चीनी का सेवन करें पर जरा संभलकर जानिए अधिक चीनी (शक्कर) खाने के नुकसान

आज चीनी (Sugar) हमारे दैनिक जीवन में इतनी घुल मिल गई है कि इसकी मिठास के अतिरिक्त उसकी उस कड़वाहट का अंदाजा ही नहीं हो पाता, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है | दुनिया भर में मोटापे के बढ़ रहे मामलों में से दस प्रतिशत चीनी की वजह से माने जाते हैं। चीनी की कोई न्यूट्रीशन वैल्यू नहीं होती है, इसका अर्थ यह है की यदि आपके भोजन में चीनी शामिल नहीं भी है तो भी आपको कोई नुकसान नहीं होने वाला है बशर्ते की आप मीठे फल या गुड लेते रहे दरअसल शरीर को जितनी शर्करा चाहिए उतनी उसे दूध, फल, अनाज व सब्जियों से ही प्राकृतिक रूप से मिल जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से जारी किये गये नए निर्देशों में लोगों को अपने खाने में शुगर की मात्रा को आधा करने की सलाह दी है। शुगर से हमारा मतलब सफेद चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, एनेर्जी ड्रिंक्स या अन्य मीठे पेय या वे सब चीजे है जो शुगर मिलाकर बनाई जाती हैं |

चीनी क्यों है सेहत के लिए खराब ?  शुगर खाने के नुकसान

चीनी का सेवन करें पर जरा संभलकर जानिए अधिक चीनी (शक्कर) खाने के नुकसान Chini shakkar sugar khane se nuksan

चीनी एक मीठा जहर

सफेद चीनी को बनाने के लिए गन्ने के रस में मिलने वाले प्रोटीन, विटामिन्स, खनिज आदि उपयोगी पदार्थ निकाल कर बिलकुल साफ किया जाता है, जिसके कारण शुगर में मिठास के अलावा दूसरी और कोई पोष्टिक चीज नहीं रह जाती है, जो शरीर के पोषण में सहायक हो। इसीलिए शुगर शरीर में पूरी तरह घुल नही पाती और बाहर निकलने की कोशिश में कई शरीरिक विकृतियां और बीमारियां पैदा कर देती है।

चीनी से होने वाले रोग

  • शुगर से मोटापा बढ़ता है |
  • यह शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करती है |
  • इसके अधिक सेवन से शरीर में क्रोमियम की कमी हो जाती है, क्रोमियम रक्त में शर्करा की मात्रा को कंट्रोल करती ।

साधारण व्यक्ति यही जानता है कि चीनी या इससे बनी चीजों के अधिक सेवन से केवल दांत ही खराब होते हैं, लेकिन इसके अलावा हृदय रोग, अपच, मोटापा, मधुमेह, चिड़चिड़ापन, मूत्राशय का कैंसर, त्वचा के रोग, क्रोमोसोम की क्षति, यूरिन संबंधी रोग, बेचैनी, अनिद्रा जैसी बीमारियां पैदा होने की आशंकाएं भी होती हैं। चीनी में कार्बोहाइड्रेट होता है इसलिए यह सीधे खून में मिलकर हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ावा देता है | नमक और चीनी दोनों से ही हड्डियाँ भुरभुरी तथा कमजोर हो जाती हैं आगे चलकर ये जोड़ों का दर्द, कमरदर्द, सर्वाइकल आदि बिमारियों का कारण बनती हैं | अच्छे सौन्दर्य के लिए भी चीनी खराब होती है चीनी से त्वचा के टिश्यू टूटते हैं। इसकी वजह से पिंपल बढ़ते हैं, और साथ ही चेहरे पर झुर्रियां भी पड़ सकती हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञों के मतानुसार शुगर का अधिक सेवन करने से खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है, जिसके कारण अन्तः स्रावी प्रणाली (पेंक्रियाजन्य अनुक्रिया) को बढ़ावा मिलता है। इसके परिणाम स्वरूप ‘हाइपोग्लाइसेमिया’ नामक बीमारी, यानी खून में ग्लूकोज की कमी की तकलीफ होती है। चीनी के अधिक सेवन से शरीर में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स की कमी होने लगती हैं जो स्नायु संबंधी समस्याए बढने का कारण बन सकती है |

