सर्दी जुकाम से फटाफट राहत पाने के आसान घरेलू नुस्खे

जुकाम से कौन परिचित नहीं है? दो-चार महीनों में प्राय: सभी का इससे वास्ता पड़ता है। कुछ व्यक्तियों को तो यह और भी जल्दी-जल्दी होता रहता है। बोलचाल की भाषा में इसे सर्दी लगना भी कहते हैं। रोग किसी भी मौसम में हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामले सर्दी और बरसात के मौसम में होते हैं। यह एक संक्रामक रोग है, जो राइनो वायरस विषाणु से फैलता है।

वैज्ञानिकों ने इस बीमारी के लिए उत्तरदायी लगभग सौ तरह के विषाणुओं का पता लगाया है। इस तरह जुकाम विषाणु से होने वाला रोग है। जुकाम होने के मुख्य कारण: सर्द गर्म से यह बीमारी जल्दी होती है। दिन में सोकर उठते ही पानी पी लेने से भी यह बीमारी होती है | जुकाम के लिए कई अन्य कारण भी जिम्मेवार होते हैं, जैसे-अधिक ठंड या बारिश में रहना, काम की अधिकता से बहुत अधिक थक जाना, शरीर की रोग प्रतिरोधक ताकत (इम्यून पॉवर) का कम होना,  जुकाम पीड़ित रोगी के संपर्क में आना आदि इन स्थितियों में विषाणु व्यक्ति को जल्दी ही घेर लेते हैं।

यूँ तो यह बीमारी 4-5 दिन में ठीक हो जाती है, लेकिन बार बार जुकाम होना और यदि यह बिगड़ जाए, तो ब्रोंकाइटिस, ब्राकोन्यूमोनिया, प्लूरिसी, टी.बी., गठिया का बुखार, बहरापन जैसे रोगों को जन्म दे सकती है। ज्यादातर मामलो में तुलसी, अदरक की चाय जैसे घरेलू इलाज ठीक रहते है। गर्म पानी में कपूर डालकर मुँह और नाक द्वारा भाप लेने से भी आराम मिलता है।

जुकाम के लिए घरेलू नुस्खे और उपचार :

