आंवले से विभिन्न रोगों का उपचार

जैसा की हमने आंवला के बेहतरीन औषधीय गुण  सीरिज में आपसे गुणकारी आंवले के सभी इस्तमाल और इससे बनने वाले स्वास्थ्य वर्धक उत्पाद बनाने की विधि के लिए वादा किया था तो इस सीरिज के आखिर में नीचे दी हुई बीमारियों और समस्याओं के निवारण के लिए आंवले के सरल घरेलू नुस्खे दिए गए है | जिनसे निश्चित ही आपको लाभ होगा, इस पोस्ट में हमने लगभग सभी बीमारियों के लिए आंवले के उपयोग सम्बंधित उपायों को रखा है जो आयुर्वेद के ज्ञाताओ और विशेषज्ञों द्वारा लिखी गयी पुस्तकों और उनके व्यक्तिगत मार्गदर्शन के आधार पर है |

आंवले से उपचार के प्राकृतिक घरेलू नुस्खे

 

home-remedies-by-amla-indian-gooseberry आंवले

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  1. आँखों के लिए आंवला के फायदे / Amla Benefits For Eyes
  2. दिल के लिए आंवला के नुस्खे / Amla Benefits For Blood Pressure and Heart
  3. पेट के लिए आंवला के उपयोग / Amla (Indian gooseberries) remedies for stomach upset
  4. आंवले से स्मृति शक्ति में वृद्धि / Increase Memory Power By Amla /
  5. वृध्दावस्था के लिए आंवला / Amla for curecure health challenges in Old age
  6. चेहरे की खूबसूरती के लिए आंवला /Amla For beautiful face 7 Skin
  7. दांतों के लिए आंवला / Amla Benefits for Tooths
  8. सिरदर्द, चक्कर आना, गर्मी से बचाव के लिए आंवला/Amla Home Remedies for Heat-related illnesses
  9. खून से सम्बन्धित रोगों के लिए आंवले का इस्तमाल / Amla home remedies for blood related problems
  10. अम्लपित्त ठीक करने के लिए आंवला / Acidity home remedies by Amla
  11. अन्य 10 प्रकार की बीमारियों के लिए आंवला / Amla home remedies for other diseases

आँखों के लिए आंवला के फायदे / Amla Benefits For Eyes

  • आंवला के नियमित सेवन से नेत्र ज्योति और स्मरणशक्ति बढ़ती है।
  • आंवला का मुरब्बा प्रतिदिन खायें।
  • 250 MLML पानी में 6 ग्राम सूखा आँवला रात को भिगो दें। प्रात: इस पानी को छानकर आँखें धोयें। इससे आँखों के सब रोग दूर होते हैं और आँखों की रोशनी बढ़ती है।
  • नेत्र-ज्योतिवर्धक- एक काँच का गिलास पानी से भरकर प्रतिदिन रात को उसमें एक चम्मच पिसा हुआ आंवला डाल दें। सुबह बिना हिलाये आधा पानी छानकर उससे आँखों को धोयें। बचा हुआ आधा पानी आँवले सहित पियें। इस तरह लगातार चार माह करने से नेत्र ज्योति (आँखों की रोशनी) बढ़ जायेगी, चश्मा भी हट सकता है।
  • त्रिफला (हर्र, बहेड़ा और आंवला) रात को पानी में मिट्टी के बर्तन में भिगो दें। सुबह इस पानी से आँखे धोने से आँखों की आम बीमारियाँ दूर होती है |
  • आँखों के आगे अँधेरा छाना , सिर में जलन, बार-बार पेशाब आता हो, तो आंवलो का रस तीन चम्मच, एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम चार दिन तक पीने से लाभ होता है।

