डायबिटीज सवाल -जवाब तथा मधुमेह से जुडी जिज्ञासाएँ और उनके समाधान

डायबिटीज सवाल-जवाब – अपने आपको या परिवार के किसी सदस्य को यदि डायबिटीज हो जाए तो मन में अपने आप ही तरह-तरह के सवाल उठ खड़े होते हैं। जैसे की अकसर होता है की लंबे समय तक चलने वाली बिमारियों में मरीज को कई प्रकार के अंधविश्वास और गलतफहमियाँ घेर लेती हैं, हमारे देश में ठीक वैसा ही डायबिटीज के साथ भी हुआ है। इसके सफल इलाज के बारे में कई दावे किये जाते हैं | जैसे शुरू-शुरू में मधुमेही को अपने रोग का पता चलने के बाद ही वो निराशावादी हो जाते हैं, सोचने लगते हैं कि डायबिटीज हो गई तो अब भला क्या हो सकता है। जबकि ऐसा नहीं है ठीक से इलाज लेने से और जीवन-शैली में स्वस्थ परिवर्तन लाकर डायबिटीज के साथ जीवन सामान्य ढंग से जिया जा सकता है। यहाँ डायबिटीज से जुड़ी कुछ आम शंकाओं, गलतफहमियों तथा कुछ प्रश्नों के उत्तर दिए हैं जो सभी डायबिटीज के रोगियों को जरुर पढने चाहिए इससे उनको कई नई जानकारियां मिलेंगी तथा वो मधुमेह का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे ये सभी डायबिटीज सवाल कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा अन्य कई माध्यमो से जुटाए गए है | (Tags)- myths and facts diabetes, diabetes questions answer, doubts FAQ.

इस आर्टिकल में निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सुझाए गए है :-

  • मेरे डॉक्टर ने मुझे इंसुलिन लेने की सलाह दी है। पर मैं इस चक्कर में नहीं पड़ना चाहता, क्या डायबिटीज-रोधी गोलियों में फेर बदल करके काम नहीं चल सकता है ?
  • फिर तो इंसुलिन भी कुछ समय बाद असर करना बंद कर सकती है। क्या इंसुलिन के प्रति भी शरीर आदी नहीं हो जाता ? इंसुलिन के काम न करने पर क्या करते हैं ?
  • डायबिटीज में ब्लड शुगर पर नियंत्रण रखना क्यों जरूरी है ?
  • क्या डायबिटीज में विटामिन और दूसरे पौष्टिक तत्त्वों से युक्त शक्तिवर्धक कैप्सूल या हेल्थ सप्लीमेंट लेने से कोई लाभ पहुँचता है ?
  • अक्सर एक ही परिवार में कई लोग एक साथ डायबिटिक होते हैं। ऐसा क्यों ? क्या डायबिटीज छुवाछूत का रोग है ?
  • मेरी 21 वर्षीया बेटी डायबिटिक है। क्या उसका शादी करना ठीक होगा ? क्या वह अपनी गृहस्थी ठीक से चला सकेगी ?
  • मैं एक युवती हूँ और मुझे डायबिटीज है। क्या मैं गर्भ-निरोधक गोलियाँ ले सकती हूँ ?
  • क्या डायबिटीज के होते हुए माँ बना जा सकता है ?
  • मुझे डायबिटीज है। क्या मेरा बच्चा भी डायबिटिक होगा ?
  • यदि मैं बीमार हो जाऊँ और भोजन न कर पाऊँ तो क्या मेरे लिए इंसुलिन लेते रहना ठीक होगा ?
  • एक वेबसाइट के मुताबिक सदाबहार की जड़ें, जामुन की गुठलियाँ, मेथी, करेले और नीम के पत्ते खाने से डायबिटीज जड़ से दूर हो जाती है। क्या यह बात सच है ?
  • विजयसार हर्ब के बारे में आपकी क्या राय है ? 

डायबिटीज सवाल-जवाब, शंकाएँ, जिज्ञासाएँ तथा उनके समाधान

डायबिटीज सवाल -जवाब तथा मधुमेह से जुडी जिज्ञासाएँ और समाधान diabetes myth and facts FAQ hindi

डायबिटीज शंकाएँ, जिज्ञासाएँ और समाधान

डायबिटीज सवाल : मेरे डॉक्टर ने मुझे इंसुलिन लेने की सलाह दी है। पर मैं इस चक्कर में नहीं पड़ना चाहता, क्या डायबिटीज-रोधी गोलियों में फेर बदल करके काम नहीं चल सकता है ?

जवाब : हर डायबिटिक की दवा की जरूरत अलग-अलग होती है। यह जरूरत समय के साथ बदलती भी रह सकती है। यह भी होता है कि एक समय तक एक दवा काम करती रहे और कुछ सालों बाद काम करना बंद कर दे। डायबिटीज-रोधी गोलियों के साथ यह एक आम समस्या है। ऐसे में ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए इंसुलिन लेना जरूरी हो जाता है। कई बार किसी कठिन घड़ी से पार पाने के लिए भी कुछ समय के लिए इंसुलिन लेनी पड़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर चलना ही ठीक रहता है। यदि ब्लड शुगर बहुत समय तक बिगड़ी रहे, तो उसका शरीर पर बुरा प्रभाव जरूर पड़ता है। इसलिए इंसुलिन को कम आंकने के बजाए उसका लाभ उठाने में ही भलाई है। यदि डायबिटीज-रोधी गोलियों से स्थिति सँभल सकती, तो आपको इंसुलिन लेने की सलाह डॉक्टर नहीं देता।

डायबिटीज सवाल : फिर तो इंसुलिन भी कुछ समय बाद असर करना बंद कर सकती है। क्या इंसुलिन के प्रति भी शरीर आदी नहीं हो जाता ? इंसुलिन के काम न करने पर क्या करते हैं ?

जवाब : यह सवाल इंसुलिन के साथ बेमायने है। इंसुलिन तो एक कुदरती हॉर्मोन है। उसका काम ही शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा को नियंत्रण में रखना है। सामान्य व्यक्ति में जब-जब इसकी जरूरत पड़ती है, अग्न्याशय इसे पूरी कर देता है। पर डायबिटीज में ऐसा नहीं हो पाता। इसीलिए बाहर से इंसुलिन देकर यह जरूरत पूरी की जाती है। बस यही फर्क है एक स्वस्थ व्यक्ति तथा मधुमेही के बीच |

डायबिटीज सवाल : डायबिटीज में ब्लड शुगर पर नियंत्रण रखना क्यों जरूरी है ?

जवाब : कई अध्ययनों से इस तथ्य की पुष्टि हुई है कि डायबिटीज में ब्लड शुगर जितनी संतुलित रहे, रोगी के लिए उतना ही स्वास्थ्यकारी होता है। इससे डायबिटीज से पैदा होने वाली तमाम अन्य बीमारियाँ, जैसे आँख के पर्दे, गुर्दो, धमनियों और तंत्रिकाओं में होनेवाले साइड इफ़ेक्ट में कमी आती है। जिन लोगों में ब्लड शुगर संतुलित बनी रहती है उनमें इन जटिलताओं की दर 25 प्रतिशत कम पायी गई है। यह बहुत बड़ी बात है, चूंकि डायबिटीज के साथ सबसे बड़ी परेशानी उसके द्वारा आने वाले ये साइड इफ़ेक्ट ही हैं। बढ़ी हुई शुगर से धमनियों में रुकावट आती है जिससे दिल की बीमारी होने का खतरा हो जाता रक्तचाप भी स्थाई रूप से बढ़ सकता है।

सवाल : क्या डायबिटीज में विटामिन और दूसरे पौष्टिक तत्त्वों से युक्त शक्तिवर्धक कैप्सूल या हेल्थ सप्लीमेंट लेने से कोई लाभ पहुँचता है ?

जवाब : हालाँकि समय-समय पर पोटेशियम, मैग्नेशियम, जिंक, क्रोमियम और वेनेडियम तथा डायबिटीज के बीच संबंध स्थापित करने की रिसर्च हुई है लेकिन अब तक कोई ऐसा स्पष्ट सबूत नहीं मिला है जिससे इन तत्वों की फायदों की पुष्टि हो सके। पिछले कुछ सालो से डायबिटीज की बीमारी होने में फ्री-रेडिकल्स के कारण होने के सिद्धांत ने भी जोर पकड़ा है। लेकिन ऐंटिऑक्सीडेंट देने से न तो रोग पर रोक लगा पाने में ही कामयाबी मिली है और न ही डायबिटीज को काबू कर पाने में कोई अधिक सफलता मिल पाई है। पर फिर भी ऐंटिऑक्सीडेंट से भरपूर प्राकृतिक आहार जिसमें फल, सब्जी, सलाद अच्छी मात्रा में हों, लेने में कोई हर्ज नहीं है। कोई व्यक्ति संतुलित संपूर्ण आहार लेता रहे तो उसे फिर किसी भी विटामिन या मिनरल युक्त कैप्सूल लेने की जरूरत नहीं होती है जो एक आदर्श स्थिति है ।

सवाल : अक्सर एक ही परिवार में कई लोग एक साथ डायबिटिक होते हैं। ऐसा क्यों ? क्या डायबिटीज छुवाछूत का रोग है ?

जवाब : नहीं, डायबिटीज संक्रामक या हवा से फैलने वाला रोग नहीं है। किसी डायबिटिक व्यक्ति के संपर्क में आने या उसके साथ रहने से यह रोग नहीं होता। किसी बच्चे को डायबिटीज हो तो उसके साथ खेलने-कूदने से डायबिटीज नहीं होती है ।

किसी परिवार में एक से अधिक लोगो को डायबिटीज होने के मायने सिर्फ ये हैं कि रोग वंशानुगत रूप से भी हो सकता है। माता या पिता या उनके परिवार में डायबिटीज हो, तो बच्चों में भी रोग होने की संभावना हो सकती हैं। भाइयों और बहनों में एक साथ रोग होने के पीछे भी जेनेटिक कारण दोषी होता है।

डायबिटीज सवाल : मेरी 21 वर्षीया बेटी डायबिटिक है। क्या उसका शादी करना ठीक होगा ? क्या वह अपनी गृहस्थी ठीक से चला सकेगी ?

जवाब : जी हाँ मधुमेह में भी शादी की जा सकती है, पर वर-पक्ष को भी डायबिटीज की जानकारी शादी से पहले दे देनी चाहिए । क्योंकि शादी के बाद भी इंसुलिन के टीके और खानपान में परहेज छोड़े नहीं जा सकते है इसका अर्थ है की शादी के बाद जल्द ही उनको पता चल ही जायेगा । दूसरे पक्ष को विश्वास में लेने से थोड़ी कठिनाई तो होगी, पर बाद में आप तनाव से बचे रहेंगे। आज अनेक ऐसे लोग हैं जिन्होंने डायबिटीज होने पर भी अपने चुने हुए क्षेत्र में सबको पीछे छोड़ दिया और जीवन से कोई गिला-शिकवा नहीं रखा है |

सवाल : मैं एक युवती हूँ और मुझे डायबिटीज है। क्या मैं गर्भ-निरोधक गोलियाँ ले सकती हूँ ?

जवाब : हाँ, आप अपने चिकिसक के परामर्श से चाहें तो ले सकती हैं, लेकिन आपके लिए गर्भ-निरोध की कोई दूसरी विधि जैसे कंडोम, डायफ्राम या अन्य कोई गर्भ-निरोधक गोली प्रयोग करना बेहतर होगा। यह सच है कि गर्भनिरोधक गोलियों के अपने लाभ हैं, लेकिन उनके साइड इफ़ेक्ट यह है कि उनमें उपस्थित हार्मोन ब्लड शुगर और रक्त-संचार प्रणाली पर खराब प्रभाव डाल सकते हैं। डॉक्टर से बात करके आप ऐसी कोई गर्भनिरोधक गोलियाँ भी चुन सकती हैं जिनमें इस्टरोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन सीमित मात्रा में होते हैं।

सवाल : क्या डायबिटीज के होते हुए माँ बना जा सकता है ?

जवाब : मधुमेह में माँ बना जा सकता है, पर गर्भधारण के पहले से ही इसके लिए तैयारी शुरू कर देना अच्छा होता है। इसके लिए गर्भ धारण करने से पहले आपको अपने डॉक्टर से भी बात कर लेनी चाहिए। हो सकता है वह आपकी दवा में कुछ फेरबदल करे। गर्भावस्था में ब्लड शुगर पर जितना ज्यादा नियंत्रण रहे, उतना ही अच्छा है। इससे स्वस्थ संतान होगी । गर्भावस्था के पहले 8-10 हफ्तों में ही बच्चे के अंग-अवयव शक्ल ले लेते हैं। इसलिए गर्भावस्था के शुरू के हफ्तों में ब्लड शुगर पर नियंत्रण रखने से शिशु में जन्मजात विकृतियों की दर बहुत हद तक कम की जा सकती है।

गर्भावस्था के दौरान भी समय-समय पर डॉक्टर के पास जाते रहना जरूरी होता है। कुछ स्थितियों में बच्चे को जन्म देने के लिए डॉक्टर को सीजेरियन ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती है। इस विषय में पहले से ही पूरी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए और निर्णय लेने में देर नहीं करनी चाहिए क्योंकि उस पल एक-एक क्षण बच्चे के जीवन की दृष्टि से बेशकीमती होता है।

डायबिटीज सवाल: मुझे डायबिटीज है। क्या मेरा बच्चा भी डायबिटिक होगा ?

जवाब : सामान्य माताओं के बच्चों की तुलना में डायबिटिक माताओं के बच्चों में डायबिटीज होने की संभावना थोड़ी ही ज्यादा होती है। इसलिए इस आशंका में डूबे रहने में कोई फायदा नहीं है ।

डायबिटीज सवाल : मैं डायबिटिक हूँ, इंसुलिन के टीके लेता हूँ। जाँघों पर जहाँ टीके लगाता हूँ, वहाँ कई जगह त्वचा ऊबड़-खाबड़ हो गई है, गड्ढे पड़ गए हैं और गाँठे बन गई हैं। इस समस्या का क्या समाधान है ?

जवाब : इस समस्या का समाधान बिल्कुल आसान है—रोज टीके की जगह बदलते रहें। एक दिन टीका एक जाँघ पर, दूसरे दिन दूसरी जाँघ पर, तीसरे दिन दाएँ कूल्हे पर, चौथे दिन बाएँ कूल्हे पर, पाँचवें दिन पेट पर, छठे दिन बाँह पर इसी प्रकार टीके की जगह बराबर बदलते रहेंगे तो यह परेशानी नहीं होगी।

डायबिटीज सवाल : मैं डायबिटिक हूँ और इंसुलिन के टीके लेता हूँ। क्या मैं कार चला सकता हूँ ?

जवाब : हाँ, क्यों नहीं ! बस इतना ध्यान रखें कि इंसुलिन लेने के बाद समय से खा-पी लें और ब्लड शुगर को कम न होने दें। हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में कार चलाना ठीक नहीं। उससे मानसिक क्षमता पर बुरा असर पड़ता है और आप कोई गलती कर सकते हैं। जिससे दुर्घटना हो सकती है |

डायबिटीज सवाल : यदि मैं बीमार हो जाऊँ और भोजन न कर पाऊँ तो क्या मेरे लिए इंसुलिन लेते रहना ठीक होगा ?

जवाब : बिलकुल नहीं !! उस समय ब्लड शुगर का स्तर नापकर ही सही निर्णय लिया जा सकता है। अचानक किसी बीमारी के आने पर या किसी संक्रमण के समय शरीर की इंसुलिन की जरूरत बढ़ जाती है। इसके विपरीत कई घंटों तक कुछ न खाएँ-पीएँ तो ब्लड शुगर भी घट जाती है। दोनों स्थितियों से तालमेल करने का सबसे व्यावहारिक तरीका ब्लड शुगर को ठीक से जाँचकर इंसुलिन की मात्रा तय करना है।

डायबिटीज सवाल : एक वेबसाइट के मुताबिक सदाबहार की जड़ें, जामुन की गुठलियाँ, मेथी, करेले और नीम के पत्ते खाने से डायबिटीज जड़ से दूर हो जाती है। क्या यह बात सच है ?  

जवाब : जामुन, मेथी, करेले के ऊपर आयुर्वेद में यह विश्वास सैकड़ों साल पुराना है कि ये मधुमेह में उपयोगी भी हैं। कुछ नए परीक्षणों में भी जैव वैज्ञानिकों ने उनमें डायबिटीज-रोधी गुण होने की पुष्टि की है। लेकिन यह गुण ऐसे नहीं हैं कि अकेले उनकी मदद से ब्लड शुगर जड़ से ठीक हो जाए। इसलिए वर्तमान जानकारी के आधार पर उन्हें मधुमेह औषधि के विकल्प के रूप में देखना उचित नहीं होगा। उनका फायदा खाना खाने के बाद ब्लड शुगर को कम करने में लाभकारी है। इन वनस्पतियों में दूसरे भी बहुत से स्वास्थ्यवर्धक गुण हैं। मेथी के बीज लेने से कोलेस्टेरॉल पर भी अच्छा असर पड़ता है, इसलिए इन वनस्पतियों के सेवन में बहुत फायदा है। बस, आपको अपनी मर्जी से दवा नहीं छोडनी है और ना ही दवा की खुराक को कम ज्यादा करना है ऐसा कोई भी निर्णय अपने डॉक्टर की सलाह से ही करें |

सवाल : विजयसार हर्ब के बारे में आपकी क्या राय है ?

जवाब : यह गहरी दिलचस्पी का विषय है। विजयसार यानी “पेट्रोकार्पस मारसुपियम” मध्य प्रदेश में उगनेवाली वनस्पति है। आयुर्वेद उसे सदियों से मधुमेह में उपयोगी मानता रहा है। उससे बने किसी बर्तन में रखा पानी और उसका पाउडर नियमपूर्वक लेने से ब्लड शुगर पर अच्छा प्रभाव देखा गया है। इन गुणों को बारीकी से समझने के लिए वैज्ञानिक शोध भी किए जा रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहे शोध के क्या परिणाम आते हैं यह आनेवाले दिनों में साफ हो जाएगा |

डायबिटीज सवाल : Gla 120 Capsule क्या है ? और इसका उपयोग किस परिस्थिति में किया जाता है?

जवाब : यह दवा मधुमेह द्वारा होने वाली जटिलता ‘न्यूरोपैथी’ में काम आती है।

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