नींबू पानी पीने के फायदे और 4 टॉनिक बनाने की विधि

नींबू पानी या नींबू शरीर के स्वस्थ विकास के लिये बहुत आवश्यक तत्व है। नींबू में मौजूद विटामिन सी दूसरे कई विटामिनों के साथ मिलकर शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही त्वचा को स्वस्थ रखने में तथा शरीर को विपरीत परिस्थितियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने में भी विटामिन ‘सी’ बहुत अनिवार्य है। यह विटामिन शरीर में संचित नहीं रहता, इसलिये इसकी पूर्ति के लिये शरीर को प्रतिदिन कुछ मात्रा में विटामिन ‘सी’ अनिवार्य रूप से प्राप्त होना चाहिये वरना शरीर में विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न हो जाते हैं तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती है। विटामिन ‘सी’ का प्रमुख गुण शरीर में प्रतिरोधक शक्ति का विकास करना है। नींबू पानी और नींबू के रस में पाये जाने वाली विटामिन ‘सी’ की प्रचुर मात्रा के कारण नींबू को प्राकृतिक शक्तिवर्धक फल के रूप में बहुत महत्व दिया जाता है। । प्रतिदिन भोजन के साथ एक नींबू का प्रयोग करने से शरीर को विटामिन ‘सी’ की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध होती है।

नींबू पानी पीने के फायदे :

nimbu pani pene k fayde नींबू पानी पीने के फायदे और 4 टॉनिक बनाने की विधि

नींबू पानी

  • सुबह खाली पेट नींबू पानी ज्यादा फायदेमंद है। नींबू से मिलने वाला विटामिन ‘ए’ आँखों की बीमारियाँ ठीक करता है, विटामिन ‘बी’ पाचनशक्ति को ठीक करता है और विटामिन ‘सी’ रक्तविकारों को ठीक करता है।
  • उबलते हुए पानी का एक गिलास भरकर इसमें दो नींबू निचोड़कर नींबू पानी बनाए और ठण्डा होने पर रोजाना प्रात: एक महीने तक पीते रहने से खून साफ़ होता है। इससे शरीर के अंग-अंग में नई शक्ति अनुभव होने लगती है। आँखों की रोशनी तेज हो जाती है। मानसिक दुर्बलता, सिरदर्द, बन्द हो जाते हैं। अधिक कार्य करने से भी थकावट नहीं आती। इसे बिना चीनी और नमक मिलाए छोटे-छोटे घूंटों में पीना चाहिए। चाहें तो शहद की दो चम्मच मिला सकते हैं। शक्कर और नमक का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। असाध्य रोगों में लम्बे समय तक उपवास रखने के बाद खाना नहीं दिया जाता, परन्तु पानी में नींबू का रस मिलाकर बार-बार पीते रहने से रोगी के शरीर से दूषित पदार्थ निकल जाते हैं और रोग दूर हो जाते हैं। इसके नियमित सेवन से स्फूर्ति रहती है।
  • विभिन्न रोगों से बचने, स्वास्थ्य और शक्ति प्राप्त करने के लिए नींबू का रस और नींबू पानी विटामिन ‘सी’ का भण्डार है। शरीर में विटामिन ‘सी’ घट जाने से स्कर्वी रोग, एनीमिया, हड्डी के जोड़ों की पीड़ा, रक्तस्राव, दाँतों के रोग, पायोरिया, काली खाँसी, दमा आदि रोग हो जाते हैं। नींबू पानी के सेवन से इनमें लाभ होता है |
  • संतरा कुल के सभी फलों, जैसे नींबू, चकोतरा, मौसमी, माल्टा तथा संतरा में काफी मात्रा में विटामिन ‘सी’ पाया जाता है। इसके अलावा विटामिन ‘सी’ का एक अन्य स्रोत आंवला भी है। पर आंवले का विटामिन ‘सी’ अन्य कई यौगिकों के साथ मिलकर एक तेज रसायन बनाता है जिसके कारण आंवले के विटामिन ‘सी’ का लाभ शरीर को इसके लम्बे समय सेवन के बाद ही प्राप्त होता है। इसके विपरीत संतरा कुल के सभी फलों में पाया जाने वाला विटामिन ‘सी’ बहुत आसानी से शरीर में पच जाता है और जल्दी फायदा करता है। नींबू का विशेष महत्व इसमें पाये जाने वाले विटामिन ‘सी’ अर्थात एस्कार्बिक अम्ल के कारण है।

