पेट के रोग जैसे -कब्ज, अपच, एसिडिटी, गैस, डायरिया का घरेलू इलाज

इस आर्टिकल में पेट की कई आम बिमारियों जैसे पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, बदहजमी, अपच, कब्ज, उलटी-दस्त, खराब हाजमा आदि रोगों को दूर करने के लिए आसान लेकिन असरदार घरेलू नुस्खे बताये गए है | साथ ही पेट की खराबी के दौरान “क्या खाना चाहिए” तथा “क्या नहीं खाना चाहिए” यह भी बताया गया है | पेट की बिमारियों को ठीक करने के लिए यह आर्टिकल एक सम्पूर्ण गाइड है जिसमे आपको एक ही जगह पर पेट के सभी रोगों के निवारण से सम्बंधित जानकारी मिल जाएगी |

पेट के रोग कारण और उपचार :

एसीडिटी दूर करने के लिए कुछ प्रमुख उपाय

पेट के रोग -कब्ज, अपच, एसीडिटी, गैस, डायरिया का घरेलू इलाज pet ke rog ke ilaj upay nuskhe khanpan

पेट की बिमारियों को ठीक करने के उपाय

  • एसीडिटी में केला, हरी सब्जियां, दही, लौकी, चुकंदर और लाभकारी फलों का जिक्र पहले किया जा चुका है।
  • इनके अलावा एसीडिटी में ये पदार्थ भी बहुत लाभदायक हैं- गुड़, 2. सौंफ, 3. ठंडा दूध, 4. पुदीना, 5. छाछ, 6. लस्सी, 7. ज्यादा पानी, 8. तुलसी, 9. गाजर, 10. मूली, 11. काला नमक, 12. खीरा, 13. अदरक, 14. शहद, 15. लहसुन।
  • अदरक और धनिया बराबर मात्रा में लेकर पानी के साथ लें।
  • जीरे के चूर्ण को थोड़े-से गुड़ के साथ मिलाकर खाएं।
  • काली मिर्च की चटनी बनाएं और इसे काले चनों के साथ मिलाकर खाएं।
  • नारियल का पानी पीने से भी एसीडिटी की समस्या नहीं रहती।
  • नींबू के रस में आधा चम्मच भुना जीरा और एक चुटकी सेंधा नमक डालकर सेवन करें।
  • भोजन के बाद लौंग लेकर चूसें। इससे भी एसीडिटी दूर होगी।
  • जीरा और शक्कर को मिलाकर चूर्ण बना लें। इसकी आधा चम्मच मात्रा दूध के साथ लें।
  • ठंडा और बिना चीनी का दूध 3-4 घूट दिन में कई बार लें।
  • शहद में दो चुटकी हरड़ का चूर्ण मिला लें और इसका सेवन करें।
  • हरे धनिये को पीस लें और फिर पानी में घोल लें। इसके बाद इसमें काला नमक मिलाकर सेवन करें।
  • पुदीने की चटनी बनाएं और एक कप पानी में शक्कर के साथ डालकर इसे घोल लें। फिर इसे पी लें।
  • प्याज के रस में नींबू का रस निचोड़कर सेवन करें।
  • आंवले का चूर्ण बनाएं और इसका दही या मट्ठे के साथ सेवन करें।
  • खास बात : छाती, गले और पेट में जलन, उबकाई आना, पेट का भारी रहना, डकारें आना, उल्टी होने पर हरे, पीले, नीले या लाल रंग के पित्त का निकलना एसीडिटी के लक्षण हैं।
  • सावधानी : एसीडिटी में खट्टे फल, दालें, कच्चा केला और फूलगोभी भी नुकसान करेगी। हालांकि सामान्य अवस्था में ये तीनों चीजें पेट के लिए ठीक ही रहती हैं।  अधिक जानकारी के लिए यह पढ़ें – Acidity होने के कारण, लक्षण तथा घरेलू उपचार