Sardi Jukam cough ka gharelu ayurvedik ilaj सर्दी-खांसी-जुकाम और उनका इलाज

सर्दी जुकाम की घरेलू दवा

  • जायफल को पानी में घिसकर शहद के साथ इस पेस्ट को दिन में 2-3 बार सेवन करें।
  • नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदें किसी साफ कपड़े में लगाकर उसे सूंघने से छींकें आने से जुकाम में बहुत लाभ होता है।
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवायन और इस से चार गुना ज्यादा गुड डालकर आंच पर उबाले जब आधे से भी कम पानी बच जाये तब इस काढ़े को छान कर पियें |
  • शहद 20 ग्राम, सेंधा नमक और हल्दी आधा-आधा ग्राम लेकर 80 मिली पानी में डालकर उबालें। हल्का गर्म रहने पर रात्रि को सोते समय इसको पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।
  • लौंग के तेल की दो बूंदें 25-30 ग्राम शक्कर में मिलाकर खाएं।
  • चाय में तुलसी के पत्ते उबालकर चाय बनाकर पीने से जुकाम से राहत मिलती हैं |
  • मुलहठी, सौंठ और हींग 1-1 ग्राम लेकर बारीक पीसकर गुड़ या शहद में मिलाकर चने के आकार की गोलियां बना लें। यह 1-1 गोली सुबह-शाम लेनी चाहिए।
  • अदरक 6 ग्राम, 10 तुलसी के पत्ते, 7 कालीमिर्च , 5 लौंग लेकर 1 कप पानी में उबाल लें, फिर इसको छानकर तथा शक्कर मिलाकर पी लें। जुकाम का लाभकर प्रयोग है।
  • केवल दूध पीने से जुकाम और ज्यादा बढ़ जाता है, इसलिए दूध में दालचीनी, छोटी इलायची, काली मिर्च या पिप्पली का पाउडर 1 ग्राम मात्रा में डालकर पीना चाहिए ।
  • अदरक का रस 5 ग्राम, शहद 5 ग्राम मिलाकर चाटने से जुकाम में बहुत लाभ होता है। इसे दिन में तीन-चार बार सेवन कर सकते हैं।
  • सूखा धनिया 60 ग्राम, और छोटी हरड 30 ग्राम लेकर पीसकर पाउडर बनाकर दिन में 2 बार सुबह-शाम आधे चम्मच की मात्रा में हल्के गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से नजला, जुकाम, सिरदर्द, आंख, नाक से पानी जाना आदि सभी बीमारी दूर होती हैं।
  • 20 ग्राम कलौंजी की भूनकर किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से बंद नाक खुल जाती है और जुकाम भी ठीक होता है।
  • 2 ग्राम पिसी हुई हल्दी हल्के गर्म पानी के साथ लेने से जुकाम में बहुत लाभ होता है।
  • बड़ी हरड के छिलकों का पावडर और शहद आधी आधी चम्मच मिलाकर चाटने से जुकाम ठीक हो जाता हैं |
  • रात को सोने से पहले वनफसा 5 ग्राम और काली मिर्च के पांच दाने पीसकर गर्म दूध में मिलाकर पीने से जुकाम तेजी से नष्ट होता है।
  • सरसों के तेल की एक-एक बूंद नाक के नथुनों में डालकर सोने से बंद नाक खुल जाती है। हर रोज ऐसा करने से जुकाम नहीं होता है।
  • 3 लौंग 100 मिली पानी में डालकर उबालें। आधा पानी रह जाने पर थोड़ा-सा नमक मिलाकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।
  • जायफल और दालचीनी को बराबर मात्रा में पीस कर हल्के गर्म पानी के साथ लें |
  • जुकाम के साथ साथ अगर बुखार भी हो तो शहद और अदरक के रस में एक चुटकी मीठा सोडा डालकर इसका सेवन करें |
  • सौंठ, कालीमिर्च और पिप्पली समान मात्रा में लेकर और पीसकर और (इसे ‘त्रिकुटा’ के नाम से भी जाना जाता है) इसमें चौगुनी मात्रा में गुड मिलाकर छोटे बेर के आकार की गोलियां बनाकर यह 1-1 गोली दिन में 3 बार सेवन करने से सिर का भारीपन और जुकाम मिट जाता है।
  • कलौंजी का बारीक चूर्ण जैतून के तेल में मिलाकर किसी कपड़े से छानकर बूंद-बूंद नाक में टपकाने से जुकाम से होने वाली छींकों से छुटकारा मिलता है तथा जुकाम में भी बहुत लाभ होता है।
  • भुने हुए 50 ग्राम चनों को एक सूती कपड़े में बांधकर पोटली बनाएं। इस पोटली को हल्का-सा सेंककर नाक पर रखकर सूंघने से बंद नाक खुल जाने से साँस लेने की कठिनाई समाप्त होती है।
  • नींबू को गर्म राख में 30 मिनट दबाकर रखें, फिर इस नींबू को काटकर उसका रस पियें |

सर्दी जुकाम का आयुर्वेदिक इलाज :

  • चव्य के चूर्ण को 2 ग्राम मात्रा में शहद मिलाकर दिन में दो-तीन बार चाटें |
  • गज पिप्पली का चूर्ण बनाकर3 ग्राम चूर्ण शहद में मिलाकर लें ।
  • लौंग 10 ग्राम, पत्रज 20 ग्राम, बड़ी इलायची का दाना 30 ग्राम, अकरकरा 40 ग्राम, दालचीनी 50 ग्राम, पीपलामूल 60 ग्राम, छोटी पिप्पली 70 ग्राम, काली मिर्च 80 ग्राम, सोंठ 90 ग्राम तथा लाल चंदन का चूर्ण 100 ग्राम। इन सबका बारीक पाउडर बनाकर इसको दो चुटकी जितना पाउडर आधे चम्मच शहद के साथ सेवन करें। यह नुस्खा सभी तरह के बिगड़े जुकाम में बहुत ही फायदेमंद है। इसके अलावा पाचन शक्ति व सिरदर्द में भी अच्छा काम करता है। शहद के और अधिक गुण जानने के लिए पढ़ें शहद के फायदे और इसके 35 घरेलू नुस्खे

जुकाम कैसे फैलता है?

