खूबसूरत व् आकर्षक नाखून पाने के लिए टिप्स

जब भी संपूर्ण सुंदरता की बात की जाती है, तो नख (नाखून) से शिख तक की बात होती है, यानी सिर्फ चेहरे से खूबसूरती का आकलन नहीं किया जाता। खूबसूरती का आकलन करते समय चेहरे और अन्य अंगों के साथ नाखूनों की सुंदरता को भी देखा जाता है। सौंदर्य में नाखूनों के महत्व को इस प्रकार भी समझ सकते हैं कि हमारे नाखून हमारे स्वास्थ्य का परिचय भी देते हैं। जब कभी हम गंभीर रूप से बीमार होते हैं, हमारे नाखूनों का रंग पीला हो जाता है। आपने गौर भी किया होगा कि डॉक्टर स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए नाखूनों को भी देखते हैं। नाखून हमारे व्यक्तित्व के विषय में भी जानकारी देते हैं। पामिस्ट्री यानी हस्तरेखा विज्ञान में तो नाखूनों को बहुत ही महत्व दिया गया है। नाखून देखकर पामिस्ट आपके बारे में काफी कुछ कह सकते हैं लेकिन आज हम पामिस्ट्री की बात नहीं कर रहे, हम तो खूबसूरती की बात कर रहे हैं। नाखूनों के संबंध में किस प्रकार की बीमारियाँ आमतौर पर आती हैं, उस पर इसी पोस्ट में काफी विस्तार से जानकारी दी गई है, जिसे आप आगे पढ़ेंगी ।

आकर्षक नाखून न केवल हमारी सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि हमारे अच्छे स्वास्थ्य का प्रमाण भी होते हैं। अगर आप किसी स्वास्थ्य-समस्या से जूझ रहे हैं या आपके शरीर में किसी पोषक-तत्व की कमी है तो आपके नाखून उसका संकेत देते हैं।

इस पोस्ट में निम्नलिखित विषयों पर जानकारी दी गई है :

  1. नाखूनों के निशानों को समझना
  2. नाखून खराब होने के कारण
  3. नाखूनों की देखभाल के लिए टिप्स
  4. नाखूनों की आम बिमारियों को ठीक करने के टिप्स
  5. नेल आर्ट यानि नाखुनो को आकर्षक बनाने का आधुनिक तरीका
  6. क्या है नेल कल्चर तकनीक
  7. सोक-ऑफ नेलपेंट

लंबे और खूबसूरत नाखून बनाने के लिए उपाय

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Beautiful Nails

नाखूनों से संबंधित समस्याओं और उनके समाधान के विषय में जानने से पहले आप यह जान लें कि नाखून वास्तव में क्या हैं।

  • हमारे नाखून वास्तव में डेड त्वचा हैं, यानी ‘मृत त्वचा”। जो कैरेटिन नामक प्रोटीन के बने होते हैं। कैरेटिन में सल्फर की अधिक मात्रा होने से यह कठोर होता है। नाखूनों में कैल्शियम और जिंक की भी मात्रा होती है। नाखूनों की बढ़त जीवन-भर होती रहती है। नाखून हफ्ते में 5 से 1.2 मिलीमीटर तक बढ़ते हैं।
  • नाखूनों की देखभाल सही प्रकार से नहीं होने से नाखूनों का आकार बेडौल हो जाता है और इनकी चमक व सुंदरता कम होती जाती है।

