धनिया के औषधीय गुण- धनिया की पत्ती, बीज तथा रस के फायदे

धनिया हरे पत्तो वाली, सुगंधित वनस्पति है जो साल भर उगाई जाती है | धनिया के कई फायदे जिसका सेहत पर बहुत प्रभावी असर पड़ता हैं, धनिए के हरे पत्तों और उनके बीजों को सुखाकर दो रूपों में इस्तेमाल किया जाता है। हरे धनिए को जीरा, पोदीना, नींबू का रस आदि मिलाकर स्वादिष्ट चटनी बनाकर सेवन करने से भोजन के प्रति अरुचि नष्ट होती है, भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया तेज होती है | हरे धनिया के पत्ती में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटीन, थियामीन, पोटोशियम और विटामिन सी भी पाया जाता हैं। धनिया का प्रयोग शाकाहार और मांसाहार दोनों में किया जाता है। आइए, जानते हैं कैसे धनिया हमें स्वास्थ्य संबंधी लाभ देता है।

धनिया के औषधीय गुण विभिन्न बीमारियों के लिए 

धनिया के औषधीय गुण- धनिया की पत्ती, बीज तथा रस के फायदे dhaniya ke fayde beej pani power gun

हरा धनिया

  • आयुर्वेदिक के अनुसार धनिया कसैला, स्निग्ध, हल्का, कड़वा, तीक्ष्ण, ठंडा और पाचन शक्ति को विकसित करने वाला होता है। इसके सेवन से मूत्र का अवरोध ठीक होने से मूत्र खुलकर निष्कासित होता है।
  • सब्जियों को पकाने के बाद हरे धनिए को बारीक काटकर सब्जी में मिलाकर सेवन करने से उसके विटामिन पर्याप्त रूप में मिलते हैं। सब्जी में पकाने से हरे धनिए के विटामिन कम हो जाते हैं।
  • धनिया खून में आयरन की कमी में बहुत फायदेमंद है। इस अवस्था में धनिए का रस और शहद एक-एक चम्मच मिलाकर लेना चाहिए।
  • हरे धनिए के पत्तों का रस निकालकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में 30-30 मिनट के अंतराल से पीने पर जी मिचलाने की समस्या ठीक होती है।
  • आंवले और हरे धनिए के रस को पानी में मिलाकर पीने से चक्कर आने की बीमारी ठीक होती है।
  • धनिया, अनार और अंगूर को जल में उबालकर क्वाथ बनाकर, छानकर सेवन करने से नाक व मुंह से रक्त निकलने की बीमारी ठीक होती है।
  • धनिया पानी पीने के लाभ- उच्च कोलेस्टेरॉल स्तर में धनिए का पानी नियमित रूप से लेने से रक्त में कोलेस्टेरॉल का स्तर कम होता है, क्योंकि यह अच्छा मूत्रवर्धक है तथा गुरदे को उत्तेजित करता है। इसके उपचार के लिए धनिए के सूखे बीजों का काढा बनाकर लेने से फायदा होता है।
  • आँखें आना या दुख रही आँखों को सूखे धनिए से बने काढ़े से धोने पर आराम मिलता है |
  • सूजन ठीक करने के लिए धनिए की पत्तियों को दूध के साथ पीस लें। इसे सूजन वाली जगह पर 1-2 घंटे तक लगा कर छोड़ दें और फिर धो लें। ऐसा लगातार कुछ दिनों तक करते रहने से सूजन और सूजन के कारण होने वाले दर्द में कमी आएगी।
  • कमज़ोरी, थकान महसूस होने या फिर चक्कर आने पर आधा कप पानी में 2 चम्मचधनिया का रस व 1 टेबलस्पून मिश्री मिलाकर सुबह-शाम लें |
  • धनिया का पानी पीने से खून में इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रहती है इसलिए यह मधुमेह के रोगियों के लिए भी फायदेमंद है |
  • धनिया का पानी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे सर्दी, खांसी की आशंका कम हो जाती है।
  • धनिए का पानी पेशाब के दौरान होने वाली जलन से भी धनिया आराम दिलाता है |
  • आंखों की रोशनी बढ़ाये नियमित रूप से हरे धनिये का प्रयोग अपने खाने में करने से आंखों की रोशनी बढ़ने लगती है। क्योंकि हरे धनिये में विटामिन ‘ए’ भरपूर मात्रा में होता है जो आंखों के लिए बहुत आवश्यक होता है।
  • लू लगने पर लू लगने पर हरी धनिया को पीसकर उसका रस निकाल लीजिए, इस रस को चीनी के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
  • हरे धनिए की पत्तियों को सब्जी में डालकर सेवन करने से रक्त के विकार ठीक होते हैं। आँखों के लिए हरा धनिया बहुत गुणकारी होता है।
  • हरे धनिए को दही व रायते में डालकर सेवन करने से धीमी सुगंध का अनुभव होता है। दही, रायते व सब्जी का स्वाद अधिक बढ़ जाता है।
  • हरे धनिए के सेवन से पित्त की गर्मी खत्म करने की शक्ति होती है।
  • धनिए के हरे पत्तों का रस नाक में बूंद-बूंद टपकाने से नाक से होने वाला रक्तस्राव यानि नकसीर की बीमारी ठीक होती है।
  • धनिए के पत्तों को पीसकर माथे पर लेप करने से गर्मी से होने वाले सिरदर्द में आराम मिलता है।
  • हरा धनिया 3 ग्राम मात्रा में पीसकर उसमें मिसरी मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से मूत्र की जलन व अवरोध ठीक होती है।
  • उलटी आने की समस्या में हरे धनिए का रस सेंधा नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में 20-20 मिनट के अंतराल से सेवन करने से आराम मिलता है।
  • एक चम्मच धनिया की पत्ती में एक चम्मच शहद मिला लें तथा रोजाना दिन में 1 बार इसका सेवन करें। इसे आप लगातार करते रहें। यह विटामिन की कमी को दूर कर देगा।
  • धनिए में एंटीऑक्ससिडेंट भी अच्छी मात्रा में होते हैं, जिसके कारण यह खाने में मिलाए जाने वाली चीजों को खराब होने से बचाता है।
  • चेचक की बीमारी के दौरान धनिए की ताजा पत्तियों का रस आँखों में डालने से यह आँखों को सुरक्षित रखता है।
  • यह टायफॉइड (मोतीझरा) के बुखार के इलाज में भी बहुत उपयोगी है।
  • थायरॉयड ग्रन्थिबढ़ जाए, अथवा ज्यादा या कम थायरॉयड (Hyper or Hypothyroid) हो जाए तो पाँच चम्मच सूखा साबुत धनिया एक गिलास पानी में तेज उबालकर, छानकर रोजाना सुबह-शाम पिलायें आराम मिलेगा ।
  • धनिया वात, पित्त और कफ विकारों में बहुत लाभ पहुंचाता है। सांस तथा (खांसी) में धनिया बहुत गुणकारी होता है।
  • रोज धनिया का पानी पीने से मुंह और सांस की बदबू की समस्या भी दूर हो जाती है।
  • आज के समय में लोग जंकफूड ज्यादा पसंद करते हैं। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक होता है, खाने की गलत आदतों से हमें विटामिंस की कमी होती है। धनिया इस कमी को दूर करने में अत्यधिक मदद करता है।

