खीरा खाने के फायदे तथा खीरे के बेहतरीन औषधीय गुण

गर्मी के मौसम में बहुतायत से पाए जाने वाले खीरा का उपयोग फल तथा सब्जी दोनों रूपों में किया जाता है। यह एक संतुलित खाद्य है तथा इसमें वे सभी आवश्यक तत्त्व हैं, जो अच्छी सेहत के लिए जरूरी होते हैं। पोषक के तौर पर खीरा में कैल्सियम काफी होता है। इसमें पोटैशियम, सोडियम, कैल्सियम, मैग्नीशियम, लोहा, फॉस्फोरस, सल्फर, सिलिकॉन, क्लोरीन तथा फ्लोरीन बहुतायत से पाए जाते हैं। इनके अतिरिक्त खीरे में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट तथा विटामिन ‘ए’, ‘बी’ एवं ‘सी’ भी पाए जाते हैं। खीरा शरीर में ठंडक तथा ताजगी लाता हैं और लू से बचाता है। आकार और रंग-रूप में खीरा कई प्रकार का होता है। पक जाने पर यह या हरापन लिये हुए होता है। इसका आकार तीन अथवा चार इंच से लेकर एक फुट तथा ज्यादा भी होता है। ताजा, हरे तथा मुलायम खीरे उपयोग के लिए बेहतर होते हैं। इसके छिलके में लवण तथा विटामिन होते हैं, अतः इन्हें छीलना नहीं चाहिए। खीरा खाने का सही समय तीने समय के भोजन के साथ होता है जिन लोगो को ठंडी चीजो के सेवन से कमर दर्द होता है उन्हें रात में खीरे का सेवन नहीं करना चाहिए |

साधारणतः खीरे का उपयोग सलाद में किया जाता है। सलाद में खीरे के साथ गाजर, चुकंदर, टमाटर, मूली तथा अन्य सब्जियों के छोटे-छोटे टुकड़े करके मिलाए जाते हैं। सलाद में थोड़ा दही मिला देने से स्वाद में बढ़ोतरी तो होती ही है, पौष्टिकता भी बढ़ जाती है। खीरे को हमेशा कच्चा ही खाना चाहिए, क्योंकि पकाने से इसमें मौजूद पोटैशियम तथा फॉस्फोरस नष्ट हो जाते है | याद रखें की खीरे में 95 फीसदी पानी होता है ऐसे में इसे खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए इससे आप इन आवश्‍यक पोषक तत्‍वों का लाभ नहीं उठा पाएंगे। पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण के लिए कच्ची सब्‍जियां और फल खाने के बाद पानी पीने से बचना चाहिए |

