डायबिटीज में क्या खाए और क्या नहीं-31 टिप्स-Diabetic Diet

Diabetic Diet Plan शुगर को बढ़ने से रोकने तथा नियंत्रण और यहां तक कि काफी हद तक पूरी तरह से ठीक करने में काफी सहायक सिद्ध हो सकता है | एक Diabetic Patient को अपने भोजन को चुनने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए,जैसे कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट कम से कम लेना चाहिए |

इसलिए हम आपको बता रहे है एक आदर्श Diabetic Diet Plan जिसमे यह बताया गया है की मधुमेह से पीड़ित रोगी क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए | साथ ही साथ इससे उन लोगो को भी लाभ मिलेगा जो इस बीमारी से बचना चाहते है, क्योंकि “क्या न खाए” भाग में जिन चीजो को रखा गया है उनकी मात्रा आज ही अपनी थाली से कम करे , क्योंकि एक सही डायबिटीज डाइट इस रोग को काबू करने में काफी मदद करती है | वैसे भी रोगों से बचाव ही सबसे अच्छा उपचार होता है |

मधुमेह का एक संक्षिप्त परिचय -> शरीर में Pancreas Gland से इन्सुलिन न बनने के कारण मधुमेह रोग उत्पन्न होता है। यह हार्मोन शरीर में सेवन की गई चीनी का पाचन कर उसे ऊर्जा में परिवर्तित करता है और रक्त में ग्लूकोज की मात्रा एक निश्चित स्तर से अधिक नहीं बढ़ने देता। बाकि बची हुई फालतू शुगर की मात्रा इंसुलिन द्वारा ही ग्लाइकोजन में परिवर्तित करके पेट और मांसपेशियों में एकत्रित कर दी जाती है। आमतौर पर खाली पेट में रक्त की शुगर का स्तर 80 से 120 मिली ग्राम प्रति 100 सी.सी. के बीच होता है और खाना खाने के बाद यह स्तर 100 से 140 मिलीग्राम हो जाता है। अकसर यह रोग महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में तथा 35 से 60 वर्ष की आयु वालों में अधिक होता है। वैसे वंशानुगत (Hereditary Disease) की श्रेणी में आने कारण से यह रोग किसी भी आयु में हो सकता है। यानि जिनके माता-पिता या दादा-दादी को मधुमेह रोग रहा हो तो उन्हें तो बचपन से ही इस रोग के प्रति जागरूक हो जाना चाहिए और समय-समय पर अपनी जाँच करवाते रहना चाहिए |

