पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होने पर क्या खाना चाहिए क्या नहीं

बदलती जीवनशैली, समय की कमी, प्रदुषण और खानपान में बदलाव की वजह से अक्सर महिलाओं में पीरियड (मासिक धर्म) के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होना या माहवारी का कम होना या पूरी तरह से रूक जाने की समस्या आज बेहद आम है | बदलती खानपान की आदतों के कारण आज हर कोई व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से या विटामिन की कमी से जूझता रहता है इस विषय पर हमने अपनी इस वेबसाइट पर बहुत सारे आर्टिकल लिखे है की किस बीमारी में क्या खाना चाहिए और किन चीजो से परहेज रखने चाहिए  अगर महिलाओं की बात करे तो उनको पीरियड के दौरान अपनी डाइट का ख्याल रखना काफी जरूरी होता है। अधिकतर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन परेशानियों का कारण है उनका गतल खानपान। मासिक धर्म में महिलाएं जाने-अनजाने ऐसी चीजों का सेवन कर लेती है, जिससे उन्हें काफी ब्लीडिंग और अन्य कई तकलीफ सहनी पड़ती है। इस पोस्ट में आज हम मुख्यतः पीरियड के दौरान नीचे दी गई इन दो समस्याओ के दौरान खानपान पर जानकारी देंगे | Menstrual, Menorrhagia (heavy menstrual bleeding) Diet Tips

  1. पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या में क्या खाना चाहिए क्या नहीं |
  2. पीरियड कम आने या रूक जाने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं |

पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग की प्रॉब्लम में क्या खाना चाहिए

पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होने पर क्या खाना चाहिए क्या नहीं masik dharm periods me kya khana chahiye kya nahi

