जानिए त्वचा की देखभाल के टिप्स-Skin Care Tips

त्वचा की देखभाल – सुंदरता का आधार स्वच्छ, कोमल और चमकती त्वचा को माना गया है। लेकिन हम में से बहुत कम ऐसे किस्मत वाले होते हैं, जिनकी त्वचा स्वच्छ, दाग-धब्बे रहित और प्राकृतिक चमक लिए होती है। किसी के चेहरे पर मुंहासे, तो किसी के झुर्रियां, कोई झांइयों से परेशान तो कोई काले धब्बों की समस्या से ग्रस्त होता है। ऐसे में स्वस्थ व साफ-सुथरी त्वचा पाना किसी सपने की तरह प्रतीत होने लगता है। यदि सही समय पर अपनी समस्या के अनुसार घर में ही त्वचा की देखभाल शुरू कर दी जाएं, तो चमकती त्वचा पाने का ख्वाब हकीकत में बदल सकता है।

त्वचा की देखभाल के लिए टिप्स

twacha ki dekhbhal skin care tips जानिए त्वचा की देखभाल के टिप्स

Skin Care Tips

सामान्यतः त्वचा छः प्रकार की होती है, इसलिए त्वचा की देखभाल त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखकर ही की जानी चाहिए। जैसे सामान्य त्वचा की देखभाल के लिए अधिक मेहनत की जरूरत नहीं होती, लेकिन अगर बिलकुल ध्यान न दिया जाए तो खराबी पैदा हो सकती है। घर पर थोड़ी-सी देखभाल करके ऐसी त्वचा को हमेशा चमकदार बनाया जा सकता है, तो वहीं शुष्क त्वचा को अच्छी देखभाल की जरूरत होती है। ऐसी त्वचा में रूखापन रहने के कारण झुर्रियां जल्दी दिखाई देने लग जाती हैं। रूखी त्वचा या तो जन्म से होती है या फिर उम्र के साथ त्वचा में तेल की कमी हो जाने से त्वचा में रूखापन आ जाता है, इसलिए जरूरी है कि ऐसी त्वचा को हमेशा पूर्ण पोषण दिया जाए। तीसरी यानी तैलीय त्वचा की तेल ग्रंथियां ज्यादा प्रभावशाली होती है, जिस कारण ऐसी त्वचा चमकती रहती है और इसके रोमछिद्र भी अधिक खुले व बढ़े हुए नज़र आते हैं। लेकिन आपकी त्वचा कहीं से तैलीय व कहीं से रूखी है, तो ऐसी त्वचा मिश्रित त्वचा (कॉम्बिनेशन स्किन) कहलाती है। कई बार त्वचा रूखी तो होती है, लेकिन क्रीम लगाने पर काली पड़ जाती है, ऐसी त्वचा को ‘डीहाइड्रेटेड स्किन’ कहते हैं। ऐसी त्वचा में पानी की कमी हो जाती है, जिसके चलते इस तरह की त्वचा की देखभाल के लिए जरूरत होती है उसमें नमी पहुंचाने की। छठी त्वचा है संवेदनशील त्वचा यानी सेन्सिटिव स्किन। ऐसी त्वचा पर कुछ भी लगाना मुश्किल है, क्योंकि वह तुरंत प्रतिक्रिया कर जाती है। ऐसी त्वचा की देखभाल बहुत ही मुश्किल काम है।

प्रकृति पता करने के बाद त्वचा की देखभाल करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ त्वचा का रहस्य है उसकी साफ-सफाई। सफाई करने से त्वचा के दूषित तत्व बाहर आ जाते हैं और रक्त संचार ठीक हो जाता है। सही प्रकार से की गई क्लीनिंग से टैनिंग और मृत कोशिकाएं हटती हैं। यदि त्वचा की नियमित रूप से सावधानीपूर्वक सफाई न की जाए तो उसमें दोष पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा रात को सोने से पहले भी चेहरा साफ करना बहुत जरूरी है। आप मेकअप रिमूवर, ऑलिव ऑयल, बेबी ऑयल अथवा क्लींजिंग मिल्क से चेहरे को साफ करने के बाद ही सोएं। इससे आप त्वचा संबंधी कई प्रकार की समस्याओं से बची रहेंगी।

