अंकुरित चने खाने से फायदे तथा अच्छी सेहत के लिए इसके लाभ

आयुर्वेद के अनुसार एक ही तरह के चने को अलग अलग तरीके से खाने से उसके गुणों में परिवर्तन आता है जैसे – चना दाने (छोले) ठंडे, रूखे, कब्ज करने वाले तथा देर से हजम होने वाले होते हैं। चने गीला करके भूनने पर ताकत देने वाले तथा रोचक, पर सूखे भूनने पर ज्यादा रूक्ष हो जाते हैं। उबले चने पित्त तथा कफ को खत्म करने वाले होते है | लेकिन भीगे अंकुरित चने कोमल, भूख बढ़ाने वाले, वीर्यवर्धक, शक्तिवर्धक, रक्त साफ़ करने वाले, प्रोटीन से भरपूर तथा ठंडे होते हैं। चने की दाल पित्त तथा कफ पैदा करने वाली होती है। अंकुरित चनों में विटामिन ‘सी’ पर्याप्त मात्रा में होती है, इसलिए ये पौष्टिक, खून बढ़ाने वाले तथा फेफड़ों को मजबूत करनेवाले भी हैं, साथ ही कमजोरी को दूर करते हैं। सादे कच्चे चने ठंडे, रूखे, हलके, पेट में गैस पैदा करने वाले और कब्ज बढ़ाने वाले होते है | आयुर्वेद में देसी चने को  कामशक्ति को बढ़ाने वाला कहा गया है। चना दूसरी दालों के मुकाबले सस्ता होता है और सेहत के लिए भी यह दूसरी दालों से पौष्टिक आहार है। चना विशेषकर किशोरों, जवानों तथा शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए पौष्टिक नाश्ता होता है।

अंकुरित चने के प्रति 100 ग्राम खाद्य भाग में कैलोरी 364, कैल्सियम 10, लौह तत्त्व 34, विटामिन बी6 25, मैग्नीशियम 28, खाद्य रेशे 68, कार्बोहाइड्रेट 20, पोटैशियम 25 प्रतिशत। चना प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है, इसलिए भारत में यह पहलवानों और बॉडी-बिल्डरों का सबसे पसंदीदा खाना है। रात को भिगोया चना सुबह खाने से तुरंत ऊर्जा देता है। चने में प्रोटीन 19.91, चिकनाई 4.34 तथा कार्बोज 54.52 प्रतिशत तक होते है | अंकुरित चने में कैलोरी अपेक्षाकृत कम होते है, क्योंकि स्प्राउट्स की 100 ग्राम की मात्रा में केवल 165 कैलोरी होते हैं।

अंकुरित चने के लाभ तथा बेहतरीन औषधीय गुण

अंकुरित चने खाने से फायदे तथा अच्छी सेहत के लिए इसके लाभ ankurit chane khane se fayde pani labh