नींबू पानी से चार शक्तिवर्धक ड्रिंक्स बनाने की विधि :

  • 40 ग्राम किशमिश, 6 मुनक्के, 6 बादाम, 6 पिस्ते रात को आधा लीटर पानी में काँच के बर्तन में भिगो दें। प्रात: छानकर पीसकर इसी में मिलाकर एक चम्मच शहद और एक नींबू निचोड़कर खाली पेट पियें। इस नींबू पानी टॉनिक से मानसिक व शारीरिक कमजोरी, थकान दूर हो जाती है। यह इन्द्रियों की शक्ति के लिए लाभदायक है।
  • नींबू पानी का शक्तिवर्धक गर्म पेय– एक कप उबला हुआ पानी, एक चुटकी सेंधा नमक, एक चुटकी काला नमक, एक चम्मच चीनी, दस बूंद नींबू का रस, भुना-पिसा हुआ चौथाई चम्मच जीरा सबको मिलाकर पियें। यह पेय बहुत स्वादिष्ट, पाचनशक्ति और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाला है। इसे चाय की जगह पियें तो अच्छा है। ये मिलाई जाने वाली चीजें स्वाद के अनुसार और परहेज के अनुसार घटा-बढ़ा सकते हैं। इस पेय को बीमारी में भी ले सकते हैं। इसे तीन बार तक रोजाना  पिया करें बहुत फायदा होगा ।
  • तीन छुहारे गुठली निकालकर टुकड़े कर लें। एक गिलास पानी में छुहारे, 15 किशमिश, एक नींबू का रस डालकर रात को खुले में छत पर रख दें। सुबह इस नींबू पानी को पी जायें तथा छुहारे, किशमिश खा जायें। लगातार चार महीने तक सेवन करें। चेहरा चमकने लगेगा।
  • नींबू पानी का शर्बत-1 किलो चीनी, 350 मिली लीटर पानी, 2 नींबू का रस-इन तीनों चीजो को मिलाकर, उबालकर किसी कपड़े से छान लें। ठण्डा कर काँच की बोतल में भरें। यह चाशनी साल भर खराब नहीं होती। इसे शर्बत की तरह प्रयोग करें।

विभिन्न बिमारियों को ठीक करने के लिए नींबू पानी के फायदे :