दिल के लिए आंवला के नुस्खे / Amla Benefits For Blood Pressure and Heart

  • गर्मियों में चक्कर आते हों, जी घबराता हो तो आंवला का शर्बत पियें। दिल धड़कता हो तो आंवला का मुरब्बा खायें।
  • दिल की बेचैनी उच्च रक्तचाप- आंवला में सोडियम को कम करने की क्षमता होती है। इसलिए रक्तचाप के रोगी के लिए आंवला का उपयोग लाभदायक है।
  • आंवला रक्त बढ़ाने और साफ करने में सहायक है तथा इससे शरीर को आवश्यक रेशा मिलता है।
  • हृदय एवं मस्तिष्क को निर्बलता- आधा भोजन करने के बाद हरे आंवले का रस 35 ग्राम पानी में मिलाकर पी लें, फिर बाकि बचा आधा भोजन करें। इस प्रकार 21 दिन सेवन करने से हृदय तथा मस्तिष्क सम्बन्धी दुर्बलता दूर होकर स्वास्थ्य सुधर जाता है और स्मरण-शक्ति बढ़ती है।
  • कोलेस्ट्रॉल, हृदय-रोग से बचाव-एक चम्मच आंवला का पाउडर प्रतिदिन लेने से हृदय रोग होने से बचाव होता है।
  • कच्चे हरे आंवला का रस चौथाई कप, आधा कप पानी, स्वादानुसार मिश्री मिलाकर पीते रहने से कोलेस्ट्रॉल कम होकर सामान्य हो जाता है, जिससे हृदय रोग से बचाव होता है।
  • हृदय-रोग- दो चम्मच पिसा हुआ ऑवला दूध के साथ लेने से हृदय के आम रोग दूर हो जाते हैं।
  • उच्च रक्तचाप, रक्त की गर्मी-ऑवले का मुरब्बा प्रतिदिन प्रात: खाने से उच्च रक्तचाप ठीक हो जाता है।

पेट के लिए आंवला के उपयोग / Amla (Indian gooseberries) remedies for stomach upset

  • आंवला खाने वालों में संक्रमण का प्रभाव कम होता है। यह कब्ज़ को दूर करता है।
  • कब्ज़- रात को एक चम्मच पिसा हुआ ऑवला पानी या दूध से लेने से कब्ज़ नहीं रहती। आंते तथा पेट साफ होता है।
  • यकृत में सूजन, पीलिया- आंवला का रस चौथाई कप एक गिलास गन्ने के रस में मिलाकर पियें। इस प्रकार प्रतिदिन तीन बार पीते रहने से पीलिया ठीक हो जाता है।
  • 50 ग्राम आँवला + 50 ग्राम जीरा + 25 ग्राम इलायची—सबको मिलाकर, पीसकर एक-एक चम्मच तीन बार गाय के दूध के साथ लेने से पेट साफ रहता है।
  • दस्त- सूखा आँवला पिसा हुआ और काला नमक समान मात्रा में मिलाकर पानी के साथ आधा चम्मच की फंकी लेने से दस्त बन्द हो जाते हैं।
  • दस्तों में आंवला का मुरब्बा खाने से लाभ होता है।
  • ताजा आंवलो का रस चार चम्मच पानी में मिलाकर पिलाने से भी लाभ होता है। सूखा आँवला भिगोकर इसका पानी भी पिला सकते हैं।
  • पिसा हुआ आंवला 10 ग्राम+पिसी हुई छोटी हरड़ 5 ग्राम मिला लें। इसकी चौथाई चम्मच प्रतिदिन दो बार पानी के साथ लें। हर प्रकार के दस्तों में लाभ होगा। पाचनशक्ति बढ़ेगी।
  • पेचिश (Dysentery)- दस्तों में रक्त आता हो तो एक बढ़ा चम्मच पिसा हुआ आंवला इतने ही शहद में मिलाकर प्रतिदिन तीन बार दस दिन तक सेवन करें।

