डायरिया रोग के लक्षण ,कारण और बचने के उपाय

सामान्य रूप से पतले बिना मरोड़ के मल का बार-बार आना अतिसार, दस्त या डायरिया रोग कहलाता है। यह एक जाना-पहचाना बच्चों, जवानों और बूढ़ों सभी को हो जाने वाला आम रोग है। डायरिया को शिशुओं की मौत का बड़ा कारण माना गया है। दस्त लगने से शरीर में पानी और खनिज लवण निकलने से शरीर को जरुरी पोषण नहीं मिल पाता है।

डायरिया के कारण / डायरिया कैसे होता है ?

डायरिया Causes prevention of diarrhea

Causes prevention of diarrhea

  • डायरिया उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में एकाएक मौसम बदलने, ज्यादा खाना, दूषित फल और पानी का सेवन, अति शीतल जल, बर्फ अधिक खाना |
  • भारत में दूषित पानी डायरिया की बड़ी वजह है | गर्मियों में दूषित पानी के ज्यादा सेवन से बहुत बड़ी पेट में बहुत बड़ी मात्रा में अशुद्धियां चली जाती है जो डायरिया , उल्टी तथा अन्य बिमारियों की वजह बनती है |
  • फ़ूड पॉइजनिंग से भी दस्त लग जाते है |
  • गर्मियों में तेज मिर्च मसाले वाला भोजन खाने से भी डायरिया हो जाता है |
  • सर्दियों और बारिश के मौसम में वायरल इंफेक्शन से सबसे ज्यादा डायरिया होता है।
  • भोजन के पाचन के पहले ही दुबारा भोजन करना, पेट में कृमि होना, भय, शोक, दुःख, मानसिक तनाव , कम नींद लेने से भी अतिसार आदि होते हैं।
  • पेट में बैक्टेरिया के संक्रमण |
  • दवाई की एलर्जी, साइड इफेक्ट्स या रिएक्शन |
  • खाने पीने की चीजो में मिलावट से खास तौर पर दूध,पनीर ,बासी मीट खाने से से भी डायरिया हो जाता है |
  • डायबिटीज के मरीज को भी डायरिया जल्दी-जल्दी होता है |

डायरिया के लक्षण :

अतिसार के लक्षणों के रूप में दस्त आने के पहले हलका, मीठा पेट दर्द होना, कभी थोड़ा गाढ़ा तो कभी पानी के समान की तरह तेजी के साथ मल निकलना, शारीरिक दुर्बलता, पेट दबाने पर पीड़ा होना, जीभ सूखना इसके अलावा हाथ-पैर ठंडे पड़ना, शरीर में बेचैनी, थकान आदि लक्षण देखने की मिलते हैं।

दस्त में क्या खाना चाहिए

  • जीवन रक्षक घोल यानी ओ.आर.एस. घोल या एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी और चुटकी भर नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद एक-एक कप पिएं।
  • भोजन के रूप में दही-चावल या खिचड़ी खाएं।
  • चावल का धोवन (चावल उबलने के बाद बचा हुआ गाढ़ा सूप ), मूंग या मसूर की दाल का सूप, साबूदाना की खीर, छाछ या दही इच्छानुसार सेवन करें।
  • सेब का मुरब्बा, या केले और चावल खाना चाहिए |
  • दोपहर के भोजन में लौकी का रायता या दही की लस्सी लें।  यह भी पढ़ें – दस्त के घरेलू उपचार -27 बेहतरीन अतिसार उपचार
  • एक कप दही में एक केला मिलाकर सुबह, दोपहर, शाम सेवन करें।
  • नीबू, मौसमी, संतरे, अनार का जूस लें।
  • कच्चा, पका पपीता, गन्ने का रस, मीठा सेब खाएं। बेल का मुरब्बा भी खा सकते हैं।
  • डायरिया होने पर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है इसलिए गाजर का सूप पियें |

डायरिया से बचने के उपाय  

  • डायरिया से बचाव के लिए बासी, तली, भारी, मिर्च-मसालेदार चीजो का सेवन न करें।
  • ज्यादा गर्मी में शराब, चाय, कॉफी, कम पिये या ना पियें क्योकि इससे शरीर में और ज्यादा गर्मी बढ़ जाती हैं जो कुछ लोगो के लिए डायरिया का कारण बन सकती हैं |
  • बासी, खट्टी महक वाला दूध न पिएं ।
  • डायरिया से बचाव के लिए मक्खियां बैठी या बिना ढकी हुई खाने-पीने की चीजें न खाएं।
  • फ्रिज में रखे हुए पदार्थ बाहर निकाल कर तुरंत न खाएं।
  • आलू, इमली, बैगन, गोभी, अचार का सेवन न करें। Read this –जानिए फ़ूड पॉइजनिंग के कारण और बचाव के उपाय
  • दावतों में बहुत पहले से कटे हुए प्रदूषित सलाद के सेवन से बचें।
  • अंगूठों और अंगुलियों के नाखून न बढ़ाएं और न उनमें मैल जमा होने दें।
  • गंदा व बासी पानी न पिएं। बदहजमी : कारण और इलाज के 13 घरेलू उपाय

डायरिया हो जाने पर क्या करें

  • पीने का पानी उबालकर, ठंडा करके पिएं।
  • शरीर में पानी और नमक की कमी बिलकुल ना हो इस बात का ख्याल रखें | थोड़ी- थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें
  • एक बार ज्यादा खाने की बजाय थोडा थोडा रूक रूक कर खाएं |
  • खिचड़ी दलिया जैसे हल्के भोजन का सेवन करें |
  • पेट को गर्म कपड़े से ढक कर रखें।
  • भोजन करने के पहले हाथों की सफाई अवश्य करें।
  • हाथों के नाखून काट कर रखें।
  • प्याज को पीसकर नाभि पर लेप करें।
  • पुदीने के ताजा पत्तो को पानी में उबाल कर पियें |
  • एक चम्मच चाय की पत्ती और चौथाई चम्मच नमक लेकर इनको पीस कर रख लें | इसे दिन में तीन बार गर्म पानी से लेने से पेट दर्द और डायरिया ठीक हो जाता है |
  • याद रखें , बैक्टीरिया के संक्रमण से होने वाला डायरिया डाक्टर द्वारा दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाई लेने पर ही जल्द ठीक हो सकता है।
  • अगर ज्यादा मात्रा में और बार-बार दस्त लग रहे है, और मरीज के पेट में कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं रूक पा रहा है तो तुरंत किसी डाक्टर से सम्पर्क करें नहीं तो शरीर में डीहाईडरेशन से मरीज बेहोश भी हो सकता है |

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Comments

  1. By Jignesh

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  2. By अमित

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