Menstrual, Menorrhagia Diet Tips

  • पोटेशियम के धनी पदार्थ खाएं : शरीर में पोटेशियम की कमी अनियमित, दर्द भरे और ज्यादा ब्लीडिंग वाले पीरियड की वजह बनती है, इसलिए इस समस्या से जूझने वाली महिला को पोटेशियम के धनी पदार्थों को अपने रोजाना के भोजन में शामिल करना चाहिए। पोटेशियम हमें विशेष रूप से केला, शकरकंद, छिलका समेत आलू, मशरूम (खासकर सफेद), पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों, दूध, दही, दाल, किशमिश और मछली से हासिल होता है। दूध-दही से हमें पोटेशियम के अलावा कैल्शियम, विटामिन डी समेत अन्य अनेक पोषक तत्व भी मिलेंगे, इसलिए इन्हें नियमित लें।
  • सब्जियों को तेज आंच पर उबालने से उसमे पोटेशियम की कमी हो जाती है इसलिए अधिक मात्रा में पोटेशियम हासिल करने के लिए पदार्थ को सेंककर या भाप से पकाकर खाना चाहिए।
  • विटामिन ‘के’ वाले पदार्थ भोजन में जरूर शामिल करें : शरीर में विटामिन ‘के’ की मौजूदगी भी शरीर से ज्यादा खून जाने से रोकती है। एक महिला को सामान्य पीरियड के लिए इन पदार्थों को अपने भोजन में नियंत्रित मात्रा में नियमित रूप से लेना चाहिए। यह विटामिन इन चीजों में पाया जाता है |
  • सब्जियां : पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे सरसों के हरे पत्तों, शलगम के हरे पत्ते, चुकंदर के हरे पत्तों, सलाद पता में और पत्तागोभी में।
  • ब्रोकोली और हरी प्याज में भी विटामिन ‘के’ पाया जाता है एस्परगस (शतावरी) में भी यह विटामिन अच्छी मात्रा में होता है। इसकी कुछ मात्रा गाजर में भी होती है |
  • मसाले : सूखी अजवायन, तुलसी, तेजपता, अजमोद, सूखे धनिया और सूखे माजोंराम (कुष्ठरा) में इसके साथ लाल मिर्च, लाल शिमला मिर्च और करी में भी विटामिन के होता है।
  • तेल : सोयाबीन के तेल में।
  • फल : आलूबुखारा, बेरी, अंजीर, नाशपाती में।
  • नट्स : काजू में।
  • दर्दीले, लंबे पीरियड यानी मैग्नीशियम, आयरन की कमी : विशेषज्ञों के अनुसार, यदि शरीर में अन्य कोड बीमारी नहीं है और ज्यादा ब्लीडिंग वाले पीरियड हो ही रहे हैं, साथ ही वे लंबा समय (छह-सात दिन) – ले रहे हैं तो इसका अर्थ है कि शरीर को मैग्नीशियम और आयरन चाहिए। इन दोनों खनिज लवण को शरीर में मौजूदगी समस्या को हल करने में काफी मदद करेगी। आयरन हमें प्रमुख रूप से अंडे, मांस, हरी सब्जियों, शलगम, यीस्ट, अंकुरित अन्न, सूखे खुबानी आलूबुखारा, किशमिश, चुकंदर से हासिल होता है। मैग्नीशियम निम्नलिखित पदार्थों में अच्छी मात्रा में पाया जाता है |
  • सब्जी : पालक, शकरकंद, आलू और कद्दू में।
  • बीज : रामदाना, चौलाई, कद्दू, सूरजमुखी के बीज में।
  • अनाज : अनाज का मतलब साबुत अनाज से है, जिसमें ब्राउन राइस, ब्राउन ब्रेड, ओटमील, दलिया, पॉपकॉर्न, भुट्टा, अनाजों का सामान्य आटा, चोकर आते हैं।
  • फल : केला, सेब, संतरा, अंगूर, कीवी, आडू में।
  • नट्स : बादाम में।
  • नुस्खा : रोजाना पके केले के साथ एक चम्मच आंवले का रस लेने से ज्यादा पीरियड के दौरान अधिक ब्लीडिंग की समस्या दूर हो जाती है।
  • पीरियड के बीच खून की समस्या में मदद करेगा जिंक : कभी-कभी महिलाओं को दो पीरियड के बीच में हल्का खून आने की शिकायत भी होती है। कभी-कभी ऐसा खून पीरियड से कुछ दिन पहले भी आ सकता है। इस खून का रंग लाल न होकर कुछ भूरा-सा होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में आयरन, मैग्नीशियम के साथ ही जिंक की मौजूदगी इस समस्या को हल करने में मदद करती है। आयरन, मैग्नीशियम के बारे में हम पढ़ चुके हैं। जिंक इन चीजों में प्रमुखता से पाया जाता है |
  • पीरियड में अधिक रक्तस्त्राव में सौंफ को पीसकर उसका पाउडर बना लें और इसे एक कप पानी के साथ लगभग 5 मिनट तक उबालें। छानकर गर्मा गरम ही इसे पिएं।
  • मांसाहार : मांस, सी फूड में।
  • अनाज : गेहूं के अंकुर में।
  • सब्जी : पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों में, सफेद मशरूम में।
  • बीज : कद्दू, सूरजमुखी और अलसी के बीज में।
  • नट्स : काजू, बादाम, अखरोट, मूंगफली में।
  • दाल : चना, राजमा, मूंग की दाल में।
  • अन्य : चॉकलेट, डार्क चॉकलेट में।
  • छाती में दर्द कम करेगी अच्छी वाली फैट : पीरियड के दौरान स्तनों में दर्द और पीड़ा की समस्या आती है तो विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि आप अपने भोजन में अच्छी फैट को शामिल करें। अच्छी फैट में सबसे आगे है ओमेगा-3 फैटी एसिड और ओमेगा-6 फैटी एसिड। ओमेगा-3 फैटी एसिड अलसी, अखरोट, कद्दू के बीज, मूंगफली, सोया और सरसों के तेल में विशेष रूप से पाए जाते हैं। मांसाहारी लोग इन्हें मछली और मछली के तेल से हासिल कर सकते हैं।
  • ओमेगा-6 फैटी एसिड हमें सभी प्रकार के नट्स (बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली) और बीजों से मिलते हैं। नट्स और बीजों को हमने इस पोस्ट में पहले ही बता दिया है, इसलिए इन्हें जरूर खाएं।
  • साबुत अनाज का ज्यादा-से-ज्यादा इस्तेमाल करें : साबुत अनाज से हमें लगभग सभी जरूरी पोषक तत्व ज्यादा मात्रा में हासिल होते हैं। साबुत अनाज में साबुत अनाज का सामान्य ढंग से पिसा आटा, दलिया, ओटमील (जी का दलिया), ब्राउन राइस, ब्राउन ब्रेड, पॉपकॉर्न, भुट्टा, चोकर और सभी दालें आती हैं। इनसे हमें विटामिन बी भी मिलता है, जो अनियमित पीरियड की समस्या में मदद करता है।
  • अंडे को भी भोजन में शामिल करें : विटामिन बी, डी, प्रोटीन समेत अनेक पोषक तत्व हमें से अंडे से मिलते हैं, इसलिए यदि खा सकें तो भारी पीरियड की समस्या को दूर करने के लिए अंडे को भी अपने भोजन में जरूर शामिल करें।
  • पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होने पर गुनगुने दूध के साथ एक चम्मचसरसो के दानों का पाउडर मिलाकर पियें |
  • पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होने पर धनिया के बीजों को दो कप पानी में भिगों दीजिए. इसे उबलने के लिए रख दीजिए. जब पानी आधा हो जाए तो उसे उतार लीजिए. इसमें थोड़ी सी मात्रा में शहद मिलाकर पीने से राहत मिलेगी ऐसा दिन में 2 से तीन बार कीजिए |

पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या में क्या नहीं खाना चाहिए : परहेज

  • ज्यादा चीनी और ज्यादा नमक का सेवन पीरियड की समस्याओं को बढ़ाने का काम करेगा। यदि आप चीनी और नमक कम करेंगी तो पीरियड के दौरान होने वाले दर्द में काफी राहत मिल सकती है।
  • पीरियड के दौरान चिकनाई भी कम-से-कम लें
  • रोजाना खूब सारा पानी पीएं। ज्यादा ब्लीडिंग में हानिकारक पदार्थ ज्यादा चीनी और ज्यादा नमक न खाएं |
  • पीरियड के दौरान कैफीन वाली चीजो से भी दूर रहें जैसे चाय, कॉफ़ी, एनेर्जी ड्रिंक आदि |
  • सेचुरेटिड फैट यानी घी, तेल, मक्खन, क्रीम का कम-से-कम इस्तेमाल करें। ये पदार्थ आपको बढ़ा हुआ वजन तो देंगे ही, पीरियड में सूजन और दर्द भी देंगे।
  • प्रोसेस कार्बोहाइड्रेट है हानिकारक- प्रोसेस कार्बोहाइड्रेट का मतलब है आटे के बजाय मैदे से बने उत्पाद। अनेक तले-भूने फास्ट फूड में मैदे का ही इस्तेमाल होता है। सफेद पॉलिश्ड चावल, सफेद ब्रेड, पास्ता भी प्रोसेस्ड काब है। नमक और प्रोसेस काब पानी को शरीर में रोके रखते हैं और वजन व सूजन पैदा करते हैं।
  • पीरियड में इनसे भी दूर रहें – आइसक्रीम, तला-भुना चटपटा फ़ास्ट फ़ूड, आलू के चिप्स, क्रैकर्स, कुकीज, केक, पेस्ट्री और अन्य मीठे कन्फेक्शनरी उत्पाद से भी पूरी तरह परहेज करें या बहुत ही कम मात्रा में (हफ्ते में एकाध बार) इस्तेमाल करें। कई अध्ययनों में महिलाओं ने इन पदार्थों से दूर रहकर पीरियड के अपने अनुभव में अंतर महसूस किया है।
  • रोजाना हल्के व्यायाम (बहुत कड़े व्यायाम नहीं) की आदत डालें। तेज चलना, जॉगिंग या तैराकी को अपनाएं। हफ्ते में पांच से छह दिन रोजाना 30 मिनट व्यायाम करें। हल्के व्यायाम से निश्चित रूप से पीरियड को सामान्य करने में मदद मिलेगी। नियमित व्यायाम से शरीर में खून का बहाव तो सही रहता ही है, वजन स्थिर रहने से फैट में उतार-चढ़ाव भी नहीं होता, जिससे ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या में कमी आती है।
  • खास बात : यौवनावस्था (प्यूबर्टी) में, गर्भनिरोधक गोलियां बंद करने के तुरंत बाद, कोई गर्भनिरोधक उपकरण धारण करने के बाद, बच्चे के जन्म के तुरंत बाद और किसी जेनेटिक समस्या के कारण भी भारी पीरियड की समस्या आ सकती है। जेनेटिक समस्या को छोड़ दें तो बाकी मामलों में यह समस्या समय के साथ दूर हो सकती है।