नाखून और रोग : समझे इन संकेतो को

  • अगर आपके नाखून स्वस्थ्य हैं तो वो चिकने, गुलाबी रंग के और थोड़े से स्लोप में होंगे, बिल्कुल सपाट नहीं, तो ऐसे नाखून बताते हैं कि आपका शरीर भी स्वस्थ है।
  • अगर आपके नाखून आसानी से टूटने वाले हों तो यह आयरन की कमी के कारण हो सकता है। कमजोर नाखून बॉयोटिन की कमी, किडनी डिस्ऑर्डर, थायरॉइड या रक्त की खराबियों की तरफ इशारा करते हैं।
  • नाखूनों का मोटा होना यह दिखाता है कि आपके सिस्टम में विभिन्न पदार्थों का संचरण ठीक प्रकार से नहीं हो रहा है।
  • आयरन या विटामिन बी12 की कमी के कारण नाखून अंदर की ओर मुड़ जाते हैं।
  • विटामिन सी की कमी से नाखून टूट जाते हैं या घिस जाते हैं।
  • नाखून पर काली लाइन – इसके कई कारण हैं। यह आनुवंशिक, नाखुनो पर चोट लगने से धूम्रपान, त्वचा की की कोई बीमारी, कुछ दवाओ के साइड इफ़ेक्ट से भी नाखुनो पर काली लाइनें हो सकती हैं | नाखूनों पर पड़नेवाली धारियाँ भी बहुत कुछ बताती हैं। अगर धारियाँ खड़ी हैं तो यह अर्थराइटिस हो सकता है, जबकि आड़ी धारियाँ अत्यधिक तनाव के कारण हो सकती हैं। विटामिन बी 12 की कमी नाखूनों को काला कर देती है।
  • नाखूनों का पीला पड़ जाना दिखाता है कि आप एनीमिया (खून की कमी ) के शिकार हैं या आपके किडनी-लीवर ठीक प्रकार से काम नहीं कर रहे हैं।
  • अकसर देखा जाता है कि जिनके नाखून अत्यधिक लाल होते हैं, वो हृदय-रोगों के शिकार होते हैं।
  • नीले नाखून बताते हैं कि आपके रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा कम है, यह अस्थमा, फेफड़ों या हृदय-रोग के कारण हो सकता है।

नाखून खराब होने के कारण :

  • हम में से कई लोग नाखूनों को टूल्स (औजार) की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं, जो सही नहीं है। जो लोग नाखूनों का इस्तेमाल टूल्स की तरह करते हैं, उनके नाखून जड़ से उखड़ जाते हैं, जो काफी तकलीफदायक भी होता है। नाखून उखड़ जाने के बाद फिर उनके बड़ा होने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है।
  • इसी प्रकार कुछ लोग ब्लेड या ऐसी चीजों से नाखूनों को काटते हैं, जिनसे इनका आकार खराब हो जाता है और नाखूनों की खूबसूरती खो जाती है।
  • नाखूनों से संबंधित परेशानियों का बड़ा कारण शरीर में उन तत्वों की कमी है, जिनसे नाखून बने होते हैं। कई लोगों के नाखून तो सिर्फ इसलिए खराब हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें नाखून चबाने की आदत होती है।

ऐसे करें अपने नाखूनों की देखभाल :

