जानिए सैनिटाइजर के इस्तेमाल का सही तरीका

सरकार की ओर से गाइडलाइन में सैनिटाइजर के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाए जाने के बाद इसके प्रयोग की जानकारी सभी हो होनी चाहिए, कोरोना वायरस और दूसरी बीमारियाँ जैसे फ्लू से बचने के लिए कब हाथों को साबुन से धोना चाहिए और कब सैनिटाइज करना चाहिए। दोनों ही तरीके एक ही उद्देश्य को पूरा करते हैं, लेकिन सी.डी.सी. के अनुसार, अपने हाथों को हमेशा साबुन और पानी से वॉश करना चाहिए। यदि आप किसी ऐसी स्थिति में है कि साबुन और पानी आपके पास उपलब्ध नहीं है, तब आपको सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।

बहुत सारे लोग Hand Sanitizer का इस्तेमाल गलत तरीके से करते हैं। उन्हें इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना नहीं आता है। कोई हाथ में इसको अधिक मात्रा में लेने की गलती करता है तो कोई इसकी कम मात्रा लेने की गलती करता है। इन दोनों ही परिस्थितियों में कीटाणुओं का पूरी तरह से सफाया नहीं हो पाता है। सैनिटाइजर से कम-से-कम 30 सैकेंड तक जरूर हाथों को साफ करें।

सी.डी.सी. के अनुसार हाथों को धोते समय लोग कुछ गलतियाँ करते हैं। देश में बड़ी संख्या में लोग सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के बाद हाथों को सूखे कपड़े या साफ तौलिए से नहीं पोंछते हैं। ऐसा करने से कीटाणु मरते नहीं है और हाथों में ही रह जाते हैं।

सैनिटाइजर के इस्तेमाल का तरीका

जानिए सैनिटाइजर के इस्तेमाल का सही तरीका how to use hand sanitizer hindi

  • एक हाथ की हथेली से सैनिटाइजर स्प्रे को दूसरे हाथ में लें।
  • अब पूरी तरह से अपने हाथों पर इसे रब करें।
  • सुनिश्चित करें कि आपने अपने हाथों और सारी उँगलियों की सतह को पूरी तरह कवर किया है।
  • 30 से 60 सैकेंड तक सैनिटाइजर को हाथ में रहने दें।
  • गीले हाथो पर सैनिटाइजर लगाने का कोई फायदा नहीं होता है सैनिटाइजर में मौजूद अल्‍कोहल तभी काम करता है जब आपके हाथ सूखे हों। और एक बार सैनिटाइजर लगाने के बाद सूखने से पहले सैनिटाजर को ना पोछें, ना ही धोएं।
  • यदि आपने अनचाही वस्तुओं को नहीं छुआ है तो आपको हैंड सैनिटाइजर लगाने की जरूरत नहीं है।
  • गंदे हाथ को हैंड सैनिटाइजर से साफ करने की कोशिश करते हैं तो इससे कोई फायदा नहीं मिलता है। इसके लिए सबसे पहले अपने हाथों को साफ पानी से धोएं। फिर हैंड सोप से धोएं।
  • सैनिटाइजर बेहद ज्‍वलनशील होते हैं यानी उनमें बड़ी तेजी से आग लगती है। इन्हें ऐसी जगह के पास इस्‍तेमाल ना करें जहां आग लगने की संभावना हो जैसे- रसोई गैस, लाइटर, माचिस आदि।
  • किसी अंग में कोई चोट लगी हो या कोई इंफेक्शन हो तो इस स्थिति में ऐसे अंगो पर बिल्कुल भी हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल न करें।

सैनिटाइजर को लेकर अक्सर पूछे जाने वाला सवाल

  • क्या सैनिटाइजर को फ्रिज में रख सकते है? – सैनिटाइजर को फ्रिज में रख सकते है इस से ना कोई फायदा होगा और ना ही नुक्सान | लेकिन सैनिटाइजर को तेज धुप और गर्मी से हमेशा दूर रखना चाहिए यह बहुत जरुरी है |
  • अगर हम सैनिटाइजर में पानी डाल दे उसका यूज़ करने में नुकसान क्या होगा? – पानी में सैनिटाइजर डालकर उस पानी का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए, यह आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है |
  • मेडिसिन को कैसे सैनिटाइजर करें? – मेडिसिन को सैनिटाइज करने की कोई जरुरत नहीं होती क्योंकि दवाइयां प्लास्टिक के पैक में  सुरक्षित होती है आप चाहे तो दवा की स्ट्रिप या बोतल हो साफ़ चलते हुआ पानी में धो सकते है | यदि दवा बिना पैक के खुली हुई है तो ऐसी दवा को कम से कम चार पांच दिनों तक प्रयोग नहीं करें, क्योंकि इतने दिनों बाद यदि वायरस होगा भी तो खत्म हो जायेगा |

