आम भाषा में बवासीर (Piles) के नाम से जाना जाता है। यह रोग बादी और खूनी बवासीर के नाम से दो प्रकार का होता है। बादी बवासीर में गुदा में पीड़ा, खुजली

हल्दी के फायदे और 42 औषधीय गुण

हल्दी जिसको Turmeric (Curcuma Longa) कहा जाता है यह पीसकर सब्जियों में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी अपने गुणकारी रासायनिक तत्वों के कारण औषधि के समान लाभदायक होती है। हल्दी में खून साफ़ करने और सूजन को ठीक करने के मजबूत गुणकारी तत्व होते हैं। अधिकांश परिवारों में सूखी हल्दी का

काली खांसी इलाज के 15 घरेलू उपाय – कुकुर खांसी

काली खांसी को (कूकर खांसी, कुक्कुर खांसी, कुकुर खांसी) (Whooping cough) भी कहा जाता है। यह एक संक्रामक बीमारी है ज्यादातर 5 से 15 वर्ष आयु तक के बच्चों को होती है। | काली खांसी के लक्षण : काली खांसी होने पर रोगी जोर-जोर खांसते हुए कई बार उल्टियाँ भी करने लगता है | काली

चुकंदर के फायदे तथा 32 बेहतरीन औषधीय गुण

चुकंदर (English Name – Beetroot) (Botanical name- Beta vulgaris varrapa) लाल रंग का दिखने वाला यह फल चुकंदर हमारी सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। अनेक खूबियों से भरे रक्तवर्धक चुकंदर को आमतौर पर बहुत से लोग पसंद नहीं करते, लेकिन इसके रस को पीने से खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है,
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