  • अल्कोहल युक्त नेल-पॉलिश रिमूवर का लगातार इस्तेमाल करने से नाखून सूखे और कड़े होकर आसानी से टूटनेवाले हो जाते हैं, अल्कोहल फ्री नेल-पॉलिश रिमूवर का इस्तेमाल करें।
  • साबुन की बजाय माइस्चराइजर युक्त लिक्विड सोप से हाथ धोएँ।
  • जब भी हाथ धोएँ, उन्हें थपथपाकर सुखाने के बाद माइस्चरॉइजर अवश्य लगा लें।
  • जब भी घर से बाहर धूप में निकलें, एसपीएफ 30 युक्त सनस्क्रीन लगाकर निकलें।
  • अपने नाखूनों को सूखा और साफ रखें, इससे नाखूनों के नीचे बैक्टीरिया नहीं पनपेंगे।
  • लगातार पानी के संपर्क में रहने से नाखून टूट जाते हैं। बरतन धोने, सफाई करने या रसायनों का इस्तेमाल करते समय रबर के दस्ताने पहनें।
  • जब भी आप हाथों पर माइस्चरॉइजर लगाएँ अपने नाखूनों और क्युटिकल पर भी इससे मसाज करें।
  • नेल-पॉलिश और नेल-पॉलिश रिमूवर अच्छी ब्रांड के ही लगाएँ।
  • नाखूनों को स्वस्थ रखने के लिए समय-समय पर उन्हें काटते रहना, सफाई करना और शेप देना भी जरूरी है।
  • अगर आप अपने खाने में प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक की समुचित मात्रा लें। पानी कम-से-कम 12-15 गिलास रोज पिएं। स्वस्थ नाखूनों के लिए खान-पान के साथ यह भी आवश्यक है कि उनकी देखभाल सही प्रकार से की जाए।
  • नाखूनों की सही प्रकार से सफाई नहीं होने से नाखूनों में मैल जमा हो जाती है और उसमें संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया पलने लगते हैं, जो खाने के साथ हमारे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और हमें बीमार बना देते हैं।
  • नाखूनों में मैल जमा न होने पाए, इसके लिए नेल ब्रश से नाखूनों को साफ करते रहना चाहिए।
  • यदि आपके नाखून बहुत छोटे हैं। वे बढ़ते ही नहीं है तो इसका कारण शरीर में कैरेटिन की पूर्ति न होना भी हो सकता है। आप अपने आहार में अंडा, दूध, पनीर, विटामिन ए, बी कॉम्पलेक्स, सिट्रिस फल, शहद, मेवे, अंगूर एवं दही आदि का अधिक सेवन करें।
  • अगर प्रोटीन की मात्रा उचित रूप से आपके शरीर में जा रही है, तो हो सकता है वह एब्जॉर्व न हो पा रही हो। इसके लिए आप विशेषज्ञ से जांच कराएं।
  • इसके अलावा कुछ घरेलू उपाय नाखूनों को बढ़ा सकते हैं। जैतून के तेल को कुछ गुनगुना करके नाखूनों को कुछ देर उसमें डुबोकर रखें। फिर 10-15 मिनट तक उन पर हल्की मालिश करें। बादाम के तेल की मालिश भी अच्छी होती है |
  • अगर आप घर का काम ज्यादा करती हैं, तो उन्हें ठीक से धोने के बाद हाथो पर अच्छे मॉयश्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करें।
  • दो चम्मच जिलेटिन एक गिलास फलों के जूस में मिलाएं, इसे रोज लें। चार हफ्ते में ही आपको परिणाम नजर आने लगेगा। इन सब उपायों से फायदा न हो, तो आप नेल कल्चर की विशेषज्ञ से उपचार करवाएं। तब आपके नाखून जल्दी और स्वाभाविक ढंग से बढ़ेंगे।

