चिरौंजी के फायदे त्वचा व बालों के लिए : चिरौंजी फोर स्किन व्हाइटनिंग

चिरौंजी (Cuddapah Almond) चिरौंजी के अन्य नाम चारोली, चिरोली भी हैं। चिरौंजी एक तो वह होती है जो शक्कर से बनाई जाती है और हलवाई या किराना दुकान पर मिलती है, जिसे चिरौंजी दाना कहते हैं और मन्दिर में प्रसाद चढ़ाने में जिसका प्रयोग किया जाता है और दूसरी वह होती है जो एक पेड़ के फलों की गुठली को फोड़ कर निकाली जाती है और प्राय: किसमिस के साथ हलवा, लड्डू, खीर आदि में डाली जाती है। यहाँ इस चिरौंजी के विषय में उपयोगी जानकारी दी जा रही है। इसका पेड़ 40-50 फीट ऊंचा होता है और सूखे पर्वतीय प्रदेशों में पाया जाता है। हिमाचल, मध्यप्रदेश, दक्षिण भारत, उड़ीसा, छोटा नागपुर में विशेष रूप से पैदा होता है। इसके वृक्ष पर गोल और काले कत्थई रंग का फल लगता है। फल को खाकर गुठली को फोड़ कर दाना निकालते हैं। यह दाना ही चिरौंजी कहलाती है। कच्चा फल हरा और पका हुआ काला हो जाता है। इसके फल करौंदे के समान नीले बैंगनी रंग के और गोलाकार होते हैं। मेवों में पिस्ता, अखरोट, गोला, बादाम, चिलगोजा व चिरौंजी आदि आते हैं। इन्हें खूब चबाकर खाना चाहिए । छुहारा, किशमिश आदि में फलों की शर्करा अधिक है, जो स्टार्च की शक्कर से अधिक लाभदायक है।

चिरौंजी का पका हुआ फल मीठा, भारी, वातपित्त, जलन, प्यास और बुखार का शमन करने वाला होता है। इसकी गुठली फोड़ कर निकाला गया दाना बल बढ़ाने वाला, वात-पित्तशामक, हृदय के लिए अच्छा होता है। इसे शारीरिक कमजोरी में सेवन करना चाहिए | चिरौंजी और छाल दोनों ही उपयोगी होती है। चिरौंजी को खाद्य व्यंजन जैसे-हलवा, खीर, लड्डू, पाक आदि तथा मिठाइयों में सूखे मेवे के रूप में डाला जाता है। इस उपयोग को हम सभी जानते हैं।

चिरौंजी में मौजूद तत्व—चिरौंजी के फल में प्रोटीन, स्टार्च, स्थिर तेल होते हैं। यह उत्तम पोषक है। गुणवत्ता में चिरौंजी व इसका तेल, बादाम व बादाम का तेल के बराबर है। चिरौंजी की गर्म तासीर के अलावा सभी गुण, बादाम, अखरोट के समान हैं।

चिरौंजी फोर स्किन व्हाइटनिंग : त्वचा के लिए भी चिरौंजी है वरदान

चिरौंजी के फायदे त्वचा व बालों के लिए : चिरौंजी फोर स्किन व्हाइटनिंग chironji for skin whitening hindi

