पुराने, गंदे, जले बर्तनों को चमकदार बनाने के टिप्स -kitchen utensils care

गंदे, फूटे और टेढ़े-मेढ़े बर्तन आपके किचन की खूबसूरती खराब कर सकते है | किचन में चमकते हुए बर्तनों से रसोई घर की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है तथा यह सेहत की दृष्टि से भी बहुत जरुरी है | पिछले पोस्ट में हमने आपको इस बारे में अवगत करवाया था की बर्तन भी आपकी सेहत पर असर डालते है | जैसे गर्म चीजे प्लास्टिक के बर्तनों में सर्व नहीं करने चाहिए | और भी कई अन्य जानकरियां इस विषय पर विस्तार से बताई थी |

कई बार ऐसा भी होता है कि खाना बनाने के दौरान हमारा ध्यान भटक जाता है और बर्तन जल जाते हैं. ऐसे बर्तन आसानी से साफ नहीं होते है | इन्हें साफ करने में काफी समय लगता है और मेहनत भी | नीचे दिए गए उपायों को आजमाकर जले हुए बर्तनों को भी बहुत आसानी से साफ कर सकते है |

बर्तनों के रख रखाव सम्बंधी जानकारी  

पुराने, गंदे, जले बर्तनों को चमकदार बनाने के टिप्स bartan Utensils ki dekhbhal ke liye tips