सैनिटाइजर का इस्तेमाल कब करना चाहिए

  • टायलेट जाने के बाद
  • खाँसने या छींकने के बाद
  • खाने से पहले हाथों को धोने के लिए सी.डी.सी. द्वारा जरूरी निर्देश – हाथों को धोने के लिए हमेशा चलते पानी का इस्तेमाल करें। ये पानी गरम और ठंडा कैसा भी हो सकता है। पहले अपने हाथों को धोएँ इसके बाद पानी को बंद करें।
  • साबुन लगाने के बाद अपने हाथों को 20 सैकेंड तक रब करें। अपने हाथों के पीछे, फिंगर्स के बीच में और नाखूनों के नीचे भी स्क्रब करें। पानी चालू करें और हाथों को अच्छे से वॉश कर लें। इसके बाद साफ तौलिए से हाथों को पोछ लें।

सैनिटाइजर के साइड इफेक्ट

लोग Hand Sanitize के असर के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर पूछ रहे हैं और जानना चाहते हैं कि क्या सैनिटाइजर के इस्तेमाल से कोरोना वायरस का खतरा ज्यादा हो जाता है? लोगों के मन में यह डर है कि कोरोना वायरस का खतरा हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से बढ़ सकता है। लोगों को लगता है कि हैंड सैनिटाइजर के असर की वजह से हमारे हाथ की त्वचा का पी.एच. लेवल बिगड़ जाता है और उससे धीरे-धीरे हाथों की त्वचा रूखी हो जाती है और उसमें दरारें आने लगती हैं। जिससे हाथों में कीटाणुओं के रहने की संभावना ज्यादा हो जाती है। हैंड सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसान नाम का एक केमिकल यानी रसायन होता है। इस केमिकल को हाथ की त्वचा सोख लेती है। इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से यह केमिकल हमारे ब्लड तक भी पहुंच सकता है और ब्लड में मिलने के लिए बाद यह हमारी मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाता है।

हैंड सैनिटाइजर के असर के कारण आपके हाथों की त्वचा एसेडिक से ज्यादा अल्कालाइन हो जाती है, क्योंकि हमारी त्वचा का पीएच लेवल 5.5 से लेकर 6.5 के बीच होता है और हैंड सैनिटाइजर का पीएच लेवल 7 (सामान्य स्तर) से लेकर थोड़ा ज्यादा होता है। जिससे त्वचा का पीएच लेवल थोड़ा बिगड़ जाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, पी.एच. लेवल जब एसेडिक से सामान्य की तरफ या उससे ज्यादा हो जाता है, तो उसमें कुछ बैक्टीरिया के पनपने की आशंका हो जाती है, लेकिन उनका कहना है कि अभी तक ऐसा कोई प्रमाण या सबूत नहीं मिला है कि पी.एच. लेवल बिगड़ जाने से कोरोना वायरस का त्वचा के संपर्क में आने का खतरा ज्यादा हो जाता है, वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपको फिर भी कोई चिंता है, तो सैनिटाइजर के असर को कम करने के लिए हाथों पर मॉश्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे हाथों का रुखापन कम हो जाता है।

इसके अलाव, एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना वायरस आपके हाथों की त्वचा से शरीर में प्रवेश नहीं करता है, बल्कि वह आपक हाथों के जरिए नाक, मुँह या आँख के द्वारा शरीर में प्रवेश करता है, जिसके बाद बुखार, खाँसी या साँस संबंधी दिक्कतें होने लगती हैं, इसलिए आपको हाथों की स्वच्छता पर पूरा ध्यान देना चाहिए और बाहर या बाहरी सतह को छूने के बाद हाथों को मुँह या नाक के संपर्क में नहीं लाना चाहिए।

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