जौ के औषधीय गुण तथा स्वास्थ्य वर्धक लाभ

भारत में जौ (Barley) की खेती का इतिहास बहुत पुराना है वैदिक लोगो के लिए जौ की खेती ही मुख्य थी | हाल ही में वैज्ञानिकों ने 6000 वर्ष पुराने जौ के दानों के जीन्स का अनुक्रमण करने में सफलता प्राप्त की, इसका अर्थ यह है की जौ की खेती का इतिहास 6000 से 7000 साल पुराना है जो वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चूका है |

जौ एक ऐसा अनाज है, जो एक साथ स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदे पहुंचाता है और सेहत की समस्याओं में बचाए रखता है यह कई बिमारियों से छुटकारा दिला सकता है या उस बीमारी की समस्याओ को कम कर सकता है जैसे मधुमेह, शरीर में सूजन, कब्ज की दिक्कत, गठिया आदि यह एक स्वादिष्ट और सेहतमंद अनाज है इसमें कई पोषक तत्व जैसे विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, बीटा और  ग्लूकेन, मैगनीज, प्रोटीन, अमीनो एसिड, डायट्री फाइबर्स और कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट और लेक्टिक एसिड पाए जाते हैं। यह पेट के लिए काफी लाभदायक है और पाचन में बेहद सहायक। जौ को भाप द्वारा पकाकर खाने से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है और जौ के पानी को स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक फायदेमंद होता है | जौ की तासीर सम होती है ना गर्म ना ठंडी | जौ उपयोग कई तरह की दवाओं और बीयर बनाने में भी किया जाता है | यह फाइबर प्राप्त करने का कुदरती बेहतरीन खजाना है | इसके गुण और प्रकृति इसबगोल से मिलती जुलती है | तो आइये जानते हैं जौ के औषधीय गुण तथा उपयोग |

जौ के फायदे और गुण

जौ के औषधीय गुण तथा स्वास्थ्य वर्धक लाभ jo barley ke aate pani roti ke fayde

Barley Health Benefits

  • गठिया की दिक्कत और जोड़ों में दर्द जौ के पानी का रोजाना सेवन करें इससे जरुर राहत मिलेगी
  • गर्भावस्था के दौरान महिला के पैरों में अक्सर सूजन आ जाती है इसक सूजन को दूर करने के लिए नियमित रूप से जौ का पानी पीना चाहिए |
  • जौ पथरी रोग में भी बहुत लाभकारी होती है जौ का पानी पीने से पथरी निकल जाती है। पथरी के मरीज जौ से बनी चीजें जैसे-जौ की रोटी, धाणी, जौ का सत्तू लेना चाहिए। इससे पथरी निकलती है और दुबारा नहीं बनती है |
  • जौ का पानी शरीर को अंदर से भी डीटोक्स करता है यह खून साफ़ करने वाला अच्छा टॉनिक होता है |
  • गले में सूजन, प्यास अधिक और जलन हो तो एक कप भरकर जौ पीस लें और फिर उन्हें दो गिलास पानी में आठ घण्टे भीगने दें। इसके बाद उबालकर पानी को छान लें। हल्का गुनगुना होने पर रोजाना दिन में दो बार गरारे करें। लाभ होगा।
  • जौ की रोटी के फायदे : इससे कब्ज, गैस नहीं बनती क्योंकि इसमें फाइबर अधिक होते है और यह पचने में आसान होती है | इससे पेट कम करने में भी मदद मिलती है |
  • एक कप जौ और कुछ सब्जियां काटकर एक लीटर पानी में उबालकर ठण्डाकर सूप की तरह पियें | कई बिमारियों में ठोस आहार मना किया जाता है यह उसकी कमी को पूरा करता है ।
  • एसिडिटी में जौ के पानी में शहद मिलाकर सेवन करने से लाभ होता हैं।
  • जौ और अडूसा को मिलाकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े में दालचीनी, तेजपात, इलायची का चूर्ण और शहद मिलाकर पीने से एसिडिटी (अम्लपित्त) से होने वाली उल्टी तुरन्त दूर हो जाती है।
  • चीनी तथा जौ के आटे के बने लड्डू गठिया के रोगी के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। इससे दर्द व सूजन दूर हो जाती है।
  • बार-बार होने गर्भपात होने की समस्या को दूर करने के लिए, जौ के बारह ग्राम छने हुए आटे में समान मात्रा में तिल और शक्कर बारीक पीसकर शहद के साथ सेवन करें ।
  • कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए भी जौ के पानी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है |
  • जौ का पानी पीने से शरीर के भीतर मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. जिससे चेहरे पर भी निखार आता है. साथ ही ये इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाए रखता है |
  • शरीर में किसी प्रकार की सूजन होने पर जौ का पानी उबालकर पीना फायदेमंद होता होगा।
  • डायबिटीज रोगियों को जौ के आटे से बनी रोटियां जरुर खानी चाहिए क्योंकि इसमें फाइबर ज्यादा होते है इसके लिए आप 5 किलो जौ, डेढ़ किलो चना, 1 किलो सोयाबीन, 1 किलो दानामेथी, 1 किलो गेहूँ-इन सबको पिसवाकर इस आटे की बनी चपातियाँ खाएं मधुमेह में लाभ होता है। यह भी पढ़ें – इसबगोल के औषधीय गुण और घरेलू नुस्खे
  • कमजोर व्यक्तियों को वजन बढ़ाने के लिए – जौ को पानी में 12 घण्टे भिगोएँ, फिर चारपाई पर कपड़े पर फैलाकर थोडा सुखा लें। फिर इन्हें हल्का कूटकर इनका छिलका उतार दें। छिलका उतर जाने के बाद जौ के इन दानो से दूध की खीर बनाकर खायें। कुछ ही सप्ताहों में दुबले-पतले व्यक्ति भी मोटे हो जाते हैं।
  • गर्मियों में जौ के सत्तू से आप अपने शरीर को ठंडक पहुंचा सकते है यह शरीर में गर्मी सहन करने की क्षमता भी पैदा करता है।

जौ के लाभ सौंदर्य और त्वचा के लिए

  • जौ के आटे में दूध मिलाकर तैलीय त्वचा के लिए बेहतरीन उबटन भी बनाया जा सकता है इसको लगाने के आधे घण्टे बाद धोयें। जौ का आटा, बेसन से अधिक लाभकारी है। इससे तैलीय त्वचा में होने वाली सभी समस्याये दूर हो जाती है।
  • जौ के आटे का दूसरा उबटन-दो बड़े चम्मच जौ का आटा लेकर उसमें दो चम्मच दूध, थोड़ी-सी हल्दी व थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर इस पेस्ट को चेहरे पर उबटन की तरह लगाएं, सूखने के बाद गर्म पानी से नहा लीजिए। त्वचा एकदम साफ हो जायेगी।
  • जौ के आटे और दूध की मलाई चेहरे का साँवलापन दूर करती है। इसलिए दो बड़े चम्मच जौ के आटे में एक चम्मच मलाई मिलाकर थोड़ा-सा पानी डालकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से रंग निखरता है। यह भी पढ़ें – 25 बेहतरीन घरेलू उबटन चेहरे पर निखार लाने के लिए |
  • दो बड़े चम्मच जौ का आटा , एक चम्मच ग्लिसरीन , आधा चम्मच तेल , आधा चम्मच गुलाब जल इनको मिक्स करके लेप बनाकर लगायें

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Comments

  1. By D. kumar

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