40 की उम्र के बाद त्वचा पर उम्र का असर दिखाई देने लगता है। उम्र के इस परिवर्तन को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन कुछ हद तक इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं। जिस प्रकार उम्र के बढ़ने पर आपकी इच्छाएं व मान्यताएं बदल जाती हैं, ठीक उसी प्रकार अपने चेहरे के आकर्षण को बनाये रखने के लिए उम्र के हिसाब से त्वचा की देखभाल के तरीकों का भी बदल जाना जरूरी होता है। जिंदगी के अलग-अलग पड़ावों पर, कैसे करें आप अपनी त्वचा की देखभाल, आइये जानते हैं…

किशोर उम्र में तैलीय त्वचा की देखभाल

  • तैलीय त्वचा में ब्लैकहेड्स और मुंहासों का होना आम होती है। ब्लैकहेड्स को साफ करने और त्वचा की डीप क्लीनिंग के लिए किसी अच्छे कॉस्मेटिक क्लीनिक से जाकर पीलिंग जरूर करवाएं। इस उपचार में ओज़ोन मशीन की मदद से ब्लैकहेड्स को आसानी से साफ कर दिया जाता है।
  • इसके अलावा तैलीय त्वचा की देखभाल करने के लिए घर पर यह स्क्रब बना लें। दरदरी पिसी मसूर की दाल, ओरेंज पील पाउडर, मुल्तानी मिट्टी और जौ के आटे को कच्चे दूध में मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएं और हल्के-हल्के हाथों से रगड़े। सूख जाने पर चेहरा को पानी से धो दें। रोजाना इस स्क्रब के इस्तेमाल से ब्लैकहेड्स नहीं होंगे। इसके साथ ही धूप में जाते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल अवश्य कीजिए।
  • बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और खान-पान की वजह से ढलती उम्र के साथ त्वचा में होने वाले परिवर्तन अब कम उम्र में ही दिखने लग जाते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि बढ़ती उम्र के निशान दिखने से पहले ही हम अपनी त्वचा की देखभाल शुरू कर दें।
  • नियमित क्लीनिंग के साथ-साथ अपनी त्वचा के मुताबिक फेशियल जरूर करवाएं। क्लीनिंग से त्वचा एक्सफोलिएट होगी और फेशियल से त्वचा में कसाव आएगा। अपनी त्वचा में उम्र के निशान (एजिंग साइन्स) दिखते ही उसके अनुरूप एंटी-एजिंग क्रीम का इस्तेमाल शुरू कर दें। यदि उम्र के लक्षण नज़र नहीं आते, तो हम सनस्क्रीन और मॉयश्चराइजर द्वारा भी अपनी त्वचा को कांतिमय बनाये रख सकते हैं।
  • अपनी त्वचा से उम्र के निशान छुपाने के लिए केवल एंटी-एजिंग क्रीम पर ही निर्भर न हो, बल्कि अपने खान-पान और व्यायाम पर भी ध्यान दें। अपने आहार में दूध, दही, फल, दालें, हरी-सब्जियां, अंकुरित अनाज और हो सके तो अंडा, मछली आदि लें। इसके अलावा अपने खाने में ज्यादा-से-ज्यादा रंगीन खाद्यपदार्थों को शामिल करें, क्योंकि इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आपकी त्वचा पर एंटी-एजिंग का काम करते हैं। रोज 10-12 गिलास पानी जरूर पिएं और सुबह-शाम व्यायाम की आदत डालें। ध्यान रहें कि त्वचा हमारी सेहत का आईना होती है, जो पल-पल अपने आकर्षण से आपका स्वास्थ्य भी बताती है। यह भी पढ़ें – ऑयली स्किन फेस पैक-[तैलीय त्वचा के लिए फेस पैक]

