पढ़ाई करने के टिप्स-पढ़ाई कैसे करे-A Complete Guide

अधिकांशत: ऐसा देखा गया है कि प्रतियोगी परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों का प्रयास होता है कि अधिक से अधिक पढ़ाई करके अधिकतम तथ्य, आंकड़े और विषय सामग्री याद कर लें। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हेतु ऐसा अत्यंत आवश्यक भी है, लेकिन वे शायद यह भूल जाते हैं कि सफलता के लिए व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक पढ़ाई (Systematic & Scientific Study) आवश्यक है।

जल्दी याद करने के तरीको की जानकारी और स्मृति विधियों (Memory Techniques) की सहायता एवं अच्छा समय प्रबंधन (Time Management) भी बहुत जरूरी है।

इस लेख में कुछ महत्वपूर्ण Tips दिए जा रहे हैं, जो मनोवैज्ञानिक प्रयोगों पर आधारित हैं। आप इनको अपनाकर आसानी से पढाई मे मन लगा सकेंगे और पढ़ा हुआ याद भी रख पाएंगे |

पढ़ाई के तरीके – Study Tips to Improve Your Learning.

tips for concentration in study पढ़ाई करने के टिप्स-पढ़ाई कैसे करे-A Complete Guide

Tips for concentration in study.

  • पढ़ाई का कमरा साफ-सुथरा, शांत और हवादार (Ventilated) होना चाहिए।
  • पढ़ाई सुविधाजनक कुर्सी पर बैठकर कुछ आगे टेबल की ओर झुककर करना चाहिए। लेकिन बुक से आंख की दूरी 12 इंच अवश्य होनी चाहिए।
  • रात में पढ़ाई के समय टेबल लैंप या इस प्रकार लाइट का प्रयोग किया जाए कि लाइट का फोकस पढ़ने वाले के पीछे से या बाई ओर से बुक पर पड़े।
  • पढ़ाई शुरू करने से पहले सभी जरुरी सामान ले कर बैठे जिससे आप बीच-बीच में डिस्टर्ब ना हो |
  • ध्यान रखें कि बिस्तर का उपयोग सिर्फ सोने के लिए किया जाए। बिस्तर पर लेटकर न पढ़ें।
  • पढ़ाई के दौरान एक घंटे बाद 5 मिनट का आराम लें। इसके लिए आंखें बंद करके उन पर अपनी हथेलियां रख लीजिए। इसे पामिंग करना कहते हैं। देखे यह पोस्ट – आँखों के लिए बेहतरीन व्यायाम |
  • अपने अध्ययन को सुचारू रूप से करते रहने के लिए आवश्यक है कि आप अपने फ़ोन ,टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को पढ़ते समय बंद कर दे।
  • 24 घंटे में कम से कम 6 घंटे नींद लेना आवश्यक है। अधिकतम 8 घंटे नींद ली जा सकती है। दोपहर में 1-2 घंटे नींद लेना भी फायदेमंद है।
  • अधिक पढ़ाई या अन्य किसी वजह से यदि ऑंखें थक गई हों, तब साफ़ ठंडे पानी से उन्हें धो लें।
  • यदि आप पढ़ाई के दौरान थकान अनुभव करते हैं, तब अपनी पसंद और मौसम के अनुसार चाय, कॉफी, दूध, शर्बत, नीबू की शिकंजी, फलों का रस या ग्लूकोज का प्रयोग करें।
  • परीक्षा के दिनों में खेल, दौड़ या अन्य थकाने वाली कसरत की जगह 10-15 मिनट खाली कमरे या मकान की छत पर योगा (Yoga) या हलका व्यायाम करें। 15-30 मिनट सुबह के समय टहल भी सकते हैं।
  • एग्जाम के समय आप किसी फिजीशियन की सलाह पर जनरल हेल्थ टानिक एवं मल्टी विटामिंस की गोलियों लें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग निवास करता है। साथ ही ऐसा करने से आपकी मेमोरी बढ़ेगी और (आई क्यू) में 10 पाइंट की तात्कालिक एवं स्थायी वृद्धि संभव हो सकेगी।
  • याद करने के बाद हमे उसे लिखने की प्रक्रिया को बार बार करते रहना चाहिए |
  • प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान दोस्तों से अनावश्यक बहस में न पड़े। इस प्रकार के वाद-विवाद से एनर्जी की हानि, क्रोध, तनाव एवं ईष्या से उत्पन्न आवेग दिमाग में थकान पैदा करते हैं।
  • पढ़ाई के बीच आराम के समय बिस्तर प्रयोग न करें, क्योंकि ऐसा करने से नींद आने का खतरा बना रहता है। देखें यह पोस्ट –अच्छी नींद पाने के लिए 13 घरेलू नुस्खे |
  • पढ़ते समय खुद से सवाल पूछना भी याद रखने में काफी सहायक होता है |
  • छोटे छोटे लक्ष्य बनाकर पढाई करें | एक दम से सब कुछ याद करने की कोशिश ना करें |
  • पढ़ाई करने का समय जल्दी सुबह हो तो यह एक आदर्श सिथ्ती होती है | इस समय वातावरण के साथ-साथ दिमाग भी शांत होता है |
  • स्टूडेंट्स अकसर पढ़ते वक्त तरोताजा होने के लिए अपने फ्रेंड्स से गप शप करने लगते हैं और बातों-बातों में 2-3 घंटे बर्बाद हो जाते हैं।
  • ठीक से याद रखने और पढ़ाई करने का मंत्र जानने के लिए आपको विभिन्न वैज्ञानिक तकनीको को जानना आवश्यक है | इनमे से कई इसी लेख में नीचे दिए गये है, और आगे भी हम आपको अन्य पोस्ट के माध्यम से आपको बताते रहेंगे |

