दालचीनी के औषधीय उपयोग और 27 घरेलू उपाय

दालचीनी (Cinnamon) का पौधा जितना छोटा है इसके गुण उतने ही बड़े हैं। यह भारत के दक्षिणी भागों और श्रीलंका में थोड़ी ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर पैदा होती है। यूरोप और मिश्र आदि देशों में भी इसकी पैदावार होती है। इसमें अनेक औषधीय गुण हैं। प्रोटीन, वसा, रेशा, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन बी, सी काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इसका तेल भी निकाला जाता है। दालचीनी की छाल और उसकी जड़ से भी तेल निकाला जाता है।

दालचीनी को लगभग 100 किस्म पाई जाती है। यह सिर्फ एक मसाला ही नहीं बल्कि एक औषधि भी है। भारतीय मसालों में दालचीनी का मसालों के रूप में एक विशेष स्थान है। इसके पेड़ भूरी छाल से बने होते है और बाज़ार में सूखे टयूबलर या पाउडर के रूप में आसानी से उपलब्ध है। दालचीनी की छाल को एक मसाले के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग खाने को स्वादिष्ट बनाने तथा चॉकलेट को तैयारी आदि में भी किया जाता है।

आर्थराइटिस यानि गठिया का दर्द हो या बालों के टूटने, झड़ने की समस्या दालचीनी से हमें बहुत फायदे होते हैं। भारत में सदियों से दालचीनी और शहद को मिलाकर इसका इस्तेमाल होता चला आ रहा है। आयुर्वेद में तो इसे लाख दवाओं की एक दवा बताते हैं। तो चलिए जानते हैं, इसके फायदे और घरेलू नुस्खे बनाने की विधि तथा इनका हमारे स्वास्थ्य में क्या महत्वपूर्ण योगदान है। #Cinnamon #health #benefits #home #remedies

दालचीनी के औषधीय उपयोग और घरेलू नुस्खे :

Cinnamon M-dalchini ke fayde upay labh nuskhe दालचीनी के औषधीय उपयोग और 27 घरेलू उपाय

दालचीनी के औषधीय गुण

  • दालचीनी के पत्तों अथवा उसकी छाल को चूर्ण के रूप में अथवा काढ़ा बनाकर प्रयोग में लाते हैं। इसके प्रयोग से अफारा दूर होता है और मूत्र खुलकर आता है। दालचीनी के उचित और निरन्तर प्रयोग से शारीरिक तनाव में कमी आती है तथा व्यक्ति के रंग, रूप और स्मरण शक्ति में भी विकास होता है।
  • हड्डियों की मजबूती के लिए सदियों से दालचीनी वाले दूध का प्रयोग होता आ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो इस दूध के नियमित सेवन से गठिया की समस्या नहीं होती है।
  • दालचीनी (Cinnamon) को पानी में खूब बारीक पीसकर लेप बनाकर सर पर लगाने से सिरदर्द में काफी  फायदा होता है |
  • बलगम वाली खांसी या कफ होने पर दालचीनी, अदरक, लौंग, इलायची को गर्म पानी में चाय की तरह उबालकर और छानकर पियें
  • खांसी के लिए अन्य उपाय – एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर इतनी ही मात्रा में मुलेठी और शहद के साथ पानी में मिला लीजिए। अब रोज सोने से पहले एक चम्मच इस मिश्रण का सेवन कीजिए। खांसी में इस नुस्खे के बेहतरीन परिणाम फायदे होते हैं।
  • पुरानी खांसी के लिए रामबाण औषधि – दाल चीनी एक भाग, छोटी इलायची दो भाग, छोटी पीपली चार भाग और  वंशलोचन-आठ भाग इन सब सामग्रियों को लेकर सबका खूब बारीक चूर्ण बनाएँ। अंत में मिश्री सोलह भाग लेकर बारीक चूर्ण बनाकर सभी औषधियों के साथ अच्छी तरह मिलाकर काँच की बोतल में सुरक्षित रख लें। इस चूर्ण को सुबह तथा रात को सोते समय खाली पेट 1 चम्मच की मात्रा में शहद के साथ चाटें। इस प्रयोग से दो-तीन दिन में ही खाँसी ठीक कर देता है |
  • यह हर्ब प्राकृतिक रूप से मिठास लिए होता है। यह थकान में बहुत फायदेमंद होती है। इसमें फाइबर आहार खूब होता है; जो हमारी सेहत के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। इस कारण दालचीनी विभिन्न रोगों के लिए प्राकृतिक दवा के रूप में प्रयोग में लाई जाती है। इसके अलावा इसे और भी स्वास्थ्य संबंधी उपचार में प्रयोग किया जाता है, जैसे कोलेस्ट्रॉल को कम करने, जुकाम को नियंत्रित करने, पाचन क्रिया के सुधार के लिए, मोटापे को कम करने के लिए आदि।
  • दालचीनी मधुमेह रोगियों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। इस में एंटी-इंफ्लेमेटरी पाए जाते हैं, जिसके कारण यह हृदय संबंधी रोगों में सुधार करती है और खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करती है।
  • कुछ चिकित्सकों को विश्वास है कि बच्चा पैदा होने के बाद यदि स्त्रियां दालचीनी के चूर्ण का नियमित रूप से उपयोग करती रहेंगी, तो गर्भ निरोध में सहायता मिलती है। इसका कारण यह है कि इसके चूर्ण को लेने से गर्भ के पश्चात् मासिक धर्म की शुरूआत देर से होती है और मासिक धर्म के बाद ही गर्भधारण किया जा सकता है।
  • दालचीनी वाला दूध पीने से पाचन शक्ति मजबूत होती है |
  • एक चम्मच दालचीनी के चूर्ण को पानी में उबालकर ठंडा करके खाने के आधा घंटा बाद लेने से अफारा और अपच दूर होता है।
  • मोटे लोगों की दाल-चीनी का प्रयोग करना चाहिए। अगर आप चाय पीते हैं तो चाय में और भोजन में इसका पाउडर मिला लें। यह शरीर में जमी चर्बी को कम करता है।
  • अगर किसी व्यक्ति को मलेरिया का बुखार होता है तो इसमें यह फायदेमंद होती है और इससे राहत मिलती है |
  • दालचीनी वाला दूध पीने से बालों और त्वचा से जुड़ी लगभग सभी समस्या दूर होती हैं। इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण और बालों को इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है, जिससे त्वचा और बाल स्वस्थ रहते हैं।
  • कील-मुंहासे की समस्या से छुटकारा पाने के लिए दालचीनी के चूर्ण में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर कील-मुंहासे पर लगाने से कुछ दिनों में ही चेहरा साफ हो जाता है।
  • दालचीनी के प्रयोग से दमा, मासिक धर्म अधिक आना और गर्भाशय सम्बंधी रोगों के उपचार में भी होता है।
  • दालचीनी के पाउडर से प्रतिदिन मसूडो की मालिश करें इससे इनकी मजबूती बनी रहेगी |
  • अगर आपकी पाचन क्रिया अच्छी नहीं है तो दालचीनी वाला दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। इसके साथ ही यह गैस की परेशानी से भी राहत देने का काम करता है।
  • दालचीनी से मुंह की बदबू से भी छुटकारा मिलता है। बदहजमी अथवा बुखार के कारण गला सूख गया हो तो इसका एक टुकड़ा मुंह में रखने से प्यास बुझती है तथा मीठा उत्तम स्वाद उत्पन्न होता है। इससे मसूढ़े भी मजबूत होते हैं और दुर्गन्ध भी चली जाती है |

