फिटकरी के 30 अचूक घरेलू नुस्खे तथा फायदे जानिए

फिटकरी के कई लाभ होते है जो कई रोगों के इलाज करने में अचूक है साथ ही आप इसका प्रयोग करके अपनी त्वचा तथा बालों को भी खूबसूरत बना सकते है | फिटकरी एक बिना रंग वाला क्रिस्टलीय पदार्थ है। साधारण फिटकरी का रासायनिक नाम पोटैशियम एल्युमिनियम सल्फेट है। अंग्रेजी भाषा में इसे Alum कहते हैं। फेरिक ऑक्साइड के कारण इसका रंग हल्का गुलाबी भी होता है, फिटकरी 92 डिग्री सेंटीग्रेट पर पिघलती है। 200 डिग्री सेंटीग्रेट पर इसके अंदर का पानी निकल जाता है, इसी को ‘फिटकरी का फूला’ कहा जाता है। फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं | फिटकरी दो ही प्रकार की होती है-सफेद और लाल।

उपयोग : फिटकरी के कई उपयोग होते है। कागज उद्योग, रंगसाजी तथा छींट की छपाई में इसका उपयोग होता है। इससे पीने का पानी भी शुद्ध किया जाता है। इसके अलावा आँख की दवा तथा अन्य चिकित्सा कार्यों में इसका बड़ा उपयोग है इसके पाउडर को डीओडोरेंट बनाने में और कई प्रकार के अचार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। । फिटकरी में सिकुड़न पैदा करने का गुण होता है। बाह्य उपयोग के अलावा रक्तस्त्राव, दस्त, कुकुरखाँसी तथा दमा रोग में इसका आंतरिक उपयोग होता है।

फिटकरी के लाभदायक घरेलू नुस्खे तथा चिकित्सीय उपयोग :