पेट की गैस दूर करने के घरेलू उपाय 

  • खाली अदरक या अदरक की चाय का सेवन करें।
  • सेब के सत्व का सिरका एक चम्मच मात्रा में भोजन से पहले पानी में मिलाकर लें।
  • रोज एक चम्मच कच्चा शहद बहुत फायदा करेगा।
  • एक चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण में थोड़ा-सा शहद मिलाकर धीरे-धीरे चाटें। रोज ऐसा करें।
  • आधा कप गाजर का रस और दो चम्मच पत्तागोभी का रस निकालकर रोज पीएं।
  • रोज सुबह 4-5 काली मिर्च पीसकर गर्म पानी में मिला लें। इस मिश्रण में आधे नींबू का रस भी मिलाएं और पी जाएं।
  • हींग, काला नमक और अजवायन का चूर्ण बनाएं तथा इसकी थोड़ी-थोड़ी मात्रा रोज खाएं।
  • रोज सुबह बिना कुल्ला किए एक चम्मच अजवायन को एक गिलास पानी के साथ लें।
  • पुदीना, 4 काली मिर्च, दो चुटकी काला नमक और दो कलियां लहसुन की लें। इन सबकी चटनी बनाएं और रोजाना भोजन के साथ सेवन करें।
  • एक कप गाजर के रस में दो चम्मच शहद डालें और थोड़ा-सा काला नमक मिलाकर सेवन करें।
  • 50 ग्राम पुदीना, 10 ग्राम अदरक और इतनी ही अजवायन लें। तीनों को एक गिलास पानी में डालकर उबाल लें। फिर इसमें थोड़ी चीनी मिला लें। इस मिश्रण की दो चम्मच मात्रा रोजाना भोजन के बाद लें।
  • कच्ची मूली खाएं या मूली के साथ काले नमक की चटनी बनाकर भोजन के साथ लें। गैस में बहुत फायदा होगा।
  • रोज भोजन के बाद गुड़ की डली (बर्फी के एक टुकड़े के बराबर) खाएं, गैस की समस्या नहीं रहेगी।
  • रोजाना अमरूद का सेवन भी गैस की समस्या दूर करता है।
  • मुनक्कों को तवे पर भूनें। फिर उनमें थोड़ा लहसुन मिलाकर खाएं।
  • दही-मट्ठे का नियमित सेवन करें।
  • मूंग की दाल की खिचड़ी मट्ठे के साथ लें।
  • खास बात : मुंह और गुदा से आवाज के साथ गैस निकलना, सिर में दर्द, छाती-पेट में दर्द, सुस्ती, गले और दिल के आसपास भी दर्द आदि गैस के प्रमुख लक्षण हैं।
  • सावधानी : बहुत ज्यादा गैस की समस्या में बींस, क्रूसीफेरस सब्जियों (जैसे ब्रोकोली, फूलगोभी, बंदगोभी) का सेवन न करें। प्रोसेस कार्ब (मैदा से बनी चीजें, सफेद चावल, रिफाइंड शुगर आदि) भी न लें। दूध-पनीर भी नुकसान करेंगे। गैस की समस्या में लहसुन और प्याज भी हानि पहुंचाएंगे, क्योंकि इनमें काफी सल्फर होता है। जो गैस पैदा करता है। गैस भरे ड्रिक (सॉफ्ट ड्रिंक, सोडा ड्रिंक) भी गैस की समस्या को बढ़ाएंगे। गैस की रामबाण दवा तथा अचूक आयुर्वेदिक इलाज