आंवले से स्मृति शक्ति में वृद्धि /Increase Memory Power By Amla 

  • प्रतिदिन खाली पेट 2  नग ऑवले का मुरब्बा खाने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है। स्मरण-शक्ति बढ़ाने के लिए प्रतिदिन प्रात: खाली पेट आँवले का मुरब्बा खायें।
  • बच्चों को पढ़ाया हुआ याद नहीं रहता, वृध्दावस्था में जिनकी स्मरण-शक्ति कमजोर हो गयी हो, उनके लिए आंवला के मुरब्बे का सेवन लाभकारी है।

वृध्दावस्था के लिए आंवला / Amla for curecure health challenges in Old age

  • वृध्दावस्था में आन्तरिक शक्ति बढ़ाने वाली औषधियों में इस्तमाल किया जाने वाला मुख्य अंश आँवला ही होता है। क्योंकि आंवला में एक रसायन (Succinic acid) सकसीनिक अम्ल होता है जो बुढ़ापे में होने वाली अनेक शारीरिक समस्याओ को कम करने में सहायक है|
  • वृध्दावस्था के लिए आंवले से बने कुछ स्वास्थ्य वर्धक नुस्खे-
  • आंवला के रस में मिश्री और घी मिलाकर सेवन करें।
  • सूखा पिसा हुआ आंवला प्रतिदिन एक चम्मच, पानी के साथ लेने से शरीर में स्फूर्ति एवं ताजगी आता है।
  • बुढ़ापे की कमजोरी- बुढ़ापे में शरीर में चूने की मात्रा बढ़ जाती है। चूने की अधिकता हड्डियों, स्नायुओं और रक्तवाहिनियों को कठोर बना देती है। इससे शरीर की गतिशीलता में अवरोध उत्पन्न हो जाता है। आँवले का रेगुलर सेवन इस कठोरता को दूर करके सारी क्रियाओं को ठीक रखता है।
  • सूखा आँवला पीस लें। इसकी दो चम्मच गेंहू की ब्रेड या रोटी के साथ रोजाना खाने से बुढ़ापा देर से आता है|

चेहरे की खूबसूरती के लिए आंवला /Amla For beautiful face 7 Skin

  • झुर्रियाँ व झाँड़याँ– प्रतिदिन सुबह-शाम चेहरे पर आंवले के तेल की धीरे-धीरे मालिश करें।
  • रात को एक काँच का गिलास पानी से भरकर इसमें दो चम्मच पिसा हुआ आंवला भिगो दें और प्रतिदिन प्रात: पानी छानकर चेहरा इस पानी से धोयें। ऐसा करते रहने से चेहरे की झुर्रियाँ व झाँइयाँ दूर हो जायेंगी।
  • पिसे हुए आंवला को पानी में घोलकर उबटन की तरह मलकर स्नान करने से त्वचा चमकदार और रोगरहित होती है।
  • Amla Cosmetic – सौंदर्यवर्धक- पिसा हुआ ऑवला उबटन की तरह मलने से त्वचा साफ और मुलायम रहती है तथा त्वचा रोग नहीं होते। आंवला का उबटन सौंदर्य बढ़ाता है।
  • 50 ग्राम पिसा हुआ आंवला सेंक लें। इसमें दो चम्मच घी मिलायें। प्रतिदिन एक चम्मच शहद में मिलाकर खाने से त्वचा की चमक और सौंदर्य बढ़ता है।

दांतों के लिए आंवला / Amla Benefits for Tooths

  • पायोरिया– ताजे आँवले का सेवन दाँतों, मसूढ़ों की मजबूती के लिए कारगर है। यह पायोरिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी लाभप्रद है। सूखा पिसा हुआ आंवला या आंवला के रस में पाँच बूंद सरसों का तेल मिलाकर दाँतों पर मलने से पायोरिया ठीक हो जाता है।
  • एक आंवला, दो सन्तरे के बराबर होता है। दाँतों और मसूढ़ों को आंवला कठोर बनाता है।
  • बच्चों के दाँत के रोग (Amla use to cure Children teeth related problems )- जिन बच्चों के दाँत ठीक से न निकले हों, कमजोर हों, Fragile हों और दाँतों में कीड़े लग गये हों, उन्हें रोज ताजे आंवला खाने को देना चाहिए। ताजे आंवला को दाँत से काटकर खाने तथा ताजे आंवला को काटकर दाँत पर मलने से दन्त विकार दूर हो जाते हैं। दाँत में कीड़ा लगा हो या , दर्द हो तो आँवले के रस में जरा-सा कपूर मिलाकर दाँत पर लगायें। दर्द दूर हो जायेगा।

