बेहोशी दूर करने के उपाय : बेहोशी के उपचार के लिए नुस्खे

कुछ देर के लिए ही सही, पर जब इंसान अपना होश खो बैठता है तो बेहोश हो जाता है. ये वह समय होता है जब हमारे दिमाग को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है | चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार बेहोशी कई कारणों से होती है। जिसको हम अपने पिछले आर्टिकल में बता चुके हैं। दिमाग में किसी चोट की वजह से खून एकत्र हो जाने पर बेहोशी हो सकती है। बेहोशी के समय रोगी के साँस में रुकावट होती है। नाडी की गति धीमी हो जाती है। चेहरा लाल हो जाता है। मुंह में एक ओर को खिंचाव आ सकता है। हिस्टीरिया रोग में बेहोशी से पहले रोगी बातें करते-करते या किसी स्थान पर पहले जारों से बोलता है, जोरों से हंसता है और फिर बेहोश होकर गिर पड़ती है। ऐसे में उसके दांत कस जाते हैं। हाथ-पांव में ऐंठन होने लगती है। 15-20 मिनट के बाद बेहोशी दूर हो जाती है। जिन लोगो को किसी कारणवश बार-बार बेहोशी होती है इस आर्टिकल में उन्ही रोगियों के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बताए गए है जिससे बेहोशी के दौरान घरेलू चीजो द्वारा मरीज को होश में लाया जा सके |

बेहोशी दूर करने के लिए घरेलू नुस्खे

बेहोशी दूर करने के लिए घरेलू नुस्खे behoshi dur karne ke upay

बेहोशी दूर करने केआसान घरेलू नुस्खे

  • बेहोशी का कारण जानने के बाद रोग के अनुसार बेहोशी दूर करने के उपाय करने चाहिए। बेहोशी होने पर रोगी के चेहरे पर पानी के छींटे मारने व चम्मच द्वारा पानी पिलाने पर बेहोशी दूर होती है।
  • गर्मियों में लू लगने से बेहोश रोगी के सिर पर ठंडे पानी की धार गिराने व शरीर को पानी द्वारा स्पंज करने से बेहोशी दूर होती है।
  • सफेद चंदन 6 ग्राम को 10 ग्राम गुलाब जल में घिसकर, एक चुटकी कर्पूर मिलाकर माथे व शरीर पर लगाने से बेहोशी दूर होती है।
  • छोटी पीपर का बारीक चूर्ण 3 ग्राम शहद में मिलाकर चटाने से बेहोशी दूर होती है।
  • सफेद चंदन को केवड़े के अर्क में घिसकर शीशी में भरकर रखें, फिर उस शीशी को हिलाकर रोगी को सुंघाने से बेहोशी दूर होती है।
  • सफेद प्याज को पीसकर रोगी की नाक के सामने ले जाने से हिस्टीरिया की बेहोशी दूर होती है।
  • लौंग, मिर्च, पीपर और सोंठ सभी 5-5 ग्राम लेकर बारीक चूर्ण बनाकर दांतों पर मलने से बेहोशी दूर होती है।
  • काली मिर्च का नस्य देने से बेहोशी का निवारण होता है।
  • सफेद कमल की पंखुड़ी 5 ग्राम, मुलहठी 2 ग्राम और मिसरी 3 ग्राम जल में उबालकर क्वाथ बनाकर रोगी को चम्मच से पिलाने से पित्त असंतुलन से पैदा बेहोशी दूर होती है।
  • लहसुन को कूटकर मिरगी से बेहोश रोगी को सुंघाने से बहुत लाभ होता है।
  • 10 ग्राम राई को पीसकर रोगी को सुंघाने से मिरगी के कारण बेहोश रोगी की बेहोशी दूर होती है।
  • एक ग्राम हींग सौंफ के अर्क में पीसकर बूंद-बूंद गले में टपकाने से बेहोशी दूर होती है।
  • 10 ग्राम मुनक्का को घी में भूनकर, उसमें सेंधा नमक मिलाकर सेवन कराने से बेहोशी की समस्या दूर होती है।
  • अदरक का रस 5 ग्राम, मिसरी 3 ग्राम, दोनों को अच्छी तरह मिलाकर थोड़े-से पानी में घोलकर धीरे-धीरे पिलाने से बेहोशी का निवारण होता है।
  • तुलसी के पत्तों के 5 ग्राम रस में सेंधा नमक 2 ग्राम मिलाकर बूंद-बूंद नाक में टपकाने से बेहोशी दूर होती है।
  • नारियल के 50 ग्राम पानी में जौ से बना सत्तू 20 ग्राम और मिसरी 20 ग्राम मिलाकर पिलाने से बेहोशी की बीमारी दूर होती है।
  • नौसादर और चूना 10-10 ग्राम किसी शीशी में भरकर, कसकर ढक्कन लगाकर रखें। किसी बेहोश को शीशी को हिलाकर सुंघाने से बेहोशी दूर होती है।
  • होम्योपैथी में औषधि कैप्सिकम एनम (Capsicum Annum) है। इसके मदर टिंचर की बेहोशी में कुछ बूंदें नाक में डालने से रोगी होश में आ जाता है।
  • पुदीना- पुदीने की खुशबू से बेहोशी दूर होती है।
  • आंवले के 10 ग्राम रस में घी 5 ग्राम मिलाकर दिन में थोड़ा-थोड़ा पिलाने से बेहोशी की बीमारी दूर होती है।
  • आंवले 10 ग्राम, मुनक्का 8 दानों को पीसकर 2 ग्राम सौंठ का चूर्ण मिलाकर शहद के साथ लेने से बेहोशी और चक्कर आने की समस्या दूर होती है।
  • शरीफे के पत्तों को कूट-पीसकर किसी कपड़े में बांधकर, निचोड़कर उसका रस मूर्छित रोगी की नाक में टपकाने से शीघ्र होश आ जाता है।
  • लहसुन की तीन-चार कलियों को पीसकर किसी कपड़े में बांधकर सुंबाने से बेहोशी दूर होती है।
  • मधुमेह रोग में जब रक्त में शुगर अधिक मात्रा में कम हो जाती है तो रोगी सड़क पर चलते हुए बेहोश होकर गिर पड़ता है। ऐसे में उसे पानी में चीनी घोलकर पिला दें। रोगी को तुरंत होश आ जाएगा।
  • अगर आपके सामने कोई अचानक से बेहोश होकर गिर पड़े तो सबसे पहले उसे खुले में ले जाएं. ज्यादातर मामलों में लोग बेहोश पड़े शख्स को घेरकर खड़े हो जाते हैं लेकिन ऐसा करना खतरनाक भी हो सकता है |

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