शिलाजीत के आश्चर्यजनक फायदे तथा बेहतरीन औषधीय गुण

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में शिलाजीत का एक खास स्थान है। आयुर्वेद में शिलाजीत के बहुत सारे गुण बताये गये है | शिला+जीत का मतलब ‘पहाड़ों को जीतने वाला और कमजोरी को दूर करने वाला” होता है। आप इसी बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि शिलाजीत सेहत के लिए कितना गुणकारी होता है इसी लिए आयुर्वेद में इसे ताकत बढ़ाने वाली हर्ब बताया गया है | शरीर में धातु की कमी को पूरा करने वाली अधिकांश दवाओ में शिला जीत का प्रयोग किया जाता है। इसकी एक बहुत बड़ी विशेषता यह है कि यह सिर्फ रोग ग्रस्त का रोग दूर करने के लिए ही उपयोगी नहीं है, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी फायदेमंद है।

शिलाजीत मधुमेह, धातु की कमी, बार-बार पेशाब आना, स्वप्नदोष, सब प्रकार के प्रमेह, यौन कमजोरी, शरीर की कमजोरी, वृद्धावस्था की निर्बलता, गठिया रोग आदि समस्याओ को दूर करने के लिए शिला जीत उत्तम गुणकारी सिद्ध होती है।

शिलाजीत लेने से पहले उसकी असली और नकली की पहचान होना जरुरी है | बाजार में पाउडर रूपों को सबसे अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए सस्ते फिलर्स से और फुलविक एसिड से नकली शिलाजीत बनाया जाता है जो अच्छे असर के बदले उल्टा असर कर देता है | शिलाजीत का उपयोग हम तभी कर सकते हैं जब यह शुद्ध किया गया हो इसका उपयोग करने से पहले हमें यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि हमारे द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है शिलाजीत पूरी तरह से शुद्ध है।

शिलाजीत चार प्रकार का होता है: रजत, स्वर्ण, लौह तथा ताम्र शिलाजीत। सभी प्रकार की शिलाजीत के गुण तथा लाभ भी उनकी प्रकृति के ही अनुसार होते हैं।

शिलाजीत काले पत्थर के सामान दिखता है। यह हिमालय के पहाड़ो से निकलने वाला पदार्थ है और स्वाद में कड़वा होता है। दरअसल पहाड़ी क्षेत्रों में कई लाखों वर्षों से पौधों और ऑर्गेनिक पदार्थ चट्टान की परतों में फंस गए थे. पहाड़ों के वजन दबाव और अत्यधिक तापमान की वजह से पौधों में जो परिवर्तन हुआ वो एक ऐसी समृद्ध खनिज के रूप में चट्टानों से बाहर निकला जिसको आज हम शिलाजीत कहते है | यह नेपाल और पाकिस्तान में भी पाया जाता है। आप इसे कुछ कुछ कोयले जैसा समझ सकते है |

शिलाजीत के बेहतरीन फायदे :

शिलाजीत के आश्चर्यजनक फायदे तथा बेहतरीन औषधीय गुण shilajit ke fayde bataen mahilao purush

