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पतंजलि औषधि : मानसिक रोग, हिस्टीरिया, मंदबुद्धि

इस लेख में पतंजलि आयुर्वेद में विभिन्न रोगों की चिकित्सा के लिए उपलब्ध पतंजलि औषधि की जानकारी दी गयी है | साथ ही यह भी बताया गया है की इन औषधियों का सेवन कैसे करें और क्या परहेज रखें | इस लेख में निम्नलिखित बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक औषधियां बताई गई है | मिर्गी, उन्माद

बाँझपन, मासिक धर्म और श्वेत प्रदर की दवा पतंजलि

स्त्री रोगों की दवा पतंजलि : इस लेख में पतंजलि आयुर्वेद में विभिन्न रोगों की चिकित्सा के लिए उपलब्ध दवाओ की जानकारी दी गयी है | साथ ही यह भी बताया गया है की इन औषधियों का सेवन कैसे करें और क्या परहेज रखें | इस लेख में निम्नलिखित बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक औषधियां बताई

फिस्टुला और बवासीर की अचूक दवा पतंजलि बाबा रामदेव

इस लेख में फिस्टुला और बवासीर की अचूक दवा पतंजलि द्वारा निर्मित साथ ही इन औषधियों का सेवन कैसे करें और क्या परहेज रखें | यह बताया गया है | बवासीर की अचूक दवा पतंजलि (अर्श Piles) दिव्य सर्वकल्प क्वाथ – 200 ग्राम दिव्य कायाकल्प क्वाथ – 200 ग्राम दोनों औषधियों को मिलाकर 1 चम्मच (लगभग

एचआईवी एड्स के लक्षण और 4 मुख्य स्टेज

जैसा की हमने पिछले पोस्ट में बताया था की एड्स का वायरस अपने आप कोई रोग पैदा नहीं करता है वो केवल रोगी के शरीर को इतना कमजोर कर देता है की उसकी रोग प्रतिरोधक ताकत खत्म हो जाती है और अंत में मरीज किसी भी अन्य बीमारी से मारा जाता है | इसलिए देखा

जानिए एच.आई.वी एड्स कैसे होता है, कारण

एड्स की जानकारी :- एड्स दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी बन चुकी है। शहर और यहाँ तक कि गाँव भी रोग से अछूते नहीं बचे हैं। दुनिया में रोजाना लगभग 16 हजार व्यक्ति एड्स संक्रमण के शिकार बन रहे हैं। आज दुनिया में साढ़े चार करोड़ से अधिक और भारत में पच्चीस लाख के ऊपर

पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए : परहेज

खानपान और अनियमित दिनचर्या के कारण काफी लोग पथरी की बीमारी से पीड़ित है, पिछले पोस्ट में हमने बताया था की पथरी में क्या खाना चाहिए इस पोस्ट में परहेज के बारे में बतायेंगे | पथरी में कुछ चीजे खानी फायदेमंद होती है, तो कुछ चीजे खाने से परहेज करना चाहिए इसलिए पथरी के मरीज

एक्जिमा : कारण, लक्षण और मुक्ति के उपाय

जलन दर्द और खुजली होना एक्जिमा रोग की पहचान है। यूँ तो यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है, लेकिन आमतौर पर कानों के पीछे, गर्दन पर, हाथ-पैरों की उंगलियों में तथा पैर के निचली ओर अधिक होता है। यह रोग रक्त की खराबी के कारण होती है। एक बार इसके होने

हैजा कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

हैजा (Cholera) आंतों में होने वाला इंफेक्शन, जिसे गंभीरता से ना लिया जाए तो जानलेवा भी हो सकता है। यह एक एक संक्रामक रोग है जो अकसर दूषित खाने और पीने से होता है | पीने के पानी के पाईप गंदी नालियों में होकर जाने से गंदगी पानी के साथ प्रवेश कर जाती है। अब

टाइफाइड के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

टाइफाइड अथवा मोतीझरा क्या है – वैसे तो इस बुखार से प्राय: सभी लोग परिचित रहते हैं। यह एक लंबे समय तक परेशान करने वाला ऐसा बुखार है, जो व्यक्ति को कमजोर और चिड़चिड़ा बना देता है। यह रोग एस. टायफी या पेराटायफी नामक रोगाणुओं द्वारा फैलता है। यह मलमूत्र द्वारा दूषित भोजन या पानी

हार्ट अटैक के लक्षण, कारण, बचाव और फर्स्ट एड

आज के भौतिकतावादी युग में हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने की घटनाएँ अत्यंत सामान्य हैं। इसके बावजूद हममें से ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि जब खुद को या अपने किसी प्रियजन को अचानक हार्ट अटैक पड़े तो क्या किया जाए, हार्ट अटैक के लक्षण क्या है ? देखा यह गया है कि जब