प्रोटीन के फायदे तथा कितना खाएँ और इसके स्रोत क्या है ?

प्रोटीन हमारे लिए बहुत आवश्यक है, इसे मांसपेशियों का भोजन कहा जाता है, लेकिन जब मांसपेशियों को आवश्यकता से अधिक भोजन खिलाया जाता है तो उसका प्रभाव बाहरी रूप से ही दिखाई नहीं देता, बल्कि शरीर के आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली भी गड़बड़ा जाती है। हमारी आवश्यकता की कुल कैलोरी में से 20 से 35 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए। हालाँकि प्रतिदिन कितनी मात्रा में प्रोटीन का सेवन किया जाए, यह उम्र, वजन और आपके वर्क आउट रुटीन पर निर्भर करता है। बिना सोचे-समझे अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन आपको फायदे की बजाय नुकसान पहुँचा सकता है। प्राकृतिक तौर पर आप प्रोटीन शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनों ही तरह के भोजन से ले सकते है जैसे दूध प्रोडक्ट्स, सोयाबीन अंकुरित दालें, मछली, चिकन आदि से लेकिन जिन लोगो में प्रोटीन की कमी खाने से पूरी नहीं हो रही हो तो ऐसे लोगो को डॉक्टर अक्सर प्रोटीन सप्लीमेंट पाउडर लेने की सलाह देते है | प्रोटीन पाउडर दूध, छाछ, कैसिइन और सोया से बना एक सूखा पाउडर होता है. आजकल तो मटर से भी प्रोटीन बनाया जा रहा है |

प्रोटीन के लाभ

प्रोटीन के फायदे तथा कितना खाएँ और इसके स्रोत क्या है ? protein ke srot fayde source Labh

  • हमारे लिए प्रोटीन शरीर का निर्माण करनेवाले तत्वों में सबसे महत्त्वपूर्ण है। इससे मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, ऊतकों की मरम्मत होती है, इम्यून सिस्टम शक्तिशाली बनता है और शरीर का संतुलन बेहतर होता है। प्रोटीन को हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी मैक्रोन्युट्रिएंट्स में से एक माना जाता है। मैक्रोन्युट्रिएंट्स उसे कहते हैं, जिनकी हमारे शरीर को अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है। मानव शरीर में 16 प्रतिशत प्रोटीन होता हैं। प्रोटीन हमारे बालों, त्वचा, नाखूनों, मांसपेशियों, हड्डियों और रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है। हमारे शरीर में पाए जानेवाले कई रसायनों, जिनमें हार्मोन, न्यूरोट्रांसमीटर और एंजाइम भी शामिल हैं, में भी प्रोटीन होता है।
  • वजन कम करने में भी प्रोटीन सहायक होता है क्योंकि प्रोटीन के पाचन में अधिक समय लगता है, इसका सीधा सा मतलब है, इस प्रक्रिया में ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। यह आपके पेट में ज्यादा समय तक बने रहते हैं, इससे पेट अधिक समय तक भरा रहेगा, आपको कम खाने और वजन कम करने में सहायता मिलती है।
  • प्रोटीन हृदय और फेफड़ों के ऊतकों को भी स्वस्थ रखता है। ऊतकों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के अलावा हड्डियों, लिगामेंट्स, टेंडन और दूसरे संयोजी ऊतकों को स्वस्थ रखने के लिए भी हमें प्रोटीन की आवश्यकता होती है। प्रोटीन की कमी से हड्डियाँ और ऊतक कमजोर, कड़े और आसानी से टूटनेवाले हो जाते हैं।
  • प्रोटीन महिलाओं के लिए एक बहुत ही आवश्यक पोषक तत्त्व है। मोनोपॉज के बाद जिन महिलाओं के भोजन में प्रोटीन की मात्रा कम होती है, उनमें ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा 30 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
  • प्रोटीन शरीर के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए जरूरी है, यह हमें ऊर्जा देता है, इम्यून तंत्र को शक्तिशाली बनाता है, शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है और शरीर का पीएच लेवल बनाए रखता है।
  • प्रोटीन ऊर्जा का ऐसा स्त्रोत है, जिसे तोड़ना शरीर के लिए मुश्किल है। ऊर्जा के दूसरे स्त्रोत जैसे कार्बोहाइड्रेट जल्दी और आसानी से टूट जाते हैं। प्रोटीन शरीर में ऊर्जा के स्तर को एक समान बनाए रखता है और पूरा दिन भूख को नियंत्रित रखता है। प्रोटीन मूड भी ठीक रखता है और तनाव के स्तर को कम करता है।
  • बालों और त्वचा को बनाए स्वस्थ और चमकदार दूसरे अंगों और हड्डियों की तरह त्वचा, बाल और नाखून भी प्रोटीन के बने होते हैं। प्रोटीन का कम मात्रा में सेवन करने से त्वचा की स्वयं की मरम्मत करने की क्षमता कम हो जाती है।
  • बिना प्रोटीन के त्वचा झुर्रियों वाली, ढीली हो जाती है। यह त्वचा को युवा, स्वस्थ और मजबूत बनाता है।
  • बालों और नाखूनों में केराटिन नामक प्रोटीन होता है। बालों, त्वचा और नाखूनों को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए प्रोटीन से भरपूर भोजन खाएँ।
  • प्रोटीन तुरंत एनर्जी देता है और आपकी मसल्स को टूटने से बचाता है. इससे आपकी मसल्स को टूटने से बचाता है. इससे अप्पके मसल्स का साइज़ भी बढता है.
  • प्रोटीन के पाउडर को लेने की सलाह डॉक्टर उन मरीजो को भी देते है जिनको कैन्सर और एड्स जेसी बीमारिया होती है. जो लोग बीमारी के कारण शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं उनके लिए प्रोटीन पाउडर फायदेमंद हो सकता है। प्रोटीन पाउडर का सेवन सर्जरी या ऐसी ही किसी बीमारी से ठीक होने वाले मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा यह स्‍वास्‍थ्‍य परिस्थितियों के कारण तरल आहार पर निर्भर व्‍यक्तियों के लिए भी फायदेमंद है। उदाहरण के लिए प्रोटीन शेक अक्‍सर बेरिएट्रिक सर्जरी, दंत सर्जरी या गैस्‍ट्रोइंटेस्‍टाइनल बिमारियों से ठीक होने वाले लोगों के लिए उपयोगी होते हैं। इन स्थिति वाले लोगों को ठोस पदार्थों का सेवन नहीं कर सकते हैं। इसलिए इन लोगों को प्रोटीन के पाउडर का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इस तरह से यह आपको पूरी  ऊर्जा दिलाने के लिए एक अच्‍छा विकल्प हो सकता है।
  • गर्भवती महिलाओं और बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को एक दिन में अतिरिक्त 25 ग्राम प्रोटीन लेने के लिए की सलाह दी जाती हैं। इसका मतलब है कि गर्भावस्था के दौरान, गर्भाशय में बढ़ते बच्चे के लिए अधिक प्रोटीन का सेवन किया जाना चाहिए, प्रोटीन पाउडर उन माताओं के लिए एक अच्छा विकल्प होता है, जिनको मांस, डेयरी प्रोडक्ट और मछली से एलर्जी होती है आप प्रोटीन पाउडर को दूध, जूस या पानी में मिला कर पी सकते हैं।