शिलाजीत

  • दिमाकी शक्ति बढ़ाए : शिलाजीत के सेवन से मानसिक थकन तथा तनाव मिटता है और यह दिमाग के nervous system को ठीक रखता है।
  • आपकी याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है- शिलाजीत के उपयोग से आपकी याददाश्त बढ़ जाती है तथा याद जल्दी हो जाता है। जो लोग ज्यादा उम्र के हो चुके हैं तथा भूले की आदत हो गई है उनके लिए यह अमृत है।
  • यौन क्षमता बढाने के लिए आयुर्वेदिक में शिलाजीत को सबसे असरदार बताया गया है। शिलाजीत के सेवन से आप जवान बनने लगते है। स्पर्म काउंट, स्वप्नदोष जैसे सभी दोषो को दूर करने में यह कारगर है।  यह सभी प्रजनन अंगो को ताकत देता है |
  • पुरुषों में यह शुक्राणुओं को स्वस्थ बनाता है और उनके स्तर को बढ़ाता है। यह गर्भावस्था में भी अत्यंत लाभदायक होता है।
  • अल्सर में फायदेमंद : शिलाजीत पेट के अल्सर में बहोत फायदेमंद है। इसमें हमारे शरीर के गैस्ट्रिक एसिड के सिक्रेशन को कम करने की क्षमता है।  जो हमारे शरीर में अल्सर बनने से रोक देता है।
  • शिलाजीत से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। शिला जीत का सुबह शाम दूध तथा शहद के साथ सेवन करने से शरीर बीमार नहीं पड़ता है। छोटे-मोटे इंफेक्शन शरीर से दूर ही रहते हैं।
  • शारीरिक ताकत के साथ साथ दिमागी ताकत बढ़ाने के लिए भी शिला जीत का प्रयोग किया जाता है। रोजाना एक चम्मच शुद्ध मक्खन के साथ शिलाजीत का सेवन करने से दिमागी थकावट नहीं होती और व्यक्ति की याददाश्त तथा दिमाग तेज होती हैं।
  • शिलाजीत के सेवन से हमारा रक्त शुद्ध रहता है और नसों में खून का संचार तेज होता है।
  • जिन लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) की समस्या है, उनके लिए भी शिलाजीत बेहद कारगर है। एक चम्मच शहद तथा एक चम्मच त्रिफला चूर्ण के साथ दो रत्ती शिलाजीत मिलाकर सेवन करने से डायबिटीज बीमारी में काफी लाभ हो होता है।
  • तनाव को दूर करने में फायदेमंद : तनाव से पीड़ित रोगियों को शिलाजीत का सेवन जरूर करना चाहिए यह तनाव पैदा करने वाले हार्मोन्स को balance करता है। और आप के दिमाख को शांत रखने में मदद करता है।
  • लीवर और पथरी में फायदेमंद : पथरी रोगियों के लिए पेशाब करते वक़्त जलन तथा बहोत दर्द होता है। यदि वे शिलाजीत का सेवन कर तो उन्हें भी लाभ मिलता है।
  • महिलाओ में अनियमित पीरियड : बहोत बार महिलाओ में पीरियड में अनियमितता रहती है। शिलाजीत के सेवन से महिलाओं में पीरियड के समस्या दूर होती है।
  • झुर्रीदार त्वचा से बचने के लिए शिला जीत का प्रयोग करना चाहिए | इसके लिए शिलाजीत, अश्वगंधा तथा सफेद मूसली को मिलाकर एक खास प्रक्रिया द्वारा दवा तैयार की जाती है। इस दवा के प्रयोग से त्वचा सम्बंधी सभी बीमारियां दूर होकर शरीर फिर से जवान हो जाता है |
  • यह कोलेस्ट्रॉल triglyceride LDL और VLDL के स्तर को कम करता है।
  • दमा और साँस लेने में तकलीफ : शिला जीत साँस के मासपेशियो को शक्ति प्रदान करता है और कमजोरी दूर करता है। दमा के रोगियों में भी यह असरदार है।
  • रक्त शुद्धिकरण- शिलाजीत आपके रक्त में अशुद्धियों को दूर कर देता है। इसमें ऐसे कई रसायन पाए जाते हैं जो कि खून और से संबंधित सभी बीमारियों का अंत कर देता है अर्थात उन्हें ठीक कर देता है।
  • हड्डियों को मजबूत बनाता है- शिलाजीत की उपयोग से आपकी हड्डियां मजबूत बनती है तथा जो टूटी होती है उनकी यह जुड़ने में मदद करता है। शिलाजीत में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है।
  • यौवन बना रहता है- शिलाजीत के उपयोग से आपका यौवन बना रहता है तथा बुढ़ापा जल्दी नहीं आता। जो लोग 40 पार कर चुके हैं उन्हें इसका सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • शिलाजीत आयरन और खून की कमी से होने वाले लक्षणों जैसे अनियमित हृदय-गति, सिर दर्द, हाथ-पैर ठंडे होना, कमजोरी और थकान से लड़ने में भी मददगार है।
  • तथ्यों से पता चलता है कि शिला जीत दिल मे खून के दौरे को सुधारता है और स्वस्थ तरीके से खून को पंप करने में मदद करता है।
  • शिलाजीत शरीर में टेस्टेरॉन बढ़ाता है और टेस्टेरॉन का बढ़ा हुआ स्तर मांसपेशियों के टिश्यू की रक्षा करता है और शरीर से फैट को कम करता है।
  • एनीमिया (anemia) शरीर में खून की कमी की वजह से होती है। इससे शरीर में बहुत थकान आ जाती है, रोगी को सामान्य रूप से साँस लेने में समस्या होती है एवं चक्कर भी आते हैं। शिलाजीत रक्त बनाने में मदद करता है और शरीर में फुर्ती भर देता है। शिलाजीत में ह्यूमिक एसिड और आयरन पाया जाता है। इस प्रकार शिला जीत आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया के इलाज में सहायक साबित हो सकता है।
  • शिलाजीत गुर्दों और मूत्राशय को स्वस्थ रखता है। यह मूत्र में जलन एवं पथरी से छुटकारा दिलाता है। यह गुर्दे की कार्य क्षमता को बढ़ाकर कई सारी परेशानियों को भी कम करता है इसके साथ यह मूत्राशय को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • शिलाजीत किसी भी बुरी लत को छोड़ने की प्रक्रिया में बहुत सहायता करता है। जब यह ओपिओइड रोगियों को दिया जाता है तो यह वास्तविक व्यसन कम करता है और व्यवसन वापसी के लक्षण कम करता है।

