जैतून के तेल के फायदे तथा औषधीय गुण

जैतून के तेल का उपयोग विदेशों में अधिक होता है, पर अब भारत में भी इसका उपयोग हो रहा है। इसके सेवन से शरीर में फैट का डिस्ट्रीब्यूशन नियंत्रित रहता है, अतिरिक्त चरबी जमा नहीं होती है। इसमें मोनो सैचुरेटेड फैट अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह तेल शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है, जिससे हृदय के रोगों और उच्च-रक्तदाब से बचाव होता है। इसके सेवन से शरीर ग्लूकोज को आसानी से पचाता है, इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक माना जाता है। साथ ही यह विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और कई अन्य गुणों से भरपूर भी होता है |

जैतून तेल का प्रयोग आप अपनी खूबसूरती को निखारने के लिए भी कर सकते है। यह एक ऐसा तेल है जो आपकी हेल्थ के साथ ही साथ आपकी त्वचा को भी बेहतर बना सकता है, आपके बाल को पोषण दे सकती है और आपको सम्पूर्ण तरीके से स्वस्थ रख सकता है।

जैतून का पेड़ 8-15 मीटर तक लम्बा होता है। यह मुख्यतः एशिया और अफ्रीका में पाया जाता है। ताजा जैतून का फल स्वाद में कड़वा होता है। यह तेल जैतून के फलों से निकाला जाता है तथा औषधीय गुणों वाले इस तेल की तासीर ठंडी होती है। बाजार में जैतून का तेल कई तरह का मिलता है जैसे वर्जिन ऑलिव ऑयल, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, शुद्ध ऑलिव ऑयल |

जैतून तेल के लाभ तथा इसको उपयोग करने के कुछ घरेलू नुस्खे

jaitun ke tel fayde bare mein jankari जैतून के तेल के फायदे तथा औषधीय गुण

  • दिल की बीमारी और कैंसर से बचने के लिए खाने में जैतून तेल का उपयोग करें। इस ऑयल में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को जवान और दिल को स्वस्थ रखते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, वैसे ही शरीर में बीमारियां होने लगती हैं। ऐसे में जैतून का तेल काफी फायदेमंद है।
  • यह कब्ज की समस्या के लिए भी लाभकारी है। यह आपके पाचन तंत्र को तेज बनाता है और भोजन आसानी से कोलोन में चला जाता है। यदि आप इसका सेवन नियमित तौर पर करते हैं तो यह कब्ज से आपको मुक्त रखता है। कब्ज के रोगी हर रोज दो बार एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का सेवन करें। एक चम्मच सुबह खाली पेट लें और दूसरा चम्मच रात को सोने से पहले पिएं। अगर आपको जैतून का तेल ऐसे पसंद नहीं, तो आप इसे फलों के साथ मिलकर खा सकते हैं यह भी उतना ही लाभकारी होगा |
  • आँखों के नीचे मौजूद सूजन और डार्क सर्कल कप ठीक करने के लिए आप आंखों के आसपास जैतून तेल से हल्की-हल्की मालिश कर सकते हैं। इससे आपकी आंखों के आसपास रक्त संचार सही होगा, थकान दूर होगी और आपको ताजगी का एहसास होगा।
  • बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, इससे बचने के लिए आप अपने आहार में जैतून के तेल को शामिल करें। आप इसके तेल में धीमी आंच पर पकाया हुआ आहार खा सकते हैं, लेकिन अधिक फायदे के लिए आप जैतून का तेल सलाद पर टॉपिंग के रूप में इस्तेमाल करें और उसका सेवन करें।
  • किडनी में पथरी की बीमारी में जैतून के का तेल और नींबू का रस एक-एक चम्मच मिलाकर खाली पेट लेने से इस रोग में लाभ होता है |
  • जैतून तेल के इस्तेमाल से एलजाईमर (भूलने की बीमारी ) जैसी समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है।
  • उम्र बढ़ने के साथ ही बालों में बढ़ोतरी कम होने लगती है। लेकिन यदि आप भी बालों में होने वाली वृद्धि से संतुष्‍ट नहीं हैं तो जैतून के तेल का उपयोग करें। जैतून का तेल सिर से सीबम को हटाने में मदद करता है। सीबम एक प्राकृतिक पदार्थ है लेकिन इसका अधिक उत्‍पादन बालों की वृद्धि में रूकावट बन सकता है। इसके अलावा जैतून का तेल बालों में लगाने से यह बालों को उचित और पर्याप्‍त विट‍ामिन प्रदान करते हैं। जिससे आपके बाल मजबूत होते हैं।
  • थोड़ा सा जैतून का तेल अपने हाथों में लें और उन्हें रूखे और बेजान बालों पर लगाएं, इससे बाल सिल्की हो जाएंगे और अगर डेंड्रफ की समस्या है तो वो भी कम हो जाएगी।
  • आधा कप जैतून के तेल को हल्का गर्म करें। इसमें 4 ग्राम कर्पूर मिलाकर इस तेल से मालिश करें। इसकी मालिश सप्ताह में एक बार जरूर करनी चाहिए। कुछ ही समय में रूसी खत्म हो जाएगी, बाल भी काले रहेंगे।
  • शरीर में सूजन की वजह से भी कई बीमारियां होने लगती है ऐसे में सूजन से बचने के लिए आप इस तेल का सेवन कर सकते हैं इसके गुण एक एंटी इन्फ्लेमेटरी दवा आइब्रो फिन की तरह काम करता है कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल में होली योग ज्ञात होने के कारण इसकी 50ml मात्रा लेने पर उतना ही असर होता है जितना 10% आइब्रो लेने पर होता है यह सूजन की वजह से होने वाले गठिया की बीमारी में भी बचाव का काम करता है इसमें एंटी इंफ्लामेन्ट्री गुण होने की वजह से भी सूजन कम होता है!
  • 1 चम्मच जैतून का तेल लेने से शरीर की कोशिकाओं को एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ई और पोषक तत्व मिलते हैं। इससे बढ़ती उम्र की प्रॉब्लम जैसे- हृदय रोग, गठिया और झुर्रियों की समस्या से बचाव होता है।
  • जैतून तेल में विटामिन ई होता है जो एक एंटी ऑक्सीडेंट है। यह हमारी त्वचा को तेज धुप और गर्मी से होने वाले नुकसान से त्वचा को बचाता है। यह चिपकने वाला नही होता है जो हर तरह की त्वचा के लिए सही रहता है।चेहरे को सादे पानी से अच्छी तरह से धो लें। अब इसके तेल से मालिश करें। इसके बाद आधा चम्मच चीनी लेकर चेहरे पर रगड़े। अंत में गुनगुने पानी में एक मुलायम कपड़ा भिगोकर चेहरे को पोंछ लें। कुछ दिनों तक ऐसा करने से चेहरा निखर उठता है।
  • फटी हुई एड़ियों के लिए जैतून का तेल एक प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र है| नींबू पानी के साथ अपनी एड़ी को एक्सफोलिएट करें, एड़ियों को चिकना बनाने के लिए जैतून तेल से अपनी एड़ी की मालिश करें |
  • रूखे, बेजान, फटे होंठों पर जैतून के तेल की हल्की मालिश सुबह शाम करें, इससे होंठ कोमल हो जाएंगे।
  • अगर आपके नाखून बहुत कठोर हैं तो ऑलिव ऑयल के प्रयोग से नाखूनों को लचीला बनाया जा सकता है। हर रोज करीब आधे घंटे नाखूनों को ऑलिव ऑयल में डूबोकर रखिए, इससे नाखून नरम और लचीले हो जाएंगे। पैरों पर ऑलिव ऑयल लगाकर सोने से पैर कोमल बनते हैं।

सवाल : क्या पकाने के लिए केवल जैतून के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए?

जवाब : हालाँकि जैतून का तेल हृदय के लिए अच्छा होता है और इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड्स अच्छी मात्रा में पाए जाता हैं, लेकिन इसका उपयोग पकाने के लिए नहीं किया जा सकता। यह इसलिए, क्योंकि बहुत कम तापमान पर ही जैतून का तेल धुआँ छोड़ने लगता है, इस ताप के बाद तेल खराब हो जाता है, क्योंकि यह टूटने लगता है, इसलिए यह पकाने के लिए उपयुक्त नहीं है। जबकि सामान्यतया उपयोग किए जानेवाले तेल जैसे नारियल का तेल, मूंगफली का तेल और राइसब्रॉन ऑइल बहुत अधिक तापमान पर धुआँ छोड़ते हैं, अत: इनका उपयोग डीप फ्राइंग, हल्की फ्राइंग के साथ ही कोई ग्रेवीवाली डिश बनाते समय मसाले को भूनने के लिए किया जा सकता है। इसलिए जैतून के तेल का उपयोग तलने में नहीं करना चाहिए बल्कि हल्का गर्म करके तड़का लगाने में करना चाहिए।

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