  • यदि पेट में कृमि (कीड़े ) हो गए हों तो नींबू के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें और पानी के साथ लें। इससे पेट के कृमि खत्म हो जायेंगे। मात्रा-बड़ों के लिए एक से तीन ग्राम, बच्चों के लिए इसकी चौथाई। खाली पेट नींबू पानी भी पियें।
  • नींबू + शहद + पानी मिलाकर रोजाना 15 दिन इस नींबू पानी को पीने से भी पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
  • खाना खाने के बाद एक कप पानी में आधा नींबू, जरा-सा खाने का सोडा मिलाकर प्रतिदिन दो बार इस नींबू पानी को पियें। इससे पेट की सभी छोटी मोटी बीमारियाँ ठीक हो जाएँगी |
  • ठंडा नींबू पानी दिन में दो बार पीने से घबराहट बेचैनी और सीने की जलन में लाभ होता है।
  • दोपहर में भोजन से आधा घण्टा पहले नींबू की मीठी शिकंजी दो महीने पियें। खाने के बाद नहीं पियें। अपच, गैस, बदहजमी आदि रोगों से मुक्ति मिलेगी |
  • तीव्र अम्लता अर्थात् तेज एसिडिटी के पुराने रोगियों को ताजा नींबू पानी पीना चाहिये।
  • दो चम्मच शहद में नींबू का एक चम्मच रस मिलाकर लेने से अम्लपित में लाभ होता है। नींबू पानी में एस्कार्बिक अम्ल पाया जाता है, पर यह शरीर में सोडियम लवणों के सांद्रण को कम करता है जिसके कारण मनुष्य की आंत्र में उत्पन्न होने वाला नमक का अम्ल अर्थात् हाइड्रोक्लोरिक अम्ल शांत रहता है तथा अम्लता धीरे-धीरे कम होती है।
  • एक नींबू का रस, एक कप गर्म पानी, जरा-सा काला नमक और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से हिचकी आना बन्द हो जाता है।
  • नींबू के पेड़ से हरी पत्तियाँ तोड़कर चबाकर रस चूसें। इससे भी हिचकी बन्द हो जाती है। इसके अलावा तेज गर्म पानी में नींबू निचोड़कर इस नींबू पानी को घूंट-घूंट पीने से भी हिचकी बन्द हो जाती है।
  • लू (Sunstroke) लगने पर प्रतिदिन प्याज खायें, नींबू को नमकीन शिकंजी पियें। लू से बचाव होगा।
  • सिर चकराना- यकृत (Liver) की गड़बड़ी, पेट की गैस से चक्कर आता हो तो गर्म नींबू पानी पीने से लाभ होता है। मात्रा-एक कप गर्म पानी, नींबू का रस डेढ़ चम्मच ।
  • सुबह नींबू की मीठी शिकंजी पीने से उठते-बैठते समय आने वाले चक्कर ठीक हो जाते हैं।
  • नींद में खर्राटे आते हों तो नींबू के पत्तों को सुखाकर, पीसकर आधा चम्मच और एक चम्मच शहद में मिलाकर रात को सोते समय लेने से लाभ होगा। यह भी पढ़ें – नींबू के फायदे और गुण तथा 50 घरेलू नुस्खे
  • कम नींद होने पर सोते समय नींबू पानी में शहद मिलाकर एक गिलास पीने से नींद गहरी आती है।
  • बुखार में अगर रोगी को बार-बार प्यास लगे, तो उबलते पानी में नींबू निचोड़कर पिलाने से बुखार का तापमान गिर जाता है। मात्रा-पानी एक कप, नींबू का रस दो चम्मच ।
  • बुखार में प्यास अधिक लगती है, मुँह सूखता है, बेचैनी बढ़ती है। लार बनाने वाली ग्रंथियाँ लार बनाना बन्द कर देती हैं, जिससे मुँह सूखने लगता है। इसलिए नींबू पानी में, नमक, कालीमिर्च, डालकर पियें। नींबू में नमक, कालीमिर्च भरकर भी चूस सकते हैं।
  • दो नींबू काटकर, 250 ग्राम पानी में डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो उतारकर छान लें। इस नींबू पानी में दो ग्राम सेंधा नमक सेंककर मिला लें और पी जायें। यह एक खुराक है। इस प्रकार दिन में तीन बार लें। भोजन न करें। दो-तीन दिन इस प्रकार करने से सभी तरह के बुखार दूर हो जाते है। नींबू से कील-मुंहासे हटाने के 10 बेहतरीन उपाय
  • बार-बार नींबू पानी पीने से शराब का नशा उतर जाता है तथा नशा करने की इच्छा व आदत छूट जाती है। नींबू पानी से शराब का नशा उतारने का एक दूसरा उपाय इस प्रकार है आधा गिलास खीरे के रस में एक नींबू निचोड़कर पियें। नशा दूर हो जायेगा।
  • एक गिलास नींबू पानी में एक चम्मच अदरक का रस मिलाकर पीने से हर वस्तु का नशा उतर जाता है।
  • गला दर्द, गला बैठना, गला अंदर से लाल होने पर एक गिलास गर्म पानी में नमक और आधा नींबू निचोड़कर सुबह-शाम इस नींबू पानी से गरारे करें। जल्द ही आराम मिलेगा |

निम्बू की चाय के फायदे :

  • नींबू की चाय बनाने की विधि : किसी बर्तन में दो कप पानी डाल कर उसे गर्म करे, अब उसमे चीनी और चाय पत्ती को डाल कर थोडा उबाल ले जब चाय उबल जाए तो गैस बंद कर दे | अब चाय को छान का कप में डाल ले अब नींबू के रस की कुछ बूंदे डाले और चुटकी भर काला नमक डाल लें बस चाय तैयार है |
  • नींबू की चाय से मोटापा कम होता है चर्बी घटती है |
  • जुकाम, फ्लू, थकान और सिरदर्द होने पर चाय में नींबू निचोड़कर पीने से लाभ होता है। दूध नहीं डालें |
  • निम्बू की चाय शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालकर शरीर को अंदर से शुद्ध करती है |

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  1. By saurabh Verma

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