जानिए बच्चो की हाइट (कद) बढ़ाने के लिए उठने बैठने के सही तरीके क्या है ?

बचपन में ही बच्चे के कद की नींव पड़ती है। बच्चो की हाइट का विकास ठीक से हो रहा हो तो वह बड़ा होकर लंबे कद व्यक्ति बनता है। बच्चा पूरी तरह से माता-पिता की देख रेख पर निर्भर रहता है। बच्चे के अच्छे विकास के लिए अभिभावकों द्वारा ठीक से देख-रेख होनी जरुरी है। यदि माता-पिता बच्चे के विकास के प्रति सावधान हों और बच्चे पर पूरा ध्यान देते हों तो बच्चो की हाइट लंबी-चौड़ी हो सकेगी। सभी माता-पिता की यही चाहत होती है कि उनके बच्चों में कोई कमी न हो, वे चाहते हैं कि उनके बच्चों का कद ऊंचा हो और वे आकर्षक व्यक्तित्व वाले हों। वे कभी नहीं चाहेंगे कि उनके बच्चे का कद ठिगना हो और उन्हें आगे चलकर कई अड़चनें झेलनी पड़े।

हालाँकि कद बढना कई चीजो पर निर्भर करता है जैसे अनुवांशिक कारण, बच्चे का स्वास्थ्य, उसका खानपान, वह कितना एक्टिव है, उसके चलने-फिरने, उठने बैठने का तरीका क्या है आदि ? इस आर्टिकल में हम केवल बच्चे के सही उठने बैठने के तरीको पर जानकारी देंगे जिनका बच्चो का कद बढ़ाने में काफी अहम् रोल हैं।

बच्चो की हाइट बढ़ाने के लिए सुझाव

जानिए बच्चो की हाइट (कद) बढ़ाने के लिए उठने बैठने के सही तरीके क्या है ? bacho ki hight badane ke tarike

बच्चे के बैठने की सही पोजीशन

  • यदि बच्चा थोड़ा समझदार हो गया हो तो उसे बताएं कि सोते समय सिकुड़कर न लेटे। उसे उठने-बैठने, चलने-फिरने की सही तरीके सिखाएं।
  • बच्चे को शुरू से ही हल्का और पौष्टिक भोजन खिलाना यह स्वास्थ्य और बच्चो की हाइट बढ़ाने के लिए बहुत आवश्यक है।
  • नहलाते समय बच्चे को टब में लिटाकर हाथ-पैर चलाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस प्रकार से बच्चे की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उसके कद-विकास में मदद मिलती है।
  • जब बच्चा घुटनों के बल चलने लग जाए तो उसे घर के आंगन, लॉन या घास के मैदान जैसी जगहों पर कुछ देर तक छोड़ देना चाहिए।
  • बच्चे के कद को समय-समय पर नापकर नोट करते रहना चाहिए ताकि कद-विकास की गति के अचानक रुक जाने या कम हो जाने पर तुरंत उपाय किए जा सकें।
  • बच्चो की हाइट बढ़ाने के लिए उन्हें कुछ समय के लिए स्वतंत्र रूप से खेलने-कूदने का अवसर देना चाहिए। बच्चे को सुबह-शाम व्यायाम, घास पर दौड़ने, तैरने आदि के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए।
  • बच्चे को ढीले-ढाले और हल्के-फुल्के कपड़े पहनाने चाहिए ताकि वह हिलने-डुलने में परेशानी महसूस न करे।
  • बच्चे को हर समय कमरे के अंदर ही छुपाए न रखें, धूप और हवा में खेलने का समय भी देना चाहिए।
  • बच्चा जब थोड़ा बड़ा हो जाए तो उसे नियमित रूप से एक्सरसाइज करते रहने को कहना चाहिए।

बच्चो की हाइट बढ़ाने में स्कूल की भी है अहम् भूमिका  

  • स्कूलों में बेंचों, डेस्कों, छोटी कुर्सियों आदि की सुविधाएं होती हैं, लेकिन वे सभी बच्चों के लिए हमेशा ठीक नहीं होते। कुछ डेस्क अथवा कुर्सियां तो बच्चों के कद से छोटी पड़ जाती है। ऐसा होने पर बच्चों को इन डेस्क या कुर्सियों के ऊपर पैर सिकोड़कर बैठना पड़ता है। इस उम्र में बच्चे की हड्डियां बहुत लचीली होती हैं। उनका धीरे-धीरे विकास होता रहता है। बैठने की गलत स्थिति में प्रायः बच्चों की गर्दन, एक ओर झुक जाती है या कंधे झुक जाते हैं।
  • झुककर बैठने से कभी-कभी कुब भी निकल आती है या रीढ़ की हड्डी स्थाई तौर पर मुड सकती है। और कई बार बच्चे की कमर अंदर की ओर धंस जाती है। ऐसे में कई बार तो बच्चे के घुटने भी झुकने लगते हैं। इन सभी बातों से बच्चे का कद प्रभावित होता है। बच्चे को सीधा खड़े होने के लिए पीठ पर जोर लगाना पड़ता है। इस प्रकार से बच्चे के उठने-बैठने और खड़े होने की मुद्रा गलत हो जाती है। बाद में यह गलत अंग स्थिति बच्चे का स्वभाव ही बन जाती है, फिर बड़े होने पर बच्चे के शरीर का विकास ठीक से नहीं हो पाता। बच्चो की हाइट बढ़ाने के लिए उन्हें इन सब बातों का ध्यान रखें और कुछ कमी होने पर उचित बदलाव भी करवाएं |

