फैटी लीवर में भोजन : क्या खाएं क्या ना खाएं

लीवर के बढ़ जाने की बीमारी ज्यादातर बच्चों में होती है। लीवर के बढ़ने से पेट भी बड़ा हो जाता है | इस रोग में लिवर में चर्बी की मात्रा सामान्य से 5-10% अधिक बढ़ जाती है। लीवर हमारे शरीर में एक छलनी की तरह काम करता है, जो शरीर के बाकि अंगों को सुरक्षित रखने के लिए पाचन प्रणाली से आए नुकसानदेह पदार्थ लीवर में ही रोक लिए जाते हैं, जिससे दिल, फेफड़े व दिमाग इनके बुरे प्रभाव से सुरक्षित रहते हैं। लीवर खराब होने पर शरीर न के बराबर काम करता है। यदि इसका समय रहते न इलाज किया जाए तो यह एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है।

कारण : लीवर के बढ़ जाने के प्रमुख कारणों में शराब का अधिक सेवन, मलेरिया, फ्लू का बार-बार होना, यकृत शोथ से संक्रमित व्यक्ति का रक्त लेने से, गंदे पानी, ठंडा और बासी दूध पीना, ज्यादा मीठा खाना, कम उम्र में ही रोटी, दाल, चावल जैसी भारी चीजें खाना, गाय-भैंस का भारी दूध पीना, मां के दूध में कोई खराबी आना इस रोग के कारण बनते हैं। एस्प्रिन, स्टिरॉयड, टैमोजिफेन और टेट्रासाइक्लीन जैसी दवाओं के साइड इफ़ेक्ट के कारण यह बीमारी हो सकती है।

लक्षण : इस रोग में लक्षणों के रूप में लीवर वाले स्थान को दबाने पर की शिकायत, मुंह का स्वाद बिगड़ना, कब्ज की शिकायत, जीभ पर मैल जमा होना पीलिया होना, बुखार आदि देखने को मिलते हैं। #fatty #liver #diet #Enlargement of #Liver #diet

फैटी लीवर रोग में भोजनक्या खाना चाहिए

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लीवर के रोगों में उचित आहार

  • लीवर बढने या अन्य लीवर के रोगों में मरीज का खाना हल्का और आसानी से पचने वाला होना चाहिए ।
  • जौ के आटे की रोटी, जौ का सत्तू, मूंग की दाल, साबूदाने की खीर का सेवन करें |
  • हाई फाइबर वाले फल सब्जियां जैसे फलियां और साबुत अनाज अपने भोजन में शामिल करें |
  • नाश्ते में खिचड़ी, दलिया और उबली हुई सब्जी लें |
  • दोपहर के खाने में छिलके सहित आटे की दो रोटी, दो कटोरी उबली हुई सब्जी, एक छोटी कटोरी कटा हुआ पपीता और एक गिलास छाछ लें। शाम को चार बजे पपीता और अन्य कोई फल लें |
  • रात के खाने में : मोटे दरदरे आटे की 1 रोटी, 1 कटोरी दलिया और सब्जियों से बना सूप लें। सोने से एक घंटा पहले बिना चीनी वाला उबला हुआ 1 कप दूध पिएं।
  • फलों में पपीता, तरबूज, सेब, अनार, आंवला, नारियल खाएं।
  • फैटी लीवर के रोगी को मौसमी, पपीता, अमरूद, सेब जरुर खिलाएं।
  • सब्जियों में करेला, बैगन, मूली, नीबू, लहसुन, लौकी, धनिया, गाजर, ब्रोकली, बथुआ का साग का सेवन करें।
  • शुद्ध गन्ने का रस और कच्चे नारियल का पानी सुबह-शाम पिएं।
  • कड़वी मूली और उसके पत्तों का रस एक कप की मात्रा में सुबह-शाम पीने और इसकी सब्जी रोजाना खाने से रोग में शीघ्र आराम मिलता है।
  • फैटी लीवर होने पर अनार, आंवले व मूली का रस 2-2 चम्मच मिलाकर 2-3 बार नियमित पीने से शराब के सेवन से उत्पन्न लीवर का सूजन ठीक हो जाता है।
  • इस बीमारी में छाछ भी पियें और ग्रीन टी का भी सेवन करें |
  • ताकत के लिए अखरोट का सेवन करें, सूरज मुखी के बीज, ओलिव आयल को अपने आहार में शामिल करें
  • एक गिलास गाजर के जूस में 20 मिलीलीटर आंवले का जूस लेकर मिला लें और इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिला कर पियें |
  • लीवर के रोगों में पालक और चकुंदर का जूस भी लाभकारी है |
  • कच्चे पपीते का थोड़ा-सा रस लेकर उसमें थोड़ी-सी चीनी मिलाकर लेना चाहिए।
  • पके पपीते का थोड़ा-सा रस रोजाना पिलाने से भी लाभ होगा।
  • दूध में तुलसी के पत्तों का रस (10-15 बूंदें) मिलाकर रोज पिलाएं।
  • पानी में चूने के पानी की चार-पांच बूंदें डालकर रोजाना पिलाएं।
  • पीपल का चूर्ण शहद के साथ रोजाना दिन में दो बार चटाने से भी लाभ होगा।
  • करेले का थोड़ा-सा रस लेकर उसमें शहद मिलाकर रोजाना पिलाएं।
  • त्रिफला का थोड़ा-सा चूर्ण एक कप पानी में पकाएं। जब पानी एक चौथाई रह जाए तो उतारकर छान लें। इसे ठंडा करके एक चम्मच शहद में मिलाकर दें। यह भी पढ़ें – पीलिया में क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए, परहेज

लीवर बढ़ने की बीमारी में क्या नहीं खाना चाहिए : परहेज

  • फैटी लीवर की बीमारी में भारी, गरिष्ठ, घी तेल में तले, मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
  • भोजन हल्दी में न पकाएं। नमक भी नाममात्र का डालें।
  • घी और चीनी का प्रयोग बहुत ही कम करें। हो सके तो बंद ही कर दे तो अच्छा होगा।
  • फैटी लीवर में शराब, चावल, पास्ता, चाय, मैगी, चौमीन, कॉफी, तंबाकू, मांस खासकर रेड मीट और मिठाइयां न खाएं-पिएं।
  • सफेद डबलरोटी, बर्गर, जंक फ़ूड और मैदा से बने भोजन ना खाएं |
  • सोडा, कोला, एनेर्जी ड्रिंक, प्रोसेस्ड फ़ूड आदि से परहेज रखें |
  • कम वसा वाले, कम-कैलोरी वाले आहार आपको वज़न कम करने और फैटी लीवर की बीमारी से छुटकारा दिलवा सकता है |

इन बातों का भी रखे ख्याल

  • दर्द के स्थान पर गर्म पानी की थैली से सेंक करें।
  • दिन में सोने की आदत को टालें।
  • फैटी लीवर होने पर कब्ज की शिकायत न होने दें।
  • ज्यादा परिश्रम के काम न करें।
  • शरीर का वजन वजन कम करें अगर आप मधुमेह के रोगी है तो शुगर लेवल कंट्रोल करें |
  • देर रात तक ना जागे ।
  • फैटी लीवर के रोगी को सर्दियों के दिनों में धूप में बैठाएं।
  • सरसों के तेल की शरीर पर मालिश करें।

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Comments

  1. By D. kumar

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