जुकाम के वाइरस या विषाणु रोगी के मुँह, नाक और गले से निकले स्राव में मौजूद होते हैं और जब रोगी खाँसता है या छींकता है या बात करता है तो मुँह या नाक से निकले छींटे आस-पास के व्यक्ति को भी रोग का शिकार बना देते हैं। कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार जुकामग्रस्त रोगी से निकले विषाणु ग्रस्त छींटे स्वस्थ व्यक्ति की हथेलियों के संपर्क में आते हैं और इन हथेलियों का जब नाक से संपर्क होता है तो जुकाम हो जाता है।

जुकाम होने पर क्या -क्या सावधानियां बरते :

  • यदि जुकाम बार-बार होता है और उस पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो संक्रमण नाक के चारों ओर अंदर स्थित साइनस तक पहुँच जाता है, जो नजले या साइनोसाइटिस का रूप ले लेता है।
  • बच्चों और बूढ़ों में जुकाम से न्यूमोनिया भी हो जाता है, जो एक खतरनाक बीमारी है। दमा, हृदय रोग और फेफड़ों के रोगियों के लिए भी जुकाम की बीमारी खतरनाक साबित हो सकती है।
  • बार-बार जुकाम होने से संक्रमण कानों के अंदरूनी भागों में चला जाता है। इससे कानों से मवाद आने जैसी कई बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह भी पढ़ें – खांसी की अचूक दवा तथा खांसी के 22 घरेलू उपचार
  • पीड़ित व्यक्ति को एक अलग स्वच्छ हवादार कमरे में आराम करना चाहिए। रोगी को छींकते, खाँसते और बोलते समय मुँह और नाक को रूमाल से ढकना चाहिए।
  • रोगी दर्द के लिए एस्प्रिन या पेरासीटामाल की गोलियाँ ले सकता है। उसे साथ ही गरम पेय पदार्थ लेने चाहिए।
  • गरम पानी के गरारे भी मरीज को आराम देते हैं। यदि बुखार नहीं है तो एंटिबायोटिक दवाइयों का उपयोग नहीं करना चाहिए ।
  • अधिक सदीं और अत्यधिक थकानवाले श्रम से बचें।
  • भीड़ भरे या गंदे स्थानों से भी बचें।
  • ठंडी और अधिक नमी वाली जगहों एवं बारिश में भीगने से बचें।
  • जिन मरीजों को जुकाम हो, उनसे दूर रहें।

जुकाम की बीमारी होने पर क्या खाना चाहिए :

  • गेहूं, बाजरा, मक्का, ज्वार की रोटी और छिलके वाली मूंग की दाल, मोठ, मसूर की दाल खाएं।
  • मूली, ककड़ी, चुकदर, पालक, टमाटर, शलगम, गोभी, लौकी, गाजर सेवन करें।
  • फलों में अमरूद, केला, सेब, चीकू, पपीता, आम, अंजीर, शहतूत, अनार, खीरा,
  • एक गिलास गुनगुने पानी में 2-3 चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम पिएं।
  • मुनक्का, घी, मावा, रबड़ी, गाजर का हलवा, गुड़ की मिठाई खाएं।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में एक नीबू और चुटकी भर नमक मिलाकर पिएं।

क्या न खाएं :

  • दही, मट्ठा, खटाई बिल्कुल सेवन न करें।
  • चावल, अरहर की दाल, दूध, वनस्पति घी, तेल आदि चिकनाई न खाएं।
  • ठंडी तासीर की चीजें, बर्फ, आइसक्रीम, फ्रिज का पानी, कोल्ड ड्रिक्स न पिएं।
  • एक साथ अनेक चीजें मिलाकर न खाएं। अधिक जानकारी के लिए पढ़े यह पोस्ट – जानिए फ़ूड पॉइजनिंग के कारण और बचाव के उपाय-Food Poisoning

तुरंत राहत पाने के लिए उपाय :

  • जुकाम से तुरंत रहत पाने के लिए गर्म पानी में विक्स या कपूर डालकर भाप लें ।
  • गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारे करें।
  • ऊपर बताये गए काढ़े को पीकर कंबल ओढ़कर पसीना लें |
  • जुकाम से बंद नाक खोलने के लिए रूमाल में नीलगिरी का तेल डालकर सूंघे ।
  • गरम वातावरण में रहें।

अन्य सम्बंधित पोस्ट 

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर करें

Email this to someonePin on PinterestShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on Facebook

Comments

  1. Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *