अजवायन के फायदे तथा घरेलू उपाय जो कई बिमारियों को रखे दूर

अजवाइन में औषधीय गुणों का भंडार है यह केवल एक मसाला नहीं है आयुर्वेद में इसका कई दवाओ को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है अजवाइन न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्क‍ि यह आपको पेट से जुड़ी की बीमारि‍यों को भी दूर रखने में मदद करता है | अजवायन की तासीर गर्म शुष्क और पाचक होती है | इसके बीज पेट में गैस पैदा करने वाले विकारों को रोककर भूख को बढ़ाते हैं। | अजवायन व्यक्ति को अधिक दिनों तक जवान तथा स्वस्थ तथा बनाए रखने में सामर्थ्य है | यह सब केवल पढ़कर शान्त हो जाने की नहीं बल्कि तुरन्त आजमाने की बात है। जिससे आप भी अजवायन के औषधीय गुणों का लाभ उठा सके | इस पोस्ट में इन रोगों के लिए अजवायन के लाभ बताये गए हैं – गठिया, कान में  दर्द, हड्डियों में दर्द, पेट से संबंधित रोगों, स्त्रियों के रोगों, मुंहासे, सर्दी, जुकाम, खांसी, सिरदर्द  तथा  अस्थमा के लिए |

अजवायन का पौधा 3-4 फुट ऊँचा होता है। इसके फूल सफेद, छाते के आकार के होते हैं। बीज छोटे, पीलाई लिये होते हैं। इन्हीं बीजों को अजवायन कहते हैं तथा अजवायन का बीज के रूप में अधिक प्रयोग  होता है। अजवायन के बीजों में एक सुगन्धित तेल होता है। ठंड से वह जम जाता है। इसे ‘सत अजवायन’ कहते हैं। इसमें वे सभी गुण होते हैं जो अजवाइन में होते हैं। अजवाइन का अर्क भी बनाया जाता है। आयुर्वेद में इसका बहुत प्रयोग किया जाता है । अजवाइन के तेल में एक विशेष प्रकार की तेज गंध और स्वाद में तेजी होती है।

अजवायन के औषधीय गुण

ajwain khane ke labh fayde nuskhe upay अजवायन के फायदे तथा औषधीय गुण जो कई बिमारियों को रखे दूर

अजवायन के औषधीय गुण

यदि आप रोज सुबह खाली पेट अजवाइन को पानी में उबाल कर इस पानी को पियें तो आप कई रोगों से मुक्त हो सकते हैं। जैसे –

  • अजवाइन का पानी पेट के सभी बिमारियों से बचाव करता है।
  • अजवाइन का पानी खाने को जल्दी पचाने में मदद करता है।
  • वजन को कन्ट्रोल करता है, और वजन बढ़ने नहीं देता।
  • एसिडिटी से तुरंत राहत देता है।
  • अगर आप नियमित रूप से इसका सेवन करें तो हार्ट के बीमारी से बच सकते हैं।
  • अजवाइन का पानी मुँह के बदबू से छुटकारा दिलाता है और दाँतों को मजबूत बनाता है।
  • दमा के मरीजों के लिए रामबाण औषधि है।

सर्दी, जुकाम, खांसी, सिरदर्द और अस्थमा से राहत पाने के लिए अजवायन के नुस्खे 

  • अजवायन को हल्का भूनकर 2-3 ग्राम की मात्रा में प्रातः सायं गुनगुने पानी या दूध के साथ लेने से सर्दी, जुकाम या पेट के रोगों में लाभ होगा।
  • जिन्हें रात में अधिक खांसी होती हो, उन्हें पान के पत्ते में अजवायन डालकर खाना चाहिए। अदरक के रस में थोड़ा सा अजवायन का पाउडर मिलाकर लेने से भी खांसी में तुरंत आराम मिल जाता है।
  • अजवायन के दानों को भूनकर एक सूती कपड़े में लपेट लिया जाए और रात में तकिये के नजदीक रखा जाए तो दमा, सर्दी और खांसी के रोगियों को रात को नींद में सांस लेने में तकलीफ नहीं होती है।
  • अजवायन को पीसकर नारियल तेल में मिलाकर माथे पर लगाया जाए तो सिर दर्द में आराम मिलता है।
  • जुकाम में जब नाक से सांस आना कठिन हो जाता है तो उस समय अजवाइन को अच्छी तरह पीसकर कपड़े में बांधकर सूंघने से बन्द नाक खुल जाती है। सोते समय भी अजवाइन की यह पोटली अपने तकिये के पास रखने से रात को आराम मिलता है |
  • अजवाइन और गुड़ का काढ़ा बनाकर पीने से पुराने जुकाम में आराम मिलता है। गर्म काढ़ा पीने के बाद कपड़ा ओढ़कर ऐसे किसी स्थान पर लेट जाना चाहिए जहां हवा ना लगती हों।
  • जिन लोगों के आधे सिर में दर्द रहता हो, यदि वह अजवाइन के पाउडर को नसवार की तरह नाक में चढ़ाएं तो आधे सिर का दर्द दूर होता है।
  • साँस सम्बंधी रोगों में अजवाइन का पाउडर छाछ के साथ लेने से फंसे हुए बलगम के कारण होने वाली तकलीफ ठीक होती है। अजवाइन के साथ थोड़ा नमक और एक लौंग धीरे-धीरे चबाकर खाने से भी सांस सम्बंधी कष्ट दूर होते हैं।
  • एक चम्मच अजवायन और चौथाई चम्मच कालीमिर्च दोनों पीसकर, मिलाकर गर्म पानी से सुबह-शाम लेने से दमा में लाभ होता है। नोट :- नसवार नाक से किसी पाउडर को सूंघने की एक प्रक्रिया होती है |
  • अस्थमा के रोगी को अजवायन के दाने और लौंग की समान मात्रा का 5 ग्राम पाउडर प्रतिदिन दिया जाए तो काफी फायदा होता है। अजवायन को किसी मिट्टी के बर्तन में जलाकर उसका धुआं भी दिया जाए तो अस्थमा के रोगी को सांस लेने में राहत मिलती है।

