ब्लीच करने का तरीका और ब्लीचिंग के फायदे तथा नुकसान

त्वचा का खोया हुआ आकर्षण पाने के लिए ब्लीच करना ठीक रहता है। सर्दियों की तीखी हवा हो या गर्मियों की झुलसा देने वाली धूप, इनके दुष्प्रभाव के कारण त्वचा का रंग खराब हो जाता है। जहाँ ब्लीचिंग से धूप में झुलसी हुई अथवा खुश्क हवा दबी हुई त्वचा निखरती है, वहाँ चेहरे पर उगे भारी रोओं से भी बचाव होता है। चेहरे पर के अनावश्यक रोम हटाने के लिए वैक्सिग अथवा Threading की सलाह दी जाती है।

Health Beauty Nuskhe का सुझाव : अगर आप पहली बार अपने आप से ब्लीचिंग कर रहीं है तो ब्लीच पाउडर और अमोनिया के घोल से करने के बजाय बाज़ार में उपलब्ध रेडीमेड ब्लीच क्रीम या घरेलू सामग्रियों की सहायता से तैयार ब्लीचिंग का इस्तमाल करें, इस पोस्ट के अंत में घरेलू हर्बल ब्लीच बनाने की विधि का लिंक दिया गया है | अकसर महिलाएँ घर में गलत ढंग से स्वयं ब्लीचिंग करने की चेष्टा में अपना रूप बिगाड़ लेती है| पहली बार ब्लीचिंग किसी ब्यूटी पार्लर में करायी जाये तो ठीक रहता है, क्योंकि हर व्यक्ति के लिए उसकी त्वचा के अनुसार अलग-अलग घोल बनता है और उसमे पाउडर और अमोनिया का अनुपात भी अलग-अलग होता है।

अपनी त्वचा के अनुरूप चुनें ब्लीच :

  • अगर आपकी त्वचा ज्यादा Sensitive है तो आपके के लिए लैक्टो ब्लीचिंग सही है। क्योंकि लैक्टो ब्लीचिंग बहुत ज़्यादा हार्ड नहीं होती है| ऑक्सी ब्लीचिंग भी सभी तरह की स्किन्स के लिए अच्छी होती है। अगर आपकी स्किन फेयर है तो saffron bleach. और डार्क स्किन है तो पर्ल ब्लीच चुनें। किसी ख़ास मौके के लिए ब्लीच करनी हो तो गोल्ड ब्लीच बेस्ट रहेगी।

ब्लीच करने के फायदे :

  • वैक्सिंग द्वारा रोओं को खींचने से चेहरे की त्वचा ढीली होकर झूलने लगती है। Threading द्वारा बारीक रोयें हटाने से इनकी जड़ें धीरे-धीरे मोटी व सख्त होने लगती हैं। अत: इस समस्या से बचने के लिए ब्लीचिंग सर्वोत्तम उपाय है।
  • चेहरे पर बारीक रोम होने के कारण भी कई बार त्वचा का रंग साफ नहीं लगता। ब्लीचिंग से जहाँ त्वचा निखरती है, साथ ही बारीक रोयें भी छिप जाते हैं।

ब्लीच Solution बनाने की विधि :

  • ब्लीच घोल बनाने के लिए किसी कप या शीशे की कटोरी में एक चम्मच ब्लीचिंग पाउडर डाल कर उसमें आधा चम्मच हाइड्रोजन पराक्साइड और दो से चार बूंदें अमोनिया डाल कर ब्रश अथवा रूई के फुरेरी से अच्छी तरह मिला लीजिये।
  • हाइड्रोजन पराक्साइड और अमोनिया डालने के बाद शीशी का ढक्कन तुरन्त बन्द कर दें।

दूसरे प्रकार का ब्लीच Solution बनाने की विधि :

  • ब्लीचिंग पॉउडर 1 चम्मच
  • हाइड्रोजन पेराक्साइड 1 चम्मच
  • अमोनिया 4-5 बूंद
  • केलेमिन लोशन 2-3 बूंदे

ब्लीच करने की विधि :

ब्लीच करने का तरीका- ब्लीचिंग के फायदे और नुकसान इन हिंदी - ब्लीच करने की विधि ब्लीच कसे करावे - ब्लीच के नुकसान bleach karne ka tarika Vidhi

Bleaching

  • सबसे पहले ब्लीच को कान के पीछे लगा कर Test कर लें |
  • अब क्लिजिंग से चेहरे को साफ कर लें ब्लीच घोल (bleach solution) को चेहरे पर जहाँ धब्बे हैं वहाँ पर पहले लगाएं। गालों पर अंत में लगाएं।
  • 10 मिनट बाद चेहरे को धो दें यदि ब्लीचिंग सूट न करे तो चेहरा धोकर कपड़े में बर्फ रखकर चेहरे पर रखकर थपथपा दें।
  • ब्लीच पैक लगाने के पाँच मिनट बाद देखिए कि कहीं जलन या खारिश तो नहीं हो रही। पैक लगभग दस मिनट लगा रहने दें और उसके बाद पानी से धो लें।
  • ब्लीच करने के बाद क्या करें – त्वचा पोंछ कर चेहरे और गरदन पर कोल्ड क्रीम से धीरे-धीरे मालिश करनी चाहिए। बाद में एस्ट्रेजेण्ट लोशन लगाने से त्वचा की जलन कम होती है।
  • कई बार घोल साफ करने के बाद त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने उभर आते हैं। ऐसी दशा में घबराना नहीं चाहिए। थोड़ी देर बाद यह दाने अपने आप साफ हो जाते हैं। यह भी पढ़ें –जाने घर पर फेशियल करने का तरीका |

ब्लीच दो प्रकार की होती है :

