अफारा और पेट फूलने की समस्या से पाएं मिनटों में छुटकारा

पेट फूलना यानि अफारा – जब कब्ज की चिकित्सा में देर और खाने-पीने में लापरवाही होने से पेट में गैस  एकत्र होने से अफारा की उत्पति होती है।अफारा होने से पेट में वायु एकत्र होने से पेट फूलने लगता है। रोगी पेट दर्द से बेचैन हो उठता है। अफारा किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को हो सकता है।

दरअसल अफारा यानी पेट में वायु एकत्र होने से पेट फूलने की समस्या कब्ज के कारण होती है। कब्ज के कारण जब आंत्रों में मल एकत्र होता है तो मल के सड़ने से दूषित वायु की उत्पत्ति होती है। दूषित वायु (गैस) को जब कहीं से निकलने का रास्ता नहीं मिलता तो उस दूषित वायु से पेट फूलने लगता है। चिकित्सकों के अनुसार अधिक मात्रा में भोजन करने, बाजार में अधिक तेल-मिर्च, गर्म मसालों का सेवन करने से पाचन क्रिया की खराबी के साथ अफारे की उत्पत्ति होती है।

अफारे के लक्षण -अफारे में वायु एकत्र होने से पेट में दर्द तो होता ही है, साथ ही रोगी का जी भी मिचलाने लगता है। ऐसे में रोगी को साँस लेने में भी कठिनाई  होती है। रोगी को बहुत घबराहट होती है। छाती में तेज पानीन होती है। पेट की गैस जब ऊपर की ओर चढ़ती है तो सिर में दर्द होने लगता है। रोगी को चक्कर आते हैं। जब तक रोगी को डकार नहीं आती या गैस नहीं निकलती, रोगी की बेचैनी और पेट में दर्द होता रहता है।

बंद गोभी, कचालू, अरबी, भिंडी और राजमा छोले आदि खाद्य पदार्थों का सेवन करने से अक्सर पेट में गैस  बनने से अफारे की बीमारी अधिक होती है।

अफारा का इलाज गुणकारी घरेलू नुस्खो द्वारा 

pet fulna treatment अफारा

अफारा पेट फूलने का इलाज

  • पोदीने के 5 ग्राम रस में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर सेवन कराने से अफारे की बीमारी ठीक होती है।
  • 3 लौंग 200 ग्राम पानी में उबालकर, छानकर पानी पीने से भी अफारा ठीक होता है।
  • हींग को पानी में घोलकर नाभि के आस-पास लेप करने और गर्म पानी की थैली या बोतल रखने से गैस निकलकर अफारा ठीक होता है।
  • 200 ग्राम तक्र (मट्ठे) में 2 ग्राम अजवायन का चूर्ण और 1 ग्राम काला नमक पिसा हुआ मिलाकर पीने से अफारा ठीक होता है।
  • खाना खाने के बाद पेट फूलना – नीबू के रस को 10 ग्राम मात्रा में 200 ग्राम पानी में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर धीरे-धीरे पीने से अफारे से छुटकारा मिलता है।
  • कुलंजन का चूर्ण 2 ग्राम, गुड़ (10 ग्राम) के साथ खाकर पानी पीने से अफारा वायु (गैस) निष्कासित होने से शांत होता है।
  • अदरक 3 ग्राम, थोड़ा-सा पीसकर 10 ग्राम गुड़ के साथ सेवन करने से अफारा ठीक होता है।
  • 25 ग्राम सौंफ की 500 ग्राम पानी में उबालकर क्वाथ बनाएं। 100 ग्राम शेष रह जाने पर सेंधा नमक व काला नमक 2-2 ग्राम मिलाकर, क्वाथ को छानकर पीने से अफारे की बीमारी ठीक होती है।
  • सोंठ का चूर्ण (सूखी अदरक का पाउडर ) 3 ग्राम और एरंड का तेल 8 ग्राम मात्रा में सेवन करने से और दूध पिलाने से कब्ज से होने वाला अफारा ठीक होता है।
  • पेट फूलना उपचार – जायफल का चूर्ण, सोंठ का चूर्ण और जीरे का चूर्ण मिलाकर रखें।3 ग्राम चूर्ण भोजन से पहले पानी के साथ सेवन करने से अफारे की उत्पति नहीं होती है।
  • बैंगन की सब्जी में ताजे लहसुन और हींग का छौंक लगाकर खाने से भी अफारा नहीं होता है।
  • पेट फूलने पर क्या करें – पिपली का चूर्ण 3 ग्राम, सेंधा नमक 1 ग्राम मिलाकर 150 ग्राम बटर मिल्क (मट्ठे) के साथ पीने से पेट की गैस निकलने से पेट फूलने और अफारे से राहत मिलती है।
  • छोटी इलायची का चूर्ण 2 ग्राम, भुनी हींग आधा ग्राम नीबू का रस 5 ग्राम के साथ मिलाकर खाने से पेट की गैस निकलने से आराम मिलता है।
  • अंगूर का रस 50 ग्राम में 5 ग्राम मिश्री और 2 ग्राम यवक्षार मिलाकर सेवन करने से अफारा ठीक होता है।
  • पोदीने का रस 50 ग्राम, नीबू का रस 10 ग्राम और 100 ग्राम पानी मिलाकर पीने से अफारा ठीक होता है।

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