स्त्रियों के लिए अजवायन के गुण

  • अजवाइन के निरन्तर सेवन करते रहने से महिलाओं की बच्चेदानी स्वस्थ एवं पुष्ट बनी रहती है। बच्चे को दूध पिलाने वाली माताओं के लिए यह अनमोल साबित होती है क्योंकि इसके नियमित सेवन करते रहने से माताओं में दूध की मात्रा बढ़ जाती है।
  • बहुत-सी गर्भवती स्त्रियों के कमर में दर्द रहता है। उन्हें गुड़ और अजवाइन मिलाकर गोली के रूप में देने से कमर दर्द में आराम आता है और गर्भाशय शुद्ध होता है। अजवाइन के प्रयोग से उन्हें भूख लगती है और शरीर की शक्ति बढ़ती है। ये भी याद रखें की अजवायन के अधिक सेवन से गर्भपात भी हो सकता है इसलिए सावधानी से कम मात्रा में ही सेवन करें |
  • जिन स्त्रियों को मासिक धर्म कष्ट से आता है, उन्हें गुड़ और अजवाइन पानी के साथ देने से मासिक धर्म के कष्ट दूर होते हैं।
  • जिन स्त्रियों को गर्भ धारण करने में कठिनाई होती हो उन्हें मासिक धर्म के प्रारम्भ से 8 दिन तक रोजाना 25 ग्राम अजवायन और 25 ग्राम मिश्री, 125 ग्राम पानी में रात को किसी मिट्टी के बर्तन में भिगो दें। सुबह इसे ठण्डाई की तरह पीसकर पियें। इससे गर्भधारण सम्बंधित समस्या ठीक होती है |
  • 10 ग्राम अजवायन को 1 लीटर पानी में पकाकर 1/4 भाग शेष रहने पर छानकर सुबह-शाम डिलीवरी के समय के निकट गर्भवती स्त्री को पिलाने से प्रसूतिजन्य विकार नहीं होते है ।
  • मुंहासो से छुटकारा पाने के लिए अजवायन पीस लें। इसकी चार चम्मच दो चम्मच दही में मिलाकर एक घण्टे भीगने के बाद चेहरे पर लगायें। दो घण्टे बाद गर्म पानी से चेहरा धोयें। मुँहासे मिट जायेंगे।
  • 10 ग्राम अजवायन को बारीक पीसकर उसमें 1/2 नींबू का रस निचोड़ कर डालें, 5 ग्राम फिटकरी पाउडर व छाछ को मिलाकर बालों में मलने से बालों की रूसी ठीक होती है, साथ ही लीखें तथा जूएँ भी मर जाती हैं।

