इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के उपाय, खानपान, घरेलू नुस्खे

इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए खान पान – स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आपकी इम्यूनिटी पॉवर यानी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो यह बहुत जरुरी है । इस प्रतिरोधक क्षमता को खान-पान, व्यायाम, अच्छी नींद आदि में संतुलन बनाकर ठीक कर सकते हैं, इम्यूनिटी पॉवर के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है. ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं |

प्रतिरोधक शक्ति मतलब विरोध करने की शक्ति विरोध का अर्थ है सामना करना, मुकाबला करना यह शक्ति चींटी से लेकर हाथी तक सभी प्राणियों में जन्म से ही होती है। जीवन में किसी भी समस्या से सही सलामत छुटकारा पाने की शक्ति को तथा शत्र यानी आपत्ति पर टूट पड़ने की जैविक ऊर्जा को प्रतिरोधक शक्ति कहते हैं। यह केवल बाहर के दुश्मन से ही नहीं बल्कि अंदर के दुश्मनों से मुकाबला करने में भी सहायक होती है। अंदर का शत्रु यानी कीटाणु, वायरस या जीवाणुओं द्वारा फैलने वाले खतरनाक रोग।

इम्युनिटी के प्रकार

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प्रतिरक्षा दो प्रकार की होती है- इनेट और एडेटिव इम्युनिटी

  • इनेट इम्युनिटी: यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है परन्तु यह दीर्घकालिक नहीं होती।
  • एडेटिव इम्युनिटी: यह व्यक्ति को रोगों के प्रति सुरक्षा देती है साथ ही यह विशिष्ट रोगजनकों के खिलाफ दीर्घकालिक सुरक्षा भी देती है।

सभी जीव-जंतु रोग प्रतिकार शक्ति रखते हैं। यंत्र का कोई भी हिस्सा यदि दुरुस्त नहीं होता तो उसे ठीक करने की क्षमता उस यंत्र में नहीं होती लेकिन जीवजंतुओं में यह शक्ति होती है। छोटे-बड़े धक्कों से घायल हुआ मनुष्य कुछ दिनों बाद ठीक से चल सकता है। जितना शरीर स्वस्थ होता है, उतनी उसकी इम्यूनिटी पॉवर ज्यादा होती है। इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाने लिए सही खान के साथ ही साथ मेहनत और आराम यानि नींद भी बहुत जरुरी होती है

शरीर, मन और बुद्धि के कण-कण को विश्राम कैसे दिया जाए, इसकी कला सीखना ही प्रतिरोधक शक्ति को विकसित करने की कला है। विश्राम के बाद किया जानेवाला श्रम ही प्रतिकार शक्ति बढ़ाने के लिए आवश्यक तथा सहायक होता है। जिससे स्थिति सुचारू ढंग से कार्यरत रहती है। शरीर की थकान दूर होकर उसमें नवचेतना का संचार होता है। देह के कण-कण तक श्रम और विश्राम ले जाने तक जो उपाय होते हैं, उसे ‘उपचार’ कहते हैं। इसे ‘जीवन’ भी कहते हैं। उपचार में भी ऐसा ही किया जाता है।

यदि शरीर के आस-पास होनेवाले, उससे चिपककर रहनेवाले अवयव यदि ठीक होंगे तो अस्थियों में होनेवाली चयापचय क्रिया ठीक तरीके से होती है। शरीर की प्रतिरोधक शक्ति पूरी तरह आहार पर निर्भर रहती है। पेट्रोल से चलनेवाली गाड़ी में यदि डीजल डालें तो क्या होगा? गाड़ी खराब हो जाएगी। इसी तरह यदि हम भी अपने शरीर को गलत खाद्य पदार्थों की खुराक देंगे तो बीमार होंगे ही | कुछ खाद्य पदार्थों में इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के विशेष गुण होते हैं, जो रोगों के प्रतिरोध के निर्माण में शरीर के कामकाज को अनुकूलित करते हैं। हम यहां ऐसे ही कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिसे आप अपने रोज़ के खाने में शामिल कर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

इम्यूनिटी पावर बढ़ाने बढ़ाने के लिए क्या खाएं

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  • अगर आप प्राय: बीमारियों की चपेट में रहते हैं तो इसका अर्थ यह भी है कि आपके शरीर में एंटीबॉडीज कम बन रहे हैं। इसके लिए प्रोटीन को अधिक मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए।
  • लहसुन एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल है। जाड़े के दिनों में दिन में एक-दो लहसुन सेवन करना चाहिए।
  • रोजाना बादाम के 8-10 दाने भिगोकर खाने से शरीर की इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में मदद मिलती है |
  • दिन में तीन-चार बार ग्रीन-टी पीने से रोगप्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है।
  • सर्दी के मौसम के सभी खट्टे फल इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करते हैं।
  • सब्जियों का सूप पीना इम्यूनिटी तो बढ़ाता ही है, सर्दी-जुकाम में भी फायदा करता है।
  • आंवला, नीबू, अदरक, कच्ची हल्दी और तुलसी, गिलोय, अंगूर का जूस, हरी पत्तेदार सब्जियों, हरी फूलगोभी, टमाटर, चुकंदर, सूरजमुखी फूल के बीज, खुबानी, लाल मिर्च, काली मिर्च, शहद, अदरक, लौकी के बीज, संतरे, स्ट्रॉबेरी और अनानास जैसे फल और सब्जियां इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में बेहतरीन योगदान देते है |
  • किशमिश भिगो कर खाने से भी इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में मदद मिलती है |
  • तुलसी की 5 पत्तियां लें, उसके साथ 4 काली मिर्च, 3 लौंग और एक चम्मच अदरक का रस मिलाकर शहद के साथ ले ।
  • इम्यूनिटी मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद में कई तरह के जूस बताए गए हैं, जैसे आंवला, एलोवेरा, गिलोय आदि ।
  • सेब का सिरका का सेवन सप्ताह में एक या दो बार करना चाहिए |
  • पपीता विटामिन C से भरपूर फल है| पपीते में पपायन नामक एक एंजाइम पाया जाता है जिसमें  एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रभाव होते हैं | लाल शिमला मिर्च यानी की रेड बेल पेपर में भी उच्च मात्रा में विटामिन C पाया जाता है तो इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए इनका सेवन भी लाभकारी होता है |
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने की स्थिति में रोजाना अजवायन का सेवन करे लेकिन याद रखे इसकी तासीर गर्म होती है |
  • ग्रीन टी या ब्लैक टी, ये एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है जो बॉडी के इम्यूनिटी लेवल को बढ़ाने में सक्षम होते हैं।
  • आयुर्वेद के अनुसार काढ़ा का सेवन करने से भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है जैसे- गुडूच्यादि काढ़ा, अष्टादसांग काढ़ा या सिरिशादी काढ़ा।
  • व्हीटग्रास यानि गेहूं के ज्वारे का रस लीवर और इम्यून फंक्शन के लिए पोषक संबंधी लाभो से भरपूर है, क्योंकि यह विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर को शुद्ध करने के लिए लीवर की क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है|
  • दालचीनी का सेवन मधुमेह को नियंत्रित करने के साथ-साथ शरीर की इम्यूनिटी पावर को भी बढ़ाता है। इतना ही नहीं, कैंसर से बचाव के लिए भी दालचीनी कारगर होती है।
  • अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ये अर्टिकल भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल तथा सब्जियां -Immune Power Booster
  • आपको दिन भर में कम से कम 8 ग्लास पानी लेना चाहिए।
  • बुजुर्ग और व्यस्क लोग इम्यून पावर बढ़ाने के लिए शतावरी, अश्वगंधा, तुलसी, शिलाजीत, गिलोय, मुलेठी का प्रयोग कर सकते हैं।
  • खाने में दही को शामिल करके अपने शरीर में इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
  • अच्छी नींद और मानसिक तनाव से दूरी भी शरीर की इम्युनिटी बढाने के लिए बहुत जरुरी है
  • सूरज की गर्मी यानी धूप संक्रमण और वायरस से लड़ने का सबसे शक्तिशाली स्त्रोत है। साथ ही यह हमारे शरीर को विटामिन डी और रोगों से लड़ने की ताकत भी देता है। सुबह 6 से 7 बजे के बीच की धूप में व्यायाम करें यह आपको बहुत सी बीमारियों से बचाएगा ।
  • जंक फूड जैसे बर्गर,पिज्जा, नमकीन, पेस्ट्री, अचार, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, नूडल्स वैगरह कम से कम खाएं। बाहर का खाना खाने से बचें।

अपने आसपास की हवा शुद्ध करने के लिए ये उपाय आजमायें

  • अपने घर और उसके आसपास के वातावरण को शुद्ध करने और बिमारियों वाले कीटाणुओं को दूर रखने के लिए आप चाहें तो नियमित तौर पर नीम की पत्तियों, देवदारु, गुग्गल, राल और कपूर को साथ में जला सकते हैं। इसके अलावा गुग्गल, इलायची, तुलसी, लौंग, गाय का घी, खांड वगैरह भी मिट्टी के बर्तन में रखकर जलाते हैं। इसके धुएं से वातावरण स्वच्छ होता है। प्राय: हवन करने के लिए भी इन्ही सब चीजो की आहुति दी जाती है, इसलिए हवन को इतना महत्त्व दिया जाता है |

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