चिरौंजी

  • सौन्दर्यवर्धक–(1) चिरौंजी, गुलाब-जल में पीसकर चेहरे पर लेप करके, सूखने पर चेहरे को रगड़-रगड़ कर इस लेप को उतारें, फिर चेहरा धो लें। यह प्रयोग लगातार सात दिन करें। इसके बाद कभी-कभी हर चौथे दिन भी इसे दोहराए ।
  • (2) इसी प्रकार संतरे तथा चिरौंजी के छिलके दूध डालकर, पीसकर चेहरे पर लेप करें। मसला मसल कर चेहरा धोयें। चेहरे की आभा चाँदनी-सी निखरेगी तथा त्वचा की चमक बढ़ेगी |
  • चिरौंजी को सिल पर, तोडा सा गुलाब जल डालकर बारीक पीस लें और चेहरे पर इसका लेप लगाएं। सूखने लगे तब इसे खूब मसलें। थोड़ी देर बाद धोकर साफ कर लें। चेहरे की त्वचा सुन्दर चिकनी और चमकदार रखने के लिए यह लेप एक सप्ताह प्रतिदिन लगाएं। फिर सप्ताह में दो बार लगाते रहें। चेहरा खिला-खिला रहेगा।
  • संतरे और चिरौंजी के छिलके दूध के साथ पीस कर चेहरे पर लेप करें। सूखने लगे तब खूब मसलें और थोड़ी देर बाद धो डालें। लाभ न होने तक प्रयोग करते रहें।
  • चेहरे के दाने –गुलाबजल डालकर चिरौंजी के दानो की चटनी बनाकर त्वचा पर लेप करें। दो घंटे बाद धोयें। इससे खुजली में लाभ होगा। चेहरे पर मलने से चेहरे के दाग धब्बे, मुँहासे दूर होंगे।
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चिरौंजी के गुण रोगों को दूर करने में

  • पित्ती–पित्ती निकलने पर चिरौंजी के दानो को पीसकर लेप करें और आधा-आधा चम्मच चार बार रोजाना चबाकर खायें।
  • मुंह के छाले—रोजाना तीन बार आधा-आधा चम्मच चिरौंजी चबा-चबाकर खाने से छाले ठीक हो जाते हैं।
  • काले लंबे बालों के लिए नुस्खा – नारियल के तेल में 10 से 20 चिरौंजी को डालकर रख दें। अब इस तेल को 3 दिन धूप में और 1 दिन छांव में रखें। फिर रात में इस तेल को बालों में लगाकर सिर को ढंक कर सो जाएं। चिरौंजी में पाया जाने वाला B1, B3 बालों को ग्रो करता है। यह तेल बच्चों और बड़ों सभी के सिर पर असर करता है।
  • जोड़ों के दर्द से परेशान लोगो को चिरौंजी के दानो को गर्म दूध के साथ लेना चाहिए। दूध को उबालकर उसमें घी और हल्दी डालें फिर चिरौंजी को उसके साथ खाएं।
  • सिरदर्द व चक्कर आने में पिसी चिरौंजी दूध में उबालकर पियें जल्दी आराम मिलेगा ।
  • खाँसी, जुकाम-दो चम्मच चिरौंजी पीसकर घी का छौंक लगाकर एक गिलास दूध में मिलाकर उबालकर, गर्म-गर्म पीने से खाँसी, जुकाम में लाभ होता है।
  • शक्तिवर्धक हलवा – चिरौंजी डालकर बनायें और खायें। इससे शरीर मोटा ताजा होगा तथा शक्ति बढ़ेगी।
  • ताकत को बढ़ाने वाला :- सूखे अंजीर के टुकड़े और छिली हुई बादाम गर्म पानी में उबालें। इसे सुखाकर इसमें दानेदार शक्कर, पिसी इलायची, केसर, चिरौंजी, पिस्ता और बादाम बराबर मात्रा में मिलाकर 8 दिन तक गाय के घी में पड़ा रहने दें। बाद में रोजाना सुबह 20 ग्राम तक सेवन करें। छोटे बच्चो की कमजोरी के लिए यह नुस्खा बहुत कामयाब है।
  • खून बढ़ाने के लिए नुस्खा :- सूखे अंजीर के टुकड़ों एवं बादाम को गर्म पानी में भिगोकर रख दें फिर ऊपर से छिलके निकालकर सुखा दें। उसमें मिश्री, इलायची के दानों, केसर, चिरौंजी, पिस्ते और बलदाने कूटकर डालें और गाय के घी में 8 दिन तक भिगोकर रखें। यह मिश्रण रोजाना लगभग 20 ग्राम की मात्रा में खाने से कमजोर शक्ति वालों के खून में वृद्धि होती है। भारतीय स्त्रियों में खून की कमी होना एक आम बात है उनके लिए यह एक अच्छा उपाय है |
  • खुजली—समान मात्रा में चिरौंजी, गुलाब-जल और डेढ़ गुणा सुहागा मिलाकर पीसकर खुजली, फुन्सियों पर लगाने से लाभ होता है।

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