बर्तनों के रख रखाव सम्बंधी जानकारी

  • बर्तनों को अधिक देर तक जूठा नहीं पड़े रहने देना चाहिए। इससे उनमें विभिन्न चीजों के धब्बे पड़ जाते हैं जो फिर आसानी से नहीं छूटते और उनकी सुन्दरता को बिगाड़ देते हैं। वे बर्तन जिनमें मछली अथवा अण्डे पकाए गए हों, आटा गूंधा गया हो, या दूध उबाला गया हो, उन्हें ठण्डे पानी में ही भिगोइए। गरम पानी से ये चीजें बर्तन के साथ लग जाती हैं और उन्हें उतारने में मुश्किल होती है।
  • गरम बर्तन में ठंडा पानी वगैरह न डालिए। इससे मजबूत से मजबूत धातु भी जल्दी घिस जाएगी।
  • जिस बर्तन में मिट्टी का तेल महक रहा हो उसमें ऊपर से खूब गरम पानी छोड़िए। गरम पानी को बर्तन हिलाकर उसकी पूरी भीतरी सतह पर घुमाइये। इसके बाद सोडा डालकर बर्तन धो डालिए। बर्तन की बदबू दूर हो जाएगी।
  • जिन बर्तनों जैसे तवा, बेलन, पेस्ट्री-बोर्ड आदि पर रोटी या आटे की कोई भी चीज़ बनती हो, उन्हें साफ करने के लिए उन पर थोड़ा नमक छिड़ककर गीले कपड़े से पोंछ दीजिए। केवल पानी से धोने पर उनके छिद्रों का मैल साफ नहीं होगा।
  • पतीले या कड़ाही के पीछे की कालिख उतारने के लिए भीगी हुई इमली से काम लीजिए।
  • फौलाद की छुरियों पर से दाग-धब्बे दूर करने के लिए इन्हें बाथ ब्रिक पाउडर और कच्चे आलू से मलिए।
  • बीमारी के दिनों में बर्तनों को धोने के लिए साधारण पानी के स्थान पर लाल दवा मिले पानी का प्रयोग करना चाहिए। |
  • चिकने बर्तनों में पाँच-छः बूंद सिरका डाल दीजिए। फिर उन्हें राख डालकर खूब मल दीजिए और धो-पोंछकर रख लीजिए। चिकनाई सब दूर हो जाएगी।
  • चिकने बर्तनों को गरम पानी में सोडा डालकर उससे धोइए।
  • जूने, जिससे बर्तन मले जाते हैं, यदि रोज नहीं तो हर तीसरे दिन अवश्य फेंककर नया जूना प्रयोग में लाना चाहिए।
  • चूल्हे पर चढ़ाने से पहले पतीली या केतली की पेंदी पर राख अथवा मिट्टी का पोचा फेर लें तो माँजते समय उनकी कालिख एकदम साफ हो जाती है क्योंकि ऐसा करने से बर्तनों पर आग की सीधी लपट नहीं लगती और धुआँ, कालिख आदि मिट्टी की पर्त पर ही जमता है। यदि मिट्टी न लगाना चाहें, तो कड़वा तेल चुपड़ दें।
  • जिन पतीलियों में रोजाना दाल-साग बनाया जाता है, उनमें कभी-कभी बहुत मैल जम जाता है, जो बहुत माँजने पर भी साफ़ नहीं होता। उनमें यदि पानी में थोड़ा-सा सिरका मिलाकर उबाल लिया जाए, तो उनका सारा मैल निकल जाएगा। सप्ताह में एक बार इस प्रकार पतीलियों को अवश्य साफ कर लेना चाहिए।
  • मिट्टी के तेल के पीपे जैसे कोई बदबूदार बर्तन वगैरह साफ करने हों, तो पहले कपूर-मिले गर्म पानी से खूब धोएँ। फिर सोडे के पानी से अच्छी तरह धो डालें ।
  • यदि मँजे-धुले बर्तनों को किसी स्वच्छ कपड़े से पोंछकर रखा जाए, तो वे विशेष रूप से साफ दिखाई देंगे।
  • बर्तन साफ करते समय कभी नहीं खुरचने चाहिए। खुरचने से बर्तनों में निशान पड़ जाते हैं जिनमें मैल फँस जाता है, जो हानिकारक है।
  • जिस बर्तन में प्याज बनाई जाती है उसमें अक्सर प्याज की गन्ध समा जाती है। इस गन्ध को उस बर्तन में आलू उबालने से दूर किया जा सकता है। नमक के पानी से धोने से भी बदबू चली जाती है।
  • साफ किए हुए बर्तन जैसे पतीली, डेगची, लोटे, गिलास, कटोरी आदि हमेशा उलटे करके रखने चाहिए और थाली, परात, तवा आदि चौड़े आकार के बर्तन खड़े करके जिससे उनका सब पानी निचुड़ जाए और उनमें पीले-पीले दाग नहीं पड़े। बर्तनों को गीला रखने से भी उन पर धब्बे पड़ जाते हैं। यह भी जरुर पढ़ें – जानिए बर्तन भी कैसे प्रभावित करते हैं आपकी सेहत को
  • बर्तनों में से यदि बदबू आ रही हो, तो नमक के पानी से धोने चाहिए और यदि मैल जम गया हो तो सिरके का पानी बर्तन में डालकर उबाल देना चाहिए। |
  • बर्तनों को उठाने-रखने में जोर-जोर से पटकना नहीं चाहिए। ऐसा करने से फूल, काँच तथा चीनी मिट्टी आदि की चीजें तो टूट ही जाती हैं, किन्तु पीतल, कलई, ताँबे आदि के बर्तनों में भी गड्ढे पड़ जाते है जिससे उनकी सुन्दरता नष्ट हो जाती है और कभी-कभी उनमें दरारें भी पड़ जाती हैं।
  • बर्तनों को माँजते समय ज़मीन पर नहीं रगड़ना चाहिए। नीचे लकड़ी का पटरा रखकर और उस पर बर्तन रखकर माँजना चाहिए। ज़मीन पर रखकर माँजने से बर्तनों में जमीन की रगड़ लगती है और इससे वे जल्दी घिसते और टूटते हैं।
  • जो बर्तन चूल्हे पर चढ़ाने के लिए नहीं बने हैं उन्हें चूल्हे पर नहीं चढ़ाना चाहिए । फूल के बर्तन चूल्हे पर चढ़ाने से टूट जाते हैं। पीतल के कटोरदान आदि को भी चूल्हे पर चढ़ाने से उनकी सुन्दरता जाती रहती है। अत: जो बर्तन जिस काम के लिए हैं उसी काम में उन्हें लाना चाहिए।
  • जो बर्तन प्रतिदिन उपयोग में नहीं आते हों उन्हें व्यर्थ रसोईघर में न रखकर भंडारघर में किसी आलमारी या सन्दूक में रख देना चाहिए । रसोईघर में व्यर्थ पड़े हुए ये बर्तन धुएँ और धूल मिट्टी आदि से खराब हो जाते हैं।
  • जले हुए बर्तनों को साफ करने के लिए टमाटर का रस भी उपयोगी है जले हुए बर्तन में टमाटर का रस और पानी मिलाकर गर्म करें, अब इसे रगड़कर साफ कर लें |
  • जले हुए बर्तन में एक चम्‍मच बेकिंग सोडा डाल दें, फिर दो चम्‍मच नींबू का रस और दो कप गरम पानी डालें इसके बाद स्टील के स्क्रबर से रगड़कर साफ कर दें |

आगे आने वाले लेखो में हम विभिन्न प्रकार के बर्तनों जैसे चांदी, पीतल, कांच आदि के अनुसार उनके रखरखाव हेतु जानकारी देंगे |

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