Diabetic Diet Plan के अनुसार क्या खाना चाहिए 

Diabetic Diet

डायबिटीज में क्या खाएं

  • Diabetic Diet में ज्यादा फाइबर युक्त भोजन -जैसे छिलके सहित पूरी तरह से बनी हुई गेहूं की रोटी, जई (Oats) इत्यादि जैसे जटिल कार्बोहाइड्रेट शामिल होनी चाहिए, क्योंकि वे खून के प्रवाह में धीरे-धीरे मिल जाते हैं। इस प्रकार इन्सुलिन उत्पादित ग्लूकोस का बेहतर ढंग से सामना कर सकती है।
  • गेहूं और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पिसवा लें। ऐसे चोकर सहित आटे की बनी चपातियां भोजन में खाएं। इसे अपने Diabetic Diet में अवश्य शामिल करें |
  • Diabetic Diet के अंतर्गत सब्जियों में करेला, मेथी, सहजन , पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, टिंडा, चौलाई, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, बेलपत्र, ब्रोकली, टमाटर, बंदगोभी, Tofu, सोयाबीन की मंगौड़ी, जौ, बंगाली चना, पुदीना, हल्दी, काला चना, दालचीनी, फलीदार सब्जियां जैसे बीन्स, सैम फली, शिमला मिर्च, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां शामिल करें तथा इन सब्जियों से बने पतले सूपों का जितना चाहें उतना सेवन करें।
  • तुलसी के बीज, जैतून का तेल (Olive oil),अलसी, बादाम का भी बेहिचक सेवन करें |
  • मधुमेह में फल – फलों में जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, सिंघाड़ा, खरबूजा , कच्चा अमरुद, संतरा, मौसमी, ककड़ी ,चुकन्दर , मीठा नीम, बेल का फल, जायफल तथा नाशपाती को शामिल करें। आम ,पका केला ,सेब, खजूर तथा अंगूर में शुगर होता है, लेकिन क्योंकि फलों में फाइबर ज्यादा होता है इसलिए ये अच्छे शुगर की केटेगरी में आते है | जिनको हाई लेवल मधुमेह नहीं है वो इनको कम मात्रा में ले सकते है| इनका जूस बिल्कुल ना पियें क्योंकि उससे फाइबर निकल जाते है | अधिक पके हुए फलों में अधिक शुगर होता है इसलिए कच्चे फलों का ज्यादा सेवन करें | आम की पत्तियों का सेवन भी लाभकारी है, इसके लिए 15-16 पत्तियों को एक कप पानी में उबाल लें और छान कर पियें |
  • ठीक इसी प्रकार हरे केले के छिलकों का प्रयोग भी Diabetic Diet में किया जा सकता है |
  • मेथी दाना (बीज) 25 से 100 ग्राम तक प्रतिदिन सुबह खाली पेट या सब्जी बनाकर, आटे में मिलाकर अथवा दाल के साथ नियमित रूप से खाएं।
  • मक्खन एवं पनीर के बजाय नमक के पानी में डिब्बाबंद मशरूम, Salmon Fish, Tuna Fish के साथ उबले आलू का उपयोग करें। अगर आप मांसाहारी है तो मछली और मछली का तेल सिमित मात्रा में प्रयोग कर सकते हैं | लेकिन यह सावधानी रखें की मछली को तेल में फ्राई करने की बजाय भून कर, पकाकर या सेंक कर खाएं | मछली में फैट होता है |
  • एक सही Diabetic Diet के अनुसार भुने हुए खाने या उबले हुए भोजन को प्राथमिकता दें, भून कर खाने से आहार जल्दी ही पच जाता है | भुने हुए खाने में वसा कार्बोहाइड्रेट भी कम होती है | यदि संभव हो तो सब्जियों को बजाय तड़का लगाने और तरीदार बनाकर खाने के केवल नमक लगाकर भूनकर सब्जियों का सेवन करें |
  • खाने से पहले एक कटोरी सलाद जरुर लें।
  • Diabetic Diet में बादाम, चना दाल, लहसुन, प्याज, अंकुरित दाले, अंकुरित छिलके वाला चना , सत्तू,  बाजरा आदि शामिल करे |
  • कमजोरी दूर करने के लिए हरा कच्चा नारियल, अखरोट, मूंगफली के दाने, काजू, इसबगोल, सोयाबीन, मटन का सूप, दही, छाछ का सेवन करें।
  • इंसुलिन के बनने में क्रोमियम की कमी से रुकावट आती है। इसलिए इसकी कमी को पूरी करने के लिए फूलगोभी, मशरूम, चोकर सहित खड़े अनाज, खमीर, सूखे मेवे यानि ड्राई फ्रूट्स अधिक खाएं और दालचीनी (cinnamon), अजमोद का भी सेवन करें।
  • फलों का ताज़ा जूस न पीए इसकी बजाय फल खाएं क्योकि उसमे ज्यादा फाइबर होता है !
  • मधुमेह से ग्रस्त रोगियों को अधिकतर ताजी, हरी सब्जियां खानी चाहिए । प्रत्येक भोजन के साथ सलाद जरुर लेना चाहिए । खाने में आधिक मात्रा में फल एवं सब्जियां लेने से शरीर में अधिक पानी पहुंचता है। पानी की भरपूर मात्रा गुर्दों एवं यूरिन उत्सर्जन तंत्र के लिए आवश्यक है ।
  • Diabetic Diet में एलोवेरा को भी अवश्य शामिल करें | यहाँ पढ़ें – रेसेपी 
  • भोजन एक बार में न कर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में 4-5 बार करें।
  • किसी भी समय का भोजन न छोड़ें तीन बार बराबर-बराबर भोजन ले और यदि आवश्यकता हो तो शाम को हल्का नाश्ता ले
  • चीनी रहित चाय, कॉफी और दूध का सेवन करें। इसके मिठास के लिए “Artificial Sweeteners” या शूगर फ्री गोलियां उपयोग में लें सकते है। इसकी जानकारी के लिए पढ़ें यह आर्टिकल – शुगर फ्री |
  • ग्रीन टी का सेवन भी मधुमेह में बहुत लाभकारी है क्योंकि इसमें मौजूद Antioxidants Vitamin C और E से भी बेहतर होते हैं | ग्रीन टी और काली चाय दोनों का ही सेवन बिना दूध और चीनी के करने से और ज्यादा लाभ मिलेगा |
  • भोजन ठीक से चबा चबाकर खाएं, फ़ूड विशेषज्ञ इस बात की सलाह देते हैं कि, प्रत्येक खाने का ग्रास पंद्रह बार चबाया जाना चाहिए |
  • ख़ाली पेट न रहें और लिए जाने वाले भोजन की कुल मात्रा में कमी लाएं एवं नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • यदि आप अपनी सीमा से ज़्यादा खा लेते हैं तो अगले समय के भोजन में थोडा कम खाए |
  • आप Diabetic Diet में शहद और गाजर को कम मात्रा में शामिल कर सकते है क्योकि ये “Good Sugar Substitutes” श्रेणी में आते है | लेकिन इसके लिए अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें क्योंकि यह डायबिटीज के विभिन्न टाइप पर निर्भर करता है |
  • Diabetic Diet में मक्की या मकई (कॉर्नफ्लैक्स) शामिल की जा सकती है परंतु याद रखें कि यह एक साधारण कार्बोहाइड्रेट है । आप मकई को ओटमील या फलों के साथ खा सकते हैं। यदि आप मक्का की रोटी खाना चाहते हैं तो उसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, प्याज, टमाटर तथा गाजर को भरकर खाएं और घी बिलकुल ना लगायें | मक्की की रोटी तथा सरसों का साग खाया जा सकता है पर साथ में सलाद अवश्य लें ।
  • तरबूज में फैट और कोलेस्ट्रॉल दोनों ही नहीं होते है बल्कि इसमें मौजूद पोटाशियम मांसपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है | Reference – Watermelon in diabetes 
  • ठीक इसी प्रकार मधुमेह में गुड़ को लेकर अक्सर लोगो में शंका बनी रहती है | डायबिटीज में गुड खाने की सलाह नहीं दी जाती है लेकिन Glycemic Index के अनुसार गुड निश्चित रूप से Refined Sugar यानि चीनी से बेहतर होता है | लेकिन इसको आप अपनी डाइट में कितनी मात्रा शामिल कर सकते हैं ? या शामिल कर भी सकते हैं या नही ? यह आपके शुगर लेवल, डाइट चार्ट और आपकी कैलोरी की जरुरत पर निर्भर करता है | जो निश्चित रूप से सभी के लिए अलग- अलग होता है | वैसे आपके डॉक्टर आपको गुड लेने की सलाह दें तो तिल और गुड मिलाकर खाना बेहतर होता है |
  • आहार प्रबंधन और Diabetic Diet के माध्यम से अपना वज़न पर नियंत्रित रखें। एक संतुलित आहार का मुख्य गुण यह है कि उसमे भोजन की प्रकृति व्यक्ति विशेष की जरुरत के हिसाब से बदल जाती है |
  • डायबिटीज के रोगियों की कैलोरी की जरुरत ये होती है – बहुत मेहनती व्यक्ति (किसान, मजदूर)= 2600 कैलोरी, युवा जो व्यायाम भी करते हों = 2400, गर्भवती महिला = 2300, अधेड़ उम्र के मोटे व् सुस्त लोग =2000, मध्यम उम्र की घरेलू महिला = 1700, सामान्य सेहत के बुजुर्ग= 1500, मोटापे से पीड़ित बुजुर्ग = 1000-1200 | आगे आने वाले दिनों में हम कोशिश करेंगे की ऊपर दिए गए इन वर्गो के अनुसार अलग-अलग Diabetic Diet चार्ट पब्लिश करें |

{ नए आर्टिकल }

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मधुमेह से पीड़ित रोगियों को क्या नहीं खाना चाहिए 

  • Diabetic Diet प्लान में से घी और नारियल का तेल आदि चिकनाई युक्त चीजो को निकाल देना चाहिए। पूरी, कचौड़ी, समोसा, पकौड़े आदि खाने से भी बचना चाहिए।
  • गुड़, शक्कर, मिश्री, चीनी, शर्बत, मुरब्बा, शहद, पिज़्ज़ा, बर्गर, क्रीम रोल,आइसक्रीम तथा कोला जैसे ठंडे पेय से परहेज करें |
  • डायबिटीज नियंत्रण करने वाली औषधियों के प्रयोग के दौरान डायबिटीज रोगी भोजन नहीं छोड़ना चाहिए |
  • चिकन Leg piece को खाने से बचें ।
  • अधिक फैट वाला फ्राइड फूड, बकरे, भेड़, गाय, सूअर आदि का मांस (रेड मीट) ब्लड-वेसेल्स के साथ दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा देते है |अन्य लोगो की तुलना में मधुमेह रोगी को दिल की बीमारी होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है इसलिए रेड मीट का सेवन बिलकुल ना करें |
  • चावल और आलू का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर पर नए सफेद चावल न खाएं | Brown Rice, Unrefined Rice यानि भूरे चावल सिमित मात्रा में ले सकते हैं |
  • मैदे से बनी सफ़ेद रोटी (नान, तंदूरी रोटी ), नूडल्स, नाश्ते में अनाज, मीठे बिस्कुट, केक, मैगी, चिप्स, पास्ता, ज्यादा प्याज, टमाटर का मीठा सॉस, मीठी दही, परांठे, मैदे से बनी सफेद डबलरोटी एवं पेस्ट्री, कुलचे, बंद, कचौरी, चाट भी न खाएं।
  • चाशनी में परिष्कृत डिब्बाबंद फल न खाएं।
  • Diabetic Diet प्लान के अनुसार शराब, बियर, कॉफ़ी आदि पदार्थो का सेवन न करे |
  • मकई का आटा (बिना सब्जी मिलाए), सूजी, ज्यादा वसायुक्त पनीर, सॉस, cheese, फुल क्रीम मिल्क, मलाई, अचार, मुरब्बा , सीताफल, पेठा जैसे भोजन का सेवन न करें। एक सही Diabetic Diet प्लान के अनुसार कोई भी डब्बा बंद “Ready to Eat Food” नही खाएं |
  • सुनहरी चाशनी, च्यूइंगम, मीठे पेय, डब्बा बंद जूस, सोडा, मिठाइयाँ, Energy drinks एवं चीनी से बने जैम का सेवन न करें।
  • अगर आप यह समझना चाहते है की उपरोक्त चीजो को क्यों नहीं खाना चाहिए तो पढ़ें- यह पोस्ट
  • लैब में रक्त परीक्षण और मूत्र परीक्षण हर दूसरे-तीसरे महीने करवाते रहना चाहिए। इससे आपको शुगर लेवल की जानकारी रहेगी तथा आप सजग और सतर्क रहेंगे । घर पर ग्लूकोमीटर से जांचने पर कई बार सटीक जानकारी मिलने का अभाव होता है |
  • नियमित रूप से सुबह-शाम सैर करें और एक जगह बैठकर मानसिक परिश्रम कम से कम करें |
  • अगर आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में है और आप को मिठाई खाने की ज्यादा इच्छा है तो मिठाई खाने से पहले एक चम्मच इसबगोल की भूसी एक कप दूध के साथ या पानी के साथ सेवन करें | इससे शुगर एकदम से नहीं बढ़ेगा क्योंकि इसबगोल अपनी रासायनिक सरंचना और ज्यादा फाइबर की वजह से ब्लड शुगर एकदम से नहीं बढने देता है |

मधुमेह कम करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय  – साभार { पतंजलि आयुर्वेद }

  • खीरा, करेला और टमाटर एक-एक की संख्या में लेकर इसका जूस निकालकर, सुबह खाली पेट पीने से Diabetes में लाभ होता है | इसकी और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें यह पोस्ट – करेले के जूस के 21 फायदे 
  • जामुन की गुठली का पाउडर करके, एक-एक चम्मच सुबह-शाम खाली पेट पानी के साथ लेने से Diabetes नियंत्रित होती है।
  • नीम के 7 पत्ते सुबह खाली पेट चबाकर अथवा पीसकर पानी के साथ लेने पर डायबिटीज में लाभ मिलता है
  • सदाबहार के 7 फूलों को खाली पेट पानी के साथ चबाकर सेवन करने से भी डायबिटीज में लाभ मिलता है।
  • गिलोय , जामुन , कुटकी निम्ब पत्र , चिरायत, काल मेघ, सूखा करेला, काली जीरी, मेथी, इनको समान मात्र में लेकर पीस लें। फिर यह पिसा हुआ पाउडर  1-1 चम्मच सुबह-शाम खाली पेट पानी के साथ लेने  से डायबिटीज में विशेष लाभ मिलता है।
  • करंजबीज पाउडर को आधा-आधा चम्मच की मात्रा में सुबह –शाम गुन-गुने पानी के साथ सेवन करने से डायबिटीज में लाभ मिलता है।
  • मधुमेह में सूर्यतापित हरे पानी का सेवन भी अच्छा रहता है इस पोस्ट के अंत में इसको बनाने की विधि दी गई है |

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  1. DR. RAJESH GUPTA
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