पेट की अपच दूर करने के उपाय

  • अपच की स्थिति में एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच अदरक का रस और शहद को एक गिलास गर्म | पानी में मिलाएं। इस मिश्रण को भोजन के बाद पी लें।
  • अपच दूर करने के लिए एक चम्मच भूने हुए धनिये के बीज लें और इन्हें एक गिलास मट्ठा में डालकर पी लें।
  • अपच दूर करने के लिए एक चम्मच अजवायन के बीजों को थोड़े-से काले नमक के साथ सेवन करें।
  • भूने हुए जीरे के दाने या जीरे के पाउडर को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से भी अपच की समस्या खत्म होती है।
  • एक गिलास पानी में कुछ बूंदे पिपरमिंट (पुदीना) के सत्व की डालकर पीएं।
  • भोजन से पहले कुछ ताजा अदरक के टुकड़ों को थोड़े-से नमक के साथ मुंह में रखकर चूस लें।
  • अपच की स्थिति में एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और पानी को पी जाएं।
  • खास बात : जी मिचलाना, उल्टी आना, गैस बनना, पेट में जलन, दर्द और बेचैनी जैसे लक्षण अपच की समस्या में उभरते हैं।

कब्ज दूर करने के उपाय

  • काले तिलों को कूट लें और गुड़ के साथ सुबह-शाम सेवन करें।
  • दूध में मुनक्का डालकर उबालें और रात में सोते समय पीएं।
  • दो अंजीर लेकर रात को पानी में भिगो दें। सुबह उठकर पानी पी लें और अंजीर खा लें।
  • अमरूद खाएं और ऊपर से दूध पी लें । पेट में कब्ज नहीं रहेगी।
  • रात को इसबगोल की भूसी दूध के साथ लेने से भी कब्ज दूर हो जाती है।
  • गुनगुने पानी में नींबू का रस निचोड़कर सुबह और शाम पीने से भी कब्ज नहीं रहती।
  • रात को साफ पानी को तांबे के बर्तन में रख दें। उसके बाद सुबह उठकर इस पानी में एक चुटकी नमक डालें और पी जाएं। रोज ऐसा करें, कब्ज नहीं रहेगी।
  • थोड़े-से चने (करीब 50 ग्राम) रात को भिगो दें। सुबह उठकर चनों को जीरा और नमक मिलाकर खाएं।
  • सूखे आंवले का एक चम्मच चूर्ण रोजाना भोजन के बाद लें या एक चम्मच आंवले के चूर्ण को रोज रात को शहद के साथ लें। कब्ज में बहुत फायदा होगा।
  • खास बात : कब्ज का पहला लक्षण तो मल का नहीं आना ही है। इसके अलावा सिरदर्द, जी मिचलाना, पेट में वायु भरना, दर्द, सुस्ती जैसे लक्षण भी होते हैं।  कब्ज का रामबाण इलाज – 22 आयुर्वेदिक उपचार

पेट दर्द दूर करने के कुछ प्रमुख उपाय

  • थोड़े-से पुदीने में आधा चम्मच सौंफ और इतनी ही मात्रा अजवायन की मिलाएं। इस मिश्रण में थोड़ा काला | नमक और थोड़ी हींग भी मिला लें। पूरे मिश्रण को पीसकर चूर्ण बनाएं और फिर गर्म पानी के साथ ले लें।
  • सौंफ, जीरा और सेंधा नमक लेकर तीनों को पीस लें और फिर गर्म पानी के साथ सेवन करें।
  • गुड़ में एक चम्मच अजवायन मिलाकर पीने से भी लाभ होगा।
  • प्याज के रस में काला नमक मिलाएं। देसी घी में हींग को भून लें। फिर इन सबको मिलाकर सेवन करें।
  • काला नामक, काला जीरा और काली मिर्च लेकर उसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की कुछ मात्रा लेकर नींबू की फांक पर लगाएं और फिर नींबू को धीरे-धीरे चूस लें।
  • काले नमक के साथ करीब दो चम्मच सूखा पुदीना लें। इससे भी पेटदर्द में राहत मिलेगी।
  • त्रिफला (हर्र, बहेड़ा और आंवला) के चूर्ण की एक चम्मच मात्रा गर्म पानी के साथ सेवन करें। इससे पेटदर्द में काफी फायदा होगा।