नाखून की बीमारी दूर करने के लिए टिप्स

  • नाखून पीले दिखना भी एक मुख्य समस्या होती हैं। इससे नाखून पीले और भद्देनजर आने लगते हैं। ऐसा शरीर में कैल्शियम या खून की कमी और फास्फोरस की कमी के कारण भी हो सकता हैं। अगर आप आहार में दूध कम लेती हैं, तो उसकी मात्रा बढ़ा दें। हो सके तो रोजाना एक अंडा जरूर लें। अगर आप कैल्शियम युक्त आहार का सेवन ठीक से कर रही हैं, तो आपको विटामिन-डी युक्त आहार का भी उचित सेवन करना होगा। शरीर में कैल्शियम के ठीक से घुलने-मिलने के लिए विटामिन-डी की सहायता भी जरूरी है। नाखूनों का पीलापन बढ़ रहा है, तो आप नेल पॉलिश भी अच्छी किस्म की इस्तेमाल कीजिए। खराब नेल पॉलिश अपना रंग नाखूनों पर छोड़ देती है। कुछ समय बाद नाखून पीले नजर आने लगते हैं। आप नाखूनों पर पॉलिश लगाने से पहले बेस कोट लगाएं। इससे नेल पेंट का रंग नाखूनों पर नहीं आएगा। बालों में नींबू लगाने के फायदे और 21 घरेलू नुस्खे
  • नाखून का टूटना : अगर आपके नाखून जल्दी टूट जाते हैं, तो उनमें कैरेटिन की कमी जरूर है। इसके लिए आप प्रोटीनयुक्त आहार लें। नाखूनों में रक्त संचार बढ़ाने के लिए आप विटामिन-ई युक्त क्रीम या किसी अच्छी क्यूटिकल क्रीम से रोजाना 15-20 मिनट नाखूनों की मालिश करें।
  • अगर आप किसी डिटर्जेंट आदि का इस्तेमाल करती हैं, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि डिटर्जेंट ज्यादा हार्ड ना हो और अगर हो सके, तो इस्तेमाल करते समय हाथों में दस्ताने जरूर पहनें। काम करने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धोकर अच्छी किस्म के मॉयश्चराइजर का प्रयोग अवश्य करें। इनसे नाखून मजबूत होंगे और टूटेंगे भी नहीं।
  • अपने नाखूनों को आप ठीक से ट्रिम करें और उनका आकार गोलाकार ही रखें। ज्यादा तीखे आकार से भी नाखून जल्दी टूटते हैं। इसके साथ ही नाखूनों पर आप नेल हार्डनर का प्रयोग करें, इससे वे मजबूत रहते हैं। बादाम के तेल से रोजाना कुछ देर नाखूनों की मालिश करें। इससे भी उन्हें पोषण मिलेगा और रक्त संचार बढ़ेगा।
  • इन-ग्रोइंग टो नेल -नाखून की एक प्रमुख समस्या है। सामान्यतया हाथ के नाखून को हर सात से 10 दिनों में एक से दो मिलीमीटर की दर से और पैर के नाखूनों को 15 से 20 दिनों में दो से तीन मिलीमीटर काटने की जरूरत होती है। यदि नाखूनों को सफाई से काटा जाता है, तो नाखून के किनारे व्यवस्थित होते हैं और दाँतदार नहीं होते हैं। जब नाखून को अच्छी तरह से नहीं काटा जाता है और नेल-प्लेट के कोनों में नुकीली कंटिकाएँ छोड़ दी जाती हैं तो ये कंटिकाएँ नेल-प्लेट के तेज किनारों के साथ की त्वचा की तह में घुस जाती हैं। नेल-प्लेट के लगातार बढने से कंटिकाओं को धीरे-धीरे त्वचा की तह में धकेल देती है, जिससे उस स्थान पर दर्द होने लगता है। जब दर्द के कारण की पहचान नहीं होती है और कंटिकाओं को हटाया नहीं जाता है, तो बाद में नेल-प्लेट के किनारों के कोनों में यह त्वचा को छेदकर काफी ज्यादा ग्रेनुलेशन टिशूज को पैदा करती हैं, साथ ही अत्यधिक दर्द और रक्तस्राव भी होता है। इसमें बैक्टीरिया से अतिरिक्त इंफेक्शन भी हो जाता है। यह भी जरुर पढ़ें – नाखूनों की देखभाल के लिए टिप्स-Nails Care Tips
  • इस बीमारी के इलाज के तौर पर नेल-प्लेट के किनारों को निचले हिस्से के ग्रेनुलेशन टिशूज के समूह से अलग करना, नाखून को सही ढंग से काटना, ताकि नाखून के कोने चिकनाई से कट जाएँ और बैक्टीरियल इंफेक्शन होने की स्थिति में उसका इलाज करना है। ग्रेनुलेशन टिशूज में सामान्यतया कटराइजेशन की जरूरत होती है। नाखून को गलत ढंग से काटने और ग्रेनुलेशन का निर्माण इस समस्या को फिर से कर सकता है।

