डायबिटीज डाइट चार्ट वेजीटेरियन-मधुमेह आहार तालिका

मधुमेह के रोगी का आहार केवल पेट भरने के लिए ही नहीं होता, बल्कि उसके लिए शरीर को ब्लड शुगर की मात्रा को ठीक रखने में सहायक होता है। क्योंकि यह बीमारी जीवन भर रहती है | इसलिए जरूरी है कि वह अपने खान-पान का डायबिटीज डाइट चार्ट बनाकर हमेशा ध्यान रखे। आमतौर पर मरीज़ ब्लड शुगर की नार्मल रिपोर्ट आते ही लापरवाह हो जाता है। डायबिटीज में आहार दवाइयों से ज्यादा महत्तवपूर्ण स्थान रखता है, इसलिए मधुमेह मरीज़ जो भी खाए सोच-समझ कर खाए। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए रोगी को आहार (Diet) पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता होती है।

डायबिटीज डाइट चार्ट  में आहार की मात्रा कैलोरी पर निर्धारित होती है | इसके आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग आहार तालिका बनती है। एक सामान्य मधुमेह के रोगी की आहार तालिका इस प्रकार होती है इसमें भोजन में समय एवं मात्रा पर विशेष ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है।

डायबिटीज डाइट चार्ट – Indian Diabetes Diet Chart Vegetarian. 

डायबिटीज डाइट चार्ट / diabetes diet chart vegetarian

Diabetes Diet Chart Vegetarian.

  • सुबह 5 बजे : आधा चम्मच मैथी दाना पाउडर व पानी।
  • सुबह 7 बजे : 1 कप बिना शक्कर की चाय व 1-2 कम शक्कर वाला बिस्कुट (Biscuits Or Cookies)
  • सुबह 08:30 बजे नाश्ता : 1 प्लेट उपमा या दलिया व आधी कटोरी अंकुरित अनाज, 100 ml मलाई रहित बिना शक्कर का दूध।
  • सुबह 10:30 बजे : 1 छोटा छिलके सहित फल केवल 50 ग्राम का या 1 कप पतली छाछ या नींबू पानी।
  • दोपहर 12:30 बजे भोजन : 2 मिश्रित आटे की सादी रोटी, 1 कटोरी पसिया निकला चावला (चावल उबलने के बाद बचा हुआ पानी ) व 1 कटोरी सादी दाल, 1 कटोरी मलाई रहित दही, आधा कप हरी पत्तेदार सब्जी, सलाद 1 प्लेट।
  • शाम 4 बजे : 1 कप बिना शक्कर की चाय तथा 1-2 टोस्ट (गेंहू के ब्रेड )।
  • शाम 6 बजे : 1 कप सूप ।
  • रात का भोजन 8:30 बजे : दोपहर के समान ही लें |
  • रात को सोते समय 10:40 बजे : 1 कप बिना शक्कर का मलाई रहित दूध।

अपनी कैलोरीज का निर्धारण डाइटीशियन से बनवाकर उसके अनुसार चलें तो अवश्य ही लाभ होगा व डायबिटीज डाइट चार्ट में खाने के विकल्प भी ज्यादा मिल सकते हैं,जिससे आपका भोजन ज्यादा वैरायटी वाला हो जाता है व बोरियत नहीं होती।

अगर आपको डायबिटिक डाइट में शामिल खानपान की चीजो की बेसिक जानकारी है तो इस डाइट चार्ट में दिनों के अनुसार आसानी से नयी सब्जी या फल बदल सकते है | आप चाहे तो इस पोस्ट डायबिटीज में क्या खाए और क्या नहीं को पढकर अपनी पसंद की फल या सब्जी बदल सकते है |

मधुमेह आहार खरीदने, पकाने व खाने के स्वस्थ तरीके

  • बिना छिलका उतारे हुए अनाज से बनी हुई ब्रैड तथा अनाज व दालें आदि खाएं।
  • ताजे फल सबसे अच्छे होते हैं। लेकिन जब डिब्बा बंद फल खरीदें तो इन शब्दों को अवश्य देखें ‘अपने ही रस में डिब्बा बंद’ ।
  • फल के छोटे टुकड़े खरीदें एवं फलों का रस थोड़ी मात्रा में ही पीयें।
  • तेल की बजाय वेजीटेबल कुकिंग ऑयल का प्रयोग करें। खाना बनाने में कृत्रिम मक्खन (माजरिन) या चर्बी (लार्ड) का कम प्रयोग करें।
  • कुकिंग की तकनीक जैसे- सेंकना, ब्रायल करना, उबालना, स्टिर फ्राई करना, भूनना, भाप से पकाना, धीमी आग पर उबालना और ग्रिल करना मधुमेह रोगियों के लिए अच्छी होती है।
  • अधिक तेल में खाना पकाने से बचें।
  • कम चर्बी वाले कटे हुए मांस के टुकड़ों को चुने जब भी नॉन वेज फ़ूड खरीदें तो अतिरिक्त चर्बी को छांट दें।
  • डायबिटीज डाइट चार्ट में वसामुक्त (स्किम या कम वसा 1%) का दूध अथवा डेयरी फूड ही शामिल करें।

