Corona और Vitamin D : जानें क्यों विटामिन डी की कमी से भी बढ़ सकती है मुसीबत

Corona और Vitamin D के इस आर्टिकल को लिखने का हमारा उद्देश्य COVID-19 से जुड़े सभी महत्त्वपूर्ण विषयों पर आपको अवगत करवाना है ताकि आप इस माहमारी से मुकाबला करने में हमेशा सक्षम बने रहें |

दुनिया भर से कोरोना वायरस (coronavirus) से होने वाली मौतों पर हुए एक अध्ययन में विटामिन डी (vitamin D) की कमी और मृत्यु दर में संबंध पाया गया है इसमें पता चला कि जिन लोगों की मौत कोरोनावायरस से हुई है, उनमें विटामिन डी की भारी कमी थी। अमेरिका की नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में हुए इस अध्ययन में चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, यूके और अमेरिका के अस्पतालों और क्लिनिक में कोरोना से जुड़े आंकड़े लिए गए हैं |

Corona और Vitamin D पर शोध के लिए 12 फरवरी से 16 मार्च तक भर्ती हुए मरीजों पर अध्ययन किया गया था। इसमें उन मरीजों की रिपोर्ट को बारीकी से जाँचा गया, जिनकी स्थिति गंभीर होने के चलते आई.सी.यू में रखा गया था। इनमें जिन लोगों की मौत हुई उनमें विटामिन-डी की कमी प्रमुख कारण मिली। अमेरिका, यूरोप, ईरान में कोविड-19 के कारण हुई मौतों में 80 फीसदी मरीज 65 वर्ष से अधिक उम्र के थे। वहीं इनमें 16 से 54.5 फीसद मृतकों में विटामिन-डी की मात्र न्यूनतम से भी कम मिली है। इन देशों के आधार पर विटामिन-डी (25 हाइड्रोक्सी-डी) का शरीर में मानक 25-30 nmol/L  मानकर यह शोध की गई। विटामिन-डी का लेवल कम होने से वायरल और बैक्टीरियल रेस्पिरेटरी रोग, जैसे टी.बी, अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी रोग होने का खतरा अधिक होता है। विटामिन-डी का सीधा कनेक्शन फेफड़ों के फंक्शन से है, जो आपके शरीर को श्वसन संक्रमण से लड़ने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। हालांकि Corona और Vitamin D की इस रिसर्च में ये भी साफ किया गया है कि विटामिन डी की सही मात्रा मरीज को कोरोना के संक्रमण से तो नहीं बचा सकती लेकिन ये बीमारी के ज्यादा जटिल होने और मौत से बचा सकती है |

फिलहाल कोविड-19 का कोई इलाज नहीं है। विटामिन-डी सप्लीमेंट्स का कोरोना वायरस पर क्या असर होता है, इसे लेकर अभी कोई शोध नहीं किया गया है, लेकिन विटामिन-डी की कमी रोग प्रतिरोधक शक्ति को नुकसान पहुँचाती है और रेस्पिरेटरी रोग होने का कारण बनती है। लोगों को प्रतिरोधक क्षमता मेनटेन करने के लिए विटामिन-डी की कमी को पूरा करना जरूरी है। विटामिन-डी कोरोना वायरस के प्रति संवेदनशील बना सकती है। यह मुख्य रूप से सांस लेने के तंत्र से जुड़े रोग जैसे फ्लू, जुकाम और निमोनिया से बचाव करने में कामयाब है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है, जो शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए मजबूत बनाता है।

Corona और Vitamin D : विटामिन-डी क्यों है जरुरी ?

Corona & Vitamin D Corona और Vitamin D : जानें क्यों विटामिन डी की कमी से भी बढ़ सकती है मुसीबत

Corona & Vitamin D

हमारे देश में ज्यादातर लोग विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं जिसकी वजह से हड्डियों से जुडी बीमारियां होती हैं, वैसे तो विटामिन डी हमे कई अन्य रोगों से भी बचाए रखता है जैसे थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, हड्डियों में दर्द, चिड़चिड़ापन, बालों का झड़ना, कमजोर दांत, श्वसन संक्रमण, सांस लेने में दिक्कत और डिप्रेशन आदि । विटामिन-डी खासतौर पर रोग प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत बनाये रखने के लिए बेहद जरूरी है | जैसा की आपको हम पहले ही अवगत करवा चुके है की हमारे रोग प्रतिरोधक शक्ति का सही तरीके से काम करना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये ही किसी भी संक्रमण और बीमारी को होने से हमें सबसे पहले बचाता है।

शरीर में विटामिन-डी की कमी क्यों होती है ?

विटामिन-डी की कमी का मुख्य कारण है धूप से दूर रहना। हमारा ज्यादातर समय घर या ऑफिस में निकलता है। यदि हम धूप में नहीं जाते तो भी शरीर में विटामिन-डी की कमी भी हो सकती है। बढ़ती उम्र के साथ ही शरीर के अलग-अलग अंगों के कार्य करने की क्षमता भी प्रभावित होने लगती है। इसकी तरह किडनी विटामिन-डी को उसके सक्रिय रूप में परिवर्तित करने में कम सक्षम होने लगती है, जिसके कारण भी शरीर में विटामिन-डी की कमी का खतरा बढ़ सकता है।

शरीर में विटामिन-डी की कमी को पूरा कैसे करें ?

सूर्य की किरणें विटामिन-डी का सबसे बड़ा स्रोत होती हैं। इसके लिए आप सुबह की सूर्य की किरणों में कुछ समय तक रह सकते हैं। लगभग 30 मिनट तक धूप में रोजाना बैठने की कोशिश करें। इसके अलावा कुछ लोग स्पलीमेंट्स लेते हैं तो कुछ इसकी कमी को दूर करने के लिए इंजेक्शन लगवाते हैं। इसके बारे में अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें। इसकी टैबलेट, सीरप और पाउडर आते हैं। जिसकी खुराक आपकी रिपोर्ट देखने के बाद आपके डॉक्टर ही तय करेंगे।

हालांकि, विटामिन डी की गोलियां खाने से बेहतर है कि आप कम उम्र से ही विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। आहार के तौर पर विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के सबसे बेहतर स्रोत पशु आधारित आहार होता है, हालाँकि ऐसे लोग जो शुद्ध शाकाहारी हैं, उनमें विटामिन-डी की कमी के जोखिम ज्यादा होते हैं, क्योंकि मछली और मछली के तेल, अंडे की जर्दी, फॉर्टफाइड मिल्क और मीट विटामिन-डी के एक अच्छे स्रोत होते हैं। कुछ कारणों के चलते कुछ लोगों का मेटाबॉलिज्म विटामिन-डी के स्रोतों को अच्छी मात्रा में नहीं पचा पाता है, जिसकी वजह से भी शरीर में धीरे-धीरे विटामिन-डी की कमी हो सकती है। शाकाहारी लोग विटामिन डी की कमी को टोफू, मशरूम, संतरे का जूस, भिंडी, केल, पालक, सोयाबीन, गाजर, दूध, दही, पनीर, चीज सभी डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करके पूरी कर सकते है |

फिलहाल पूरी दुनिया इस महामारी से लड़ रही है। ऐसे समय में सोशल डिस्टेंसिंग, हाथों की साफ सफाई के साथ खुद को स्वस्थ रखना भी उतना ही जरूरी है। यदि आप किसी वायरस के शिकार हो भी जाते हैं तो हमारा शरीर उससे लड़ने के लिए तैयार होना चाहिए।

Reference :

अन्य संबंधित आर्टिकल

2 Comments

Leave a Reply