जानिये पीलिया रोगी का डाइट चार्ट

पीलिया रोगी का डाइट चार्ट बहुत अहम् होता है क्योंकि इस रोग में खानपान की काफी अहमियत होती है, सही खानपान के जरिये इस रोग से जल्द ही निजात मिल जाती है, जैसा की हमने पिछले पोस्ट में बताया था इसलिए इस पोस्ट में हम आपको बता रहे है पीलिया रोगी का डाइट चार्ट जो अपने आप में सम्पूर्ण आदर्श डाइट प्लान है पीलिया के मरीजो के लिए |

सबसे पहले पीलिया का एक छोटा सा परिचय : पीलिया (Jaundice) एक प्रचलित रोग है, जो प्राय: गर्मियों में अधिक होता है। यह त्वचा, जीभ, आँखों और मूत्र में पीलापन आ जाता है जो रक्त में यह बिलिरूबिन (Bilirubin) की मात्रा सामान्य से अधिक बढ़ जाने के कारण होता है। बिलीरूबिन लाल रक्त कोशिकाओं के लगातार टूटने और नष्ट होने का परिणाम होता है। अगर पेट संक्रमित हो जाता है तो पित्त का बहना रूक जाता है और बिलीरूबिन अधिक मात्रा में बनने लगता है एवं यह धीरे-धीरे खून में एकत्रित होने लगता है। इसी स्थिति को पीलिया कहते हैं। पीलिया नवजात शिशुओं में अधिक पाया जाता है और कभी-कभी यह जन्म के दूसरे दिन ही शुरू हो जाता है।

पीलिया रोगी का डाइट चार्ट इन पोष्टिक तत्वों से भरपूर होना चाहिए :

(Nutritional Requirements)

  • कार्बोज़ (Carbohydrates) इस रोग में अधिक मात्रा में कार्बोज़ लेना निम्न कारणों से आवश्यक हैं: ग्लाइकोजन का संग्रह बढ़ाने के लिए, यकृत के कार्य में कुशलता लाने के लिए और यकृत को संक्रमण से बचाने के लिए।
  • पीलिया की प्रारम्भिक स्थिति के बाद रोगी को अधिक कार्बोज़युक्त नर्म आहार, जैसे अनाज की रोटी, दलिया और अधिक कार्बोज़युक्त फल और सब्जियाँ देने चाहिए।
  • प्रोटीन (Protein) पेट की कोशिकाओं की अधिक तेज़ गति से टूटने से बचाने के लिए रोगी को उच्च श्रेणी का प्रोटीनयुक्त आहार देना चाहिए।
  • वसा (Fats)-रोगी को दो हफ्ते तक सभी प्रकार की वसा वर्जित है। उसके बाद बहुत कम मात्रा में मक्खन और आलिव ऑयल आहार में सम्मिलित किया जाना चाहिए। या नही भी करें |
  • विटामिन (vitamins)-भोजन में अधिक मात्रा में विटामिन ‘सी’, ‘बी’ संयुग्मी, जिसमे खासतौर से विटामिन ई देने चाहिए |

पीलिया रोगी का डाइट चार्ट :

Diet chart for jaundice patients.

Jaundice piliya ke liye diet chart जानिये पीलिया रोगी का डाइट चार्ट

पीलिया रोगी का डाइट चार्ट

  • सुबह उठते ही– नींबू का रस मिला हुआ एक गिलास गर्म पानी पीएं।
  • नाश्ते में– नाशपाती, पपीता, संतरा, अनानास आदि में से जिसका भी चाहे ताजा जूस लें, साथ में एक कप दलिया लें या ब्रेड या एक रोटी लें।
  • दोपहर से पहले– संतरे या नाशपाती का जूस लें। उपलब्धता के आधार पर उन पदार्थों में से किसी भी फल का जूस ले सकते हैं, जिनका जिक्र नीचे किया गया है।
  • दोपहर का भोजन– कच्ची सब्जियों का सलाद लें, दो छोटी गेहूं की रोटी लें, पालक, मेथी या गाजर की भाप में पकाई गई सब्जी लें। बिना चिकनाई वाला एक गिलास मट्ठा लें।
  • दोपहर बाद- पिछले पोस्ट में जिन पदार्थों की चर्चा की गई है, उनमें से उपलब्धता के आधार पर किसी भी पदार्थ का जूस लें।
  • पीलिया में क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए, परहेज इस पोस्ट में बहुत सारे विकल्प दिए गए है |
  • रात के भोजन– एक कप सब्जी का सूप लें। दो गेहूं की रोटी लें, थोड़ी मात्रा में पकाए हुए आलू लें, एक और पत्तेदार सब्जी लें, जैसे मेथी, पालक आदि। इस प्रकार यह एक सम्पूर्ण ,पीलिया रोगी का डाइट चार्ट है |