हाजमे की समस्या दूर करने के प्रमुख उपाय।

  • अदरक का छोटा टुकड़ा लें। उसमें नींबू और नमक मिलाएं और रोजाना भोजन के साथ सुबह और शाम खाएं।
  • एक कप पानी में दो चम्मच जीरा डालकर उबालें। इसे तब तक उबालें, जब तक पानी आधा न रह जाए। अब इसका दिन में तीन बार सेवन करें।
  • धनिया, काला नमक, काली मिर्च और सौंफ की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लेकर पीस लें और चूर्ण बना लें। 10-10 ग्राम काला नमक और सौंफ होनी चाहिए। 20 ग्राम काली मिर्च तो 50 ग्राम धनिया डालें। इस चूर्ण की आधा चम्मच मात्रा रोज सुबह और शाम भोजन के बाद पानी के साथ लें।
  • थोड़ी-सी नीम की पत्तियां अच्छी तरह साफ कर लें। चार काली मिर्च के दाने और इतनी ही लौंग लेकर नीम की पत्तियों के साथ पीस लें। इसमें थोड़ा पानी और शक्कर भी मिला लें और रोज दिन में तीन बार सेवन करें।
  • प्याज को काटकर पीस लें। उसमें थोड़ा-सा पुदीना और 4-5 कद्दू के बीज पीसकर मिला लें। आधा चम्मच नींबू भी निचोड़ लें। रोज भोजन के बाद इस चटनी को चाटें, बहुत फायदा होगा। खास बात : अफारा, पेट फूलना, दिल पर भारीपन, सिर और शरीर में दर्द, कई बार शौच जाना आदि लक्षण हाजमे की समस्या का संकेत करते हैं। बदहजमी : कारण और इलाज के 13 घरेलू उपाय

उलटी की समस्या दूर करने के कुछ उपाय

  • लौंग का पानी पी लें या लौंग को मुंह में रखकर चूसें। दोनों तरीके फायदा करेंगे।
  • आधा चम्मच हरे धनिया का रस निकालें। इसमें चुटकी भर सेंधा नमक और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर पीएं।
  • आधा-आधा चम्मच प्याज और नींबू का रस निकालें। एक चम्मच पुदीने का रस लें। तीनों को मिलाकर पीएं।
  • पुदीने की थोड़ी-सी पत्तियां और करीब 20 ग्राम सौंफ लें। दोनों को दो कप पानी में डालकर उबालें। पानी जब आधा रह जाए तो मिश्रण को छानकर रोगी को पिलाएं।
  • तुलसी की चार-पांच पत्तियों का रस निकालें और उसे शहद के साथ चाट लें।
  • सौंफ को पानी में डालकर उबालें। इसके बाद पानी को छान लें और उसमें थोड़ी-सी खांड मिलाकर पी जाएं।
  • करीब 25 ग्राम नीम की कोंपलें लेकर उन्हें पीस लें। फिर इसे एक गिलास पानी में घोल लें और पानी को थोड़ा-थोड़ा करके पी जाएं।
  • अनार के रस या प्याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से उल्टी में काफी फायदा होगा। दस्त के घरेलू उपचार -Diarrhea Treatment 30 Tips

पेट की बिमारियों से बचाव के लिए यह भी करें

  • सुबह-शाम टहलें, 2. योग-व्यायाम करें, 3. तनाव को पास न फटकने दें, 4. पर्याप्त नींद लें, 5. खूब सारा पानी पीएं, 6. भोजन को खूब चबा-चबाकर खाएं, 7. भोजन के दौरान पानी न पीएं, 8. पानी भोजन के पहले पी लें या आधा घंटा बाद पीएं।

पेट की गड़बड़ियों में ये पदार्थ न लें : परहेज

  1. ज्यादा मसाले वाला भोजन, 2. अचार, 3. चावल, 4. मैदा, 5. चाय-कॉफी, 6. एल्कोहल 7. सिगरेट, 8. दर्द निवारक दवा, 9. घी-तेल-मक्खन, रबड़ी, मलाई, मिठाई, 10. मांसाहार, 11. अंडा, 12. मूंगफली-काजू, 13. आइसक्रीम, 14. पिज्जा-बर्गर-नूडल्स, 15. रिफाइंड शुगर, 16. दूध-पनीर जैसे डेयरी उत्पाद, 17. सोडा, 18. चॉकलेट।