  • क्रीम – इसको चेहरे के लिए प्रयोग करना चाहिए |
  • पाउडर ब्लीचिंग – इसका उपयोग मुख्यत: हाथ-पैरों के लिए किया जाता है | अगर पाउडर में अमोनिया नहीं है तो आप इसमें अमोनिया के दो चार बूंदें अलग से मिला सकते है |

घर पर या ब्यूटी पार्लर में ब्लीच करवाते समय जरूर रखें ये सावधानियाँ :

  • ब्लीच टेस्ट करने के बाद ही लगाएं। एक बूंद अमोनिया कम या ज्यादा डाला जा सकता है।
  • जलन होने पर ठंडे पानी से मुँह धोकर बर्फ कपड़े में रखकर चेहरे को थपथपा दें।
  • Threading, वेक्सिंग या भाप देने के बाद ब्लीच नहीं करनी चाहिए।
  • कटी-फटी त्वचा पर ब्लीचिंग नहीं करनी चाहिए।
  • यदि ब्लीचिंग कर रहे हैं तो कम बालों पर करें अधिक बालों पर नहीं।
  • बहुत खुष्क त्वचा Dry Skin पर या 35 साल के बाद ब्लीच न करें।
  • ब्लीच का असर तीन हफ्ते तक रहता है।
  • एक बार सफल ब्लीच के बाद अनुपात पता चल जाता है की फिर अपने आप से ब्लीचिंग की जा सकती है या नहीं ।
  • इसलिए यदि पहली बार ब्लीचिंग स्वयं करनी हो, तो गरदन के नीचे कोमल त्वचा पर जरा-सा घोल लगा कर पहले देख लेना चाहिए।
  • ब्लीचिंग से त्वचा पर थोड़ी-सी जलन तो होती है, इससे घबराना नहीं चाहिए। परन्तु अधिक जलन होने पर चेहरे पर घोल नहीं लगायें।
  • ब्लीचिंग से पहले चेहरे की डीप क्लीनजिंग कीजिए। चेहरे व गरदन को पहले गीली रूई से पोंछिए और सारा मेकअप साफ कर लीजिए।
  • यदि आँखों का श्रृंगार किया हुआ हो, तो रूई के फाहे को गुलाब जल में गीला कर छुड़ा लें। फिर रूई की फुरेरी या ब्रश से चेहरे व गरदन पर घोल लगाइए। हल्की-हल्की जलन हो, तो चिन्ता की बात नहीं, लेकिन अधिक चुभन होने पर घोल तुरन्त साफ कर लेना चाहिए।
  • चेहरे के साथ-साथ गरदन पर भी ब्लीचिंग करना अनिवार्य होता है। अन्यथा गरदन व चेहरे की त्वचा में रंग के अन्तर से सौन्दर्य फीका हो जाता है।
  • ब्लीच का घोल आँखों और पलकों पर नहीं लगाना चाहिए। आँखों पर गुलाब जल में भीगे फाहे रख लेने चाहिए ताकि घोल के बह कर ऑखों में जाने की सम्भावना न रहे। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि चेहरे पर मुँहासे हों, तो ब्लीच नहीं करनी चाहिए।
  • आजकल मार्केट में सैफ्रन, गोल्ड, पर्ल, अलग-अलग प्रकार की ब्लीचिंग उपलब्ध हैं | कम्पनियां मार्केट में एक नई अमोनिया रहित क्रीम भी लेकर आई है। इसको इस्तेमाल करने पर न तो तेज गंध आती है और न ही आंखों से आंसू निकलते हैं। आप चाहे तो घरेलू ब्लीच बनाने के तरीके जानकर इसे हर्बल तरीके से कर सकती है | घरेलू ब्लीचिंग बनाने के लिए देखें यह पोस्ट – अनचाहे बाल हटाने के घरेलू उपाय |

ब्लीच के side effect और नुकसान :

  • ब्लीचिंग करने से त्वचा के बाल भूरे रंग के हो जाते हैं। इससे त्वचा के दाग-धब्बे हल्के हो जाते हैं। परन्तु बिल्कुल साफ नहीं होते।
  • ब्लीचिंग करने से त्वचा की चिकनाई कम हो जाती है। यह भी पढ़ें – 25 बेहतरीन घरेलू उबटन चेहरे पर निखार लाने के लिए
  • गलत घोल बन जाने से त्वचा को हानि भी पहुँच सकती है और एलर्जी भी हो जाती है। गलत अनुपात में घोल तैयार हो जाने से चेहरा झुलस जाने अथवा काले दाग पड़ने की दुर्घटनाएँ अकसर देखी गयी हैं।

ब्लीच के अलावा अन्य विकल्प :

  • Apilation : यह वो तरीका है जिससे बालों को जड़ से हटाया जाता है।
  • Electrolysis : बालों की जड़ों को बिजली द्वारा नष्ट कर दिया जाता है। एक यही तरीका है जो स्थायी है।
  • प्यूमिक स्टोन : यह एक खुरदुरा पत्थर है जिससे बाल निकाले जा सकते हैं,  इससे बाल पहले से कम आते हैं तथा मुलायम आते हैं। इससे नुकसान यह है की बाल धीरे-धीरे कम होते हैं इसलिए बहुत ज्यादा टाइम लगता है| इस तरीके को दूसरे तरीके के साथ-साथ इस्तेमाल करना चाहिए | इसको शरीर के नाजुक अंगों पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जैसे चेहरे, पेट, गले, आदि पर। इसे इस्तेमाल करने का तरीका यह है सबसे पहले हाथों पर पानी या साबुन लगाकर नम कीजिए, फिर यूमिक स्टोन को गोलगोल हाथों पर घुमाइए बस आपके बाल इस विधि द्वारा हट जाएंगे।

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