खीर के औषधीय गुण

खीरा खाने का सही समय khira khane ke fayde labh cucumber

  • खीरा आँतों को सक्रिय करता है। कब्ज से परेशान लोगों को दो खीरे प्रतिदिन खाने चाहिए।
  • पंद्रह-बीस मिनट तक चेहरे पर खीरे की मालिश करने से निखार आता है। यह त्वचा की सभी प्रकार की खराबियों को दूर कर उसे चमकदार बनाता है।
  • खीरे का रस एसिडिटी, पेट की गैस, कम भूख लगने की बीमारी को ठीक कर देता है। इसे इन बीमारियों में प्रत्येक दो घंटे पर खीरे के रस को आधा कप की मात्रा में लेना चाहिए। एक खीरे से पर्याप्त मात्रा में रस निकाला जा सकता है, क्योंकि इसमें 96 प्रतिशत पानी होता है।
  • पेट अगर जल रहा है, खीरे खा लीजिए, तुरंत आराम मिल जाएगा। खीरे के रस को गाजर, चुकंदर तथा अजमोदा के रस में मिलाकर पीने से संधिशोथ, थक्का तथा गठिया जैसे रोगों में लाभ पहुँचता है। सिलिकॉन तथा सल्फर की मात्रा अधिक होने के कारण इससे सिर के बाल भी बढ़ते हैं। अगर इसमें गाजर तथा पालक का भी रस मिलाया जाए तो बालों के लिए बेहतर दवा साबित होता है।
  • खीरे के रस में अधिक मात्रा में पोटैशियम होने की वजह से उच्च तथा कम रक्तचाप में यह बहुत फायदा पहुँचाता है।
  • खीरे के छिलकों के अंदर सिलिका पाया जाता है जो कि हड्डियों के लिए काफी लाभदायक होता है। इसलिए खीरे को छिलके सहित खाने से हड्डियों को फायदा मिलता है और आपकी हड्डियां मजबूत बन जाती हैं।
  • इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में खीरा काफी सहायक होता है। इसके अंदर कई तरह के एंटी ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो कि शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम को बेहतर रखने का कार्य करते है और ऐसा होने से आपके शरीर की रक्षा कई तरह की बीमारियों से होती है।
  • यह दाँतों तथा मसूड़ों को भी स्वस्थ रखता है। पायरिया जैसे रोगों में भी इसका चिकित्सीय महत्त्व है। यह नाखूनों के टूटने तथा बालों के झड़ने में भी दवा का काम करता है।
  • खीरा में बहुत कम कैलोरी पाई जाती है इसलिए आप यदि वज़न घटाना चाहते हैं, तो अपनी डायट में खीरा ज़रूर शामिल करें, खीरा में अधिक पानी होता है इसलिए इसे खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं रहती | खासकर गर्मियों में पसीना बहुत आता है, ऐसे में खीरे का सेवन शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखता है.
  • खीरा डिटॉक्सिफिकेशन का भी काम करता है यानी खीरे के सेवन से शरीर के विषाक्त तत्व बाहर निकल जाते हैं और आंतों की सफ़ाई हो जाती है |
  • यदि आपको अक्सर कब्ज़ की शिकायत रहती है, तो आपके लिए खीरे का सेवन बहुत फ़ायदेमंद है | खीरा में मौजूद फाइबर खाना पचाने में मदद करते हैं और कब्ज़ से राहत दिलाते हैं |
  • शराब पीने के कई साइड इफ़ेक्ट में से एक है हैंगओवर, जिसके कारण अगले दिन भी आप फ्रेश महसूस नहीं करते इसलिए हैंगओवर से बचने के लिए रात में सोने से पहले खीरा खाएं, इससे सुबह आप अच्छा महसूस करेंगे।
  • खीरा खाने से रक्त में कोलस्ट्रोल का स्तर कम होता है जिससे हृदय संबंधी रोग होने की आशंका कम रहती है। साथ ही रह मधुमेह के मरीजो के लिए भी लाभकारी है क्योंकि खीरे के रस में वो तत्व हैं जो पैनक्रियाज को सक्रिय करते हैं। पैनक्रियाज सक्रिय होने पर शरीर में इंसुलिन बनती है।
  • अगर आपके मुंह से बदबू आती है, तो कुछ देर के लिए मुंह में खीरे का टुकड़ा रख दें. खीरा मुंह के बैक्टीरिया से राहत दिलाता है और सांस की बदबू भी रोकता है | अक्सर पेट की गर्मी के कारण मुंह से बदबू आती है, ऐसे में खीरे के सेवन से पेट को ठंडक मिलती है और सांसों की बदबू दूर हो जाती है।
  • पीरियड्स यानी माहवारी में होनेवाली परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए दही में खीरा कद्दूकस करके फिर उसमें जीरा, हींग, पुदीना, काला नमक और काली मिर्च डालकर रायता बनाएं. यह रायता खाने में टेस्टी होने के साथ ही पीरियड्स की परेशानियों से भी राहत देता है ।
  • खीरा को छिलके समेत खाएं इसके छिलके में बीटा कैरोटीन होता है, जिससे आंखों की रोशनी अच्छी रहती है |
  • दही में खीरे को कसकर उसमें पुदीना, काला नमक, काली मिर्च, जीरा और हींग डालकर रायता बनाकर खाएं इससे पेट के सभी छोटे मोटे रोग हमेशा दूर रहेंगे |
  • खीरा क्षारीय होता है। इसलिए अम्लीय मूत्र को क्षारीय बनाकर यह पेशाब की जलन को दूर करता है। अम्लीय मूत्र करने में अक्सर मरीज को जलन होती है।
  • रोजाना खीरा खाने से रूखी त्वचा में नमी लौट आती है। इसलिए यह नैचरल मॉइश्चराइज़र का काम करता है। यह त्वचा से तेल को कम करके मुहांसों का निकलना कम करता है। खीरा दागधब्बों को दूर करता है। कांतिहीन त्वचा में कांति के लिए खीरे का रस बहुत फायदेमंद है। इसका प्रयोग टोनिंग के तौर पर किया जाता है। चमकती त्वचा के लिए खीरे का पानी अपने चेहरे पर अवश्य लगाये। यह एक बेहतरीन मास्क है जो त्वचा में कसाव लाता है। इसके अलावा खीरा त्वचा को सनबर्न से भी बचाता है। खीरे में मौजूद एस्कोरबिक एसिड व कैफीक एसिड पानी की कमी (जिसके कारण आंखों के नीचे सूजन आने लगती है।) को कम करता है।

खीरे के चिकित्सीय उपयोग : निम्नलिखित रोगों की अवस्थाओं में खीरे का प्रयोग किया जाता है।

  • पेशाब में जलन होना : दो-तीन दिन तक दिन में 2-3 बार 1 या 2 खीरे खाने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है।
  • पथरी : कुछ दिनों तक दिन में तीन बार 250-250 ग्राम खीरे का रस पीने से पथरी में लाभ पहुंचता है। वह घुल जाती और पेशाब के रस्ते निकल जाती है।
  • कब्ज होना : खीरे से कब्ज दूर हो जाता है। खीरे का जूस आपके मेटाबॉलिज्म को भी सुधारता है। अगर आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म सही है तो खाने की पाचन क्रिया भी सही रहता है।
  • पीलिया : 5-7 दिन तक दिन में तीन बार 250-250 ग्राम खीरे का रस पीने से पीलिया रोगी को बहुत लाभ मिलता है।
  • सूजन होना : खीरे को काटकर कटे हुए भाग पर नमक लगाकर खीरे को सूजन पर बांध देने से सूजन कम हो जाती है और पस एक जगह इकट्ठा हो जाता है।
  • आँखों की जलन दूर करने व आँखों का सौंदर्य बढ़ाने के लिए खीरे को गोल काटकर आँखों पर कुछ देर रखें। इससे आँखों के नीचे के काले घेरे भी ठीक हो जाते है |

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