लो ब्लड प्रेशर का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार : Cure Low BP

आजकल हर किसी को ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। किसी को लो ब्लड प्रेशर तो किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है। ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम आज के समय में एक सामान्य सी बात हो गई है। हालाँकि यह बीमारी सामान्य नहीं है | देखा जाए तो हर दूसरे इंसान को ब्लड प्रेशर से जुडी कोई ना कोई  प्रॉब्लम रहती ही है। पिछले पोस्ट में हमने हाई बी पी के लिए कुछ घरेलू आयुर्वेदिक उपाय बताये थे इस लेख में हिम निम्न रक्तचाप यानि (Low Blood Pressure )के लिए कुछ उपाय बताएँगे |

किसी संक्रामक रोग के कारण जब कोई स्त्री-पुरुष अधिक समय तक पीड़ित रहता है तो शरीर में रक्त की अधिक कमी होने से Low BP की बीमारी होती है। लो ब्लड प्रेशर में रोगी को बहुत घबराहट होती है और सिर में चक्कर आने से रोगी बिस्तर से नहीं उठना चाहता। लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में रोगी कोई भारी काम नहीं कर पाता है। यह रोग होने से पहले अक्सर रोगी को भूख नहीं लगती है और कोई काम करने की इच्छा भी नहीं होती है | यह ह्रदय और लीवर की समस्या के अतिरिक्त शरीर में रक्त की कमी से भी जुड़ा हुआ रोग है, जो ज्यादातर स्त्रियों को होता है खासकर जो महिलाये खाने-पीने पर ज्यादा ध्यान नहीं देती है |

लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के लिए घरेलू उपाय :

लो ब्लड प्रेशर का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार Low blood pressure ayurvedic gharelu upchar ilaj