शुगर पेशेंट का खाना या डायबिटीज डाइट चार्ट तीन प्रमुख भागो में होना चाहिए

  • कार्बोहाइड्रेट : सब्जी, फल, संपूर्ण अनाज (जो छिलके के साथ पीसा गया हो, जैसे कि होल ब्रेड), दाल Carbohydrate के लिए अच्छे स्रोत हैं। इनमें अधिक रेशा होता है जो कि आपको पाचन में मदद करता है।
  • प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं- मछली, सोयाबीन, चिकन, अंडा।
  • फैट के लिए जैतून,मूंगफली , सफेद सरसों ,बादाम ,Avocado आदि का तेल लेना चाहिए |
  • मछली, अखरोट, अलसी (Flax seed) से मिलने वाला PUFA फैट भी फायदेमंद है |
  • फैट (Fat) के विभिन्न स्रोत में सेचुरेटेड और ट्रांस फैटी एसिड को कम से कम लेना चाहिए। जैसे घी , रेड मीट , बटर |

एक सामान्य मधुमेह रोगी को अपने आहार एवं दिनचर्या में इन बातों का ध्यान रखना चाहिए

  • जब-जब भूख लगे तो कम कैलोरी वाला खाने के आइटम जैसे-भुना चना छिलके वाला, परमल, अंकुरित अनाज, आदि का सेवन करें।
  • तले हुए पदार्थ, गुड़, शक्कर, शहद, मिठाइयां और मेवे इत्यादि से बचें।
  • रोटी के आटे को बिना चोकर निकाले प्रयोग में लाएं। गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इसमें सोयाबीन मिला सकते हैं।
  • सदैव डबल टोन्ड दूध (स्किम्ड मिल्क) और इसी दूध से बनाया हुआ दही प्रयोग करें।
  • दिनभर के भोजन में 3-4 चम्मच (रिफाइंड) तेल का इस्तेमाल करें। अत: सभी सब्जियों को कम से कम तेल का प्रयोग करके नॉनस्टिक कुकवेयर में पकाना चाहिए। यह भी पढ़ें – डायबिटीज का घरेलू उपचार – 25 आयुर्वेदिक नुस्खे |

अपना डायबिटीज डाइट चार्ट बनाने से पहले इन चीजो का ख्याल रखें |

  • मधुमेह के रोगी का आहार हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होता है। अगर कोई आदमी पतला है और अत्यधिक काम करता है, तो उसका डायबिटीज डाइट चार्ट निश्चित ही किसी मोटे आदमी से अलग होगा। लेकिन कुछ बातें हैं जो सभी के लिए लागू होती हैं। जिनको हम इस ब्लॉग में ऊपर बता चुके है |
  • किसी व्यक्ति की खाना और डायबिटीज डाइट चार्ट में शामिल कैलीरी की मात्रा उसके लाइफ स्टाइल पर निर्भर करता है। जैसे मधुमेह का रोगी यदि अधिक उम्र का है और कम मेहनत करता है, आराम की जिंदगी जीता है तो 1500 से 1800 कैलोरीज़ रोजाना उसके लिए काफी होती है। यह पढ़ें – डायबिटीज रोगियों के लिए 1200 तथा 1800 कैलोरी का डाइट चार्ट
  • मोटे व्यक्ति को वज़न के हिसाब से 20 से 25 कैलोरीज़ प्रति किलो काफी होती है, सामान्य मेहनत करता हो तो 30 कैलोरी प्रति किलो और अधिक मेहनत करता है तो 35 केलोरी प्रति किलो प्रतिदिन काफी होता है।
  • मधुमेही व्यक्ति को अपने वजन व लंबाई के अनुसार बताई गई कैलोरीज़ से 5 प्रतिशत कम कैलोरी का सेवन करना चाहिए। उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति की लंबाई 5 फुट 4 इंच है तो उसका वजन 55 कि.ग्रा होना चाहिए। यदि व्यक्ति की दौड़ भाग कम है, जैसे कि वह बैठे-बैठे कार्य करता है तो उसे 2400 कैलोरी लेना चाहिए। डायबिटिक हो तो इसका 5 प्रतिशत कम अर्थात 2270 कैलोरी आहार उसके लिए सही रहेगा। यदि वह मोटा हो तो 200-300 कैलोरी और घटा देना चाहिए।
  • अगर आप या आपकी फैमिली में कोई डायबिटीज के रोग से पीड़ित है तो यह पोस्ट अवश्य पढ़ें -> हाइपोग्लाइसीमिया : शुगर लेवल कम होने के लक्षण, कारण, उपाय |
  • यदि रोगी दुबला-पतला है तो उसे मोटे व्यक्ति की अपेक्षा 10 कैलोरी प्रति किलो की जरूरत होगी यदि रोगी सामान्य शरीर का हो। यानी कि न ज्यादा मोटा और न ज्यादा दुबला-पतला तो उसे मध्यम मात्रा यानी 5 कैलोरी प्रति किलो, मोटे व्यक्ति वाली मात्रा से ज्यादा और पतले व्यक्ति मात्रा से कम मात्रा में कैलोरी मिलना पर्याप्त होगा। यह भी पढ़ें –19 सूपर फ़ूड : डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए |
  • साथ ही यह डायबिटीज डाइट चार्ट प्री-डाइबिटीज़ की स्थिति में भी लाभदायक होता है |
  • खाने में कैलोरीज़ का ध्यान रखने के लिए अपनी किचन में एक चार्ट रखे, जिसमें सभी खाने के सामानों जैसे फल, सब्जी, और दूध के नाम हों तथा उसके आगे कैलोरी की मात्रा दी गयी हो। यह भी पढ़ें – इंसुलिन इंजेक्शन : लगाने का तरीका, सावधानी, साइड इफ़ेक्ट

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