गले में दर्द, सूजन, इन्फेक्शन का घरेलू उपचार

अधिक चटपटे, मसालेदार अथवा तले-भुने पदार्थ खाने से गला ख़राब हो जाता है। कई बार सर्दी लगने से भी गले में दर्द तथा सूजन आ जाती है और स्वर-यन्त्र बिगड़ जाता है,गले से आवाज़ आनी बन्द हो जाती है और गले में दर्द होता है। टांसिल, इन्फेक्शन, वायरल बुखार, खांसी अथवा चेचक रोग में भी गले में दर्द, सूजन, इन्फेक्शन हो जाता है। ऐसा होने पर कुछ खाते समय तकलीफ़ होती है और यहां तक की थूक निगलने में समस्या होती है।

डिप्थीरिया रोग में झिल्ली बन जाने के कारण श्वासनली बन्द हो जाती है तथा गले में घाव होने पर दुर्गन्धयुक्त स्राव भी निकलता है। गले में दर्द होने के कारण रात को बहुत तकलीफ़ होती है; क्योंकि रात को बार-बार खंखारना पड़ता है। तब गले में ख़ुश्की के कारण जख़्म बन जाता है, जिससे आवाज बन्द हो जाती है और जलन होती है। ब्रांकाइटिस रोग में भी खांसी होने से रोगी के गले में पीड़ा होती है। हरा, पीला एवं रतमिश्रित बलगम निकलता है तथा गर्दन में कन्धे तक फैल जाने वाला दर्द होता है। अगर गले में ज्यादा गंभीर घाव हो गया हो या लंबे समय से आप इस समस्या से पीड़ित है तो तुरंत किसी चिकित्सक से मिलकर एंटी बायोटिक दवा का उपचार लें ऐसे में घरेलू उपाय ना आजमायें |

दर्द में दर्द, गला बैठना, सूजन का घरेलू उपचार

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गले में दर्द, सूजन, इन्फेक्शन