सिर्फ जूस और फल वाला पीलिया रोगी का डाइट चार्ट :

  • सामान्य पीलिया में विभिन्न फलो और सब्जियों का रस सबसे ज्यादा फायदा करता है। इसलिए निम्नलिखित में से जिस भी पदार्थ का रस उपलब्ध हो सके, उसको पीलिया रोगी का डाइट चार्ट में शामिल करके नियमित रूप से सेवन तब तक करना चाहिए, जब तक रोग ठीक नहीं हो जाए। ये पदार्थ इस प्रकार हैं-
  • गन्ने का रस, चुकंदर का रस, गाजर का रस, मूली का रस, नाशपाती का रस, अंगूर, नींबू और संतरे का रस । पीलिया रोगी का डाइट चार्ट के अनुसार पीलिया के रोगी को कम-से-कम एक हफ्ते तक जूस वाला व्रत करना चाहिए यानी उसे जूस के सिवा और कुछ भी चीज नहीं लेनी चाहिए। ज्यादा-से- ज्यादा जूस का सेवन करना चाहिए।
  • दरअसल पीलिया मुख्यतः शरीर में पित्त दोष से पैदा होने वाली बीमारी है। इसलिए जो भी पदार्थ रक्त को शुद्ध करने का काम करते हैं, उनका रस पीलिया में लाभकारी होता है। गन्ना, चुकदर, गाजर, नींबू, संतरा, नाशपाती आदि ऐसे ही पदार्थ हैं।
  • जूस के बाद पूरे फल पर आ जाइए : एक हफ्ते तक जूस पर निर्भर रहने के बाद रोगी को तीन से पांच दिन तक पूरे फल आहार पर आ जाना चाहिए। इस दौरान निम्नलिखित ताजे फलों को दिन में तीन बार खाना चाहिए। ये फल हैं- नाशपाती, अंगूर, अनानास और संतरा। ध्यान रहे कि पीलिया रोगी का डाइट चार्ट अपनाते हुए केला, चीकू, आम शामिल नहीं करने चाहिए, इसलिए इनका सेवन नहीं करना चाहिए। यह भी पढ़ें – शाकाहारी भोजन के फायदे- Veg Vs. Non-Veg Diet
  • इसके बाद परहेज वाली सामान्य खुराक : तीन से पांच दिन तक केवल फलाहार करने के बाद सामान्य खुराक शुरू करनी चाहिए। इसमें भी काफी परहेज की जरूरत है। जैसा ऊपर दिए हुए पीलिया रोगी का डाइट चार्ट में बताया गया है |

पीलिया रोगी का डाइट चार्ट का पालन करते हुए इन बातो का भी ख्याल रखें :

पीलिया रोगी को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं , इसकी जानकारी हमने पिछले पोस्ट में विस्तार से दी थी फिर भी एक बार इसको संक्षिप्त में फिर से समझ लेते है |

  • पीलिया रोगी का डाइट चार्ट में क्या नहीं शामिल करें (Foods Restricted) -मीट, अंडे का पीला भाग, भारी भोज्य पदार्थ, राजमा, छोले जैसे पदार्थ आदि नहीं लेने चाहिए। कॉफ़ी, चाय, शराब, घी, मलाई वाला दूध, तेज मिर्च मसाले वाले पकवान, चॉकलेट, केक, पेस्ट्री, आइसक्रीम आदि | और शराब तो जहर है पीलिया मरीज के लिए इस बात को अवश्य याद रखें |
  • पीलिया में सही आहार के अतिरिक्त इन चीजो का भी ध्यान रखें जैसे रोगी को आराम करना चाहिए और धूप लेनी चाहिए। कम मात्रा में थोड़े समय के अंतराल पर आहार लेना चाहिए। पीलिया फिर से ना हो इसको रोकने के लिए पीलिया ठीक होने के बाद भी “क्या नहीं खाना चाहिए” वाले भाग में दिए गये पदार्थो से दूर रहना चाहिए कम से कम छह महीने |
  • पीलिया रोगी का डाइट चार्ट में क्या शामिल करें – (Foods Allowed) -ताज़े फल और सब्ज़ियों की काफी मात्रा आहार में सम्मिलित की जानी चाहिए। फल, जैसे-अंगूर, सेब, गन्ना, टमाटर, नाशपाती आदि और सब्ज़ियाँ, जैसे-पालक, मेथी, गाजर, पत्तों सहित मूली आदि लाभदायक हैं। जौ का पानी दिन में कई बार पीना एक अच्छा उपचार है। नींबू पानी, लस्सी, नारियल का पानी, ताज़े फलों का जूस पीलिया के रोगी के लिए लाभदायक होता है। यह भी पढ़ें – जानिए चाय पीने के फायदे और नुकसान

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