प्रोटीन कितनी मात्रा में लेना चाहिए

  • प्रोटीन की आवश्यकता आपके भार और आपके कैलोरी इनटेक पर निर्भर करती है। आपकी कुल कैलोरी का 20 से 35 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए। अगर आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी का सेवन करते हैं तो उसमें से 600 कैलोरी प्रोटीन से आना चाहिए।
  • छोटे बच्चे: 10 ग्राम प्रतिदिन
  • स्कूल जाने वाले बच्चे: 19-34 ग्राम प्रतिदिन
  • किशोर लड़के: 50 ग्राम प्रतिदिन
  • किशोर लड़कियाँ: 46 ग्राम प्रतिदिन
  • युवा पुरुषः 52 ग्राम प्रतिदिन
  • युवा महिलाएँ: 46 ग्राम प्रतिदिन
  • गर्भवती और स्तनपान करानेवाली महिलाएँ: 71 ग्राम प्रतिदिन
  • प्रोटीन सप्लीमेंट्स खरीदते वक्त ध्यान रहे कि वोही पैकेट लें जिसमें प्रोटीन मुख्य रूप से हो। इसके लिए लेबल को ध्यान से पढ़ें। कई प्रोटीन सप्लीमेंट्स में हाई कैलोरीज़ और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। इसीलिए, चुनाव अपने वज़न और ज़रूरत के हिसाब से करें।

प्रोटीन के स्रोत

  • प्रोटीन शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। लेकिन यह जरूरी है कि उचित मात्रा में अच्छे प्रकार का प्रोटीन खाया जाए।
  • प्रोटीन शाकाहारी और मासाहारी दोनों प्रकार के भोजन से मिलता है |
  • दूध और दुग्ध उत्पाद दूध, पनीर और दही सिर्फ प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत ही नहीं हैं, बल्कि कैल्शियम और विटामिन डी के भी अच्छे स्त्रोत हैं। रोजाना एक गिलास कम वसा वाला दूध लें, इससे आपके दाँत और हड्डियाँ मजबूत होंगी और आपको ऑस्टियोपारोसिस होने का खतरा कम हो जाएगा।
  • चना, मटर, मूंग, मसूर, उड़द, सोयाबीन, राजमा, गेहूँ, मक्का आदि भी प्रमुख प्रोटीन के स्रोत हैं।
  • अखरोट, बादाम और पिस्ते जैसे मेवा भी प्रोटीन का स्रोत होते है |
  • प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत क्या है ? – शाकाहार में सोयाबीन और अंकुरित दालों और मांसाहार में मछली प्रोटीन के सबसे अच्छा स्रोतों में से एक होता है |

सावधानियां

  • जिन लोगों को किडनीज़ से जुड़ी बीमारी है, या फिर डायबिटीज़ है, उन्हें प्रोटीन की मात्रा के बारे में सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि किडनी के मरीज़ों को हाई-प्रोटीन डाइट से नुकसान हो सकता है।

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