क्लासरूम में बैठने की सही स्थिति

  • बच्चो की हाइट बढ़ाने के लिए उन्हें चाहिए कि पढ़ने के लिए कमर सीधी रखकर बैठे। बैठते समय डेस्क पर हाथ का टेक नहीं लगाना चाहिए। झुककर बैठना, बैठने की गलत स्थिति है।
  • यदि बच्चे के कद-विकास की गति कम हो रही हो तो इन बातों पर ध्यान देना चाहिए |
  • बैठते समय और चलते समय पीठ हमेशा तानकर रखें, आगे की ओर झुककर नहीं बैठना चाहिए।
  • कभी भी लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए।
  • सोते समय पांव फैलाकर, पीठ सीधी करके लेटना चाहिए।
  • छोटी चारपाई पर टांगे सिकोड़ते हुए नहीं सोना चाहिए।
  • उकडू स्थिति में बैठने की आदत नहीं डालनी चाहिए।
  • आजकल स्कूलों का पाठ्यक्रम इतना बढ़ गया है कि 6-7 साल के बच्चे को अपने वजन से दोगुना भारी बस्ता स्कूल ले जाना व लाना पड़ता है। ऐसे में बच्चे को झुकने की आदत पड़ जाती है। बच्चे के झुकने की इस आदत को छुड़वाना चाहिए। अभिभावक को चाहिए कि बच्चे के बस्ते में उतनी ही किताबें रखें, जितनी की जरुरी हो। इसके लिए बच्चे के विषयों (सबजेक्ट्स) की टाइम-टेबल देखनी चाहिए।
  • भोजन करते समय भी सीधे होकर बैठना चाहिए। खाना खाते समय बैठते हुए यदि पेट पर दबाव पड रहा हो तो बैठने की स्थिति सुधारिए। चलते समय कभी भी झुककर नहीं चलना चाहिए। हमेशा अंगों को सीधे रखकर चलना चाहिए।
  • स्कूल या बाहर के खेलों में भाग लेते रहना चाहिए। खेल-कूद से कद विकास की प्रक्रिया तेज होती है।
  • इन सभी सुझावों पर ध्यान देने पर बेशक बच्चो की हाइट तेजी से बढ़ सकेगी। कोई भी आदत अचानक नहीं छुड़ाई जा सकती। इसके लिए लगातार प्रयास करते रहने पर ही आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।

छोटे शिशु को लिटाने का सही तरीका

  • बहुत से अभिभावक बच्चों से बहुत प्यार होने के कारण उन्हें मोटी गद्देदार बैड पर लिटाते या सुलाते हैं। वे बच्चे को गुड़ी-मुडी स्थिति में मोटी गद्देदार बैड पर लिटा देते हैं। इसका बच्चे के शारीरिक विकास या कद बढ़ने पर खराब प्रभाव पड़ता हैं। यदि बच्चे को लिटाए जाने वाला बैड समतल (सीधा) और कठोर हो तो बच्चा उस पर लेटकर अच्छी तरह हाथ-पांव मारकर अपने शरीर की अच्छी एक्सरसाइज कर लेता है। इससे बड़ा होकर उसका शरीर सुडौल और लचीला बन जाता है। समतल और कठोर सतह वाली बैड पर भी बच्चे को गुड़ी-मुड़ी दशा में नहीं लिटाना चाहिए। बच्चे को खुले पलंग या पालने में ही लिटाना चाहिए ताकि वह आसानी से अपने हाथ-पैर चला सके।
  • बच्चे को बहुत अधिक कपड़ों में लपेटकर नहीं लिटाना चाहिए। इस प्रकार लिटाने से बच्चा हाथ-पैर नहीं खोल पाता है। बच्चे को अपने से चिपटाकर सिमटाकर अधिक देर तक नहीं सुलाना चाहिए।
  • कभी-कभी माता-पिता अपने सभी छोटे बच्चों को एक ही बैड पर सुला देते हैं। जिससे वो आस-पास लेटे रहने के कारण वे अधिक हिल डुल नहीं पाते। इससे बच्चों के सभी अंगों को बराबर रूप से या ठीक ढंग से विकास करने का अवसर नहीं मिल पाता। इसी के कारण वे ठिगने रह जाते हैं। इसलिए बच्चो की हाइट बढने के लिए उन्हें थोडा खुला स्थान सुनिश्चित करें |
  • माता-पिता अथवा अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को न तो अपने पास चिपटाकर सुलाएं और न ही एक बैड पर बहुत से बच्चों को लिटाएं। बच्चों को अलग-अलग सुलाना चाहिए। अलग-अलग सुलाने पर ही वे अपने हाथ-पांव को आज़ादी के साथ हिला-डुला सकते हैं, जिससे उनकी लंबाई बढ़ती है।

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