Category: आयुर्वेद जानकारी

आयुर्वेद के अनुसार भोजन तथा खानपान की जानकारी – आयुर्वेद जीवन शैली

प्रायः शरीर में असंतुलन या बीमारी का कारण खान-पान की गलत आदत होता है, हालाँकि हमने अपनी वेबसाइट पर आयुर्वेदिक जीवन शैली के आवश्यक तत्त्वों के बारे में बताया है | आयुर्वेद के अनुसार भोजन रस और मौसम आदि को ध्यान में रखते हुए बनाया जाता …

आयुर्वेद के अनुसार पाचन क्रिया ठीक करने तथा पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय

आयुर्वेद के अनुसार यदि सही मात्रा में और ठीक समय पर संतुलित भोजन किया जाए तो कोई बीमार ही न पड़े। परंतु ऐसा नहीं किया जाता है और फिर गैस्ट्रिक अल्सर, आँत का अल्सर तथा पेप्टिक अल्सर जैसे रोगों की संभावना बढ़ जाती है। आयुर्वेद में …

जानिए आयुर्वेद के अनुसार लम्बी उम्र तथा युवा रहने के उपाय क्या है

आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर अलग-अलग अनुपात में इन पांच चीजो से बना है – पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि तथा आकाश ये पांच पदार्थ ही शरीर के तीनों दोषों (त्रिदोष) तथा सातों धातुओं का निर्माण करते हैं। इन्ही सब धातुओ और दोषों के संतुलन में ही …

पंचकर्म आयुर्वेदिक चिकित्सा के लाभ तथा इसे कैसे किया जाता है : पंचकर्म ट्रीटमेंट

एलोपैथी से होने वाले नुकसान से बचने के लिए आजकल लोग होम्योपैथ और आयुर्वेद का सहारा लेने लगे हैं। इस विषय में आयुर्वेद के पंचकर्म का विशेष महत्त्व है पंचकर्म विषय पर बहुत शोध हो चुके हैं। इस चिकित्सा पद्धति को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। पंचकर्म …

कफ तथा पित्त नाशक आहार -Pitt & kapha Balancing Diet

पिछले पोस्ट में हमने वात नाशक आहार यानि वात संतुलित करने वाले खाने पीने के पदार्थो के बारे में बताया था इस पोस्ट में हम कफ तथा पित्त नाशक आहार के बारे में बतायेंगे | आयुर्वेद में “त्रिदोष” का महत्त्व, इसके दोषों का शरीर पर प्रभाव, …

जानिए वात रोग में क्या खाना चाहिए तथा वात असंतुलन में परहेज

वात रोग में आहार – बढ़ा हुआ वात अत्यधिक चिंता, बेचैनी, नींद में कमी तथा अन्य स्नायु रोग को पैदा करता है | आयुर्वेद संतुलित आहार को बढ़ावा देता है आयुर्वेद में षट्रस (छह स्वादों) यानी मीठा, कड़वा, सख्त, खट्टा, तीखा तथा नमकीन बताए गए हैं। …

वात रोग को दूर करने के उपाय : वायु रोग का उपचार

वात रोग :- पिछले चार आर्टिकल्स में हमने आपको आयुर्वेद के मूल सिद्धांत यानि “त्रिदोष” के बारे में विस्तार से बताया था जिसमे आयुर्वेदिक तरीके से स्वस्थ जीवन जीने के लिए जानकारियां दी गई थी| त्रिदोषों (वात, पित्त और कफ ) को थोड़ा और विस्तार से …

वात पित्त कफ का इलाज : त्रिदोष नाशक उपाय

आयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक बीमारी त्रिदोष के असंतुलन से पैदा होती है इसलिए आयुर्वेदिक उपचार में मुख्य उद्देश्य वात पित्त कफ के इलाज द्वारा दिमाग तथा शरीर को संतुलित अवस्था में वापस लाना होता है। शरीर की पूरी प्रक्रिया दिमाग द्वारा नियंत्रित होती है | यह …

कफ विकार के कारण और लक्षण – त्रिदोष

आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर पृथ्वी, जल, सूर्य, वायु तथा आकाश से बना है और इन पांचों के असंतुलन होने से ही दोषों की उत्पति भी होती है। वायु और आकाश से वात, तेज और पित्त तथा पृथ्वी और जल के योग से कफ की उत्पत्ति …

पित्त विकार के कारण और लक्षण – त्रिदोष

पित्त हमारे शरीर में पीले रंग का द्रव है जो पाचन में सहायक होता है तथा इसका संबंध शरीर की गर्मी से है। पित्त एक प्रकार का पाचक रस होता है | पित्तनलिका जिगर से निकलकर जहां पर आंत में मिलती है | पित्त धातू शरीर …

वात रोग के कारण, लक्षण और क्या है वात विकार

हमने पिछले पोस्ट में बताया था की आयुर्वेद के अनुसार किसी व्यक्ति में होने वाले सभी रोगों का प्रमुख कारण वात, पित्त और कफ होता है तथा इनमे से सबसे मुख्य और बड़ा कारण “वात” को माना गया है अर्थात वायु | इस पोस्ट में हम …

जानिए क्या है आयुर्वेद के अनुसार वात, पित्त और कफ दोष

( वात, पित्त और कफ ) -आज हम आपको आयुर्वेद के सिद्धांत के अनुसार एक स्वस्थ्य जीवन पाने के तरीके के बारे में बतायेंगे | हमारी कोशिश होगी की ये जानकारी आपको सरल और आम बोलचाल की भाषा में समझा सके ताकि आप इस जानकारी को …