Low blood pressure Ayurvedic and home Remedies

  • लो ब्लड प्रेशर की चिकित्सा के लिए रोगी को अपने भोजन में पौष्टिक तत्वों का सबसे अधिक शामिल करना चाहिए। फलों का रस, हरी सब्जियां और अंकुरित अनाज शरीर में रक्त का अभाव ठीक करके लो ब्लड प्रेशर को ठीक कर देते हैं।
  • 50 ग्राम चने और 25 ग्राम किशमिश को रात में 2 कप पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर चने और किशमिश को खूब चबाकर खाएं, फिर उस पानी को पी लें। ऐसा करने से तीन-चार सप्ताह में लो ब्लड प्रेशर ठीक होगा। लौह तत्व से भरपूर क्षार श्रेणी का खाद्य होने के कारण किशमिश खून और शरीर के तंतुओं को साफ रखती है।
  • लो ब्लड प्रेशर का उपचार करने के लिए 5-8 गुरबंदी बादाम और 3-4 काली मिर्चों को पीसकर एक चम्मच शुद्ध देसी घी में धीमी आंच पर भूने लाल होने तक, उपर से 7-8 किशमिश भी इस घी में डाल दें | इसके बाद लगभग 400 मिली दूध इसमें डाल दें,  फिर दस से पन्द्रह मिनटों तक इसको उबालें और अंत में इसको उतार कर इसमें मौजूद बादाम,काली मिर्च और किशमिश को चबाकर खा लें और ऊपर से दूध पी जाएँ | लो ब्लड प्रेशर की बीमारी के लिए यह आसान और बेहतरीन घरेलू औषधि हैं |
  • 50 ग्राम खजूर को दूध में उबालकर प्रतिदिन पीने से शारीरिक कमजोरी ठीक होने पर लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी ठीक होती है।
  • 2 छुहारे रात को 300 मिली दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से लो ब्लड प्रेशर सामान्य होता है।
  • पिस्ते के पांच दाने पानी में भिगोकर सुबह खाने और शेष पानी पीने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या ठीक होने के साथ स्मरण शक्ति भी विकसित होती है।
  • आंवलों के 20 ग्राम रस में 10 ग्राम शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से लो ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।
  • प्रतिदिन भोजन से पहले 300 ग्राम टमाटर काटकर, सेंधा नमक डालकर खाएं या 200 ग्राम सुबह-शाम टमाटर का रस पीएं। लो ब्लड प्रेशर तेजी से सामान्य हो जाएगा।
  • गाजर खाने व गाजर का रस पीने से भी लो ब्लड प्रेशर में लाभ होता है।
  • सलाद के रूप में 200 ग्राम खीरे पर नीबू का रस डालकर, सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम अवश्य सेवन करें। इससे शरीर को आयरन (लौह तत्व) मिलता है।
  • बादाम की तीन गिरी रात को पानी में डालकर रखें और सुबह उठकर बादामों को साफ सिल पर घिसकर, चाटकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है। घिसकर खाने में कोई परेशानी होती हो तो पीसकर सेवन कर सकते हैं।
  • रात को पानी में डाली हुई बादाम की तीन गिरी को सुबह पीसकर 50 ग्राम मक्खन और 10 ग्राम मिसरी मिलाकर खाने और 250 ग्राम दूध पीने से लो ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।
  • अगर लो ब्लड प्रेशर का रोगी आंवले या सेब का मुरब्बा प्रतिदिन खाने से कुछ सप्ताह में लाभ होने लगता है।
  • पालक, बथुआ, मेथी आदि सब्जियों में लौह तत्व की मात्रा अधिक होती है। लो ब्लड प्रेशर में रोगी को प्रतिदिन इन सब्जियों का सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • गाजर का रस 100 ग्राम और पालक का रस 50 ग्राम मिलाकर प्रतिदिन पीने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या ठीक होती है। – गाजर के फायदे और 20 बेहतरीन औषधीय गुण |
  • 50 ग्राम पोदीने को पीसकर उसमें स्वाद के अनुसार सेंधा नमक, हरा धनिया व काली मिर्च डालकर चटनी के रूप में सेवन करने से बहुत लाभ होता है।
  • लो ब्लड प्रेशर के रोगी स्त्री-पुरुष 250 ग्राम तक्र (मट्ठा) में भुनी हुई हींग और जीरे का छौंक लगाकर सेवन करें तो बहुत लाभ होता है।
  • अदरक 5 से 10 ग्राम मात्रा में बारीक काटकर या पीसकर सेंधा नमक मिलाकर खाने से लो ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।
  • लो ब्लड प्रेशर के रोगी को अपने भोजन में शुद्ध हींग का उपयोग अवश्य करना चाहिए। इससे रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  • 150 ग्राम चुकंदर का ताजा रस सुबह और 150 ग्राम शाम को प्रतिदिन पीने से लो ब्लड प्रेशर में लाभ होता है।
  • संतरा या नारंगी के रस में हल्का-सा नमक डालकर पीने से लो ब्लड प्रेशर का रोगी 10-15 दिनों में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर लेता है। प्रतिदिन दूध, दही और घी का उचित मात्रा में सेवन करने से रक्तचाप सामान्य हो जाता है। – हृदय रोग -कारण लक्षण और बचाव
  • ब्लड प्रेशर लो होने पर क्या करे ? – Low BP में जल्दी ही आराम के लिए चुपचाप बाई करवट लेकर लेट जाएं। नींद आने से लो ब्लड प्रेशर ठीक हो जाएगा।
  • लो बीपी हो तो अपने खाने में नमक की मात्रा कुछ दिनों के लिए बढ़ा लें, नमक में सोडियम मौजूद होता है, जो ब्‍लड प्रेशर बढ़ाता है। Low BP में एक गिलास पानी में 1 चम्मच नमक मिलाकर पीने से फायदा मिलता है। जानिए नमक के फायदे ,नुकसान और कितना खाएं?
  • Low BP में कॉफी पीने से भी तुरंत फायदा मिलता है | रोजाना सुबह एक कप कॉफी पीना चाहिए। लहसुन भी खाएं जानिए – लहसुन खाने के फायदे और 12 बेहतरीन औषधीय गुण |