पढाई मे मन लगाने के उपाय /पढ़ाई तकनीक (Study Techniques)

  • पढ़ाई में अभ्यास (Exercise) का अत्यंत महत्त्व होता है। लगातार अभ्यास से कोई भी चीज आदत (Habit) में परिवर्तित हो जाती है, जिससे मानसिक ऊर्जा की बचत होती है। जैसे- जब आप साइकिल सीख रहे होते हैं, तो साइकिल के संतुलन और हैंडिल पर नियंत्रण और पैडल चलाने पर एक साथ ध्यान देना होता है। लेकिन निरंतर अभ्यास से जब आप साइकिल चलाना सीख जाते हैं, तब उक्त तीनों क्रियाएं अपने आप बिना खास ध्यान लगाए सहजवर्ती से हो जाती हैं।
  • पढाई मे मन लगाने के लिए और सब्जेक्ट को रटने की बजाए समझने की कोशिश करें। हालांकि पढ़ाई विधियों में रटना परीक्षा में अच्छे नंबर पाने की महत्वपूर्ण और आसान विधि रही है। लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में अब विश्लेषणात्मक (Analytical) और संश्लेषणात्मक (Synthetical) प्रश्नों के कारण पढ़ाई की अन्य विधियों का अधिक उपयोग होता है। इसलिए जो भी टॉपिक पढ़ रहे हों, उसका कल्पना शक्ति या (सोचने की ताकत) से दिमाग में पिक्चर बनाने की कोशिश करें।
  • जैसे आप देश में गरीबी टॉपिक पर पढ़ रहे हों, तब आपके दिमाग में झोपड़ पट्टी (Slums) के छोटे-छोटे गंदे घर और गरीब बच्चों की पिक्चर उभर आना चाहिए। मतलब, पढ़े जा रहे विषय को महसूस (Feel) एवं मानसिक स्पर्श (Mental touch) करने की कोशिश करनी चाहिए। यह भी पढ़ें – याददाश्त बढ़ाने और दिमाग तेज करने वाले 12 फ़ूड |
  • याद कैसे करे – पढ़ने की गति नॉर्मली एक मिनट में 300– 350 शब्द या इससे अधिक होनी चाहिए। ध्यान रहे कई बार पढ़ते समय अचानक ध्यान (Focus) किसी शब्द पर (Fix) हो जाता है और अनजाने में आप कई मिनट तक किसी और विषय पर सोचने लगते हैं। ऐसी आदत से बचें। यह भी जरुर पढ़ें – जाने क्या है ब्रेन वेव जो बढ़ाये मानसिक शांति और शक्ति |
  • जो विषय आपको मुश्किल और बोरिंग लगते हैं, लेकिन परीक्षा के कारण उन्हें पढ़ना आवश्यक है। तब उनकी सभी टॉपिक्स को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कुछ-कुछ समय का गैप देखर पढ़ें। इससे आपको पढाई मे मन लगाने में मदद मिलेगी |
  • रुचिकर एवं आसान सब्जेक्ट्स को एक बार में जितनी अधिक मात्रा में पढ़ सकें उतना अच्छा रहेगा | उदाहरण के लिए – इतिहास विषय में आपकी रुचि है तो पूरा मुगलकाल या राजपूतकाल एक बार में पढ़ें।
  • पढ़ाई के समय क्या? क्यों? कब? कौन? कहां और कैसे? का जवाब मिलना चाहिए। जैसे इतिहास में कुछ मुगल बादशाहों ने जजिया कर लगाया था। इस संदर्भ में जजिया कर क्यों लगाया गया? जजिया कर कैसे वसूला जाता था? यह कर कब-कब लगाया गया, कौन वसूलता था तथा कहां जमा किया जाता था? आदि।