पेट से संबंधित रोगों में अजवाइन के लाभ 

  • पेट में गैस अथवा अफारा होने पर अजवाइन को साफ करके थोड़ा-सा काला। नमक मिलाकर पाउडर बनाकर पानी के साथ लेने से कुछ ही क्षणों में अफारा दूर हो जाता है। यदि पाउडर न हो तो थोड़ी-सी अजवाइन दांतों से चबाकर चूसने और थोड़ा गर्म पानी पीने से अफारा और पेट दर्द दूर हो जाता है।
  • अजवाइन का गुण भोजन को पचाना और पाचक रसों की उत्पत्ति करना है। इसके लिए अजवाइन छोटी हरड़, थोड़ी हींग और सेंधा नमक मिलाकर पाउडर बना लें और गर्म पानी के साथ भोजन के बाद इसका प्रयोग करें। यह पाचन-शक्ति बढ़ाने वाला पाउडर है।
  • जिन्हें अजीर्ण यानि बदहजमी खट्टी डकारे आदि रहता हो और पेट में कीड़े हों, उन्हें प्रात:काल बिना कुछ खाए-पिए थोड़े नमक के साथ अजवाइन चबाकर खाने से लाभ होता है। जिनकी पाचन-क्रिया ठीक न हो, पतले दस्त हों, प्लीहामें खराबी हो तो उन्हें भी अजवाइन और नमक मिलाकर मुंह में अच्छी तरह चबाकर पानी के साथ निगलने से लाभ होता है।
  • जिन लोगों का पेट अक्सर खराब होता है और बार-बार पेट में दर्द होता है। उन्हें चाहिए कि वह अजवाइन में थोड़ा नमक और हींग को भूनकर तीनों चीजों का पाउडर बनाकर किसी डिबिया अथवा शीशी में भरकर रख लें। अचानक पेट में दर्द होने पर गर्म पानी से एक ग्राम की मात्रा में खाने से फौरन लाभ होता है। पेट में गैस अथवा वायु की अधिकता होने पर अजवाइन का प्रयोग करना चाहिए,
  • कई बार पेट की गैस के कारण दिल में दर्द का अनुभव होता है। उस समय किसी भी रूप में अजवाइन की फंकी अथवा अजवाइन को चबाकर खाने से फौरन लाभ होता है।
  • अधिक एसिडिटी होने पर आधा चम्मच जीरा और आधा चम्मच अजवाइन चबाने से तेजी से आराम मिलता है। ऐसा हर चार घंटे के अंतराल से करना चाहिए।
  • पान के पत्ते के साथ अजवायन के दानों को चबाने से गैस, पेट में मरोड़ और एसिडिटी से निजात मिल जाती है।
  • भुनी अजवायन की करीब 1 ग्राम मात्रा को पान में डालकर चबाया जाए तो बदहजमी में तुरंत आराम मिलता है।
  • पेट दर्द होने पर 10 ग्राम अजवायन, 5 ग्राम सोंठ और 2 ग्राम काले नमक को अच्छी तरह मिलाकर पानी के साथ 3 ग्राम पाउडर दिन में 4-5 बार दिया जाए तो आराम मिलता है।

अन्य रोगों में अजवायन के लाभ

  • कान के दर्द में थोड़े दूध में आधा चम्मच अजवाइन को उबालकर ठंडा करके छानकर कान में 1-2 बूंदें डालने से कान की सूजन समाप्त होती है और दर्द में आराम आता है। अजवाइन और लहसुन को तिलों के तेल अच्छी तरह जलाकर ठंडा करके छानकर वह तेल कान में दो-दो बूंद टपकाने से भी कान-दर्द को आराम होता है।
  • कुंदरू के फल, अजवायन, अदरक और कपूर की समान मात्रा लेकर पीसकर एक सूती कपड़े में लपेटकर हल्का-हल्का गर्म करके सूजनवाले भागों पर धीमे-धीमे सिंकाई की जाए तो सूजन खत्म हो जाती है।
  • जो लोग ज्यादा शराब पीते हों तथा एल्कोहल वाला पेय (शराब) छोड़ना चाहते हों, वे आधा किग्रा अजवायन को 4 लीटर पानी में पकाकर तथा लगभग 2 लीटर बचने पर छानकर रखें, इसे प्रतिदिन भोजन के पहले 1-1 कप पीएं। इससे लीवर भी ठीक रहेगा। शराब पीने की इच्छा भी कम होगी।
  • 6 ग्राम अजवायन रोजाना फाँकने से पथरी निकल जाती है।

गठिया के रोग में अजवायन के लाभ 

  • शरीर में गुर्दो अथवा गठिया के रोग में अजवाइन के तेल की मालिश करने से लाभ होता है। गठिए के रोगियों को किसी न किसी रूप में अजवाइन का प्रयोग करते रहना चाहिए और उन्हें अपनी सब्जी और रोटी के आटे के साथ गूंथकर अजवाइन खाते रहने से लाभ होता है।
  • अजवाइन को घी में भूनकर उसका पाउडर बना लें। इस पाउडर में एक चम्मच शहद मिलाकर दूध के साथ लेने से शारीरिक शक्ति का विकास होता है।
  • जोड़ों का दर्द हो, सामान्य दर्द शरीर में कहीं भी हो, घुटने, बाँह, गर्दन, कमर में दर्द हो, तो दो गिलास पानी में चार चम्मच अजवायन और तीन चम्मच काला नमक या नित्य खाये जाने वाला नमक डालकर उबालें और फिर इस गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर सुबह-शाम सेंक करें। इसके बाद अजवायन के तेल की दो बार ही मालिश करें। अजवायन का तेल बनाने के लिए 5 चम्मच अजवायन और दस चम्मच तिल का तेल मिलाकर उबालें। अच्छी तरह उबलने पर तेल को ठण्डा करके छान लें और इस तेल से मालिश करें। इस तेल की मालिश से सभी प्रकार के दर्दों में लाभ होता है। इसके अतिरिक्त रोजाना 5-5 चम्मच पिसी अजवायन व गुड़ मिलाकर इसे 1-1 चम्मच की मात्रा में खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ होता है।

अजवायन का सेवन जरुर करें पर कुछ सावधानियां भी रखे, क्योंकि अजवायन की तासीर बहुत गर्म होती है इसका अधिक सेवन नुकसान भी पहुँचा सकता है। आप अगर दिन में 10 ग्राम से ज्यादा मात्रा में अजवायन का सेवन करेंगे तो वो एसिडिटी को बढ़ा सकता है, उलटी, पेट में जलन की समस्या को पैदा कर सकता है।

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