नकसीर फूटने के कारण, लक्षण तथा अचानक नाक से खून बहने पर क्या करें ?

अगर आपकी नाक से अचानक खून बहने लगे तो परेशान होना स्वाभाविक है। इसे ही नकसीर फूटना Epistasis कहते हैं। वैसे यह कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है और इसका इलाज भी बहुत आसान है। लेकिन अगर ऐसा बार बार होता है तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है, इसलिए जरूरी है कि सबसे पहले इस समस्या के कारणों का पता लगाया जाए। इसके कारणों पर ही इस समस्या की गंभीरता और इसका उपचार निर्भर करता है।

नाक हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग हैं यही हमारी सांस प्रणाली को ठीक रखने में मदद करती है, वरना सांस लेने के लिए हर वक्त मुंह खुला रखना पड़ता। किस चीज़ को खाना है या नहीं, नाक ही पहले  उसे सूंघती है तथा गंध या दुर्गंध के बारे में दिमाग को सूचित करती है। नाक, कान और गला, तीनों का आपस में जुडाव होता है तथा ये एक-दूसरे को कार्य पूरा करने में मदद करते हैं। इस आर्टिकल में हम नाक से अचानक खून बहने के प्रमुख कारण तथा इससे बचाव के उपाय जानेंगे साथ ही नकसीर आने पर मरीज को प्राथमिक इलाज क्या दें यह भी विस्तार से बतायेंगे |

नकसीर रोग के लक्षण

  • इस रोग में नाक से अचानक खून बहने लग जाता है। कभी हमारे नाक से निकलने वाले रेशे का रंग सफेदी या पीलेपन से लाली में बदलने लगता है। कभी बूंद-बूंद करके नाक से खून गिरता है। कभी नाक से लगातार खून बहने लगता है। इसकी मात्रा हमेशा एक जैसी नहीं होती।
  • नकसीर आने से पहले सिर में तेज़ दर्द तथा चक्कर भी आ सकते है |

नकसीर फूटने के कारण : नाक से ब्लड क्यों आता हैं ?

नकसीर फूटने के कारण, लक्षण तथा अचानक नाक से खून बहने पर क्या करें ? nakseer rokne ka upay karan kya karna chahiye