  • गले की सूजन अथवा गले में दर्द को दूर करने के लिए चाय के दो चम्मच-भर अजवायन को आधा लीटर पानी में पन्द्रह-बीस मिनट उबालकर छान लें और उसमें थोड़ा-सा नमक मिला दें। इस पानी से प्रात:काल और रात को सोने से पहले गरारे करें, तुरन्त लाभ होगा।
  • गले में सूजन आ गयी हो और कफ निकलता हो, तो रात को सोने से पहले आधा चम्मच अजवायन खूब चबाकर ऊपर से गरम पानी पी लें। इससे कफ बनना बन्द हो जाता है।
  • गले में दर्द होने पर सूखा धनिया और मिश्री बराबर मात्रा में मिलाकर एक चम्मच-भर दो-तीन दिन तक दिन में दो-तीन बार चबायें। इससे मुंह के छालों में भी आराम मिलेगा।
  • पांच-छह काली मिर्च और छह-सात तुलसी की पत्तियां लें। इन्हें एक कप पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं और पी जाएं। दो-तीन दिन तक रोजाना तीन बार करें गले में दर्द की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
  • कुलथी और काली मिर्च का काढ़ा भी गले में दर्द से राहत देगा।
  • काली मिर्च में आधा चम्मच घी और पिसी मिश्री मिलाकर खाने से गले को फायदा होता है।
  • काली मिर्च, लौंग, नमक और नीम की पत्तियों का काढ़ा भी गले में दर्द के समय बहुत काम का है।
  • सिरका, नमक, नींबू या लहसुन के रस से गरारे गले को गरारे बहुत फायदा देते हैं। गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक मिला लें या सिरका डाल लें या फिर नींबू का रस डाल लें। किसी भी तरह दिन में तीन बार गरारे करें।
  • लहसुन के रस को पानी में डालकर भी गरारे बहुत कारगर हैं। इसके अलावा पानी में मुलेठी डालकर उबाली जाए और फिर पानी को ठंडा कर गरारे किए जाएं तो उनका भी अच्छा असर होता है।
  • मुलेठी का चूर्ण आधा चम्मच शहद के साथ दिन में दो-तीन बार चाटें।
  • गला बैठने पर कच्चा सुहागा मुंह में रखकर चूसें। यह भी पढ़ें – गले में टॉन्सिल के कारण, लक्षण, प्रकार तथा उपचार
  • गले में दर्द होने पर पान की जड़ को मुंह में रखकर चूसने से भी लाभ होता है।
  • अदरक का रस, लौंग का चूर्ण और हींग को मिलाकर दिन में तीन बार चाटें।
  • फूली हुई फिटकरी 2 ग्राम (आधा चम्मच) आधे गिलास (125 ग्राम) गर्म पानी में घोलकर दिन में 2-3 बार गरारे करने से गले की सूजन व दर्द दूर होता है। इससे गले में दर्द व सूजन के अतिरिक्त गला रुधा-सा रहना, बिना 1-2 बार खांसे स्पष्ट आवाज नहीं निकलना, गले में दोनों तरफ की गांठे (जो कभी-कभी फूल जाती हैं और इन गांठों के दर्द के कारण कुछ भी खा-पी नहीं सकना तथा बुखार भी आ जाना) यानि टॉन्सिल में भी लाभ होता है और गले के अंदर के छाले भी दूर हो जाते हैं।
  • कच्चा सुहागा आधा ग्राम (यानि मटर के दाने के बराबर) मुख में रखकर चूसते रहने से गला बैठना में मात्र 2-3 घंटों में गला बिल्कुल साफ होकर आराम हो जाता है। जिन लोगो को अधिक बोलना होता है जैसे गायकों, प्रोफेसर्स और नेताओं/अभिनेताओं के लिए यह एक आसान तथा अति उत्तम नुस्खा है।
  • यदि गर्म खाना खाने के बाद ठंडा पानी पीने से गला बैठ जाने (आवाज खराब ) का कष्ट हो तो रात में सोते समय मुलहठी का चूर्ण 1 ग्राम मुख में रखकर कुछ देर तक चबाते रहें और फिर वैसे ही मुख में मुलहठी रखकर सो जाएं। प्रात: समय जागने पर गला अवश्य साफ होकर कष्ट दूर हो जाएगा। विशेष : मुलहठी का चूर्ण यदि पान के पत्ते में रखकर सेवन किया जाए तो और भी अधिक फायदेमंद होगा। इससे सुबह गला खुलने के अतिरिक्त गले में दर्द और सूजन भी दूर हो जाएगा।
  • अजवायन 10 ग्राम (2 चम्मच) आधा लीटर पानी में 15 मिनट तक उबालकर काढ़ा बना लें फिर छानकर थोड़ा-सा नमक डालकर दिन में 2 बार (सुबह और रात में सोने से पहले) गरारे करने से गले में दर्द व सूजन में तुरंत आराम मिलता है।
  • सूखा, दानेदार धनिया और मिश्री समान मात्रा में मिलाकर 1 चम्मच दिन में 2-3 बार चबाने से गले में दर्द होने से आराम मिलता है।
  • आलू बुखारा के पानी में गुड़हल का शर्बत बनाकर पीने से गले के सभी रोग दूर हो जाते हैं।
  • कायफल को पान में रखकर चबाने से गले में दर्द और कफ संबंधी रोग दूर हो जाते हैं।
  • अनार के छिलकों में 10 गुना पानी मिलाकर काढ़ा बना लें। इसमें लौंग और फिटकरी पीसकर मिला लें। इसके गरारे करने से गले की खराश, गले में दर्द और बैठी आवाज ठीक हो जाती है।
  • गले में भारीपन या दर्द महसूस होने पर तुरंत ही भाप लें। किसी बर्तन में पानी गर्म करके तौलिए से मुंह ढककर भाप लें। ऐसा करने से गले के दर्द से राहत मिलेगी।
  • गले में दर्द सूजन की बीमारी में इन चीजो से परहेज रखे तेल में तली-भूनी, बासी, दही, ठंडी चीजे, तेज मिर्च मसाले, इमली, तथा कोल्ड ड्रिंक्स क्योंकि यह चीजें इंफैक्शन को बढ़ा देते हैं।

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