पेट ठीक रखने के लिए कौन से फल जरुर खाएं

  • पेट की अनेक बीमारियों का हल है पुदीने में : पेट की खराबी दूर करने के लिए पुदीना बहुत ही कारगर हथियार है। पुदीने के पिपरमिंट प्रकार में मेंथॉल नाम का तेल होता है। जिससे पाचन-क्रिया दुरुस्त होती है। इसी के साथ मेंथॉल ऐंठन के खिलाफ भी काम करता है यानी यह पाचन-क्रिया से जुड़ी मांसपेशियों में खिंचाव नहीं आने देता है |
  • खास बात : कई अध्ययनों में पता चला है कि पुदीना पेट में पैदा होने वाले अल्सर के खतरे को भी कम करता है। इसका जानदार तेल पेट में तमाम गड़बड़ियां पैदा करने वाले शूक्ष्म कीटाणुओं को भी मारने का काम करता है। कुल मिलाकर पुदीना पेट के लिए बहुत ही कारगर औषधि है।
  • इलायची, सौंफ और दालचीनी : पेट की तमाम समस्याओं का इलाज इलायची के पास भी है। कब्ज, जलन, ऐंठन, गैस जैसी तमाम परेशानियों में इलायची का सेवन राहत देता है। इलायची में विशेष रसायन पाए गए हैं, जो पेट और आंतों में गैस, ऐंठन को दूर करने के अलावा भोजन की दिशा आंतों की तरफ करने का काम करते हैं। भोजन के बाद सौंफ का सेवन भी गैस की समस्या को दूर करता है। इसी तरह दालचीनी का इस्तेमाल भी पाचन-क्रिया में फैट को पचाने में बहुत मदद करता है।
  • पेट की मित्र है दही : दही दूध की तुलना में जल्दी पचती है। दही पेट और आंतों की सबसे अच्छी दोस्त है और किसी का पेट सही है तो समझो वह काफी हद तक स्वस्थ है। इसमें मौजूद कैल्शियम आंतों को कैंसर और अन्य तमाम परेशानियों से बचाता है। यह आंतों को पसंद आने वाले बैक्टीरिया का निर्माण करती है। सबसे बड़ी बात यह कि यह अन्य पदार्थों को भी पेट में आसानी से पचाने का काम करती है। दही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और बच्चों, बड़ों को एक साथ फायदा पहुंचाती है। इसमें पेट के लिए एंटी बायोटिक गुण भी होता है।
  • खराब पेट को अच्छे पेट में बदल देते हैं ये फल पपीता : पपीते में विटामिन सी, बी और बीटा कैरोटीन और फाइबर होते हैं। यह पेट का बहुत बढ़िया दोस्त है और पाचन संबंधी तमाम समस्याएं दूर करता है। चूंकि पपीता उन सभी चीजों को पचाने में मदद करता है, जो एक शरीर ग्रहण करता है, इसलिए कब्ज जैसी स्थिति में भोजन के साथ पपीता जरूर खाएं।
  • सेब : पेक्टिन नाम के फाइबर का घर है सेब, जो हमें स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसलिए अच्छे पेट के लिए सेब का सेवन जरुर करना चाहिए । कब्ज की स्थिति में सेब को छिलका समेत खाएं।
  • केला : केला भी फाइबर से भरपूर है, इसलिए पेट के लिए बढ़िया है। डायरिया के बाद इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा करने में बहुत कारगर है। यह एसिडिटी और पेट के अल्सर को भी काबू में करता है।
  • खास बात 1: एसीडिटी की स्थिति में कच्चा केला न खाएं।
  • खास बात 2 : सुबह और शाम के भोजन के बाद कुछ दिन तक तीन केले खाएं। कब्ज की शिकायत दूर हो जाएगी |
  • आम : आम में मौजूद करीब सात एंटी ऑक्सीडेंट और अन्य एंजाइम आंतों की गड़बड़ी से लड़ते हैं। पेट के लिए यह बहुत बढ़िया फल है। यह एसिडिटी का भी दुश्मन है। कब्ज की स्थिति में रोज आम खाने के बाद दूध पीएं।
  • नाशपाती : नाशपाती में फाइबर, विटामिन बी, सी, ई और कॉपर, पोटेशियम का भंडार होता है, जिससे | यह सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। नाशपाती में पेक्टिन नाम का फाइबर आम से भी ज्यादा होता है, जिससे यह कब्ज को दूर भगा आंतों का बहुत अच्छा दोस्त साबित होता है।