  • शारीरिक कमजोरी दूर करने, शरीर को मजबूत बनाने तथा वजन बढ़ाने के लिए शाम को दो मुट्ठी काले चने साफ पानी में भिगो दें। इन अंकुरित चने इन्हें चबा-चबाकर खाएँ। शारीरिक ताकत बढ़ाने का यह सबसे आसान तथा सस्ता उपाय है। इसके खाने से दाँत भी मजबूत होते हैं। इसके साथ-साथ चने के पानी में शहद मिलाकर पिएँ तो अति उत्तम होगा |
  • हृदय रोग : कमजोर दिल इनसान और हृदय रोगी अंकुरित चने का रोजाना सेवन करें, विशेषकर अंकुरित चने खाएँ तो हार्ट अटेक से बचे रह सकते हैं। चूँकि चने में मैग्नीशियम तथा फॉलेट काफी मात्रा में होते हैं, जो कोलेस्टरॉल को कम करने में सहायक हैं। इसलिए काला चना हृदय रोगियों के लिए बड़ा फायदेमंद है। हृदय रोगी चना अपने दैनिक भोजन में शामिल जरुर कर लें।
  • खून की कमी (एनीमिया) : महिलाओं में अनीमिया रोग अधिक देखा जाता है, उन्हें अंकुरित चने, गेहूँ में बेसन मिलाकर रोटी यानी किसी भी रूप में चने का सेवन अवश्य करना चाहिए। चूँकि चने में आयरन (लौह) इतनी अधिक मात्रा में होता है कि यह शरीर के लौह की जरूरत को आसानी से पूरी करता है। गर्भवती माताओं को अंकुरित चने का सेवन जरुर करना चाहिए।
  • ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) : भागमभाग की जिंदगी तथा अधिक व्यस्तता के कारण यह रोग तेज गति से बढ़ रहा है। चूंकि अंकुरित चने रक्तवाहिकाओं को सामान्य करता रहता है, जिससे उच्च रक्तचाप का खतरा कम हो जाता है। चने में पोटैशियम तथा मैग्नीशियम तत्त्व होते हैं, जो शरीर में इक्ट्रोलाइट्स में संतुलन बनाए रखते हैं। अत: चने का सेवन बी.पी. में बड़ा फायदेमंद है।
  • अंकुरित चना पथरी के रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। रातभर भिगो कर रखे हुए अंकुरित चनों को एक चम्मच शहद के साथ खाने से पथरी निकल जाती है और ऐसे रोगियों को फायदा मिलता है।
  • शुगर के मरीजों के लिए सुबह-सुबह खाली पेट इसका सेवन फायदेमंद होता है | यह रक्त में शुगर की मात्रा और शरीर में ग्लूकोज की अतिरिक्त मात्रा को भी नियंत्रित करता है।
  • यौन दुर्बलता : ऐसे व्यक्ति, जिनका वीर्य पतला या कमजोर है, वे रोजाना प्रात: अंकुरित चने खाया करें। चाहें तो इसके साथ पाँच-सात बादाम भी भिगोकर चबाया करें। इससे वीर्य गाढ़ा बनता है। हाँ, अगर बादाम चबाएँ तो इसके साथ मीठा गुनगुना दूध अवश्य पिएँ। यह किसी प्रकार की यौन कमजोरी को दूर करता है।
  • सुस्ती और थकान से बचने और हमेशा एनर्जेटिक बने रहने के लिए आप प्रतिदिन अंकुरित चने खाएं, कुछ ही दिनों में आप फ्रेशनेस, एनर्जी और स्फूर्ति फील करने लगेंगे।
  • अगर पुरुषों को यूरीन संबंधी कोई परेशानी है तो इसको दूर करने के लिए भी अंकुरित चने के नियमित सेवन करते रहना चाहिए।
  • शक्ति एवं प्रतिरोधक क्षमता : अंकुरित या रात को भिगोए चने एक कप सुबह नियमित खाने से शरीर में शक्ति का संचार होकर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। चूंकि चने में मैगनीज लवण पर्याप्त मात्रा में होता है; साथ ही जरूरी पोषक तत्त्व थायमिन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी होते हैं। मैग्नीशियम शरीर में ऊर्जा के उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है।
  • अंकुरित चने को मूंग के साथ मिलाकर खाने से प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है,अंकुरित चना खाने से इसके पोषक तत्वों का दोगुना लाभ होता है, अंकुरित चना के नियमित सेवन से थकान जैसी समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
  • दिमाग को तेज बनाने के लिए भी अंकुरित चने बहुत फायदेमंद होते हैं। क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन ए, सी और प्रोटीन मस्तिष्क की नसों को आराम पहुंचाते हैं। इससे स्मरणशक्ति भी बढ़ती है।
  • मोटापा नियंत्रण : नाश्ते में प्रात: चना ही सेवन किया जाए तो मोटापा नियंत्रण में रखा जा सकता है, इससे शरीर का वजन घटाया जा सकता है। चूंकि इसमें रेशे पर्याप्त मात्रा में होते हैं। ये भूख को नियंत्रित करते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा-भरा रखते हैं। शाकाहारियों के लिए यह प्रोटीन्स का ये सबसे बढिया स्रोत है।
  • अंकुरित चने में विटामिन सी बड़ी मात्रा में मौजूद होता है और ये बालों के विकास में मदद करते हैं। स्प्राउट्स (अंकुरित चने) में विटामिन सी का उपयोग करके free radicals की वृद्धि में बाधा होगी, और इससे बालों के झड़ने को कम करने, रूसी को रोकने और मजबूत बाल विकास में मदद मिलेगी। ऐसे कई पुरुष हैं जो एक ऐसी स्थिति का सामना करते हैं जिसमें बालों की जड़ों को बढ़ने की ताकत नहीं होती है, और अंकुरित चने का सेवन करके इस स्थिति को कम किया जा सकता है। यदि नियमित रूप से स्प्राउट्स का सेवन किया जाता है, तो बालों का समय से पहले भूरा होना रोका जाता है, क्योंकि इसमें उच्च एंटी ऑक्सीडेंट का स्तर होता है।
  • अंकुरित चने में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है, और यह बालों के विकास, शुक्राणु के स्वास्थ्य में वृद्धि, रतौंधी (night blindness) की कमी और आंखों की रोशनी में सुधार करने में मदद करता है।
  • सफेद दाग: मुट्ठी भर काले चने और 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण (हरड़, बहेड़ा, आंवला) को 125 मिलीलीटर पानी में भिगो दें। कम से कम 12 घंटो के बाद इन चनों को मोटे कपड़े में बांधकर रख दें और बचा हुआ पानी कपड़े की पोटली के ऊपर डाल दें। फिर 24 घंटे के बाद पोटली खोल दें। अब तक इन चनों में से अंकुर निकल आयेंगे। यदि किसी मौसम में अंकुर ने भी निकले तो चनों को ऐसे ही खा लें। इस तरह से अंकुरित चनों को चबा-चबाकर लगातार 6 हफ्तों तक खाने से सफेद दाग दूर हो जाते हैं या काफी हद तक निशान कमजोर पड़ने लगते है।