पढाई के दौरान जल्दी याद करने के तरीके

  • नोट्स तैयार करते समय संक्षिप्तीकरण विधि (Abbreviation Method) -का प्रयोग करें संक्षिप्तीकरण विधि के लिए किसी भी अध्याय के पूरे पैराग्राफ से ऐसा कुंजी शब्द (Key word) या वाक्य निकालें कि उसके याद होते ही पूरा पैराग्राफ दिमाग में याद हो उठे। उसके बाद सभी पैराग्राफ के कीवर्ड से पहला अक्षर लेकर फार्मूला बना लें।
  • विस्तृतीकरण (Elaboration Method) – यह संक्षिप्तीकरण विधि की उलटी प्रक्रिया है। इसमें कीवर्ड से पूरा पैराग्राफ या निबंध आसानी से बनाया जा सकता है। चिंतन (Thinking) और याद किए गए तथ्यों को दिमाग में फिर से याद (Recall) कर उन्हें सहेजा (Syntheses) जाता है।
  • पढ़ाई में अपने माता-पिता या अन्य किसी की मदद लें। इसके लिए अखबारों से आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक विषयों, संपादकीय आदि के संकलन में तथा पढ़ाई के लिए उपयुक्त माहौल उपलब्ध कराने में उनकी मदद ली जा सकती है। यह भी याद करने का सही तरीका होता है |
  • कल्पना कीजिए कि परीक्षा हाल में आपकी याददाश्त अचानक चली जाए तब आप क्या आप पास हो सकते हैं? इसके विपरीत यदि आपने सालभर जितना पढ़ा उतना याद रहे तब क्या होगा? जवाब होगा परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक मिलेंगे। अत: आप यह तय हो जाने के बाद की आपकी परीक्षा में सफलता के लिए क्या पढ़ना है। आपका दूसरा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए कि पढ़ा हुआ आपको कैसे याद रखना है। आप पढ़ाई में घंटों का समय देते हैं, लेकिन यह सब कैसे याद रखना है इस पर शायद मिनट भी नहीं देते होंगे लेकिन अब आप पूरे दिन के पढ़ाई में कम से कम 2 घंटे इस बात के लिए होमवर्क करें कि दिन भर की पढ़ी पढ़ाई सामग्री कैसे और कौन सी स्मरण विधि से याद करें। यहां कुछ स्मरण विधियों के नाम दिए जा रहे हैं।
  • संक्षिप्तीकरण विधि (Abbreviation Method), विस्तृतीकरण (Elaboration Method), (Imagination Method), (Peg Method), (Number-Letter Method), श्रृंखला–विधि (Chain Method), दिमाग में मैप बनाने की विधि (Mind Map Method).

पढाई करने के लिए समय प्रबंधन  (Time Management)

  • पढ़ाई के लिए समय सारणी – पढ़ाई का टाइम-टेबल लचीला होना चाहिए, जिससे सभी विषयों को मेरिट के आधार पर समय दिया जा सके।
  • यदि आप रात को अधिक पढ़ाई करते हैं तो आपको मुख्य विषय रात में पढ़ना चाहिए। यदि दिन में अधिक पढ़ते हैं तब दिन में पढ़ें।
  • टाइम-टेबल में साप्ताहिक एवं मासिक रिवीजन के लिए एक-एक दिन निश्चित होना चाहिए। साप्ताहिक और मासिक रिवीजन संक्षिप्तीकरण विधि से बनाए गए नोट्स पढ़कर करना चाहिए, क्योंकि सप्ताह या महीने में बुक्स से इतनी पढ़ाई हो जाती है कि उनसे एक दिन में सारा रिवीजन संभव नहीं है।
  • अगले दिन क्लास में जो पढ़ाया जाना है, उसे पहले दिन ही पढ़ लें। सफलता के लिए परीक्षा की तैयारी के दौरान आप में दृढ़ संकल्प (Determination) की आवश्यकता होती है।

पढ़ाई के दौरान आराम कैसे लें (How to Relax While Studying)

  • लगातार 3 से 4 घंटे पढ़ाई करते-करते जब आपको मानसिक और शारीरिक थकान महसूस हो तब 5-10 मिनट का आराम लें और योग क्रिया शवासन करें। इसको करने से भी मांसपेशियों, नसों, नाड़ियों तथा शरीर के सभी अंगों को कम समय में पूर्ण आराम  दिया जा सकता है। इस योगदान से दिमाग ताजगी और शरीर तरोताजा अनुभव करेगा। जमीन पर कंबल या दरी बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथ शरीर से लगे हुए सीधा रखें। दोनों पैरों को सीधा फैला दें। ऑंखें  बंद कर धीरे-धीरे एक समान सांस लें। शरीर के अंग तथा मांसपेशियां आदि ढीले छोड़ दें।
  • अंगों को ढीला छोड़ने की प्रक्रिया पैरों के अंगूठे से शुरू करें एवं उस अंग का ढीला होना दिमाग में महसूस की मांसपेशियां, छाती, हाथ, गरदन, को ढीला छोड़ते जाएं। पढ़ाई के बीच जब भी आप मानसिक या शारीरिक थकान महसूस करें, तब इस योगासन को 5-10 मिनट तक कर सकते हैं। सांस और आपकी मानसिक अवस्था में एक संबंध होता है। जब आप उतेजित होते हैं तब आपकी सांस गति उथली एवं असामान्य होती है। जब आप शांत होते हैं तब सांस गति गहरी और सामान्य होती है।

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