  • संतरा : संतरे में विटामिन सी, ए, एंटी ऑक्सीडेंट, डायटरी फाइबर, फ्लेवोनॉयड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे तत्व होते हैं। संतरे में करीब 170 फोटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं। फ्लेवोनॉयड की संख्या करीब 60 होती है। इस वजह से यह शरीर में अल्सर, गांठ और कोशिकाओं में टी.बी के खिलाफ शानदार ढंग से काम करता है। इसमें मौजूद लिमिनॉयड नाम का तत्व तो आंत के कैंसर के खतरे को कम करता है। पेट के लिए यह बहुत सही है।
  • सावधानी : संतरा खट्टे फलों में सबसे प्रमुख है, इसलिए एसीडिटी की स्थिति में संतरा और अन्य खट्टे फलों का सेवन न करें।
  • आडू : आडू में आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, मैगनीज, कैल्शियम, सल्फर और विटामिन ए, बी, सी और ई जैसे तत्व होते हैं। चूंकि इसके रस की तासीर क्षारीय होती है, इसलिए यह पेट संबंधी समस्याओं जैसे अपच, गैस, एसिडिटी, कब्ज आदि में फायदेमंद होता है।
  • अनानास : अनानास विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर है। इसमें वसा और कोलेस्ट्रॉल नाम भर का होता है, इसलिए यह फायदों से भरपूर है। यह पेट के लिए भी बढ़िया है।
  • अंगूर : अंगूर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ए, बी-6 और सी होता है। साथ ही आयरन, कैल्शियम, सेलेनियम, फास्फोरस, पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्व होते हैं। अंगूर पेट के लिए बढ़िया हैं। आंतों के कैंसर से भी बचाव करते हैं।
  • खास बात : भोजन के बाद यदि करीब 250 ग्राम अंगूर खा लिए जाएं तो कब्ज दूर होती है।
  • तरबूज : तरबूज का मिजाज क्षारीय होता है, जिससे यह अम्ल की काट करके गैस, अपच, एसिडिटी से हमें बचाता है। साथ में यह एंटी ऑक्सीडेंट लाइकोपेन का भी फायदा देता है, जो तरबूज में टमाटर से भी ज्यादा होता है।
  • कीवी : कीवी का विशेष फाइबर कब्ज को विफल करता है। कीवी में कैल्शियम, क्रोमियम, कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक जैसे तत्व भी होते हैं।
  • आंवला : आंवले में संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी होता है। यह शरीर को जबरदस्त रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। यह जलन, सूजन और दर्दनाशक है। यह पाचन-तंत्र के लिए भी बढ़िया है और खास बात है कि यह खट्टा होते हुए भी एसिडिटी को खत्म करता है।
  • खास बात : लंबे समय की एसिडिटी से आंतों में अल्सर हो सकता है और यह खून में भी पहुंच सकती है। सीने में जलन, जी मिचलाना, उल्टी आना, खट्टी डकार, पेट के ऊपरी भाग में दर्द एसिडिटी के सामान्य लक्षण हैं, मगर यदि उल्टी में खून आ जाए तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, एसिडिटी शरीर में करीब 50 प्रकार के रोगों की वजह बनती है। इनमें हृदय रोग, डायबिटीज और लकवा प्रमुख हैं।
  • पेट सही रखती हैं मूंग, मसूर, उड़द और चना दाल दालों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, फाइबर, फास्फोरस और अनेक मिनरल्स पाए जाते हैं। दालों में खासकर उड़द की दाल कब्ज दूर करती है और शक्ति भी देती है। मूंग की दाल में फाइबर भी होते हैं। आसानी से पचती है, इसलिए मरीजों के लिए फायदेमंद होती है। इसका हलवा काफी शक्ति देता है। मसूर की दाल भी पेट के लिए बहुत सही रहती है। चना दाल भी हमें कब्ज जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में सहायक है। सावधानी : एसीडिटी की स्थिति में दालों का सेवन न करें।