लो ब्लड प्रेशर का आयुर्वेदिक उपचार :

  • मुलेठी की जड़ का पाउडर एक चम्मच एक कप पानी में डालकर पांच मिनट तक उबालें फिर इसको चाय की तरह पियें | एक हफ्ते तक इसका प्रयोग करें |
  • पंद्रह ग्राम जटामासी को 300 ml पानी में उबाल कर काढ़ा बनाएं और दिन में तीन बार इसका सेवन करें |
  • जटामासी, कपूर और दालचीनी को मिलाकर तीन-तीन ग्राम की मात्रा सुबह शाम हल्के गर्म पानी से सेवन करें कुछ ही दिनों में लो ब्लड प्रेशर ठीक होता है |
  • दिल की बीमारी से बचाव के उपाय-Heart Disease Prevention. 
  • आप चाहें तो 400-500 mg Licorice Root Capsules (मुलेठी के कैप्सूल ) का कुछ दिनों तक लें सकते हैं |
  • अश्वगंधारिष्ट और शिलाजीत का दूध के साथ नियमित रूप से सेवन करें |
  • इसके अतिरिक्त लो ब्लड प्रेशर के उपचार हेतु आयुर्वेद में लौह भस्म, नवायस लौह, लोहासव, अभ्रक भस्म, हीरा भस्म, पुनर्वा मंडूर आदि का प्रयोग भी किया जाता है जो आयुर्वेद दवा बनाने वाली कई कम्पनियों में उपलब्ध हैं |

लो ब्लड प्रेशर (बीपी लो) होने के कारण :

  • लो ब्लड प्रेशर की समस्या शारीरिक कमजोरी के कारण होती है। शारीरिक कमजोरी किसी लंबी बीमारी के कारण भी हो सकती है और किसी दुर्घटना में चोट लगने पर, अधिक रक्त निकल जाने पर भी हो सकती है।
  • लो ब्लड प्रेशर का सबसे बड़ा कारण पोष्टिक आहार ना लेना खासकर हरी सब्जियां और फल |
  • अर्शरोग (बवासीर, Piles) में अधिक रक्तस्राव होने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
  • महिलाओ में पीरियड की किसी खराबी के कारण जब अधिक रक्तस्राव होता है तो लो ब्लड प्रेशर की उत्पत्ति होती है।
  • प्रसव में अधिक रक्तस्राव होने पर शारीरिक कमजोरी के साथ स्त्रियां लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित होती हैं।
  • लो ब्लड प्रेशर के लक्षण – लो बीपी या हाइपोटेंशन होने पर रोगी अधिक शारीरिक निर्बलता अनुभव करता है। फिर कुछ काम करने पर उसका हृदय जोरों से धड़कने लगता है। उसे अधिक घबराहट होती है। सारा शरीर पसीने से भीग जाता है। सिरदर्द, चक्कर आना, खाने के प्रति अरुचि, चिड़चिड़ापन और घबराहट आदि लक्षण भी देखने में आते हैं |
  • खून की कमी अर्थात एनीमिया रोग की स्थिति में जब लो ब्लड प्रेशर होता है तो रोगी को चक्कर आने लगते हैं। बिस्तर से उठने पर आँखों के आगे अंधेरा छा जाता है। लो ब्लड प्रेशर के रोगी के लिए सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल हो जाता है। कानों में ‘घूं-घूं की आवाज होने के साथ, अधिक आलस्य महसूस होता हैं। शारीरिक थकान के कारण और दूर करने के उपाय
  • सिर में दर्द और भारीपन के लक्षण भी दिखाई देते हैं। मस्तिष्क में रक्त की कमी होने से स्मरण शक्ति (Memory) भी कमजोर हो जाती है। लो ब्लड प्रेशर के रोगी का किसी काम में मन नहीं लगता है।

अन्य सम्बंधित लेख :

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर करें

Email this to someonePin on PinterestShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on Facebook

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *