फूड प्वाइजनिंग की बीमारी में ये आठ चीजें खाने से मिलेगी राहत

जब भी हम अपने खाने पीने पर ध्यान नहीं देते हैं या फिर कुछ ऐसा खा लेते हैं जिसे खाना ठीक तरह से  नहीं पचा पाता है ऐसे में फूड प्वाइजनिंग हो जाती है इसमें पेट में काफी तेज दर्द रहता है | गर्मियों के मौसम में तापमान के बढ़ने से खाने में बहुत तेजी से बैक्टीरिया पैदा होता है | ये बैक्टीरिया फूड पॉइजन की समस्या पैदा करता है |  उलटी-दस्त में जो समस्याएं आती हैं, अमूमन वही समस्याएं फूड प्वाइजनिंग में भी आती हैं | फूड पॉइजन के लक्षणों में जी मिचलाना, उल्टी आना, डायरिया, पेट में दर्द और बुखार जैसी समस्याएं शामिल हैं । इसीलिए फूड प्वाइजनिंग में भी हम वे सभी उपाय आजमा सकते हैं, जो डायरिया की समस्या में अपनाते हैं। इसके अलावा फूड प्वाइजनिंग के दौरान निम्नलिखित पदार्थ भी लाभ पहुंचाते हैं

फूड प्वाइजनिंग (विषाक्त भोजन) के दौरान क्या खाना चाहिए

फूड प्वाइजनिंग (विषाक्त भोजन) के दौरान क्या खाना चाहिए food poisoning me kya khana chahiye