चीनी के नुकसान दांतों पर

दंत विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी का सबसे अधिक दुष्प्रभाव दांतों पर ही पड़ता है। जो बच्चे मीठी चीजें ज्यादा खाते हैं, उनके दांत जल्दी ही खराब हो जाते हैं। दांतों का सड़ना, गलना, टूटना, हिलना, खोखला होना, कीड़ा लगना और दर्द करना जैसी अनेक बीमारियाँ पैदा होने से दांत न केवल अपना सौंदर्य खो बैठते हैं, बल्कि खाने को चबाने के अपने प्रमुख कार्य को भी पूरा नहीं कर पाते हैं।

चीनी की कितनी मात्रा खानी चाहिए

शरीर के लिए जरूरी कैलोरी में चीनी से मिलने वाली कैलोरी की मात्र 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के लिए महिलाओं को रोजाना औसतन 1800 कैलोरी की जरूरत होती है ऐसे में चीनी से प्राप्त होने वाली कैलोरी 180 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लेकिन, एक चम्मच चीनी में लगभग 50 कैलोरी होती है। यानी साढ़े तीन चम्मच से ज्यादा शुगर आपके लिए बीमारियों को न्योता हो सकती है। अगर आपकी उम्र 35 साल तक है और आप व्यायाम करती हैं तो 3-4 छोटी चम्मच तक शुगर नुकसान नहीं पहुंचाएगी। इसके बाद अपनी खुराक में शुगर की मात्रा जरूर कम करें। व्यस्क आदमी को भी 4-5 चम्मच से अधिक शुगर बिलकुल नहीं लेनी चाहिए, यह भी याद रखें की यह मात्रा शुगर, कोल्ड ड्रिंक्स या अन्य सभी खाने पीने वाली मीठी चीजे को मिलाकर है |

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चीनी के आदर्श विकल्प

सफेद चीनी इंसानों के लिए कुदरती खाद्य पदार्थ नहीं है। उसमें वे तत्व नहीं पाए जाते, जो गुड़ या खांड़ की बनी चीनी में होते हैं। शुगर के बदले में यदि आप मिठास लेना ही चाहें तो गुड़, शहद, छुहारे, मुनक्का, खजूर का उपयोग बड़े शौक से कर सकते हैं। इनके सेवन से चीनी जैसी मिठास भी मिलेगी तथा साथ में प्रोटीन, लोहा, कैल्शियम, विटामिन्स जैसे पोषक तत्व भी शरीर को मिल जाएंगे, जिससे मांसपेशियों को बढ़ाने, रक्त का निर्माण तथा हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। गुड़ खाने के बाद वह शरीर में पाचक रस पैदा करता है जो हमारे पाचन को अच्छा बनाता है तथा बदहजमी तथा गैस भी नहीं बनती है इसलिए खाना खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ खाना चाहिए |

गुड़ गन्ने के रस से, ताड़ के रस से या खजूर के रस से बनाया जाता है। ताड़ का गुड़ पौष्टिकता के हिसाब  से अधिक फायदेमंद होता है । इसका कारण यह है कि यह सूर्य की किरणों के प्रभाव को और प्राकृतिक विटामिनों को अधिक मात्रा में प्राप्त कर लेता है। 100 ग्राम गुड़ में सुक्रोज 29.70 प्रतिशत, ग्लूकोज 21.20 प्रतिशत, खनिज द्रव्य 3.26 प्रतिशत तथा जल 8.66 प्रतिशत होता है। महर्षि चरक के अनुसार गुड़ के सेवन से मज्जा, रक्त, मांस और चर्बी बढ़ती है, जिससे शरीर में ताकत व सुडौलता आती है। इसका नियमित सेवन शारीरिक कमजोरी को दूर करता है। गुड़ में लौह तत्व भी होते है जो खून में आयरन की कमी को भी दूर करने में सहायक है |

चीनी न खाने के फायदे यही है की आप इससे होने वाले नुकसान से बच सकते है | दरअसल नमक और चीनी ये दोनों ही चीजे सिर्फ स्वाद को बढ़ाने के लिए इंसानों द्वारा बनाई गई इनका कोई स्वस्थ्य वर्धक महत्त्व नहीं है, यदि होता तो लाखो सालो का मानव विकास बिना नमक और चीनी के कैसे संभव हो पाता ? फलों की प्राकृतिक मिठास स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है। जो चीनी हमें फलों से प्राप्त होती है, उसमें कार्बोहाइड्रेट तथा फाइबर की पर्याप्त मात्रा रहती है और शारीरिक विकास प्राकृतिक तौर पर चलता रहता है। इसलिए जहां तक संभव हो, चीनी के स्थान पर गुड़ या अन्य विकल्पों जैसे खजूर फलों के रस का ही प्रयोग करें।

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