जाने क्या है नेल कल्चर और नेल आर्ट

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Nail Art

  • Nail Art – जिनके पास प्राकृतिक रूप से सुंदर व स्वस्थ नाखून हैं, वे भाग्यशाली हैं, पर जिनके नाखून छोटे, बहुत मुलायम, कटे-फटे या बेडौल आकार के हैं, तो उन्हें भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है। नेल कल्चर तकनीक ने बहुत-सी मुश्किलें दूर कर दी हैं। नेल कल्चर की आधुनिक तकनीक में कुछ एक्रिलिक पाउडर और द्रव्य पदार्थ या जैल प्रयोग में लाए जाते हैं। मात्र आधे घंटे से दो घंटे के समय में किसी भी बेढंगे नाखून को सही आकार और लंबाई मिल जाती है। इस विधि का लाभ एक बार में 5-6 महीने तक उठाया जा सकता है।
  • आवश्यकता पड़ने पर बीच में इनकी ‘फिलिंग’ भी की जा सकती है। किसी पार्टी या अन्य विशेष आयोजन के लिए आप तैयार हो रही हैं और अचानक आपका नाखून टूट जाए व नववधू के श्रृंगार के समय ऐसी दुर्घटना घट जाए और मजबूरन सारे नाखून काटने के अलावा कोई रास्ता न हो, तो ऐसी स्थिति में नेल कल्चर एक रामबाण इलाज की तरह है। टूटे नाखून पर नया नाखून सुंदरता से प्रत्यारोपित किया जा सकता है। घर पर फेशियल कैसे बनाये-12 Homemade Facials
  • नेल कल्चर विधि के नकली नाखून प्राकृतिक नाखूनों की तरह मजबूत होते हैं और हम अपने रोजमर्रा के काम आसानी से कर सकते हैं। कपड़े धोने या आटा गूंधने के काम में भी कोई दिक्कत नहीं होती है। नाखूनों की देखभाल के लिए जो सामान्य सावधानियां जरूरी होती हैं, उन्हीं को हमें ध्यान में रखना होता है।
  • मगर नकली नाखून लगाकर कपड़े धोना व आटा गूंधना जैसे काम नहीं किए जा सकते। इसके अलावा नेल कल्चर विधि से सुंदर-सुडौल नाखूनों को और भी आकर्षक बनाया जा सकता है।
  • रंग-बिरंगी नेल पॉलिश के अलावा इन दिनों नाखूनों पर सोक-ऑफ नेलपेंट का इस्तेमाल भी हो रहा है। सोक-ऑफ नेलपेंट जैल युक्त होता है, जो अपनी सिंगल कोट में ही चमकता है, साथ ही लांग-लॉस्टिंग भी होता है। इसके अलावा आजकल नाखूनों की खूबसूरती के लिए चित्रकारी और मीनाकारी की जा सकती है। आपके नाखून हीरे-मोती या कुंदन जड़े हो ऐसा दिखा सकते हैं। मीनाकारी द्वारा इन नाखूनों को आभूषणों की तरह ही सजाया जा सकता है।
  • इन आभूषित नाखूनों को एक विशेष ‘सीलर्स” द्वारा एक पारदर्शी परत चढ़ाकर सील भी किया जा सकता है। इससे नाखूनों पर की गई चित्रकारी और मीनाकारी लगभग एक माह तक पूरी तरह से सुरक्षित रहती है। उनकी चमक भी बनी रहती है। नाखूनों पर प्राकृतिक ताजा फूल-पत्तियां भी चिपकाई जाती हैं, लेकिन वे एक से ज्यादा दिन नहीं चलती। इन्हें उतारने के लिए खास तरह के रिमूवर का इस्तेमाल किया जाता है। चटख रंग हमेशा से ही चलन में रहे हैं और नेल आर्ट इन्हीं रंगों में उभरकर आती है। अपनी ड्रेस से मेल खाते डिजाइन को आप नाखूनों पर बनवा सकती हैं।

तो इन सब विधियों और तकनीको की मदद से आप पा सकते है स्वस्थ सुंदर और आकर्षक नाखून |

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