छुहारा खाने के फायदे तथा सूखे छुहारे के बेहतरीन औषधीय गुण

छुहारा पिण्ड खजूर का सूखा हुआ रूप होता है। जैसे अंगूर का सूखा हुआ किशमिश और मुनक्का होता है। खजूर को सुखाने के बाद वह छुहारा बन जाता हैं। इसे आप यूँ समझे की सूखा खजूर ही छुहारा है। छुहारे को खारक भी कहते हैं। छुहारा शक्तिवर्धक और पौष्टिक होते हैं। छुहारों में शर्करा बहुत होती है। इसलिए मधुमेह के रोगी इसे नहीं खायें। छुहारे का प्रयोग मेवा के रूप में किया जाता है। छुहारा मीठा, रुचिकारक, हृदय के लिए अच्छा, बलदायक, वात पित्त और शराब पीने की वजह से हुए रोगों को नष्ट करने वाला होता है। कच्चा खजूर ठंडी तासीर का होता है पर सूखने के बाद छुहारा गर्म प्रकृति का हो जाता है।  छुहारे खाने की सही विधि ये है–थोड़े से पानी में छुहारे एक घंटा भिगोकर दूध में उबालकर छुहारे खायें और दूध पी जायें। भिगोया हुआ पानी भी दूध में मिला लें। इसके बाद एक घंटा पानी नहीं पियें। छुहारा खाकर दूध पीने के बाद जहाँ तक हो सके, पानी नहीं पियें।

वैज्ञानिक विश्लेषण से पता चलता है कि छुहारा के 100 ग्राम खाने योग्य भाग में 15 से 16 प्रतिशत तक आर्द्रता, 2.5 ग्राम प्रोटीन, 75 से 76 ग्राम तक कार्बोहाइड्रेटस, 0.35 से 0.40 ग्राम तक वसा, 2से 2.1 ग्राम तक खनिज (मिनरल्स), 3.9 ग्राम के लगभग रेशे, 120 मिलीग्राम तक कैल्शियम, 50 मिलीग्राम तक फॉस्फोरस, 7.3 मिलीग्राम तक लौह (आयरन), 3 मिलीग्राम विटामिन ‘सी’, कुछ मात्रा में विटामिन बी-कॉम्पलैक्स व कुछ अन्य उपयोगी पदार्थ होते हैं। 100 ग्राम छुहारा से लगभग 317 कैलोरी ऊर्जा मिलती है।

छुहारा के औषधीय गुण तथा इसके घरेलू नुस्खे

छुहारा खाने के फायदे तथा सूखे छुहारे के बेहतरीन औषधीय गुण chhuhara khane se fayda vidhi tarika