नकसीर फूटने के कारण

  • नाक चेहरे से बाहर निकली रहती है, इसलिए इसकी स्थिति बड़ी नाजुक होती है। इसमें रक्त का संचार भी अधिक होता है। यह बाहर की हवा को फिल्टर करती है और जब हवा बहुत सूखी (जैसे कि झुलसा देने वाली गरमियों या कड़कड़ाती सर्दियों में) होती हैं तो नाक की अंदरूनी पर्त के पास स्थित रक्त वाहिनी सूखकर फट जाती हैं। और नाक से खून बहने लगता है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में एपिसटैक्सिऔस कहते हैं। इसे नेज़ल हेमरेज़ भी कहा जाता है।
  • नोज़ ब्लीड (नकसीर फूटना) एक सामान्य समस्या है, जो सांस मार्ग संबंधी किसी बीमारी या सूखेपन के कारण हो सकती है। नाक का सूखना गर्मियों के गरम महीनों में अधिक होता है, क्योंकि अत्यधिक तापमान और एयरकंडीशनर के उपयोग के कारण हवा सूखी हो जाती है। लेकिन यह समस्या हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड कैंसर या नाक में ट्यूमर होने की वजह से भी हो सकती है। लेकिन बहुत ही कम लोगो को ऐसे गंभीर रोगों की वजह से नकसीर आती है |
  • नाक की लाइनिंग में कई छोटी-छोटी रक्त नलिकाएँ होती हैं, जो सतह के बिल्कुल पास होती हैं और आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।
  • एलर्जिक राइनिटिस -एलर्जी के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया के कारण, मुलायम ऊतक, जो नाक की सबसे अंदरूनी परत बनाते हैं, फूल जाते हैं। इसके कारण नलिकाएँ फैल जाती हैं और कभी-कभी फट भी जाती हैं, जिसके कारण नकसीर फूट सकती है यह भी नाक से खून आना का कारण बनता है |
  • साइनस इन्फेक्शन या ट्यूमर -साइनस इन्फेक्शन या ट्यूमर के कारण भी नाक से खून निकल सकता है, लेकिन इनके कारण निकलने वाला रक्त गहरे रंग का होता है और उसमें से तेज़ दुर्गंध आती है।
  • गर्भावस्था- अकसर गर्भवती महिलाओं में शरीर में हो रहे बदलावों के कारण नकसीर फूटने की समस्या हो जाती है। अगर उन्हें पीआईएच (प्रेग्नेंसी रिलेटेड हइपरटेंशन) है तो उन्हें तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।
  • उच्च रक्त दाब- उच्च रक्त दाब के कारण भी नकसीर फूटने की समस्या हो जाती है, विशेषकर उन लोगों में जिनका ब्लड प्रेशर एकदम बढ़ जाता है। रक्त को पतला करनेवाली दवाइयों का सेवन ऐसी दवाइयों जैसे एस्प्रिन का सेवन करना, जो रक्त को पतला कर उसका थक्का बनने से रोकती हैं, नकसीर फूटने की आशंका को बढ़ा देती हैं। ऐसे लोगों में जरा से मानसिक तनाव से नोज़ ब्लीडिंग हो सकती है।
  • मौसमी कारण -नाक से खून आने की समस्या में मौसम भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नकसीर फूटने के मामले गरम और सूखे वातावरण में भी काफी होते हैं, जब नमी कम होती है।
  • सर्दियों के मौसम में भी नोज़ ब्लीडिंग के मामले बढ़ जाते हैं, क्योंकि इस दौरान नाक के ऊपरी हिस्से में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है यह भी नाक से खून आना का कारण बनता है |

नाक से खून बहने (नकसीर) के अन्य कारण

  • नकसीर होने के कारणों में शामिल है तेज गर्मी ,धूप आदि ।
  • तेज़ बुखार होने से।
  • अधिक गरम मसालों वाला भोजन करने से।
  • तंबाकू, धूम्रपान या अधिक शराब पीने से।
  • खून किसी दवा के सेवन से या किसी बीमारी के वजह से बहुत पतला हो जाए तो भी नाक से रक्त बहने लगता है |
  • नाक पर अचानक चोट लगने से।
  • नशा (कोकीन और दूसरी ड्रग्स पाउडर) सूंघना।
  • नाक में कोई नुकीली चीज डालना (अकसर बच्चे ऐसा करते हैं)।
  • नाक में फंसी किसी चीज़ को ताकत से निकालना।
  • नाक का किसी रसायन के संपर्क में आना।
  • बार-बार छींक आना।
  • नेज़ल स्प्रे का प्रयोग करना।
  • नाक या नाक के आसपास हुई कोई सर्जरी।
  • किसी दुघर्टना में नाक पर चोट लग जाना।
  • अचानक ऊँचाई में बदलाव आना जैसे मैदानी इलाकों से पहाड़ी इलाकों पर जाना।
  • अनुवांशिक कारण।
  • स्कर्वी रोग में मसूड़ों के फूलने के कारण आदि भी नाक से खून आने का कारण बन सकता है |