पीरियड (माहवारी) कम आने या रूक जाने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

  • (माहवारी) पीरियड रुकने का एक प्रमुख कारण शरीर में खून की कमी होती है। इसके अलावा शारीरिक श्रम कम करने, ज्यादा चिंता-क्रोध-भावुकता से भी माहवारी रुक सकती है। ज्यादा ठंडी चीजें खाने और भोजन में अनियमितता से भी यह परेशानी आती है ।
  • पीरियड रूकने की समस्या में पपीता बड़े काम की चीज है। रोजाना पपीते का रस पीएं। खासकर कच्चे पपीते की सब्जी का सेवन बहुत लाभ पहुंचाता है। 50 ग्राम मेथी और इससे थोड़े-से ही कम मूली के बीजों को एक साथ पीसकर चूर्ण बनाएं। दस दिन तक रोजाना इस चूर्ण की एक चम्मच मात्रा पानी के साथ लें।
  • खून की कमी इन पदार्थों से दूर करें- खुबानी, केला, कीवी, सेब, आडू, स्ट्रॉबेरी जैसे फल खाएं। सेम और अन्य फलीदार सब्जियां खाएं। हरी पत्तेदार सब्जियों को भोजन में शामिल करें।
  • शकरकंद, कद्दू, लौकी, टिंडे, गाजर जैसी सब्जियों को भी भोजन में जरूर लें।
  • राजमा, उड़द, मसूर, मूंग और अन्य दालों को भी उपलब्धता के अनुसार नियमित रूप से लें।
  • अंकुरित अनाज (स्प्राउट) जरूर खाएं। इनसे बहुत अच्छा पोषण मिलता है।
  • दूध, दही, पनीर भी जरूरी हैं। खा सकें तो अंडा भी जरूर खाएं।
  • कम पीरियड की समस्या में करेले का दो चम्मच रस रोजाना थोड़ी-सी चीनी मिलाकर लें। करेले की सब्जी का भी सेवन करें।
  • रोजाना चार-पांच काली मिचों का चूर्ण बनाएं और करीब 25 दिन तक एक चम्मच शहद के साथ सेवन करें।
  • बराबर मात्रा में मेथी, मूली और गाजर के बीज लें और तीनों को मिलाकर चूर्ण बना लें। अब करीब दस ग्राम चूर्ण रोजाना पानी के साथ खाएं।
  • पीरियड रूकने पर चुकंदर उपलब्ध हो तो रोजाना इसका एक कप रस निकालें और उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर दस दिन तक पीएं।
  • रोजाना सुबह-शाम आधा चम्मच मुलेठी का चूर्ण शहद के साथ चाटें। एक माह तक ऐसा करें, काफी फायदा होगा।
  • सौंठ, गुग्गुल और गुड़ की बराबर मात्रा लेकर काढ़ा बनाएं और रोज रात को सोने से पहले पी जाएं।
  • पीरियड कम होने की दशा में 10-15 दिन तक रोजाना भोजन के साथ पुदीने की चटनी खाएं।
  • गाजर के बीजों को पीस लें और 20-25 दिन तक रोजाना थोड़ा-सा चूर्ण मिश्री मिलाकर खाएं।

पीरियड रूकने की समस्या में ये चीजे ना खाएं  

  • सादा भोजन करें।
  • पीरियड के दौरान मिर्च-मसाले वाला, ज्यादा तैलीय भोजन न करें।
  • रोजाना हल्का व्यायाम करें। आधा घंटा तेज चलें ।
  • पीरियड के दौरान यदि कब्ज की समस्या हो तो ये घरेलू नुस्खे आजमा कर कब्ज दूर करें। कब्ज: कारण लक्षण और मिटाने के सरल उपचार

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