जानिए काजू खाने के फायदे तथा काजू का औषधीय उपयोग

सूखे मेवों में काजू का अपना एक अलग ही स्थान है। यह ब्राजील, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका आदि देशों में काजू अंग्रेजी में (Cashew) बहुतायत मात्रा में मिलता है। भारत में काजू का सर्वाधिक उत्पादन केरल और तमिलनाडु में होता है। इसके अलावा मालाबार, उड़ीसा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी काजू का उत्पादन किया जाता है। काजू का वृक्ष 4 वर्ष की आयु में फल देता है। काजू फल से बाहर लटका रहता है। काजू फल गिरी से तीन गुना बड़ा तथा लाल-पीले रंग लिये होता है। काजू की गिरी का आकार गुर्दे की के आकार की तरह होता है। काजू की दो किस्में होती हैं-सफेद और श्याम। काजू का इस्तेमाल खाना बनाने या मिठाई बनाने के लिए किया जाता है |

काजू में प्रोटीन बहुत अधिक मात्रा में होता है जो मांस से भी अधिक होता है। यह जल्दी पच जाता है। किशमिश के साथ खाने से इसके स्वाद में बढ़ोतरी हो जाती है काजू खाने से खून की कमी, कमजोरी दूर होती है, काजू शान्तिदायक, चिकना और पौष्टिक होता है। जो लोग बार-बार उल्टी करते हैं, कमजोर होते हैं, उन्हें काजू खाने चाहिए है। काजू दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी है।

काजू का औषधीय उपयोग तथा काजू खाने का सही समय

काजू खाने के फायदे तथा काजू का औषधीय उपयोग kaju khane ke kya fayde hai sahi tarika time