चने अंकुरित करने की विधिः

  • सबसे पहले चने को साफ करके सुबह या शाम को इतने पानी में भिगोएं जितना पानी चना सोख ले। उसके बाद चनों को रात में साफ, मोटे गीले कपड़े या उसकी थैली में बांधकर लटका दें। गर्मी में 12 घंटे और सर्दी के मौसम में 18 से 24 घंटों के बाद भिगोकर गीले कपड़ों में बांधने से दूसरे, तीसरे दिन उसमें अंकुर निकल आते हैं। गर्मी में थैली पर आवश्यकतानुसार पानी छिड़कते रहना चाहिए। अंकुरित चनों में कुछ व्यक्ति स्वाद के लिए कालीमिर्च, सेंधा नमक, अदरक एवं नींबू का रस भी मिलाते हैं लेकिन यदि अंकुरित चने को बिना किसी मिलावट के खाएं तो अधिक लाभकारी हैं।
  • आज कल कई लोग अपनी हेल्थ डाइट को पूरा करने के लिए अंकुरित चने या दाल की सलाद का सहारा ले रहे हैं। भूख लगने पर वह फास्ट फूड या जंक फूड की बजाय इसी तरह के सलादों का सहारा ले रहे हैं। ये सलाद न केवल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं बल्कि इनका स्वाद भी आपको इन्हें खाने के लिए ललचाता है। अंकुरित चने की सलाद एक रेसिपी भी है जिसे आजकल लोग बड़े ही चाव से खाते हैं। इसलिए यदि आप भी अपने सेहत को लेकर गंभीर हैं तो अंकुरित चने की सलाद को अपने डाइट में शामिल करें।

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