सिरदर्द, चक्कर आना, गर्मी से बचाव के लिए आंवला/Amla Home Remedies for Heat-related illnesses

  • यदि ताजा आंवला न मिले तो सूखे आंवलो को पानी में भिगोकर उस पानी को सिर पर लगायें। इससे मानसिक गर्मी दूर हो जाएगी।
  • छाले– गले में छाले होने पर मिश्री, मुलहठी व सूखे आंवला को समान मात्रा में पीसकर एक चम्मच चूर्ण एक गिलास दूध में मिलाकर सुबह-शाम पियें। चार दिन इसका उपयोग करने से गले के छाले ठीक हो जायेंगे।
  • जलन– ताजा आंवला का रस चौथाई कप, आधा कप पानी और स्वादानुसार शक्कर मिलाकर प्रतिदिन दो बार पीते रहने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है। छाती की जलन में लाभ होता है। स्त्री के मूत्रांग की जलन ठीक होती है।
  • आँवले का रस शहद के साथ सेवन करने से भी स्त्रियों का (मूत्रांग की जलन) शान्त होती है।
  • Prostate Gland Problems – आँवले की गुठली को फोड़ने पर निकलने वाले बीज 150 ग्राम, गुड़ 150 ग्राम, काले तिल आधा किलो-इन सबको बारीक पीसकर, मिलाकर 20-20 ग्राम के लड्डू बनाकर प्रतिदिन सुबह-शाम खायें। प्रोस्टेट के रोग दूर हो जायेंगे।
  • साबुत धनिया दो चम्मच, एक चम्मच पिसा हुआ आंवला रात को दो कप पानी में भिगो दें। प्रात: धनिया को हाथ से उसी पानी में मसलकर, पानी हिलाकर छानकर पियें। इसी प्रकार प्रात: भिगोकर शाम को पियें। दस दिन लगातार पियें। पेशाब की जलन दूर हो जायेगी।
  • दो चम्मच आंवला तथा समान मात्रा में मिश्री मिलाकर पानी से प्रतिदिन दो बार लेने से पेशाब की जलन तथा पेशाब का रुक-रुक कर आना ठीक हो जाता है।
  • मुह के छाले- प्रतिदिन आँवले के दो मुरब्बे खायें।
  • सुबह टहलने या व्यायाम करने के बाद ताजे आंवला के 5 चम्मच रस में 3 चम्मच शहद मिलाकर पियें और दो घण्टे तक कुछ भी न लें। इस तरह ताजा आंवला के रस का सेवन दो महीने तक प्रतिदिन करने से शरीर हष्ट पुष्ट हो जाता है। सदा स्वस्थ और नीरोग रहने का यह श्रेष्ठ दवा है।
  • चक्कर आना- यदि गर्मियों में चक्कर आते हों, जी घबराता हो तो आंवला का शर्बत पियें।
  • बिना पिसा हुआ आंवला और धनिया प्रत्येक 15 ग्राम, एक गिलास पानी में रात को भिगो दें। प्रात: दोनों को मसलकर पानी छान लें। इसमें मीठे स्वाद के लिए मिश्री पीसकर मिला लें और पी जायें। इससे चक्कर आना बन्द हो जायेगा।
  • आंवला आधा चम्मच + एक बताशा + 5 कालीमिर्च पिसी हुई मिलाकर पानी से दिन में  दो बार लें।
  • सिरदर्द– दो चम्मच पिसा हुआ आंवला इतने ही घी और शक्कर में मिलाकर सुबह शाम खायें और ऊपर से दूध पियें। इससे अनेक प्रकार के सिरदर्द ठीक हो जाते हैं। यह भी पढ़ें – अदरक के फायदे और 40 घरेलू नुस्खे
  • कमजोरी से होने वाले सिरदर्द के लिए प्रात:काल खाली पेट दो आंवला के मुरब्बों का सेवन करना बहुत लाभदायक है।
  • कच्चे आंवला का रस पीना चाहिए। रात को सोते समय दस ग्राम आंवला का चूर्ण, पच्चीस ग्राम शहद में मिलाकर लेना चाहिए। इसे चटनी, कच्चा अचार, शर्बत, मुरब्बा किसी भी तरह प्रयोग करना चाहिए।