छुहारा

  • शरीर के दुबले-पतलेपन को दूर करके मजबूत, सुडौल और भरा हुआ शरीर करने के लिए यह उपाय करें- 4 छुहारे एक गिलास दूध में उबाल कर ठण्डा कर लें। सुबह के समय या रात को सोते समय गुठली अलग कर दें और छुहारों को खूब चबा-चबा कर खाएँ और दूध पी जाएं। इस प्रयोग को सर्दियों में तथा मानसून के सीजन में ही करना चाहिए। लगातार 3-4 महीनों तक इसका सेवन करने से शरीर का दुबलापन दूर होता है। चेहरा भर जाता है, सुन्दरता बढ़ती है बाल लम्बे व घने होते हैं यह प्रयोग जवान और वृद्ध आयु के सभी स्त्री-पुरुष सबके लिए उपयोगी और लाभकारी है।
  • छुहारा कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत है इसलिए हड्डियों और दांतों के लिए बहुत लाभकारी होता है |
  • सुबह के समय खाली पेट दो छुहारा खूब चबा-चबा कर दो सप्ताह तक खाएँ। तीसरे सप्ताह से 3 छुहारे लेने लगे और चौथे सप्ताह से चार छुहारे खाने लगे। चार छुहारे से ज्यादा न लें। यह प्रयोग कम से कम 3 माह तक (शीत और बसन्त ऋतु में) करें। इस प्रयोग के साथ ही रात को सोते समय दो सप्ताह तक दो छुहारे, तीसरे सप्ताह में तीन छुहारे और चौथे सप्ताह में से बारहवें सप्ताह तक यानि तीन माह पूरे होने तक चार छुहारे एक गिलास दूध में उबाल कर, गुठली हटाकर, खूब चबा-चबा कर खाएँ और ऊपर से दूध पी लें। यह प्रयोग स्त्री पुरुषों को काफी शक्ति देने वाला, शरीर को मजबूत और सुडौल बनाने वाला होता है।
  • एक मोटे और गूदेदार छुहारा को तेज चाकू या छुरी से, बीच में खड़ा कर चीरा लगा कर, गुठली इस ढंग से निकालें कि छुहारे के दो टुकड़े न हों। अब इसमें असली शुद्ध केसर की 4-5 पंखुडियां डाल दें और छुहारे को वापिस जोड़ कर इस पर धागा लपेट दें ताकि केसर बाहर न निकल सके। 250 मिली दूध में इस छुहारे को डाल कर मन्दी आंच में शाम को तब तक उबालें जब तक दूध आधा गिलास न रह जाए। इसके बाद उतार कर ठण्डा कर लें और छुहारे को खूब मसल कर मोटे कपड़े से निचोड़ कर छान लें। छुहारे की लुगदी फेंक दें और दूध एक-एक घूंट करके सोते समय पीएं। इसके बाद पानी न पीएं सिर्फ कुल्ले करके मुँह साफ कर लें। यह प्रयोग शारीरिक ताकत बढ़ाने के साथ ही यौन शक्ति को भी बढ़ाता है।
  • कब्ज़—(1) सुबह-शाम तीन छुहारे खाकर गर्म पानी पियें। छुहारे सख्त होने से खाना सम्भव न हो तो दूध में उबालकर ले सकते हैं। छुहारे रोजाना खाते रहने से बवासीर, कब्ज जैसे रोग दूर रहते हैं | छुहारे और किशमिश मिलाकर खाने से भी कब्ज दूर होती है।
  • निम्न रक्तचाप (Low blood pressure)–दूध में तीन छुहारे उबालकर खाने से लाभ होता है। यदि गर्मी का मौसम हो तो दो छुहारे ही लें।
  • दमा के रोगी को प्रतिदिन सुबह-शाम 2-2 छुहारे खूब चबा कर खाना चाहिए। इससे फेफड़ों को शक्ति मिलती है और कफ व सर्दी का असर भी कम होता है।
  • सर्दी-जुकाम होने पर, दो दिन छोड़ कर यानी जुकाम होने के दो दिन बाद यह प्रयोग करना चाहिए 4 पिण्ड खजूर साफ कर लें और गुठली हटा कर, पिण्ड खजूर के गूदे को काट कर टुकड़ कर लें। पाव भर दूध में ये टुकड़े और 4 काली मिर्च व एक बड़ी इलायची डाल कर उबालने के लिए रख दें। खुब उबाल कर उतार लें और एक चम्मच शुद्ध घी डाल दें। सोने से पहले टुकड़े खा लें और दूध पी लें। ऐसा 3-4 रात तक करने से सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है साथ ही इस कारण सिर में दर्द या भारीपन होना, सूखी खांसी, थकावट, हल्का बुखार, भूख की कमी और कमजोरी आदि बीमारियाँ भी ठीक हो जाती हैं।
  • बिस्तर में पेशाब—बच्चे बिस्तर में पेशाब करते हों तो रोजाना रात को कुछ दिन 2 छुहारा खिलायें। बूढ़े आदमी बार-बार पेशाब जाते हों तो रोजाना छुहारे खिलायें। पेशाब बार-बार होने पर दिन में दो बार छुहारे खायें।
  • यदि गला बैठ गया हो, आवाज नहीं निकलती तो छुहारे को कतर कर, बहुत छोटे-छोटे टुकड़े करके दूध में उबाल कर खाकर वही गर्म दूध पियें।
  • साफ आवाज–सोते समय दो छुहारा दूध में उबालकर खायें। इसे लेने के दो घण्टे बाद तक पानी न पियें। इससे आवाज साफ हो जाती है ।
  • कमर दर्द दूर करने के लिए ये नुस्खा आजमायें (1) 250 ग्राम उड़द की धुली दाल को कढ़ाई में डालकर बिना घी, तेल के भून लें। ठण्डा होने पर कूट पीस लें। फिर 250 ग्राम छुहारे गुठली निकाल कर कूट लें। उसके बाद इसमें 250 ग्राम अर्जुन की पिसी हुई छाल लें। इन तीनों को मिलाकर सुबह शाम एक-एक चम्मच पानी से फंकी लें।
  • मासिक धर्म रुकना–कमजोरी से रुका हुआ मासिक धर्म रोजाना चार छुहारे दूध में उबाल कर रात को सोते समय खाकर दूध पीने से आ जाता है। दो छुहारे, चार बादाम रात को भिगोकर, सुबह छीलकर थोड़ी सी मिश्री डालकर, पीसकर, मक्खन में मिलाकर रोजाना खाने से कमजोरी से पैदा हुए मासिक धर्म की खराबियाँ दूर हो जाती हैं ।
  • छुहारा की गुठली को पानी के साथ पत्थर पर घिस कर, इसका लेप घाव पर लगाने से घाव ठीक होता है।
  • आँख की पलक पर फुंसी (गुहेरी) हो तो उस पर लेप लगाने से गुहेरी ठीक होती है।
  • सेवन–छुहारे एक बार में 4 से अधिक नहीं खाने चाहिए, वरना गर्मी करते हैं। दूध में भिगोकर उबालकर छुहारा खाने से इसके पौष्टिक गुण और अधिक बढ़ जाते हैं।
  • स्त्रियों का बहुमूत्र–तीन छुहारे पानी में रोजाना रात को भिगोयें। सुबह छुहारों की गुठली निकाल कर उसी पानी से पीसकर चटनी बनायें और चटायें। लगातार दस दिन दें। इससे स्त्रियों को बार-बार पेशाब जाने की बीमारी ठीक हो जायेगी। बर्तन में पानी इतना ही लें, जिससे छुहारे भीग जायें और उसे सोख लें। इस प्रयोग को पुरुष भी कर सकते हैं, लेकिन स्त्रियों में अधिक लाभ करता है।

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