पथरी में क्या खाना चाहिए : किडनी स्टोन में भोजन

पथरी में खानपान को लेकर विशेष सावधानी की जरुरत होती है इसलिए इस लेख में यह विस्तार से बताया गया है की पथरी या किडनी स्टोन में क्या खाना चाहिए | इससे अगले पोस्ट में यह हम बतायेंगे की पथरी के मरीजो को क्या नहीं खाना चाहिए और किन चीजो का परहेज रखना चाहिए | हमारे आसपास खाने के कई फल और सब्जियां हैं, जिनसे पथरी तो नियंत्रित होती ही है, साथ ही ये किडनी के लिए भी अच्छे रहते हैं यानी इनका सेवन सामान्य अवस्था में तो करना ही चाहिए, पथरी की समस्या होने पर तो जरूर ही करना चाहिए।

पथरी रोग क्या है – गुर्दे (किडनी) संबंधी रोगों में गुर्दे में सूजन (नेफ्राइटिस), गुर्दे की पथरी (रेनल केल्कुलस), गुर्दे का दर्द (रेनल कोलिक), गुर्दे में पीव होना आदि आते हैं। आजकल गुर्दे और मूत्राशय में पथरी का बनना एक आम समस्या बन गई है।

पथरी के कारण : पथरी उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में पेशाब में यूरिक एसिड, फास्फोरस, कैल्शियम और ऑक्ज़िलिक एसिड की अधिकता होती है। ये तत्व आपस में मिलकर गोल, चपटी, चिकनी, खुरदरी मटर के दानों जैसी सख्त आकृति का रूप ले लेते हैं। इसके अतिरिक्त शरीर में अतिरिक्त गर्मी का बढ़ना, गर्म जलवायु का असर, पानी कम पीना और परिश्रम की अधिकता से पसीना अधिक निकलना, विटामिन डी की विषाक्तता, थायराइड ग्रंथि की ज्यादा सक्रियता आदि कारण भी होते हैं।

पथरी के लक्षण : गुर्दे में पथरी होने पर लक्षणों के रूप में चेहरे व पैरों में सूजन, पेशाब करते समय दर्द, जलन, पेशाब का रुक-रुक कर आना, मूत्राशय में पथरी की उपस्थिति से बेचैनी, दर्द, बार-बार पेशाब करने की इच्छा, कमर में हलका या तेज़ दर्द आदि देखने को मिलते हैं।

किडनी स्टोन या पथरी में क्या-क्या खाना चाहिए :