फूड प्वाइजनिंग में क्या खाना चाहिए

  • पेट को तुरंत आराम पहुंचाता है सेब का सिरका : स्वभाव से एसीडिक होते हुए भी सेब का सिरका शरीर में जाकर एल्केलाइन का असर देता है। यह पेट और आंतों की दीवार को राहत देने के अलावा बैक्टीरिया को मारने का काम करता है जो फूड प्वाइजनिंग का एक बड़ा कारण होते है। इसके इस्तेमाल का तरीका यह है कि दो चम्मच सेब के सिरके को एक कप गर्म पानी में मिलाएं और कुछ भी ठोस पदार्थ खाने से पहले इसे पी जाएं।
  • फूड प्वाइजनिंग में नींबू का साथ भी जरूर लें : नींबू में सूजन, वायरस और बैक्टीरिया का विरोध करने की प्रवृत्ति होती है। इसलिए फूड प्वाइजनिंग की स्थिति में एक चम्मच नींबू के रस में थोड़ी-सी चीनी मिलाएं और ऐसे मिश्रण को दिन में कई बार लें। गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से भी फायदा होगा।
  • मेथी के दाने और दही, रहेगी बिल्कुल सही : विशेषज्ञ फूड प्वाइजनिंग में दही के साथ मेथी के दानों को भी इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। इसका तरीका यह है कि थोड़ी-सी दही में एक चम्मच मेथी के दाने डाल दें। उसके बाद इसे खा जाएं। इससे उल्टी और पेट में होने वाले दर्द से तुरंत फायदा मिलेगा।
  • बड़ा कारगर रहेगा तुलसी का इस्तेमाल : फूड प्वाइजनिंग में तुलसी का सेवन भी बहुत कारगर है। इस्तेमाल का तरीका यह है कि तुलसी के पत्तों के रस को एक चम्मच शहद में मिलाएं और दिन में कई बार सेवन करें। एक तरीका यह है कि तुलसी के तेल की कुछ बूंदे एक लीटर पीने के पानी में डालें। इसके बाद इसे पूरे दिन में कई बार पीएं। इससे बैक्टीरिया मरेंगे और पेटदर्द से भी राहत मिलेगी। एक अन्य तरीका यह है कि तुलसी की कुछ पत्तियां लें। थोड़ा नमक, थोड़ी काली मिर्च लें। इन सबको तीन चम्मच सादा दही में मिला दें। दिन में ऐसा मिश्रण बनाकर तीन-चार बार सेवन करें।
  • हर प्रकार के इन्फेक्शन का विरोध करता है लहसुन : बहुत ज्यादा एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल होने के कारण लहसुन फूड प्वाइजनिंग के मामले में बहुत राहत देता है। यह डायरिया और पेटदर्द में कमी लाने में विशेष रूप से कारगर है। इस्तेमाल का तरीका यह है कि लहसुन की एक कली लेकर उसे पानी | के साथ निगल जाएं। यदि सहन कर सकें तो लहसुन का रस भी पी सकते हैं। कुछ भी खाने के बाद लहसुन और सोयाबीन के तेल को मिलाकर पेट पर मलने से भी लाभ होता है।
  • पेट की सूजन को कम करता है जीरा : फूड प्वाइजनिंग होने पर एक चम्मच जीरे के दानों को कूट लें और निगल जाएं। ऊपर से एक गिलास पानी पी लें। पेट को बहुत फायदा होगा।
  • पेट के लिए बढ़िया चीज है शहद : शहद में भी एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिससे यह फूड प्वाइजनिंग में काफी कारगर है। शहद को अकेले तो लिया ही जा सकता है, इसे चाय में मिलाकर भी लिया जा सकता है। एक चम्मच शहद रोजाना तीन बार लेने से पेट बिल्कुल सही हो जाता है। यह पेट में ज्यादा अम्ल बनने से भी रोकता है।
  • पेट को बहुत राहत देती है अदरक : फूड प्वाइजनिंग की समस्या में अदरक बहुत काम की चीज है। फूड प्वाइजनिंग के बाद उबकाई, मिचली, सीने में जलन को दूर करने के लिए भोजन के बाद अदरक की चाय बहुत कारगर रहती है। अदरक की चाय के लिए कदूकस की हुई एक चम्मच अदरक लें और पानी में डालकर कुछ मिनट तक उबालें। उसमें थोड़ी चीनी मिलाकर पी जाएं। एक चम्मच शहद में अदरक के रस की कुछ बूंदे डालकर दिन में कई बार चाटने से पेट में सूजन और दर्द से राहत मिलती है। कच्ची अदरक का टुकड़ा मुंह में रखकर धीरे-धीरे इसे खाली भी खाया जा सकता है। इससे पेट में गई चीजों को तेजी से पचने में मदद मिलती है।
  • फूड प्वाइजनिंग में उलटी बंद होने पर बार्ली, अरारोट, ताजा कच्चे नारियल का पानी, चीनी का शर्बत, सोडा वाटर और दूध मिलाकर पिएं। यह भी पढ़ें – जानिए Food Poisoning के कारण और बचाव के उपाय
  • फूड प्वाइजनिंग पका केला, पिस्ता, पकी इमली, पुदीना, एलोवेरा जूस, नारंगी, आंवला, लौंग का सेवन भी लाभकारी होता है ।

फूड प्वाइजनिंग रोगी इन बातों का भी रखे ख्याल |

  • फूड प्वाइजनिंग में अक्सर उल्टियाँ अधिक आती इस इसकी रोकथाम के लिए पीसी हुई राई का लेप पेट पर लगाएं, फिर 15-20 मिनट बाद हटा दें। उलटी कम हो जाएगी।
  • उलटी कर रहे बेहोश रोगी को करवट से लिटाएं जिससे उसका दम ना घूंटे।
  • बेहोश रोगी को पानी पिलाने की कोशिश न करें।
  • एक बार में अधिक मात्रा में पानी न पिएं।
  • उलटी के तुरंत बाद कुछ न खाएं ।
  • फूड प्वाइजनिंग में अंडे जैसे फूड एलर्जी पैदा करने वाले भोज्य पदार्थ न खाएं।
  • कुछ चीजें दोबारा गर्म करके खाने से वे सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है इसलिए ताज़ा खाएं तथा बार-बार एक ही चीज को गर्म करके ना खाएं |

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