फिटकरी के 30 अचूक घरेलू नुस्खे तथा फायदे

फिटकरी

  • पायरिया की शिकायत : दाँत पायरिया से पीडित हैं तो फिटकरी पानी में उबालकर उस पानी से सुबह-शाम कुल्ला करें तथा प्रातः में नीम की ताँबई (5-7) पत्तियों में काला नमक रखकर पान की तरह धीरे-धीरे चबाएँ. इसके आधा घंटा बाद साफ पानी से कुल्ला करें। यह प्रयोग एक महीने तक करते रहें।
  • खून बहना रोकने के लिए : शरीर में कहीं चोट लगने पर रक्तस्राव हो रहा हो तो उस घाव को फिटकरी के घोल से साफ कर दें, उसके बाद सरसों का तेल लगा दें, रक्तस्राव बंद हो जाएगा।
  • जुकाम-नजला : बार-बार जुकाम की शिकायत या नजला गिरता रहता है तो फिटकरी को गरम तवे पर भूनकर, यानी फुलाकर इसका पाउडर बना लें। इसमें से चुटकी भर लेकर कुनकुने पानी के साथ दिन में तीन बार चार दिन तक सेवन करें। इससे नजला ठीक रहेगा।
  • नकसीर फूटना : किसी को नाक से बार-बार रक्तस्राव होता है, तो ऐसे रोगी चम्मच भर गाय के दूध में फिटकरी घोल लें। इसमें से तीन-चार बूंद प्रातः या नकसीर फूटने पर नाक में डालें। इससे नाक से रक्त आना बंद हो जाएगा।
  • योनि शैथिल्य : प्रसव के बाद होनेवाले योनि शैथिल्य को दूर करने के लिए एक मग पानी में फिटकरी उबालकर दिन में तीन बार योनि-मार्ग को धोएँ तथा सुबह-शाम अजवायन की पोटली से सिंकाई करें तो हफ्ते-दस दिन में ही योनि की शिथिलता दूर हो जाती है।
  • पानी को साफ़ शुद्ध बनाने के लिए : दूषित जल को पीने लायक बनाना है तो उसमें थोड़ी सी फिटकरी डाल दें, इससे कुछ ही देर में गंदगी नीचे बैठ जाएगी और बाकी का पानी शुद्ध हो जाएगा। पानी की टंकियों, मटकों अथवा कुओं में भी इसे डाला जा सकता है। यह गंदगी को अलग कर देती है।
  • टॉन्सिल, गले के छाले : टॉन्सिल बढ़ जाने पर गले में दर्द होता है, तो गरम पानी में फिटकरी तथा नमक डालकर गरारे करने से फायदा होता है। इससे मुंह, गला तथा दाँत भी साफ हो जाते हैं। मुँह के छालों में इसके पानी से दिन में तीन-चार बार कुल्ला करना चाहिए। फिटकरी रक्त का थक्का बनाने में बड़ी कारगर है। इसलिए दाढ़ी बनाते समय प्रायः इसे चेहरे पर रगड़ा या लगाया जाता है।
  • दाँत दर्द : दाँतों में दर्द होना आम समस्या है। छोटे हों या बड़े, सभी इससे पीडित देखे जाते हैं। इसके लिए थोड़ी सी फिटकरी तथा कालीमिर्च लेकर खूब बारीक पीसकर पाउडर बना लें; इस पाउडर को दाँतों की जड़ों तथा मसूढ़ों पर मंजन की तरह मलें, इससे दाँतों का दर्द दूर होगा ।
  • कान का बहना : अकसर कान में फुंसी निकल आती है, इससे कान में तेज दर्द होता है या कान से मवाद आता है तो थोड़ी सी फिटकरी पीसकर किसी कप में साफ़ पानी डालकर घोलें और फिर पिचकारी या ड्राप से कान में डालकर इससे धोएँ। इससे कान बहना बंद हो जाएगा, साथ ही कान में होनेवाली पीड़ा से भी छुटकारा मिलेगा।
  • खाज-खुजली : बरसात के मौसम में खुजली अकसर हो जाया करती है। वैसे यह किसी भी मौसम में हो सकती है। इसके लिए खुजलीवाले स्थान को फिटकरी के पानी से धोएँ: फिर इसे पोंछकर उस स्थान पर सरसों का तेल मसल दें, खुजली बिल्कुल बंद हो जाएगी।
  • चोट पर : काम करते या चलते-फिरते भी हाथ या पैर में मोच आ जाया करती है। ठोकर लगने या गुम चोट लगने अथवा खुली चोट लगने से घाव हो जाता है और सूजन भी आ जाती है। ऐसी स्थिति में जरूरत के अनुसार एक या दो लीटर पानी में फिटकरी डालकर उबाले, फिर इसे ठंडा करके सुहाता-सुहाता चोट-मोचवाले स्थान पर पतली धार के रूप में डाले, सुबह-शाम तीन-चार दिन करें, इससे सूजन तो उतरेगी ही, दर्द भी मिट जाएगा।
  • प्रदर रोग : सामान्यतया अधिकांश स्त्रियों को प्रदर, यानी लिकोरिया की शिकायत रहती है। फिटकरी के पानी से योनि का सुबह-शाम साफ़ करें और गिलोय के रस में शहद या मिश्री मिलाकर दो सप्ताह सेवन करें। इस उपचार से यह रोग ठीक हो जाता है |
  • दमा-श्वास रोग : अंगारे पर फुलाई हुई फिटकरी दस ग्राम तथा बीस ग्राम मिश्री को पीसकर रख लें। प्रात: रोजाना एक ग्राम की मात्रा में इसे खाएँ। इसके अलावा दालचीनी के टुकड़े मुँह में रखकर चूसते रहें तो दमा रोग में बड़ा फायदा होता है।
  • मसूढ़ा फूलने पर : बादी की चीज खा लेने पर या अन्य किसी कारण से मसूढ़ा फूल जाए तो फिटकरी को बारीक पीसकर उसमें चार बूंद सरसों का तेल मिलाकर मसूढ़ों की मालिश करें तथा लार को मुँह के बाहर गिरने दे, सुबह-शाम दो-तीन दिन करने से मसूढ़े ठीक हो जाते हैं।
  • गले में दर्द होने पर – सौ ग्राम हल्के गर्म पानी में दो-ढ़ाई ग्राम फिटकरी घोल दें। हथेली में पानी लेकर दोनों नथुनी से खींचें। दो-तीन बार तो नथुनों से खींचकर नथुनों से निकाल दें फिर नथुनों से खींचकर मुंह से निकाल दें। दो-चार बार इसी पानी से गरारे गले तक ले जाकर करें।
  • पसीने की बदबू दूर करने के लिए- अगर आपको भी बहुत पसीना आता है और आपके पसीने से बदबू भी आती है तो फिटकरी का इस्तेमाल आपके लिए खासतौर पर फायदेमंद रहेगा. फिटकरी का एक महीन चूर्ण बना लें. नहाने से पहले फिटकरी के इस चूर्ण की कुछ मात्रा पानी में डाल दें. इस पानी से नहाने से आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी |

चेहरे की त्वचा तथा बालों के लिए नुस्खे

फिटकरी के 30 अचूक घरेलू नुस्खे तथा फायदे

  • सिर की गंदगी और जुंओं को मारने का घरेलू उपाय- अगर आपके सिर में जुंए पड़ गई हैं तो फिटकरी के पानी से बाल धोना फायदेमंद रहेगा. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण के चलते जुंए मर जाते हैं और सिर की दूसरी गंदगी भी धुल जाती है |
  • चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में मददगार- अगर आपके चेहरे पर भी झुर्रियां आ गई हैं तो फिटकरी के पानी का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा | आप चाहें तो फिटकरी के एक बड़े टुकड़े को पानी में डुबोकर चेहरे पर हल्के हाथों से मलें, कुछ देर बाद साफ पानी से चेहरा धो लें |
  • चेहरे की स्क्नि टाइट करने के लिए – स्किन टाइट करने के भी फिटकरी प्रयोग प्रभावकारी है। इसके लिए गुलाब जल यानी रोज वॉटर के साथ फिटकरी अपने चेहरे पर लगाएं तो त्वचा में कसावट आती है। ध्यान रखे फिटकरी आंखों में न जाने पाए।
  • फिटकरी बालों के लिए – फिटकरी के इस्तेमाल से न केवल चेहरे की रंगत निखरती है बल्कि बाल भी लंबे होते है। हफ्ते में एक से दो बार गुनगुने पानी में फिटकरी पाउडर और कंडीशनर को मिलाकर बालों पर लगाएं। फिर 20 मिनट बाद इसे धो लें।
  • अपने शैम्पू में फिटकरी पाउडर और हल्का सा नमक मिलाने से, हम हमारे रूसी से छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखिए कि शैम्पू में आप बहुत सारा फिटकरी पाउडर का इस्तेमाल ना करें।
  • कील मुहासे के दाग- फिटकरी के प्रयोग से हर प्रकार के कील -मुहासों के दाग और काले धब्बे ठीक होते हैं। फिटकरी के घोल को मुहासों के दाग पर 20 मिनट तक लगाकर रखें और फिर साफ पानी से धुलें इससे सारे दाग ठीक होते हैं।
  • फिटकरी सनबर्न से बचाए – आधे कप पानी में दो चम्मच फिटकरी पाउडर मिलाकर सनबर्न एरिया पर लगाएं। कुछ दिनों तक इस प्रक्रिया को इस्तेमाल करें। सनबर्न से छुटकारा मिलेगा।
  • त्वचा की खूबसूरती के लिए – चेहरे को फिटकरी के सहारे धुलने या स्किन पर फिटकर का लेप लगाकर धुलने से स्किन साफ होती है। इसके नियमित प्रयोग से स्किन के सभी दाग धब्बे मिट जाते हैं और त्वचा में निखार आता है।
  • गंदगी के कारण चेहरे पर ब्लैकहेड्स होना आम बात है। इसके लिए 1 चम्मच फिटकरी पाउडर में 1 चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इससे ब्लैकहेड्स दूर होगे।

आँखों की विभिन्न बिमारियों के लिए फिटकरी के लाभ

  • आँखों की आम समस्याओं के लिए : लगभग 85 मि.ली. गुलाब जल में चार ग्राम फिटकरी मिलाकर खूब हिला-हिलाकर रख छोड़ें। फिर दो दिन बाद से इसमें से लेकर दिन में तीन बार एक-एक बूँद आँख में डालें। इससे लाल आँख, आँख का दर्द तथा आँखों की खुजली और कीचड़ आना बंद हो जाएगा।
  • आँखों में जाला : लगभग दो ग्राम फिटकरी (पिसी हुई) एक चम्मच शुद्ध शहद में मिलाकर काँच की ढक्कनदार शीशी में बंद कर रख दें। कुछ दिनों के बाद इस मिश्रण को सलाई से सुबह-शाम आँखों में लगाएँ। एक महीने तक रोजाना लगाने से आँख का जाला ठीक हो जाता है।
  • आँखों में जलन : किसी भी कारण से आँखों में जलन महसूस हो तो पहले इन्हें स्वच्छ ताजा पानी से धोएँ, फिर थोड़ी सी पिसी फिटकरी दूध की मलाई में मिलाकर पलकों पर लेप करें। यह लेप रात में सोने से पहले करें तो बेहतर रहेगा। ऐसा दो-चार दिन करें, आँखों में ठंडक महसूस होगी।
  • आंखों में पलक के नीचे फूंसी के रूप में रोहे हो जाते हैं। पाँच ग्राम फिटकरी और पाँच ग्राम सुहागा पीस लें। इसी में सवा-डेढ़ ग्राम कलमी शोरा मिला लें। इसे किसी कपड़े से छान लें। इस दवा को आंख में लगायें। आंखों में तीखी छटपटाहट होगी। आंखों में छम-छम पानी बहेगा, लेकिन घबरायें नहीं। यह दवा आंखों को नुक्सान नहीं देगी।
  • रात को देर तक पढ़ना व V. देखने से आंखें दु:खती हैं, वह भी ठीक हो जायेंगी। गर्मी की वजह से आंखों में दर्द हो तो फिटकरी को मलाई के साथ फेंटकर किसी कपड़े पर लगाकर आंखों पर थोड़ी देर लगा रहने दें।
  • कैमिस्ट से डिस्टिल वाटर लायें, उसमें पाँच-पाँच ग्राम फिटकरी और कलमी शोरी डालें। कुछ देर में वह पिघलकर पानी बन जायेंगे, ड्रापर से दो-दो बूंदें सुबह-शाम डालें। गुलाब जल में फिटकरी घोलकर दो-दो बूंदें सुबह-शाम डालें। बच्चों के लिये बीस ग्राम गुलाब जल में आध. ग्राम फिटकरी काफी है। बड़ों के लिये डेढ़ ग्राम फिटकरी बीस ग्राम गुलाबजल में डालें। दुःखती आंखों को आराम मिलेगा।

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