डायबिटीज में बेलपत्र के लाभ : ब्लड शुगर नियंत्रित करते है बेल के पत्ते

बेल फल को दूसरे फलों की तरह अधिक मात्रा में सेवन नहीं किया जाता। बेल के गुणों से परिचित नहीं होने के कारण बहुत कम लोग बेल का सेवन कर पाते हैं, लेकिन जो कोई भी बेल के गुणों से परिचित हो जाता है वह फिर दूसरे फलों को छोड़कर बेल फल को खाना अधिक पसंद करता है। बेल जितना गुणकारी फल है, धार्मिक दृष्टि से भी उतना ही महत्त्वपूर्ण फल है। भगवान शिव की पूजा-अर्चना में बेल फल और बेलपत्र का ही इस्तेमाल किया जाता है। अब वैज्ञानिक रूप से यह प्रमाणित हो गया है की बेल की पत्तियों में एंटी-डाइबेटिक गुणों की भरमार हैं | बेलपत्र के रस में शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के गुण मौजूद है। डायबिटीज में बेलपत्र के सेवन से शुगर नियंत्रित होती है, इस आर्टिकल में बेलपत्र को शुगर कंट्रोल करने के लिए कैसे सेवन किया जाए यह बताया गया है |

जैसा की हम अपने पुराने लेखो में बता चुके हैं की मधुमेह रोग में शुगर ना पचने से शर्करा (शुगर) पेशाब  के साथ निकलने लगती है। शर्करा के निकलने से रोगी दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जाता है। यदि शर्करा पर नियंत्रण न किया जाए तो रोगी को उच्च रक्तचाप, गुर्दे की बीमारी, खून की कमी, आँखों के रोग घेर लेते हैं। मधुमेह रोग की उत्पत्ति अग्न्याशय अर्थात पैंक्रियाज ग्रंथि के विकृत होने से होती है। अग्न्याशय ग्रंथि के विकृत होने से इंसुलिन के अल्प रात्रा में बनने के कारण भोजन की शर्करा की पाचन क्रिया नहीं होती। ऐसी परिस्थिति में शर्करा रक्त में मिलने लगती है या फिर मूत्र के साथ निकलने लगती है। मधुमेह रोग होने पर रोगी को जल्दी-जल्दी प्यास लगती है। रोगी के मूत्र का परीक्षण करने से मधुमेह रोग का पता चलता है। रोगी के शरीर के विभिन्न अंगों में चींटियां चलती हुई-सी (रेंगती हुई-सी) अनुभव होती हैं। रोगी के जननेंद्रिय के आसपास बहुत खुजली होती है। रोगी को जल्दी-जल्दी पेशाब के लिए जाना पड़ता है।

डायबिटीज में बेलपत्र के औषधीय गुण : बेल पत्र लीव्स फॉर डायबिटीज

डायबिटीज में बेलपत्र के लाभ : ब्लड शुगर नियंत्रित करते है बेल के पत्ते bel patra leaves benefits for diabetes

डायबिटीज में बेलपत्र के लाभ

  • डायबिटीज में बेलपत्र के फल से बहुत लाभ होता है। बेल के 15-20 कोमल व ताजे पत्ते, पानी से साफ करके पीसकर पानी में मिला लीजिए। पिसे हुए पत्तों को 50 ग्राम पानी में मिलाकर पीने से शुगर पर नियंत्रण होता है।
  • डायबिटीज में बेलपत्र के पत्तों का 10 ग्राम रस रोजाना सुबह के समय सेवन करने से बहुत लाभ होता है।
  • बेलगिरी के अंदर का बीज निकालकर, नीम के कोमल पत्तों का रस मिलाकर पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह रोग में शुगर पर नियंत्रण होता है |
  • डायबिटीज में बेलपत्र के पत्तों के रस में शुद्ध शिलाजीत मिलाकर पीने से भी लाभ होता है।
  • डायबिटीज में बेलपत्र के पत्तों का रस और करेले का रस मिलाकर पीने से शर्करा पर नियंत्रण होता है।
  • बेल के पत्तों के 10 ग्राम रस में मेथी के दानों का 5 ग्राम चूर्ण मिलाकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है। डायबिटीज में बेलपत्र के इस उपाय से शुगर काफी हद तक नियंत्रित रहती है |
  • डायबिटीज में बेलपत्र के फल (बेलगिरी) को छाया में सुखाकर पीसकर चूर्ण बना लें। इसमें जामुन की गुठलियों का चूर्ण बराबर-बराबर मात्रा में मिलाएं। प्रतिदिन सुबह-शाम 5-5 ग्राम चूर्ण पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह में शर्करा पर नियंत्रण होता है।
  • डायबिटीज में बेलपत्र के पत्तों को पानी में उबालकर क्वाथ बनाकर छानकर पीने से लाभ होता है।
  • केवल सुबह खाली पेट बेलपत्र की 4 – 5 पत्तियों के सेवन करना भी मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है |
  • मधुमेह की चिकित्सा में भोजन में परिवर्तन का अधिक महत्त्व होता है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट व शर्करा के खाद्य पदार्थ सेवन नहीं करने चाहिए। घी, मक्खन व दूसरे वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी बहुत कम मात्रा में करना चाहिए।

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