पेट सम्बंधी बीमारियों के लिए धनिया के फायदे

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धनिया बीज

  • पाचन संबंधी अनियमितताएँ : धनिए का एक या दो चम्मच रस ताजे छाछ में मिलाकर लेने से पाचन संबंधी गड़बड़ी, जैसे-अपचन, जी मिचलाना, बवासीर, पेचिश, हेपेटाइटिस तथा अल्सर की वजह से पेट में होनेवाले दर्द के इलाज में बहुत उपयोगी है।
  • सूखा धनिया दस्त और पुरानी पेचिश के लिए घरेलू उपचार है। यह एसिडिटी के उपचार में भी लाभकारी है।
  • सूखा धनिया, हरी मिर्च, कसा हुआ नारियल, अदरक और बीज रहित काले अंगूर की बनी चटनी बदहजमी के कारण होनेवाले पेट दर्द में लाभदायक होती है। यह भी पढ़ें – पेट की गैस की रामबाण दवा तथा अचूक आयुर्वेदिक इलाज
  • धनिए की पत्तियां, पोदीना, अंगूर या अनार के दाने, काली मिर्च, जीरा, सेंधा नमक को मिलाकर पीसकर चटनी बनाएं। इस चटनी में नीबू का रस मिलाकर भोजन के साथ सेवन करने से अरुचि नष्ट होती है। भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया तेज होती है।
  • हरा धनिया पेट की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद है, यह पाचनशक्ति बढ़ाता है। 50 ग्राम धनिए की पत्तियों को 1/4चम्मच काला नमक, दो चुटकी काली मिर्च पाउडर मिक्सी में पीस लें। इस तरह धनिए की चटनी तैयार हो जाएगी इसे अपनी जरूरत के अनुसार दिन में 1-2 बार खाने में प्रयोग करना चाहिए। ऐसे कुछ दिनों तक करने से कब्ज से छुटकारा मिलता है |
  • धनिया की ताजी पत्तों को छाछ में मिलाकर पीने से बदहजमी, मतली, पेचिश और कोलाइटिस में आराम मिलता है। हरा धनिया, हरी मिर्च, कसा हुआ नारियल और अदरक की चटनी बनाकर खाने से अपच के कारण पेट में होने वाले दर्द से आराम मिलता है।
  • कब्ज होने पर धनिया, सनाय के पत्ते और मिसरी सभी 5-5 ग्राम लेकर कूट-पीसकर भोजन करने के बाद जल के साथ सेवन करने से बहुत लाभ होता है।