Health Benefits of Cashew

  • रक्ताल्पता (एनीमिया)-काजू में आयरन अधिक होता है। इसलिए रक्त की कमी के रोगियों को सर्दी के मौसम में काजू रोजाना खाने चाहिए।
  • भूख- काजू पाचन-शक्ति बढ़ाता है। इससे भूख अधिक लगती है। पेट में भरी गैस बाहर निकलती है।
  • याद रखने की क्षमता बढ़ाने के लिए –सुबह नाश्ते के रूप में खली पेट काजू खाकर शहद खाने से स्मरण-शक्ति बढ़ती है। विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियों को काजू जरुर खाने चाहिये। इसे खाने से आंखे भी तेज होती हैं। इस उपाय से दिमाग तेज चलेगा और उसकी वजह से आपकी आंखे भी अच्छी होंगी।
  • काजू का दूध– काजू का दूध और दही शारीरिक अशक्ति, दुर्बलता में विशेष उपयोगी है। काजू दो घंटा भिगोकर पीसकर पाँच गुने पानी में घोलकर छान लें। यह काजू का दूध बन गया है। दिखने में यह गाय के दूध जैसा होता है। यह बहुत आसानी से पचने वाला, हल्का, स्वादिष्ट होता है और बीमारी के बाद की कमजोरी को दूर कर ताकत बढ़ाता है, शरीर मोटा-ताजा करता है। काजू के दूध को गर्म करके छाछ या दही का जामन डालने से दही बन जाती है।
  • यूरिक एसिड -काजू खाने से यूरिक अम्ल नहीं बनता। अधिक बना हुआ यूरिक अम्ल भी कम होने लगता है। इसलिए यह जोड़ों के दर्द के रोगियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। काजू में विटामिन ‘बी’ पर्याप्त मात्रा में होता है। माँसाहारी कहते हैं, माँस में प्रोटीन अधिक होता है। पर माँस यूरिक अम्ल और खराब कोलेस्ट्रॉल बनाता है। काजू में प्रोटीन होता है, जो जल्दी पच जाता है तथा यूरिक अम्ल नहीं बनाता। प्रोटीन की दृष्टि से काजू माँस से अच्छा भोजन है।
  • कब्ज दूर करने के लिए काजू और मुनक्का मिलाकर खायें।
  • थियामिन–शरीर में थियामिन की कमी से भूख नहीं लगती, लगातार अवसाद बना रहता है, नाड़ी की कमजोरी रहती है। नाड़ी-मण्डल और पाचन शक्ति को ठीक रखने के लिए तथा स्वस्थ रहने के लिए थियामिन की आवश्यकता होती है। काजू में थियामिन की अधिकता होती है। इसलिए काजू खायें, थियामिन की पूर्ति करें।
  • 3 से 4 काजू में लगभग 163 कैलोरिज़ और अनसैचुरेटिड फैट्स होता है. इसी वजह से ये उन लोगों के लिए सबसे बेहतर मेवा है जिन्हें अपना वजन बढ़ाना हो |
  • रिबोफ्लोविन–रिबोफ्लोविन बुढ़ापा रोकता है, यौवन बढ़ाता है। काजू में रिबोफ्लोविन होता है।
  • अगर आपका मूड बेमतलब ही खराब हो जाता है तो 2-3 काजू खाने से आपको इस समस्या में आराम मिल सकता है |
  • उच्च रक्तचाप (High blood pressure)—रोजाना आठ काजू खायें। रक्तचाप नहीं बढ़ेगा, नियन्त्रण में रहेगा। लेकिन केवल सर्दियों में ही इसका सेवन करें |
  • गर्भाशय की सूजन—रोजाना काजू खाने से गर्भाशय की सूजन कम और ठीक हो जाती है। गर्भाशय सम्बन्धी रोगों में लाभ होता है।
  • प्रोस्टेटाइटिस-काजू और लम्बी पिपल (पिपली) दोनों समान मात्रा में पीसकर एक चम्मच इनका पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाकर नित्य एक बार ले। दस दिन बाद दो बार सुबह-शाम इसका फिर से सेवन करें जरुर लाभ होगा |
  • काजू का सेवन शरीर निर्माण, नाड़ी मंडल एवं पाचन प्रणाली की सक्रियता, खून की कमी, कमजोरी आदि पर नियंत्रण करने में फायदेमंद होता है।
  • काजू का तेल–काजू का तेल लगाते ही गर्म लगता है। काजू के तेल में कारडोल और एनाकार्डिक एसिड नाम के तत्व होते हैं। शरीर के मस्से चाहे काले हों या गोभी के फूल की तरह बिखरे हुए रेशा वाले, रोजाना लम्बे समय तक काजू का तेल लगाते रहने से सब खत्म हो जाते हैं। पैर की बिवाइयों में भी यह लाभ पहुंचाता है।
  • सफेद दाग-काजू का तेल सफेद दागों पर लगाने से धीरे-धीरे सफेद दाग मिट जाते हैं। साथ में कम मात्रा में काजू खाते भी रहें। काजू का तेल दाद, खाज, चर्म रोग, मस्से पर लगाने से लाभ होता है।
  • काले अंगूर के साथ 2-3 तोला काजू खाने से, बदहजमी या गर्मी के कारण होने वाली कब्जियत दूर होती है।
  • काजू में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं जो पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए लाभदायक होते हैं | काजू में पाया जाने वाला जिंक फर्टिलिटी के लिए सबसे आवश्यक होता है | काजू यौन शक्ति वर्धक भी होता है, इसको खाने से शुक्राणु (Sperms) अधिक बनते हैं।
  • काजू का सेवन बालों और स्वस्थ त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है।
  • काजू कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

काजू का सेवन जरुर करें पर इन बातों का भी रखे ख्याल

  • अधिक शारीरिक मेहनत करने वाले लोग जैसे खिलाड़ियों को ये बेशक ज्यादा मात्रा में ड्राई फ्रूट सेवन नुकसान ना करें, लेकिन दिनभर अपनी जगह से ना हिलने वाले लोगों के लिए यह बीमारियों की दावत देता है |
  • काजू गर्म तासीर का होता है, इसलिए इसे अंगूर, शर्करा या शहद आदि के साथ सेवन करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में सेवन करने से नुकसान होने की संभावना रहती है।

काजू से जुड़े कुछ सवालों के जवाब

  • काजू खाने का सही समय – काजू का सेवन नाश्ते में करना सबसे सही है |
  • एक दिन में कितने काजू खाने चाहिए – 6 से 7 (सर्दियों में )
  • काजू खाने के तरीके – आप इसे दूध में उबालकर, शहद, किशमिश के साथ ले सकते है |

काजू का रासायनिक विश्लेषण

  • काजू पूर्णतया प्रोटीन युक्त फल है। इसमें 2% प्रोटीन, 22.3% कार्बोहाइड्रेट, 2.5% क्षार तत्व पाया जाता है। इसकी अपेक्षा इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन तथा रेशे की मात्रा कम पायी जाती है। 100ग्राम काजू में 100 अंतर्राष्ट्रीय यूनिट विटामिन ‘ए’, नियासीन 201 मिलीग्राम तथा रिबोफ्लेविन 190 माइक्रोग्राम विद्यमान रहता है।

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