Pathri kidney stone me kya khana chahiye पथरी में क्या नही खाना चाहिए

किडनी स्टोन में भोजन

  • पथरी में फली वाली सब्जियां, गेहूं, जौ और चावल का चोकर लें : पथरी बनने का एक प्रमुख कारण भोजन में फाइबर की कम मात्रा का होना है। पथरी की समस्या उन लोगों में ज्यादा पाई गई है, जो भोजन में फाइबर तो कम लेते हैं, पर प्रोटीन ज्यादा-से-ज्यादा लेते हैं। इसलिए फाइबरयुक्त पदार्थ लें। फली (लेग्यूम्स) वाली ताजा सब्जियों (सूखी में नहीं), जो (ओट्स, दलिया) चावल के चोकर (ब्रान) में फाइटेट्स खास तौर से पाया जाता है। ये सभी चीजें संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी होती हैं। एक बार फिर दोहरा दें कि फली वाली सब्जी हरी हो, सूखी बींस नहीं होनी चाहिए।
  • पथरी में हरी सब्जियों में सहिजन, करेला, ताजी मटर की फलियां, शलगम, पुराना कद्दू , अदरक, ककड़ी, खीरा, चुकंदर,धनिया हल्दी, हरी मिर्च, हींग, अजवाइन, दालचीनी, छोटी इलायची, पत्ते वाली गोभी आदि को खाना चाहिए |
  • पथरी में फलों में आम, खरबूजा, तरबूज, अंगूर, पपीता, खीरा, नारियल, नाशपाती, अनन्नास, सेब, ककड़ी, गाजर आदि अपनी इच्छानुसार खाएं।
  • पथरी में आलू, इलायची तथा गन्ना चूसना भी फायदेमंद है।
  • पथरी में गेहूं के आटे से चोकर निकाल कर बनी चपाती खाएं।
  • पथरी के रोगी के आहार में जौ से बनी चीजें जैसे-चपाती, धानी, सत्तू को शामिल करें।
  • पथरी के दर्द के समय जौ, अलसी के बीजों का पानी पीना चाहिए |
  • गर्म पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में कई बार पीना चाहिए ।
  • किडनी की दोस्त है गाजर : गाजर में विटामिन बी-6 और विटामिन सी होते हैं, जो किडनी के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। गाजर रक्त को भी साफ करती है। इसमें विटामिन ए होने से यह किडनी को बैक्टीरियिल इन्फेक्शन से भी बचाती है।
  • पेशाब के निर्माण को बढ़ाता है तरबूज : तरबूज शरीर में जाकर पेशाब के निर्माण को बढ़ा देता है। इसी के साथ इसमें पोटेशियम भी होता है, जो किडनी स्टोन को घुलने में मदद करता है। इसलिए पथरी में तरबूज भी खाना चाहिए | यह भी जरुर पढ़ें – पथ-री में क्या नहीं खाना चाहिए : परहेज
  • कैल्शियम स्टोन का खतरा कम करता है नींबू : नींबू का रस पेशाब में साइट्रेट का स्तर बढ़ा देता है, जो कैल्शियम स्टोन का खतरा कम करता है। साथ ही यह मौजूद पथरी को बड़ा भी नहीं होने देता, लेकिन ध्यान रखें कि नींबू का रस बिल्कुल शुद्ध हो यानी उसमें कुछ और चीज न मिली हुई हो। सेब, नींबू, और संतरे को मिलाकर बनाया गया जूस भी पथरी में लाभकारी है | नींबू के फायदे और गुण तथा 50 घरेलू नुस्खे |
  • पथरी में अच्छा है नारियल पानी : नारियल का पानी किडनी की बेहतरी और पथरी के लिए बहुत अच्छा है।
  • नई पथरी बनने से रोकती है मूली : मूली न केवल किडनी में बन गई पथरी के मामले में राहत पहुंचाती है, बल्कि नई पथरी को बनने से भी रोकती है। पथरी में मूली का आधा कप रस रोज सुबह खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है। मूली में काफी मात्रा में पोटेशियम होता है, जो यूरिनरी कैल्शियम को कम करके नई पथरी बनने से रोकता है। यह पेशाब का निर्माण बढ़ाकर किडनी की सफाई में भी मदद करती है। मूली के फायदे और 35 औषधीय गुण
  • पथरी को रोकने की हर चीज है केले में : केले में विटामिन बी-6 है। इसमें नमक कम है और पोटेशियम ज्यादा है। इसमें फाइबर हैं और मैग्नीशियम है यानी केले में वे सारी चीजें हैं, जो पथरी में फायदा करती हैं। केला हमें किडनी के कैंसर से भी बचने में मदद करता है।
  • यूरिक एसिड को कम करती है हर्बल टी : हर्बल टी किडनी में बनने वाले यूरिक एसिड की मात्रा को कम करती है, जिससे पथरी बनने का खतरा कम होता है। इसलिए हर्बल टी का इस्तमाल पथरी में जरूर करना चाहिए।