त्वचा और बालों के लिए धनिया के औषधीय गुण

  • बालों की समस्या का समाधान के लिए बालों को झड़ने से रोकने के लिए 50 ग्राम धनिये में थोड़ा पानी मिला लें और उसे अदरक के साथ पीस लें, फिर इसमें से रस अलग निकाल लें, फिर इसको बालों में लगाएं। आप इसे 20 मिनट या 1 घंटे तक रख सकते हैं। इसके बाद इसे शैम्पू या पानी से अच्छी तरह धो लें। ऐसा हर हफ्ते 2-3 बार करें, इससे बाल झड़ने की समस्या कम होती है।
  • धनिए के जूस में हल्दी पाउडर मिलाकर चेहरे पर लगाएं और कुछ देर बाद धो लें दिन में दो बार इस लेप का इस्तेमाल करने से बहुत जल्दी मुहांसों और दाग-धब्बों से छुटकारा मिलेगा और चेहरे की सुंदरता भी बढ़ेगी घमौरियां होने पर धनिया के पानी से नहाना चाहिए |
  • सुंदर त्वचा के लिए हरा धनिया बहुत लाभकारी होता है और इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। खराब त्वचा पर धनिया के प्रयोग से स्वस्छ और सुंदर बनाने का एक अच्छा विकल्प है।
  • पारम्परिक रूप से धनिया का उपयोग घावों, खुजली, जलने आदि इलाज में किया जाता है। प्रयोग की विधिः
  • एक छोटा कटोरा लें।
  • इसमें कटा हुआ धनिया 1/2 कप डालें।
  • इसमें सेब का सिरका मिलाएं, 2 चम्मच।
  • 3 चम्मच सादा दही डाले उसके बाद सभी पदार्थों को अच्छी तरह से मिलाएं।
  • इसके बाद मिश्रण को चेहरे पर लगायें।
  • पेस्ट लगाते समय संवेदनशील भाग जैसे आंख आदि पर न लगायें।
  • इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें।
  • फिर गर्म पानी से धो डालें। आप सप्ताह में दो बार इसका उपयोग कर सकते हैं।

धनिया का रासायनिक विश्लेषण

  • धनिए में कई खनिज तत्त्वों की भरमार होती है। धनिए की पत्ती के रासायनिक विश्लेषण से पता चला है की इसके प्रति 100 ग्राम भाग में आर्द्रता 3, प्रोटीन 3.3, वसा 0.6, खनिज 2.3, रेशा 1.2 और कार्बोहाइड्रेट 6.3 प्रतिशत होता है। इसमें खनिज और विटामिन की मात्रा प्रति 100 ग्राम पर फॉस्फोरस 71, लौह 18.5, थायमिन 0.05, रिबोफ्लोविन 0.06, नायसिन 0.8, विटामिन ‘सी’ 135 और कैरोटीन 6,918 माइक्रो ग्राम होता है। इसमें 4 मि.ग्रा. सोडियम, 453 मि.ग्रा. पोटैशियम और 5 मि.ग्रा. ऑक्जेलिक एसिड भी प्रति 100 ग्राम में होता है। इसका कैलोरिक मूल्य 44 है।
  • धनिये के बीज के विश्लेषण से यह मालूम होता है कि इसके प्रति 100 ग्राम में आर्द्रता 2, प्रोटीन 14.1, वसा 16.1, खनिज 4.4, रेशा 32.6 और कार्बोहाइड्रेट 21.6 प्रतिशत होता है। इसमें खनिज और विटामिन प्रति 100 ग्राम पर कैल्सियम 630, फॉस्फोरस 393, लौह 17.9, थायमिन 0.22, रिबोफ्लोविन 0.35, नायसिन 1.1 और कैरोटीन 942 माइक्रो ग्राम होता है। इसका कैलोरिक मूल्य 288 है।

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