शिलाजीत के कुछ घरेलू नुस्खे

  • शुद्ध शिलाजीत 25 ग्राम, लौहभस्म 10 ग्राम, केशर 2 ग्राम, अम्बर 2 ग्राम, सबको मिलाकर खरल में खूब घुटाई करके महीन कर लें और 1-1 रत्ती की गोलियां बना लें। एक गोली सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से स्वप्नदोष होना तो बंद होता ही है, साथ ही पाचनशक्ति, स्मरण शक्ति और शारीरिक शक्ति में भी वृद्धि होती है, इसलिए यह प्रयोग छात्र-छात्राओं के लिए भी उपयोगी है।
  • शिला जीत और बंगभस्म 20-20 ग्राम, लौहभस्म 10 ग्राम और अभ्रक भस्म 5 ग्राम, सबको मिलाकर खरल में घुटाई करके मिला लें और 2-2 रत्ती की गोलियां बना लें। सुबह-शाम एक-एक गोली दूध के साथ सेवन करने से स्वप्नदोष होना बंद होता है और शरीर में ताकत आती है। यदि शीघ्रपतन के रोगी विवाहित पुरुष इसे सेवन करें तो उनकी यह समस्या दूर होती है। खटाई और खट्टे पदार्थों का सेवन बंद करके इन दोनों में से कोई एक नुस्खा कम से कम 60 दिन तक सेवन करना चाहिए।

उपयोग विधि

रात को सोते समय गरम दूध के साथ शिलाजीत का सेवन करना चाहिए अगर गरम दूध उपलब्ध ना हो तो गर्म पानी के साथ भी इसका सेवन किया जा सकता है।

महिलाएं भी शिलाजीत का सेवन कर सकती हैं क्योंकि यौन ताकत को बढ़ाने के इलावा भी इसके बहुत सारे फायदे हैं

यह ध्यान रखना चाहिए की शिलाजीत गरम तासीर का होता है इसलिए इसका उपयोग थोड़ा-थोड़ा ही करना चाहिए हो सके तो सो मिली ग्राम से ज्यादा एक समय में इसका उपयोग ना करें।

गर्मियो में शिलाजीत उपयोग करने से बचना चाहिए सर्दियों का मौसम इसकी उपयोग करने के लिए सही  माना गया है। सर्दियों का मौसम चल रहा है और तो आप इसका उपयोग कर सकते हैं।

Leave a Reply