पेट की गैस की रामबाण दवा तथा अचूक आयुर्वेदिक इलाज

भाग दौड़ भरी इस जिन्दगी में शायद ही कोई व्यक्ति हो, जिसे पेट की गैस की परेशानी का अनुभव न हुआ हो। यह एक ऐसी बीमारी है, जो हर किसी को आसानी से जकड़ लेती है और बहुत परेशान भी करती है।

पेट की गैस क्यों बनती है?  

  • गैस बनने के कई कारण होते हैं, जिनमें असंयमित होकर अनियमित आहार खाना , अधिक खट्टे, तीखे, मिर्च मसालेदार, बादी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन, देर रात तक जागना, भोजन में सलाद का अभाव, पानी कम पीना, चना, उड्द, मटर, मूग, आलू, मसूर, गोभी, चावल आदि का अधिक सेवन करना | क्रोध, चिंता जैसे मानसिक कारण, परिश्रम न करना, पेट की खराबी, मांसाहार का सेवन आदि।

पेट की गैस के लक्षण

  • पेट की गैस होने पर पीड़ित को कुछ लक्षण महसूस होते है जैसे – पेट में गैस भरी हुई मालूम होना, पेट और पीठ में दर्द, आंतों में गड़गड़ाहट, पेट साफ न होना, ठीक से नींद न आना, आलस्य व थकावट, सिर दर्द, भूख कम लगना, दिल की धड़कन बढ़ना, गैस के कारण सीने में दर्द , डकारें आना, छाती में जलन, सिर चकराना, नाड़ी दुर्बलता और गैस निकलने पर आराम मिलना जैसे गैस के लक्षण देखने को मिलते हैं।

पेट की गैस का घरेलू उपचार /Home Remedies for stomach Gas.

पेट की गैस /gas problem treatment

पेट की गैस दूर करने के लिए नुस्खे |

  • एक चम्मच अजवाइन के साथ चुटकी भर काला नमक भोजन करने के बाद चबाकर खाने से पेट की गैस से छुटकारा मिलता है।
  • अदरक और नींबू का रस एक-एक चम्मच की मात्रा में लेकर उसमें थोड़ा-सा काला नमक मिलाकर भोजन के बाद दोनों समय सेवन करने से गैस की सारी तकलीफें दूर हो जाती हैं और खाना भी ठीक से हजम हो जाता है |
  • भोजन करते समय बीच-बीच में लहसुन, हींग थोड़ी मात्रा में खाते रहने से गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है |
  • हरड, सोंठ का पाउडर आधा-आधा चम्मच की मात्रा में लेकर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर भोजन के बाद पानी से सेवन करने से पाचन ठीक होता है और पेट की गैस की समस्या से भी छुटकारा मिलता है |
  • नीबू का रस व मूली खाने से गैस की तकलीफ नहीं होती और पाचन क्रिया सुधरती है।
  • इसके अतिरिक्त सिर्फ अजवायन के चूर्ण को गर्म पानी के साथ सेवन करने से अफारा, पेट का तनाव, बदहजमी आदि रोगों में लाभ होता है। आवश्यकतानुसार 1-2 सप्ताह तक लगातार प्रयोग करें। इससे पेट की गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है |
  • 125 ग्राम दही के मट्ठे में अजवायन 2 ग्राम और आधा ग्राम काला नमक (पीसकर व मिलाकर) भोजनोपरांत सेवन करने से पेट की गैस, अफारा, कब्ज आदि में बहुत लाभ होता है। आवश्यकतानुसार 1-2 सप्ताह तक प्रयोग करें।
  • लहसुन की 1-2 कली छीलकर, बीज निकाली हुई मुनक्का में लपेटकर खाना खाने के बाद थोडा सा चबाकर निगल लें यह पेट की गैस की अचूक दवा है |
  • प्रतिदिन 3 छोटी हरड मुंह में डालकर चूसते रहने से भी पेट की गैस की समस्या दूर हो जाती है|
  • प्याज के रस में काला नमक और हींग पीसकर व मिलाकर पीने से पेट की गैस और गैस का दर्द ठीक हो जाता है |
    • गुड़ और मैथीदाना को उबालकर पीने से पेट की गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है।
    • नोट – जिन लोगों को गर्म तासीर वाली वस्तुएं हजम न होती हो या जिनके शरीर में जलन अनुभव होता हो, उन्हें भी मैथीदाना का प्रयोग नहीं करना चाहिए या जो लोग कमजोर हों अथवा चक्कर आते हों, उन्हें भी मैथीदाने का निरंतर प्रयोग नहीं करना चाहिए।
    • पेट की गैस हो जाने पर पिसी हुई हल्दी 1 ग्राम में पिसा हुआ नमक 1 ग्राम मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से गैस निकलकर पेट हल्का हो जाता है।
    • काली हरड (इसको छोटी हरड, बाल हरड़, आदि नामों से भी जाना जाता है) को पानी से भली-भांति धोकर किसी साफ-स्वच्छ कपड़े से पोंछकर साफ करके सुरक्षित रख लें। खाना खाने के बाद दिन में 2 बार 1 हरड को मुंह में रखकर चूसने से गैस व कब्ज में लाभ होता है। हरड पेट की गैस की अच्छी दवा होती है |
  • गाजर का रस पीने से रक्त की अशुद्धि और पेट की गैस दूर होती है।
  • थोड़ा-सा सेंधा नमक तथा कालीमिर्च और लौंग 4-4 पीसकर आधी कटोरी पानी में उबालकर पीने से पेट की गैस में आराम मिलता है।
  • पांच ग्राम अजवायन, 10 कालीमिर्च और 2 पीपल के पत्तो को शाम के समय पानी में भिगो दें और प्रात: समय इसे पीसकर शहद में मिलाकर 250 मि.ली. पानी के साथ सेवन करने से पेट की गैस का दर्द मिट जाता है। अधिक जानकारी के लिए देखें यह पोस्ट –काली मिर्च के 35 औषधीय गुण तथा फायदे |
  • अदरक का रस, नीबू का रस और शहद प्रत्येक 6-6 ग्राम दिन में 3 बार सेवन करने से पेट की गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है |
  • भुनी हुई हींग पीसकर सब्जी में डालकर खाने से पेट की गैस मिट जाती है।
  • ‘हिंगाटक चूर्ण’ पानी के साथ सेवन करने से पेट के सभी प्रकार के वायु विकार मिट जाते हैं।
  • यह भी अवश्य पढ़ें – Acidity होने के कारण, लक्षण तथा घरेलू उपचार |