नाक से अचानक खून (नकसीर) आने पर क्या करें : फर्स्ट एड की जानकारी

  • नकसीर फूटने पर घबराना नहीं चाहिए, बल्कि नीचे बताए उपाय काम में लाएँ :
  • रोगी को किसी ठंडे स्थान पर बिस्तर पर पीछे की ओर गरदन करके तकिया लगाकर लिटा देना चाहिए।
  • सिर पर ठंडा पानी डालना चाहिए या बर्फ की थैली रखनी चाहिए।
  • नकसीर आने पर कपड़े में बर्फ लपेटकर रोगी की नाक पर रखने से भी नकसीर रूक जाती है |
  • जैसे ही नकसीर की शुरुआत हो, तो सिर नल के नीचे करके पानी की धार सिर पर पड़ने दें। उम्मीद है, इस उपचार से ही नाक से खून गिरना बंद हो जाएगा।
  • पके मीठे अंगूर का रस नाक के अंदर खींचने पर नकसीर बंद हो जाती है।
  • पीछे की ओर लिटाकर रोगी की नाक में 5-5 बूंद देसी घी की डालें और साँस के साथ घी अंदर खींचें। इससे नकसीर आना बंद हो जाता है।
  • तुलसी के रस की 4-5 बूंदें नाक में टपकाने से नाक का रक्तस्राव बंद हो जाता है।
  • दूब का रस नाक से सूंघे, कुछ बूंदें नाक में डालें। दूब के रस में खाँड़ मिलाकर पीने से भी नकसीर में लाभ होता है।
  • प्याज का रस नाक में डालें, इससे नकसीर ठीक होती है तथा नाक का संक्रमण दूर होता है।
  • खूब ठंडा पानी लोटे से सिर पर धार बनाकर डालें तो रक्तस्राव बंद हो जाता है।
  • ठंडे पानी की पट्टी सिर और नाक पर रख सकते हैं।
  • उँगलियों से नाक को 10 मिनट तक तब तक दबाएँ रखें, जब तक नकसीर बंद न हो जाए।
  • यदि फिर भी नकसीर बंद नहीं होती हो तो नाक के दोनों छेदों में रूई भर दें, रूई का थोड़ा सा हिस्सा नाक के बाहर भी रहना चाहिए। अब नाक को 10 मिनट या अधिक समय तक दबाए रखें।
  • नाक से खून आना बंद होने के बाद भी कुछ घंटों तक रूई को नाक में ही रहने दें, फिर उसे सावधानीपूर्वक निकालें ।
  • नाक से खून आनाबंद होने के बाद नाक को खुरचने या नाक में जम गई खून की पपड़ी को खुरचने की कोशिश नहीं करें। इससे नकसीर दोबारा शुरू हो सकती है।
  • यदि किसी व्यक्ति को अकसर नकसीर आती है तो नाक के दोनों छेदों में दिन में दो बार वैसलीन लगाएँ।
  • माजूफल को बारीक पीसकर रोगी को सुंघाने से नकसीर बंद हो जाती है। यह एक तरह से फर्स्ट ऐड है तथा एकदम से राहत पाने का तरीका है। यह स्थिति फिर से न आए, इसलिए जल्दी उसी दिन या आने वाले दिन से अन्य उपचार शुरू करें।
  • यदि इस ऊपर वाले तरीके से नकसीर बंद नहीं हो रही, तो फिटकरी को पानी में घोलकर साफ रूमाल को डुबोकर थोड़ा निचोड़ें, फिर माथे पर पट्टी की तरह रखें। थोड़ी-थोड़ी देर बाद पट्टी भिगोते रहें और रखते रहें। इससे नकसीर बहनी बंद हो जाएगी।
  • नाक से खून आना रोकने, नाक और गले के संक्रमण को ठीक करने के लिए प्याज बड़ी काम की चीज़ है। कुछ बूंदें प्याज के रस की निकालकर नाक में डालें। नकसीर बंद हो जाएगी। बाद में भी, दो-चार बार ऐसा करें, ताकि नकसीर आने की फिर से संभावना न बने।
  • मीठे अंगूर का रस हथेली पर रखकर नाक से ऊपर को खींचने से नकसीर रुक जाती है।
  • नकसीर रोग का घरेलू आयुर्वेदिक इलाज के नुस्खे : नकसीर की दवा
  • नाक से खून आने का घरेलू उपचार संभव है। कभी-कभार जब आपके घरेलू इलाज असफल रहें, तो बिना देर किए डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए। नाक से अधिक खून का बह जाना कई अन्य समस्याएं खड़ी कर सकता है, जो आपकी सेहत को खराब कर सकता है। अगले आर्टिकल में हम इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू आयुर्वेदिक उपाय भी बताएँगे |

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