पेट की सेहत ठीक रखने के लिए सब्जियां

  • कद्दू : कद्दू में भरपूर फाइबर होते हैं और कैलोरी काफी कम होती है। कद्दू में केले से भी ज्यादा मैग्नीशियम होता है, जिससे यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन कायम रखता है। यह क्षारीय तासीर का है, इसलिए एसिडिटी और उससे उत्पन्न अनेक परेशानियों का अंत करता है।
  • पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां : पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों में भरपूर डायटरी फाइबर होते हैं, जो कब्ज को दूर रखते हैं, ब्लड शुगर को घटाते हैं और हमें ज्यादा खाने से भी रोकते हैं।
  • लौकी : लौकी प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और मिनरल से भरपूर होती है। यह पित्त को बाहर निकालती है और शरीर में तनाव को कम करती है। यह जिस शरीर में जाती है, वहां एसिडिटी, अल्सर, कब्ज को | पसंद नहीं करती है और उन्हें शरीर से दूर कर देती है। यह शरीर में जरूरी तरल की कमी नहीं होने देती है। यह पीलिया में भी बहुत फायदा करती है।
  • चुकंदर : इसमें आयरन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं। साथ यह कब्जनाशक भी है। इसके अलावा शलगम को कच्चा खाने से कब्ज की समस्या नहीं रहती।
  • बंदगोभी या पत्तागोभी : विटामिनों से भरपूर । पेट के लिए बढ़िया। यह पेट के अंदर सूजन में भी लाभ पहुंचाती है।
  • फूलगोभी : फूलगोभी में एक फाइटोन्यूट्रिएंट ग्लूकोसीनोलेट होता है, जो लिवर का बढ़िया मित्र है यानी फूलगोभी जहरीले तत्वों से शरीर की रक्षा करती है। ग्लूकोसीनोलेट का ही दूसरा रूप ग्लूकोरेफेनिन भी इसमें होता है, जो पेट में कैंसर, अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है। सावधानी : एसीडिटी की स्थिति में फूलगोभी का सेवन न करें।

पेट के पाचन तंत्र और आंतों के लिए बहुत बढ़िया है अलसी

  • यह ओमेगा-3 फैट्स, डायटरी फाइबर, पोटेशियम और अन्य अनेक पोषक तत्वों का घर है। आंतों की गंभीर बीमारी क्रोहन और कोलाइटिस में अलसी का तेल कमाल का फायदा करता है। पाचन तंत्र को बढ़िया करने के साथ यह हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है।

अनाजों में ओट्स है पेट के लिए सबसे उत्तम

  • ओट्स में मुख्य रूप से जौ, अन्य अनाज और उनके दलिया आते हैं। ओट्स प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, मैगनीज और विटामिन बी से भरपूर होते हैं। अनाजों के बीज ओट्स में सबसे ज्यादा घुलनशील फाइबर होते हैं, जिनकी वजह से ये पाचन-तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।
  • खास बात : चना, गेहूं और जौ के आटे की बराबर मात्रा लेकर मिला दें। अब इस आटे की रोटी का नियमित सेवन करेंगे तो कब्ज की समस्या नहीं रहेगी।

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