  • किडनी के आकार को छोटा कर सकता है अनानास : पथरी या किडनी से जुड़ी समस्या में अनानास इसलिए लाभकारी है क्योंकि इसमें सबसे अलग एंजाइम होता है, जिसे ब्रोमेलिन कहते हैं। ब्रोमेलिन की खासियत यह है कि यह प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है। इसका अर्थ यह हुआ कि किडनी की स्थिति में अनानास पथरी के आकार को छोटा करने में मददगार बन सकता है। अनानास में विटामिन सी और पोटेशियम भी है, जिससे यह पथरी से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी है।
  • पथरी में बहुत लाभदायक है करेला : करेले में पोटेशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है, इसलिए पथरी की समस्या में करेला भी एक मददगार सब्जी है। यह लिवर और ब्लेडर को भी ठीक रखता है। करेले के जूस के 21 फायदे तथा जूस बनाने की विधि
  • पथरी में आडू भी है लाभदायक फल : आडू में आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, मैगनीज, कैल्शियम, सल्फर और विटामिन ए, बी, सी और ई जैसे तत्व होते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। चूंकि इसके रस की तासीर क्षारीय होती है, इसलिए यह पेट संबंधी समस्याओं जैसे अपच, गैस, एसिडिटी, कब्ज आदि में फायदेमंद होता है। यह किडनी के लिए फायदेमंद है और किडनी व गॉल ब्लेडर की पथरी को घोलने की क्षमता रखता है।
  • पथरी तोड़ने के लिए जाना जाता है हॉर्स ग्राम (Horse gram): हॉर्स ग्राम को पथरी में बहुत लाभदायक माना गया है। आयुर्वेद चिकित्सा में तो इसका नाम खास तौर से लिया जाता है। इसके दानों को रात में पानी में भिगोकर रखा जाता है और सुबह को पानी समेत इन्हें खाया जाता है। हॉर्स ग्राम को इस्तेमाल करने का एक तरीका और है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात में तीन किलो पानी में ढाई सौ ग्राम हॉर्स ग्राम भिगो दें। सुबह को पानी को धीमी आंच पर इतना गर्म करें कि पानी एक किलो ही रह जाए। अब 30 से 50 ग्राम मक्खन गरम करें और उसमें एक किलो पानी वाले हॉस ग्राम को मिला दें। उसमें थोड़ा काला नमक, काली मिर्च, हल्दी और जीरा भी डाल दें। अब इस सूप की करीब ढाई सौ ग्राम मात्रा दोपहर के वक्त भोजन के स्थान पर लें यानी भोजन न करें, केवल यही सूप लें। यदि भूख काबू में न आ रही हो तो एक रोटी खा सकते हैं। इस विधि को पथरी में रोजाना इस्तेमाल करें। विशेषज्ञों के अनुसार, हॉर्स ग्राम न केवल पथरी को तोड़ता है, बल्कि नई पथरी बनने से भी रोकता है। इसलिए पथरी में विशेष तौर पर इसका सेवन करना चाहिए |
  • जितना पानी ज्यादा, उतना ही फायदा : पथरी से राहत पानी के बिना नहीं मिलेगी। जितना ज्यादा पानी पीएंगे, उतना ही फायदा होगा। पानी तो किसी समस्या के भी शरीर के लिए लाभकारी है, इसलिए खूब पानी पीएं। 10 से 12 गिलास पानी पथरी की समस्या में जरूर पीना चाहिए। रात को सोने से पहले भी पानी जरूरी पीएं। इससे काफी लाभ होता है। दिन में, शाम को, रात में, जब भी भोजन करें, लघुशंका के लिए जरूर जाएं। चाहे थोड़ा-सा ही पेशाब आए, लेकिन जरूर जाएं। इससे भी नई पथरी को बनने से रोकने में मदद मिलती है। यह भी ध्यान रहे कि पानी साफ और शुद्ध होना चाहिए। पानी पीने के भी हैं कुछ खास नियम और सही तरीके
  • विशेषज्ञों के अनुसार, पथरी होने पर हमें ऐसा भोजन करना चाहिए, जिसमें ये पदार्थ कम हों- ऑक्सलेट, फास्फेट, सोडियम, प्रोटीन और विशुद्ध रूप से कैल्शियम के धनी पदार्थ ।
  • पोटेशियम-मैग्नीशियम : पथरी की समस्या से बचने के लिए हमें ऐसा भोजन ज्यादा करना चाहिए, जिसमें -पोटेशियम, मैग्नीशियम, तरल पदार्थ ज्यादा हों | किडनी स्टोन में भोजन की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता इसलिए अगर आप इस रोग से पीड़ित है तो दवाई से साथ साथ आहार का भी विशेष तौर पर ध्यान रखें | अगले पोस्ट में हम बताएँगे की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए |

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