खून से सम्बन्धित रोगों के लिए आंवले का इस्तमाल / Amla home remedies for blood related problems

  • रक्त क्षीणता (Blood impairment) – में आधा कप आंवला के रस में दो चम्मच शहद, थोड़ा-सा पानी मिलाकर पीने से लाभ होता है।
  • रक्तस्राव-शरीर में कहीं से भी रक्त बह रहा हो, हर दो घण्टे में एक-एक चम्मच पिसे हुए आँवले की फंकी ठण्डे पानी के साथ लेने से रक्त बहना बन्द हो जाता है। कटने से रक्तस्राव होने पर कटे हुए स्थान पर आंवला का ताजा रस लगाने से रक्तस्राव बन्द हो जाता है।
  • यदि पेशाब तथा गुदा के रास्ते रक्त आता हो तो एक चम्मच आंवला पिसा हुआ, इतनी ही मिश्री या शक्कर में मिलाकर ठण्डे पानी से दो बार फंकी लेने से रक्त बन्द हो जाता है।
  • प्रतिदिन रात्रि को सोने से पहले एक चम्मच चूर्ण, एक चम्मच शहद के साथ लेने से पेट की समस्त बीमारियों में लाभ होता है।

अम्लपित्त ठीक करने के लिए आंवला / Acidity home remedies by Amla

  • दो चाय की चम्मच आंवला के रस में, इतनी ही मिश्री मिलाकर पियें या बारीक सूखा पिसा हुआ आंवला और मिश्री समान मात्रा में मिलाकर पानी के साथ लें। इससे रक्तपित्त भी ठीक होता है।
  • सूखा पिसा हुआ आंवला एक चम्मच रात को चौथाई कप पानी में भिगो दें। प्रात: इसमें आधा चम्मच पिसी हुई सोंठ, चौथाई चम्मच कच्चा पिसा हुआ जीरा मिलाकर एक कप गर्म दूध में घोल लें। इसमें स्वाद के अनुसार मिश्री पीसकर मिलायें, फिर पी जायें। कुछ दिन यह प्रतिदिन सेवन करने से अम्लपित में लाभ होता है।
  • चौथाई कप कच्चे आंवला के रस में इतना ही शहद मिलाकर पीने से भी लाभ होता है, यह शाम को पियें।
  • पिसा हुआ आंवला या रस एक चम्मच प्रतिदिन प्रात: खाली  पेट पानी के साथ लेने से एसिडिटी में लाभ होता है।
  • श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर (blennelytria) में एक चम्मच पिसा हुआ आँवला प्रतिदिन पानी के साथ लेने से लाभ होता है। इसका रस भी ले सकते हैं।

