पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए : परहेज

खानपान और अनियमित दिनचर्या के कारण काफी लोग पथरी की बीमारी से पीड़ित है, पिछले पोस्ट में हमने बताया था की पथरी में क्या खाना चाहिए इस पोस्ट में परहेज के बारे में बतायेंगे | पथरी में कुछ चीजे खानी फायदेमंद होती है, तो कुछ चीजे खाने से परहेज करना चाहिए इसलिए किडनी स्टोन के मरीज के लिए ये दोनों ही जानकारी बहुत महत्त्वपूर्ण है |

पथरी में क्या न खाए : किडनी स्टोन में परहेज

पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए : परहेज pathri me kya nahi khana chahiye Parhej

पथरी में परहेज

  • पथरी में देर से पचने वाली गरिष्ठ चीजें सेवन न करें। आवश्यकता से अधिक मात्रा में भोजन कर शरीर का वजन न बढ़ाएं।
  • कोल्ड ड्रिक्स, मांस, मछली के सेवन से परहेज करें। फलों में स्ट्राबेरी, आडू, बेर, अंजीर, रसभरी तथा किशमिश, मुनक्का जैसे ड्राई फूट के सेवन से परहेज करें। दूध और दूध से बने पदार्थ दही, पनीर, मक्खन, टॉफी, कैन सूप, नूडल, तला हुआ , फ्राई फ़ूड, जंक फ़ूड, चिप्स चाकलेट, चाय का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • निम्नलिखित भोज्य पदार्थों में ऑक्सलेट होता है, जो पथरी का कारण बनता है, इसलिए पथरी की समस्या होने पर इनको नहीं खाना चाहिए । ये पदार्थ हैं- टमाटर, पालक, चौलाई, अंगूर (काले), आंवला, सोयाबीन, अजमोद, सोया मिल्क, चीकू , काजू, चॉकलेट, कद्दू, सूखे बींस, कच्चा चावल, उड़द और चने, नट्स (बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली आदि)।
  • कुछ पदार्थों में पथरी बनाने वाले यूरिक एसिड और प्यूरीन जैसे तत्व होते हैं, लिहाजा पथरी की समस्या में इनके सेवन से भी बचना चाहिए। ये पदार्थ हैं- मांस, मछली, बैंगन, मशरूम, फूलगोभी।
  • उच्च फास्फोरस वाले पदाथों से भी किडनी स्टोन के मामले में परहेज करना होगा। इनमें चॉकलेट, नट्स, कार्बोनेटेड ड्रिक्स, दूध, पनीर, सोया पनीर, सोया दही, फास्ट फूड, रेस्टोरेंट फूड आदि आते हैं।
  • क्रेन बेरी का जूस ठीक नहीं : पहले यह माना जाता था कि क्रेन बेरी (करीदा) का जूस किडनी के लिए अच्छा है। यह न केवल पथरी में राहत देता है, बल्कि किडनी की अन्य अशुद्धियों को भी ठीक करता है। अब वर्तमान में कई अध्ययनों में यह सिद्ध हो गया है कि क्रेन बेरी का जूस पथरी और किडनी की समस्या के मामले में ठीक नहीं है। इसमें ऑक्सलेट पाया जाता है, जो पेशाब में मौजूद कैल्शियम के साथ मिलकर पथरी बनाने का काम करता है। चूंकि क्रेन बेरी को लेकर विवाद है, इसलिए पथरी के रोगी को इससे दूर ही रहना बेहतर रहेगा। यह भी पढ़ें – पथरी में क्या खाना चाहिए : किडनी स्टोन में भोजन
  • किडनी और पथरी की समस्या में चिकन, मांस आदि से परहेज करना चाहिए। इन पदार्थों में फैट तो ज्यादा है ही, प्रोटीन भी बहुत ज्यादा है। शाकाहारी लोगों को भी इस रोग में प्रोटीन कम ही लेना चाहिए। ज्यादा प्रोटीन से किडनी पर विपरीत असर पड़ता है। यदि ज्यादा प्रोटीन लेंगे तो हमारे मूत्र में सामान्य स्थिति से कहीं ज्यादा कैल्शियम बाहर जाएगा। साथ ही पेशाब में यूरिक एसिड और ऑक्सलेट का स्तर भी ज्यादा प्रोटीन से बढ़ जाता है। यह स्थिति हड्डियों की समस्या ऑस्टियोपोरोसिस को तो न्योता देती ही है, किडनी स्टोन की समस्या भी पैदा करती है। मीट प्रोटीन में प्लांट प्रोटीन के मुकाबले सल्फर भी ज्यादा होता है, जिससे ज्यादा एसिड पैदा होता है।
  • नमक (सोडियम) की मात्रा कम करें : पथरी या किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या में ज्यादा नमक ठीक नहीं है। ज्यादा नमक पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा देता है। इसलिए सब्जी में तो कम नमक होना ही चाहिए, साथ ही सलाद आदि में ऊपर से नमक छिड़कना बिल्कुल बंद कर दें। यह भी पढ़ें – पथरी का इलाज आयुर्वेदिक नुस्खो द्वारा तथा जानिए पथरी का दर्द कम करने के उपाय 
  • कैल्शियम पर नियंत्रण करें : दूध और दूध से बने उत्पादों जैसे पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियों, रागी, टैपिओका (कसावा) में कैल्शियम पाया जाता है। इसकी कमी से हड्डियां और दांत कमजोर हो जाते हैं। यानी कैल्शियम शरीर के लिए जरूरी होता है, मगर किडनी स्टोन संबंधी समस्या में ज्यादा कैल्शियम हानिकारक होता है। इसलिए कैल्शियम लें जरूर, मगर उसकी मात्रा कम कर दें।
  • कोल्ड ड्रिंक है हानिकारक : सॉफ्ट ड्रिक, कोला डिंक्र आदि में फास्फोरिक एसिड का इस्तेमाल होता है, इसलिए ये पदार्थ किडनी स्टोन या किडनी की समस्या में सही नहीं हैं।
  • शराब भी नुकसानदायक : एल्कोहोलिक पदार्थों में प्यूरीन पाया जाता है, जो किडनी स्टोन के निर्माण में सहयोगी बनता है, इसलिए इस समस्या में शराब का सेवन भी ठीक नहीं है।
  • तला-भुना, ज्यादा चिकनाई वाला भोजन : इस तरह के भोजन से हमें न केवल किडनी के संदर्भ में, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ज्यादा-से-ज्यादा दूर ही रहना चाहिए।

पथरी के मरीज इन बातों का भी रखे ख्याल

  • बिस्तर पर पूर्ण आराम करें।
  • दर्द की जगह पर गर्म सिकाई करें।
  • शरीर को उस अवस्था में रखें, जिसमें दर्द में आराम मिले।
  • योगासन में हलासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवन मुक्तासन करें।
  • पेशाब के वेग को न रोकें।
  • अपनी मर्जी से दर्द निवारक एलोपैथिक दवाएं सेवन न करें। Read More –जाने दवाइयों के सेवन से जुडी सावधानियां 
  • व्यायाम जारी न रखें।

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