दालचीनी और शहद के लाभ :

दालचीनी के औषधीय उपयोग और 27 घरेलू उपाय Cinnamon dalchini ke fayde upay labh nuskhe

शहद और दालचीनी के लाभ

  • एक गिलास ठंडे दूध में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर लें और शहद के साथ डाल कर अच्छे से मिला लें। इसको हमेशा रात को सोने से 2 घंटे पहले पियें। कुछ दिनों तक इसका प्रयोग करते रहने से थकान कम होगी और शरीर में ताजगी महसूस होने लगेगी।
  • दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर इसका चूर्ण बनाएं। इसे नियमित रूप से आधा चम्मच की मात्रा में पानी के साथ लेते रहने से कब्ज दूर रहता है। दालचीनी और कत्था समान मात्रा में लेकर पानी के साथ लेने से दस्त बंद हो जाते हैं। पित्त की अधिकता के कारण उल्टियां होने पर दालचीनी को शहद में मिलाकर लेने से उल्टियां बंद हो जाती हैं।
  • खाली पेट रोजाना सुबह एक कप गर्म पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से चर्बी कम होती है। यदि इसका सेवन रोजाना किया जाए तो मोटे से मोटे व्यक्ति का वजन भी घटना शुरु हो जाता है।
  • सदियों से यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये शहद का इस्तेमाल होता रहा है। वैद्य-हकीम पुरुषों को सोने से पहले दो चम्मच शहद खाने की सलाह देते हैं। ऐसी महिलाएँ जो गर्भधारण नहीं कर पाती हैं उन्हें एक चम्मच शहद में चुटकी भर दालचीनी पाउडर मिलाकर लेने के लिए कहा जाता है। यह भी अवश्य पढ़ें – शहद के फायदे और इसके 35 घरेलू नुस्खे
  • दाल चीनी पाउडर और शहद का पेस्टा बनाकर ब्रेड पर जैम की जगह लगाकर खाया जा सकता है
  • बढ़े हुए कॉलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। 2 चम्मच शहद ले, उसमें दालचीनी पाउडर को हल्के गर्म पानी में मिला कर इसका सेवन करें, इससे 2 घंटे में खून का कॉलेस्ट्रॉल स्तर 10% तक कम होता है और कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है जिससे दिल के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा कम रहता है। सुखमय जीवन के लिए दाल.चीनी बहुत ही उपयोगी है।
  • पुराने समय से लोग लंबी आयु के लिये गुनगुने पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीते थे। इस तरह का पेय बनाने के लिये तीन कप पानी में चार चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाया जाता है। इसे रोजाना दो बार आधा कप पीना चाहिए। इस तरह से बनी चाय त्वचा की कोमल और स्वस्थ रखने में मदद करती है।
  • रोजाना शहद और दाल चीनी पाउडर का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है और आप वाइरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से भी बचे रहते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि शहद में कई तरह के विटामिन और प्रचूर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो आपकी सेहत के लिये बेहद जरूरी है। शहद और दाल चीनी का पेस्ट दिल की बीमारियों, कोलेस्ट्रॉल, त्वचा रोग, सर्दी जुकाम, पेट की बीमारियों के उत्तम औषधि होती है।
  • जोड़ों के दर्द में शहद और दालचीनी को हल्के गर्म पानी में मिलाकर जोड़ो पर मालिश करें तुरंत आराम मिलेगा | यह भी पढ़ें – गठिया रोग में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं
  • दालचीनी से हानि और सावधानी: दाल चीनी की तासीर गर्म होती है तथा रक्त में पित्त की मात्रा बढ़ाने वाली होती है। इसके अधिक सेवन से शरीर में गरमी पैदा होती है। अत: गरमी के दिनों में इसका लगातार सेवन न करें। और सर्दियों में भी इसकी उचित मात्रा का ही सेवन करें |
  • दालचीनी का सेवन करने में स्तनपान करा रही माताओं और गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

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Comments

  1. By Mahendra pancharia

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