30 से 40 की उम्र में त्वचा की देखभाल

  • उम्र की इस दहलीज़ पर त्वचा देखभाल के तरीकों का बदल जाना थोड़ा जरूरी है। इस समय मॉयश्चराइजर लगाना बहुत जरूरी है, जो त्वचा में कोलाजन तेजी से बनाते हैं, साथ ही त्वचा पर झुर्रियां पड़ने से बचाते हैं और त्वचा का कालापन दूर करने में भी मदद करते हैं।
  • 2-3 माह में एक बार त्वचा के लचीलापन को बनाये रखने के लिए कोलाजन मास्क जरूर लगवाएं। कोलाजन एक बहुत अच्छा मॉयश्चराइजर है, जो त्वचा में कसाव लाता है और उसे बढ़ती उम्र के प्रभाव से भी बचाता है। रात में चेहरा धोने के बाद ए.एच.ए. क्रीम का इस्तेमाल जरूर कीजिए। यह भी पढ़ें – 25 बेहतरीन घरेलू उबटन चेहरे पर निखार लाने के लिए

40 से 50 की उम्र में त्वचा की देखभाल

  • इस उम्र तक आते-आते स्त्रियों में मेनोपॉज़ की समस्या शुरू हो जाती है, ऐसे में झाइयां, काले धब्बे, अनचाहे बाल और मोल्स यानी मस्सों जैसी त्वचा की समस्या का होना आम हो जाता है। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर दवाइयों का सेवन करें। इसके अलावा कॉस्मेटिक क्लीनिक से अपनी समस्या के अनुसार ब्यूटी उपचार जरूर लें। उपचार को करवाने के बाद त्वचा पर लगाए जाने वाली दवाएं ज्यादा असरकारी होती हैं।
  • इस उम्र में त्वचा की देखभाल के लिए लगभग 20 से 25 दिनों के अंतराल पर अपनी त्वचा के मुताबिक फेशियल जरूर लें। 40 साल के बाद त्वचा में नमी की कमी होने लगती है, इसलिए इस उम्र में मॉयश्चराइज़र युक्त सौंदर्य व त्वचा रक्षक उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। दिन में कोलाजन सीरम और रात में सोते वक्त चेहरे पर ए.एच.ए. यानी अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड क्रीम का इस्तेमाल अवश्य करें।

आइए अब जानें कि हमारी त्वचा पर किन कारणों से बुरा प्रभाव पड़ता है

  • आज वातावरण में वाहनों एवं अन्य साधनों से निकले हानिकारक रसायन, धूल-मिट्टी के साथ मिले रहते हैं और ये धूल व केमिकल हमारे खुले रोमछिद्रों में समा जाते हैं। अगर हम क्लीनिंग सही प्रकार से नहीं करते, तो हमें त्वचा सम्बन्धी कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। घर से बाहर जैसे ही हम कदम रखते हैं, हमारी त्वचा को सूर्य की किरणों का सामना करना पड़ता है और उसकी अल्ट्रावॉयलेट ए और बी किरणें त्वचा के रंग को सांवला बनाती हैं और कभी-कभी सनबर्न और टैनिंग जैसी समस्याएं तक पैदा हो जाती हैं। इसके अलावा भी कई कारण हैं, जिनकी वजह से हमारे चेहरे की खूबसूरती गायब होने लगती है। इसलिए त्वचा की देखभाल के लिए लगातार सतत प्रयास बहुत जरुरी है | हम अपनी वेबसाइट पर समय-समय पर इस विषय लिखते आ रहे है इन सब जानकारियों को व्यवहारिक रूप से अपने अपने जीवन में उतारे और एक स्वस्थ सुंदर और खुशनुमा तनाव रहित जीवन जिएं |

By : Yogita

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