अन्य बीमारियों के लिए आंवला / Amla home remedies for other diseases

  • नकसीर (hemorrhage)- जिन्हें प्राय: नकसीर आती रहती है वे 50 ग्राम सूखे आंवलो को रात में 3 किलो पानी में भिगोकर पानी छानकर उससे प्रतिदिन सिर धोयें और एक कप पानी भी पियें। आंवला का मुरब्बा खायें। यदि नकसीर किसी भी प्रकार से बन्द न हो तो आंवला का रस रोगी की नाक में टपकाएँ, सुंघाएँ और आंवला को पीसकर सिर पर लेप करें, चार चम्मच आंवला का रस तीन चम्मच मिश्री मिलाकर पिलायें.
  • मासिक धर्म– दो चम्मच आंवला दो कप पानी में गुड़ या मिश्री मिलाकर उबालें। आधा पानी रहने पर छानकर पियें। इस प्रकार तैयार कर दो बार लें। मासिक धर्म कम होता हो तो खुलकर आयेगा और दर्द नहीं होगा।
  • तुतलाना– बच्चों का हकलाना, तुतलाना आंवला चबाने से ठीक हो जाता है, जीभ पतली होकर बोली साफ आने लगती है।
  • बिस्तर में पेशाब करना– कुछ बच्चे बिस्तर में पेशाब कर देते हैं। यह रोग है जो चिकित्सा कराने से ठीक हो जाता है। एक ग्राम पिसा हुआ आंवला, एक ग्राम पिसा हुआ काला जीरा और दो ग्राम पिसी हुई मिश्री मिलाकर दें। ऊपर से ठण्डा पानी पिलायें। बिस्तर में पेशाब करने का रोग दूर हो जायेगा।
  • स्कवी (Scurvy)- स्कवीं रोग के चलते शरीर के किसी भी भाग से रक्तस्राव हो सकता है। मसूढ़े सूज जाते हैं और रक्तस्राव होने लगता है। शरीर की हड्डियाँ अपने आप टूट सकती हैं। इस रोग से ग्रसित व्यक्ति को शरीर में कमजोरी महसूस होती है और वह स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है। यह रोग शरीर में विटामिन-‘सी’ की कमी के कारण होता है।
  • आँवले का नियमित सेवन करने से स्कर्वी रोग से मुक्ति मिल जाती है।
  • मधुमेह के लिए आंवला /(Amla For Diabetics) सूखे आंवला और जामुन की गुठली समान मात्रा में पीस लें। इसकी दो चम्मच प्रतिदिन प्रात: भूखे पेट पानी के साथ लें। मधुमेह में लाभ होगा।
  • आंवला का ताजा रस मधुमेह के रोगियों के लिए लाभप्रद होता है। इसके सेवन से रक्त में शक्कर बनना कम हो जाता है। आंवला पाउडर 1 चम्मच दो बार पानी या दूध के साथ लेने से मधुमेह में लाभ होता है।
  • घुटने का दर्द– एक भाग आँवला के दो भाग गुड़ मिलाकर एक-एक चम्मच प्रतिदिन तीन बार खायें।
  • गठिया– एक गिलास पानी में 25 ग्राम सूखे आंवला तथा 50 ग्राम गुड़ डालकर उबालें । चौथाई पानी रहने पर इसे छानकर प्रतिदिन दो बार पिलायें इस अवधि में बिना नमक की रोटी तथा मूंग की दाल में सेंधा नमक, कालीमिर्च डालकर खायें और हवा से बचें।
  • खाँसी– आँवले के पेड़ की हरी पत्तियाँ तोड़कर छाया में सुखाकर पीसकर मैदा की छलनी से छानकर एक चम्मच दो बार पानी के साथ लेने से कैसी भी, किसी भी प्रकार की खाँसी हो, ठीक हो जाती है।
  • पिसा हुआ आंवला एक चम्मच, एक चम्मच शहद में मिलाकर प्रतिदिन दो बार लें कफ वाली खासी दूर हो जाती है ।
  • आधा चम्मच आंवला पाउडर को सुबह-शाम गर्म दूध के साथ लेने से सूखी खाँसी व खाँसी के साथ रक्त आना ठीक हो जाता है। ।
  • गला बैठना- पिसे हुए आँवले की पानी के साथ फंकी लेने से गला खुल जाता है, आवाज साफ आने लगती है।
  • एक चम्मच आंवला और शहद मिलाकर दो बार चाटने से गला बैठने से बिगड़ी आवाज खुल जाती है, गले का दर्द व सूजन ठीक हो जाती है |

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