एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए डाइट : जानिए एस्ट्रोजन कैसे बढ़ाये

एस्ट्रोजन हार्मोन का कार्य : महिलाओं में एस्ट्रोसिन व प्रोजिस्ट्रोन दो तरह के हार्मोन प्राकृतिक रूप से बनते हैं। गर्भ धारण करने के लिए ये दोनों ही हार्मोन बेहद जरूरी होते हैं। एस्ट्रोजन हार्मोन हड्डियों को बनाने वाले ओस्टियोब्लास्ट के लिए भी महत्वपूर्ण होता हैं। आमतौर पर महिलाओं को मोनोपॉज 45 से 55 की उम्र में होता है। मोनोपॉज के दौरान महिलाओं का एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर गिर जाता है जिससे ओस्टियोब्लास्ट कोशिकाएं प्रभावित होती हैं। इससे पुरुषों की तुलना में महिलाओं की हड्डियां जल्दी कमजोर होने लगती हैं। कम एस्ट्रोजन से शरीर में कैल्शियम सोखने की क्षमता कम हो जाती है और जिसकी वजह से हड्डियों का घनत्व गिरने लगता है।

एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से महिलाएं दिल की बीमारियों की शिकार भी हो रही है, यह हार्मोन ही  महिलाओं में हार्ट-अटैक के लिए एक सुरक्षा-कवच देने का काम करता है। पुरुषों में हार्ट-अटैक के मामले इसीलिए अधिक देखे जाते थे कि उनमें एस्ट्रोजन कम होता है। लेकिन मोनोपॉज के कारण उम्र बढने पर स्त्रियों में भी एस्ट्रोजन का निर्माण होना बंद हो जाता है या कम हो जाता है, इसलिए मोनोपॉज के बाद महिलाओं और पुरुषों में हार्ट-अटैक का खतरा एक जैसा ही होता है। चिकित्सकों के अनुसार अब महिलाओं में युवावस्था में ही एस्ट्रोजन का स्तर घटने लगता है। यही कारण है कि महिलाओं में हार्ट-अटैक तेजी से बढ़ रहा है एस्ट्रोजेन महिला और पुरुष में भिन्नता के लिए भी जिम्मेदार है। इसलिए यहां हम कुछ ऐसे फलों और सब्जियों की सूची दे रहे हैं जिनके जरिये आप एस्ट्रोजेन बढ़ा सकती हैं तथा एस्ट्रोजन हारमोन के स्त्राव को नियमित करने में मदद करते हैं।

कुछ फल और सब्जियां ऐसे होते है जो एस्ट्रोजन हार्मोन के स्त्राव को नियंत्रित करते हैं। कई पौधों में फायटोएस्ट्रोजन होता है जो एस्ट्रोजन हारमोन के सामान ही होता है मगर उसकी तुलना में कम शक्तिशाली होता है। पौधों में पाए जाने वाले मे हारमोन भले ही कम शक्तिशाली होते हैं मगर एस्ट्रोजन बढ़ाने वाली दवाओ की तरह साइड इफेक्ट्स पैदा नहीं करते है इसलिए एस्ट्रोजन हार्मोन को दवा की बजाय नेचुरल तरीके से बढ़ाना और नियंत्रित करना चाहिए | कुछ भोजन जैसे पत्तागोभी परिवार की सब्ज़ियां शरीर में जनन तंत्र की गतिविधियों को बढ़ाती है जिसके कारण एस्ट्रोजन का स्त्राव नियमित हो जाता है। चने की नस्ल से जुड़े कुछ बींस, विशेषत: सोयाबीन ओएस्ट्रोजेनिक गतिविधियों को बढ़ाते हैं। अब ये गर्भनिरोधक गोलियों में प्रयुक्त होने वाले यौगिकों का प्रमुख स्त्रोत बन गए हैं। कई रिसर्च के निष्कर्ष भी यह बताते हैं कि कम से कम 300 ऐसे पौधे हैं जिनमें से अधिकतर खाने लायक होते हैं, जिनके द्वारा एस्ट्रोजन हार्मोन की गति को बढ़ाने में मदद मिलती है। तो आइये जानते है की कैसे एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए आप इनका उपयोग कर सकते है |

एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने वाले फ़ूड आइटम्स 

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फलियां

  • एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए फलियां खानी चाहिए क्योंकि ये ओएस्ट्रोजेनिक गतिविधियों को बढ़ाती हैं। इनका सेवन महिलाओं को स्तन कैंसर के संक्रमण से बचा सकता है। ऐसा इसलिए होता है कि फलियों में फायटोएस्ट्रोजन होता है जो कैंसर पैदा करने वाले एस्ट्रोजन की गतिविधि को रोक देता है। फलियां ओएस्ट्रोजेनिक गतिविधियों को बढ़ाती हैं। इनका सेवन महिलाओं को स्तन कैंसर के संक्रमण से बचा सकता है। हिस्पेनिक स्त्रियां एक सप्ताह में रोज 115 ग्राम फलियां खाती हैं जबकि अफ्रीकन अमेरिकन स्त्रियां इस मात्रा को सप्ताह में तीन बार और अमेरिकन स्त्रियां इसे सप्ताह में दो बार लेती हैं। डॉ. कोहेन के अनुसार फलियों में बहुत से कैंसररोधी यौगिक जैसे फायटेज और प्रोटीज इनहिबिटर्स भी होते हैं।