पेट की गैस का आयुर्वेदिक इलाज / Ayurvedic Treatment For Stomach Gas Problems

  • गैस की रामबाण दवा – छिलका रहित लहसुन 10 ग्राम, जीरा, शुद्ध गंधक, सोंठ, सैंधा नमक, कालीमिर्च, पिप्पली और घी में भुनी हुई हींग प्रत्येक 5-5 ग्राम लेकर सभी को पीसकर उसमे थोडा सा नीबू रस डालकर चने के आकार की गोलियां बनाकर सुरक्षित रख लें। यह 1-2 गोली भोजनोपरांत सेवन करते रहने से अपच, अजीर्ण , गैस की बीमारी ठीक हो जाती है |
  • गैस, एसिडिटी से छुटकारा पाने हेतु अन्य बेहतरीन अदरक के नुस्खो को जानने के लिए पढ़ें यह पोस्ट – पेट के रोगों के लिए दरक के फायदे और 40 घरेलू नुस्खे |
  • एक सेब छीलकर इसके इर्द-गिर्द जितनी भी लौंगें आ सकें उन्हें चुभो दें। फिर उस सेब को 40 दिन तक किसी सुरक्षित स्थान पर रखे दें। उसके बाद इन लौंगों को निकालकर किसी साफ-स्वच्छ शीशी में रख ले। भोजनोपरांत दिन में 2 बार 1-1 लौंग चूसने से पेट के सभी रोगों और पेट की गैस से भी मुक्ति मिल जाती है |
  • 3 ग्राम  कालीमिर्च और 6 ग्राम मिश्री पीसकर लेने से अफारा मिट जाता है। परंतु ऊपर से पानी न पिएं।
  • आप चाहें तो पतंजलि गैस की दवा “दिव्य गैसहर चूर्ण ” का उपयोग भी कर सकते हैं |

पेट की गैस की समस्या से छुटकारा पाने तथा इस तकलीफ से बचने के लिए इन बातो का ख्याल रखें |

  • मानसिक तनाव, अशांति, भय, चिंता, क्रोध, के कारण पाचन अगों के आवश्यक पाचक रसों का स्राव कम हो जाता है, जिससे अजीर्ण की तकलीफ हो जाती है और अजीर्ण का विकृत रूप पेट की गैस की बीमारी पैदा करता है।
  • भोजन में मूंग , चना, मसूर, मटर अरहर, आलू, सेम फली , चावल तथा तेज मिर्च मसाले युक्त आहार अधिक मात्रा में सेवन न करें। शीघ्र पचने वाले आहार जैसे सब्जियां, खिचड़ी, चोकर सहित बनी आटे की रोटी, मट्ठा, दूध, तोरई, कददू , पालक, टिंडा, शलजम, अदरक, आंवला, नीबू आदि का सेवन अधिक करना चाहिए। यह भी पढ़ें – कब्ज का रामबाण इलाज – 22 आयुर्वेदिक उपचार |
  • भोजन खूब चबा-चबाकर आराम से खाना चाहिए। बीच-बीच में अधिक पानी न पिएं। भोजन के दो घंटे बाद एक-दो गिलास पानी पिएं, थोड़ी भूख शेष रह जाए, उतना ही भोजन करें।
  • दोनों समय के मुख्य भोजन के बीच हल्का नाश्ता फल आदि अवश्य खाएं। तले, गरिष्ठ भोजन से परहेज करें।
  • भोजन सादा, सात्विक और प्राकृतिक अवस्था में सेवन करने का प्रयत्न करें। ठंडा और बासी भोजन करने से बचें।
  • दिन भर में 8-10 गिलास पानी का सेवन अवश्य करें। प्रतिदिन कोई न कोई व्यायाम करने की आदत बनाएं। शाम को घूमने जाएं। समय निकाल कर प्रात: भ्रमण करना श्रेष्ठ होता है।
  • पेट के आसन करने से भी पेट के रोगों में लाभ मिलता है।
  • शराब, चाय, कॉफी, तम्बाकू, गुटखा, सिगरेट जैसे व्यसन से बचें।
  • प्राकृतिक वेगों को रोके रखने की आदत छोड़े। दिन में सोना छोड़ दें और रात्रि को मानसिक परिश्रम और तनाव से बचें। देखें हमारा यह पोस्ट – गहरी नींद के लिए आजमाए ये 26 टिप्स |
  • इस प्रकार यदि आप उपर्युक्त क्रिया विधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे तथा उचित आहार का सेवन करेंगे, तो नि:संदेह आप स्वस्थ शरीर प्राप्त कर सुखद जीवन व्यतीत कर सकेंगे।  पतंजलि की दवा : गैस, कब्ज, बदहजमी, एसिडिटी के लिए |
  • पेट में गैस बनने के कारणों को जानकर इनको दूर करने का प्रयास करें | रोगों से बचाव ही सबसे बेहतर उपचार होता है |

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4 Comments

  1. Narendra kumar
  2. Gaura Gautam

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