पत्तागोभी

  • पत्तागोभी और इस कुल की अन्य सब्ज़ियों में ओएस्ट्रोजेनिक गतिविधियों के गुण पाए जाते हैं इसलिए ये एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए उपयुक्त है ये शरीर के एस्ट्रोजन की मात्रा को कंट्रोल करती है अत: स्तन कैंसर से बचाव करती है। ये सब्ज़ियां चयापचय की गति को बढ़ाकर और हारमोन के विघटन की गति को तेज करके शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्त्राव को कम कर सकती हैं जिससे कैंसर की गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए हारमोन की बहुत कम मात्रा बची रहती है।

कम वसा वाले भोज्य पदार्थ

  • भोजन में ली जानेवाली वसा की मात्रा भी स्त्री और पुरुष हारमोंस के स्त्राव को नियंत्रित करती है। अधिक वसा का सेवन पुरुष हारमोंस के स्त्राव को अनियंत्रित करके उसके यौन क्षमता को खत्म कर सकती हैं। महिलाओं द्वारा ली जानेवाली अधिक वसा की मात्रा भी एस्ट्रोजन को प्रभावित करती है। भोजन में वसा की मात्रा कम करने से स्तन कैंसर और अन्य हारमोंस की अनियमितता से होनेवाले केंसर को नियंत्रित किया जा सकता है।

मूंगफली

  • मूंगफली जो बोरोन का प्रमुख स्त्रोत है, एस्ट्रोजन की मात्रा को नियंत्रित करती है। बोरोन की अधिकता वाला भोजन लेने से रजोनिवृत्त हो चुकी महिलाओं के रक्त में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है। इस तरह के आहार लेने से एस्ट्रोजन के स्तर में उतनी ही वृद्धि होती है, जितनी एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ाने के लिए दी जाने वाली दवाओं से। इस बात की पुष्टि यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर द्वारा किए गए एक अध्ययन से हुई जिसे डॉ. फोरेस्ट निल्सन द्वारा किया गया। उनके अनुसार बोरोन रक्त में स्टीरायड की मात्रा बढ़ाता है। उन्होंने पता लगाया कि बोरोन की अधिकता वाला भोजन लेने वाली महिलाओं में एस्ट्रोजन का सबसे सक्रिय रूप ओस्ट्राडिमोल 17 बी दुगुनी मात्रा में पाया जाता है। यह स्तर महिलाओं में कृत्रिम रूप से एस्ट्रोजन प्रतिरोपण के बाद प्राप्त होने वाले स्तर के बराबर है। एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए मूंगफली का सेवन भी जरुर करें |

सोयाबीन

  • सोयाबीन भी एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए लाभदायक है। इसमें कुछ ऐसे यौगिक होते हैं जो एस्ट्रोजन की मात्रा का नियमन करते हैं। यह कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को भी रोकता है अत: स्तन कैंसर की आशंका को कम करता है। इसके बारे में इस पुस्तक के अध्याय 11 – कैंसर रोधी भोज्य पदार्थ में विस्तार से लिखा गया है। सोयाबीन में विशेष किस्म का पदार्थ लेसिथिन होता है, यह अन्य पदार्थों में उपस्थित लेसिथिन से भिन्न होता है। इस लेसिथिन में ओक्सिन नामक पादप हारमोन होता है जो ग्रंथि तंत्र को पोषित करता है और यौवन प्रदान करनेवाले हारमोंस के स्त्राव को उत्तेजित करता है।

गेहूं की भूसी

  • गेहूं की भूसी भी एस्ट्रोजन हार्मोन की गतिविधि को बढ़ाती है। अत: स्तन कैंसर की आशंका को कम करती है। अन्य अनाजों की भूसी जैसे जई या मक्के में ये गुण नहीं होते। इसका कारण यह है कि गेहूं की भूसी में उपस्थित रेशे घुलनशील होते हैं जिन्हें पचाने के लिए आंतों में उपस्थित जीवाणुओं को अधिक श्रम करना पड़ता है, एक शोध यह बताता है कि ये रेशे कर्म वसा युक्त भोजन की तुलना में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्त्राव को अधिक नियंत्रित करते हैं। शोधकर्ता मार्गों वुड्स ने देखा कि वसा की मात्रा कम करना और रेशे अधिक मात्रा में लेना एक तरह के एस्ट्रोजन जिसे ओस्ट्रो सल्फेट कहते हैं, को नियमित करता है। जानवरों में कम वसा और अधिक रेशों युक्त आहार ने स्तन ट्यूमर की दर को लगभग आधा कर दिया। अन्य शोधों से भी पता चलता है कि ऐसी महिलाएं जिनके आहार में रेशों की मात्रा अधिक होती है, उनमें स्तन कैंसर की आशंका कम होती है।

एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए आहार संक्षिप्त में

  • एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए आप इन फल और सब्जियों का सेवन करें – फ्लैक्स सीड यानि अलसी, टोफू, तिल का तेल और तिल के दाने, जैतून और जैतून का तेल, छोले, मटर, फलियां, पत्ता गोभी, ब्रोकॉली और फूलगोभी, कम वसावाले पदार्थ, मूंगफली, सूखे मेवे जैसे, बादाम और काजू अखरोट, सूखी खुबानी, खजूर और मुनक्‍के इसके आलावा टमाटर, गाजर, संतरे, नींबू, सोयाबीन, सोया दूध, क्रैनबेरी, आलू बुखारा, ओटमील और चोकर या गेहूं की भूसी ।

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